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अनुदेशकों के लिए बड़ी सौगात: 17 हजार मानदेय कैबिनेट से मंजूर, विक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
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लखनऊ/उत्तर प्रदेश: प्रदेश सरकार द्वारा अनुदेशकों के मानदेय को बढ़ाकर 17 हजार रुपये किए जाने के कैबिनेट फैसले के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ गई है। लंबे समय से मानदेय वृद्धि की मांग कर रहे अनुदेशकों के लिए यह फैसला किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।

विक्रम सिंह ने जताया आभार, कहा,सरकार ने समझी हमारी पीड़ा

इस महत्वपूर्ण निर्णय पर अनुदेशक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, शिक्षामंत्री संदीप सिंह और शिक्षक विधायक श्रीचंद शर्मा का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के करीब 25 हजार अनुदेशकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा और उनके सम्मान को भी बढ़ाएगा।

“यह सिर्फ मानदेय नहीं, सम्मान की जीत” – विक्रम सिंह

विक्रम सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह सिर्फ मानदेय वृद्धि नहीं बल्कि अनुदेशकों के संघर्ष और आत्मसम्मान की जीत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज ने हमेशा शिक्षा और शिक्षकों के हितों को प्राथमिकता दी है, जिसका यह परिणाम है।

शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा मजबूती का आधार

विक्रम सिंह ने कहा कि, मानदेय में वृद्धि से अनुदेशकों का मनोबल बढ़ेगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। यह कदम प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम साबित होगा।

प्रदेशभर में जश्न का माहौल

फैसले के बाद कई जिलों में अनुदेशकों ने खुशी जताई और सरकार के प्रति आभार प्रकट किया। सोशल मीडिया पर भी इस निर्णय की सराहना हो रही है।


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मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान- अनुदेशक, शिक्षामित्र, रसोइया और आंगनबाड़ी कर्मियों का मानदेय बढ़ेगा
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बजट सत्र में विधान परिषद को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बजट में अनुदेशक, शिक्षामित्र, रसोइया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय वृद्धि की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित कर्मियों का मानदेय जल्द ही बढ़ाया जाएगा।

इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में कैशलेस व्यवस्था लागू करने की घोषणा करते हुए बताया कि यह नई व्यवस्था 1 अप्रैल से प्रभावी हो जाएगी।

बजट सत्र में कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार प्रदेश के शिक्षा और पोषण से जुड़े कर्मचारियों के योगदान को भली-भांति समझती है। उन्होंने कहा कि अनुदेशक, शिक्षामित्र, रसोइया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

सरकार ने बजट में इनके मानदेय बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रावधान कर दिए हैं, जिससे लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।

1 अप्रैल से लागू होगी कैशलेस व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में कैशलेस व्यवस्था लागू की जा रही है, जो 1 अप्रैल से प्रभावी होगी। इस कदम का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और कर्मचारियों को सुविधाजनक भुगतान प्रणाली उपलब्ध कराना है।

सरकार का दावा है कि इससे भुगतान प्रक्रिया तेज और सुगम होगी।

उत्तर प्रदेश अनुदेशक संघ ने जताया आभार

इस घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश अनुदेशक संघ के अध्यक्ष विक्रम सिंह ने सरकार और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, “हमारा 25,000 अनुदेशकों का परिवार सरकार का धन्यवाद ज्ञापित करता है। मुख्यमंत्री जी ने हमारे लंबे समय से लंबित मुद्दे को गंभीरता से लिया है। यह निर्णय अनुदेशक परिवार के लिए राहत भरा है।”

उन्होंने आगे कहा कि सरकार द्वारा मानदेय वृद्धि का निर्णय प्रदेश के शिक्षा तंत्र को और सशक्त बनाएगा।

शिक्षा और पोषण व्यवस्था को मिलेगा मजबूती

विशेषज्ञों का मानना है कि मानदेय वृद्धि से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और शिक्षा तथा आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा।

प्रदेश में बड़ी संख्या में अनुदेशक, शिक्षामित्र और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में यह फैसला व्यापक प्रभाव डाल सकता है।


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