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हाईटेंशन तार से टकराई बस, करंट की चपेट में आकर बुजुर्ग की मौत, तीन लोग झुलसे

सिद्धार्थनगर। जिले के शोहरतगढ़ क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। 11 हजार वोल्ट के हाई टेंशन बिजली तार की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर में चल रहा है।

अंतिम संस्कार के लिए जा रही थी बस

मिली जानकारी के अनुसार शोहरतगढ़ क्षेत्र के लखनपारा गांव के राम नरेश का निधन हो गया था। उनके परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए बस से अयोध्या जा रहे थे।

गांव से बाहर मोड़ के पास सामने से आ रहे एक वाहन को साइड देने के दौरान बस सड़क किनारे नीचे लटक रहे 11 हजार वोल्ट के हाई टेंशन तार से छू गई।

करंट की चपेट में आने से एक की मौत

बस के हाईटेंशन तार से छूते ही उसमें करंट फैल गया। करंट की चपेट में आने से श्याम सुंदर नामक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई।

वहीं बुद्धि सागर, जगदीश साहनी और राम अजोर गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज सिद्धार्थनगर में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

घायलों से मिलने पहुंचे एसडीएम

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। एसडीएम विवेकानंद मिश्र मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों को घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

मृतक और घायलों को मिलेगा मुआवजा

एसडीएम विवेकानंद मिश्र ने बताया कि इस घटना में मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता विद्युत विभाग की ओर से दी जाएगी।

लटकते बिजली तार बने हादसे की वजह

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बाहर सड़क किनारे लंबे समय से हाईटेंशन बिजली के तार नीचे लटक रहे थे, जिससे हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती थी। इस घटना के बाद लोगों ने विद्युत विभाग से तारों को दुरुस्त कराने की मांग की है।

मणेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में रोजा इफ्तार का हुआ आयोजन, नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय रहे मौजूद

सिद्धार्थनगर, 15 मार्च 2026।

जनपद सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र स्थित बढ़नी तिराहे पर समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा द्वारा शनिवार को रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी आयोजित इफ्तार कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, रोजेदार मुस्लिम भाईयों के साथ-साथ हिंदू समाज के लोग और क्षेत्र के बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम ने आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।

बुद्धभूमि से दुनिया तक जाए शांति और सौहार्द का संदेश

इफ्तार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा ने कहा कि सिद्धार्थनगर भगवान बुद्ध की पावन धरती है। इस बुद्धभूमि से पूरी दुनिया में शांति, मानवता और सामाजिक सौहार्द का संदेश जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पवित्र रमजान माह में आयोजित इफ्तार पार्टी इसी उद्देश्य से समाज को जोड़ने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का प्रयास है।

अमन-चैन और आपसी सहयोग की अपील

कार्यक्रम में मौजूद नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने लोगों से अमन-चैन बनाए रखने और एक-दूसरे की मदद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश और समाज की तरक्की आपसी सद्भाव और भाईचारे से ही संभव है।

सर्वधर्म समभाव की परंपरा को मजबूत करने पर जोर

पूर्व सांसद कुशल तिवारी ने कहा कि भारत की पहचान सर्वधर्म समभाव की परंपरा से है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में एकता, भाईचारा और परस्पर सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं।

बड़ी संख्या में नेता और गणमान्य लोग रहे मौजूद

इफ्तार पार्टी में पूर्व विधायक अनिल सिंह, प्रदेश सचिव अजय चौधरी, विधायक प्रतिनिधि डुमरियागंज जहीर मलिक, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मुरलीधर मिश्रा, डॉ. सरफराज अंसारी, जयकरन गौतम, प्रदेश सचिव राम मिलन भारती, जिला महासचिव कमरुज्जमा, अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष शकील शाह, जिला सचिव हरिराम यादव, प्रदेश सचिव जावेद खान, मसूद खान, डॉ. शराफुद्दीन, इफ्तिखार मैनेजर, पूर्व चेयरमैन निसार बागी, पूर्व प्रमुख जाकिर हुसैन, डॉ. इस्तहाक, राष्ट्रीय सचिव अल्पसंख्यक इब्राहिम बाबा, जिला अध्यक्ष सैनिक प्रकोष्ठ गोपाल फौजी, राष्ट्रीय सचिव छात्र सभा अजय चौरसिया, जोन प्रभारी राकेश दूबे, अकील अहमद उर्फ मुन्नू, सभासद निजाम व निसार, सेक्टर प्रभारी हरिनाथ यादव, शफात, विधानसभा अध्यक्ष इटवा बबलू खान, ब्लॉक अध्यक्ष इटवा सुनील यादव, मुस्तफा, जहीर नेता, प्रधान गयासुद्दीन, जिला सचिव सोनू यादव, राकेश कुमार, मुजम्मिल प्रधान, प्रधान सईद आलम दुधवनिया, शादाब, इरशाद, शफीक, वाहिद, डॉ. मोईन, मारूफ खान, मतलूब खान, अब्दुल मन्नान, जलाल, फैजान, करतब यादव, डॉ. खालिद सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

इफ्तार के दौरान रोजेदारों ने दुआ के साथ रोजा खोला और क्षेत्र में अमन-चैन, तरक्की और आपसी भाईचारे की कामना की।

पीरियड लीव पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी- कानून बना तो महिलाओं को नौकरी देना बंद कर सकते हैं नियोक्ता

नई दिल्ली। देश में महिलाओं के लिए पीरियड (मेनस्ट्रुअल) लीव को अनिवार्य करने की मांग पर सुनवाई करते हुए Supreme Court of India ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि यदि पीरियड लीव को कानून के जरिए अनिवार्य कर दिया गया तो इसका महिलाओं की नौकरी के अवसरों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। अदालत के इस बयान के बाद देशभर में एक नई बहस छिड़ गई है।

क्या कहा चीफ जस्टिस ने

सुनवाई के दौरान पीठ की अगुवाई कर रहे मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि यदि मासिक धर्म अवकाश को कानूनन अनिवार्य कर दिया गया तो कई नियोक्ता महिलाओं को नौकरी देने से बच सकते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसा कानून बनने पर यह धारणा बन सकती है कि महिलाओं को काम में अतिरिक्त सुविधा देनी पड़ेगी, जिससे कंपनियां महिलाओं को नियुक्त करने में हिचकिचा सकती हैं।

चीफ जस्टिस ने यह भी कहा कि यदि इसे कानून बनाया गया तो कई संस्थान महिलाओं को जिम्मेदारी वाले पद देने से भी बच सकते हैं और यह उनके करियर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

किस मामले में हुई सुनवाई

दरअसल सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई थी, जिसमें देशभर में कामकाजी महिलाओं और छात्राओं के लिए पीरियड लीव नीति लागू करने की मांग की गई थी।

अदालत ने इस याचिका पर सीधे कानून बनाने से इनकार करते हुए कहा कि इस विषय पर नीति बनाना सरकार का काम है, इसलिए केंद्र सरकार इस पर विचार कर सकती है।

कोर्ट ने क्यों जताई चिंता

सुप्रीम कोर्ट ने अपने अवलोकन में कुछ महत्वपूर्ण बिंदु रखे —

यदि पीरियड लीव अनिवार्य हुई तो नियोक्ता महिलाओं को नौकरी देने से बच सकते हैं।

इससे महिलाओं को कम जिम्मेदारी वाले काम दिए जाने का खतरा बढ़ सकता है।

यह भी आशंका है कि इससे महिलाओं को कम सक्षम समझने की मानसिकता मजबूत हो सकती है।

दूसरी ओर क्या है समर्थन का तर्क

पीरियड लीव के समर्थकों का कहना है कि मासिक धर्म के दौरान कई महिलाओं को गंभीर दर्द, थकान और स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं।

इसलिए उन्हें काम या पढ़ाई से एक-दो दिन की छुट्टी मिलना मानवाधिकार और स्वास्थ्य के लिहाज से जरूरी है। कुछ राज्य और निजी कंपनियां पहले से स्वैच्छिक रूप से ऐसी सुविधा दे रही हैं।

देश में पहले से कहां लागू है पीरियड लीव

भारत में कुछ संस्थानों और कंपनियों ने स्वेच्छा से यह सुविधा दी है।

उदाहरण के तौर पर कुछ विश्वविद्यालयों और निजी कंपनियों में मासिक धर्म अवकाश की व्यवस्था पहले से मौजूद है, लेकिन यह कानूनन अनिवार्य नहीं है।

क्या आगे बन सकता है कानून

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस मामले में कानून बनाने का आदेश नहीं दिया है, लेकिन केंद्र सरकार से कहा है कि वह इस विषय पर नीति बनाने की संभावना पर विचार कर सकती है।

यानी भविष्य में सरकार चाहे तो इस पर गाइडलाइन या नीति बना सकती है, लेकिन फिलहाल इसे अनिवार्य बनाने का कोई आदेश नहीं दिया गया है।

पीरियड लीव को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी ने देश में एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म दिया है। एक तरफ इसे महिलाओं के स्वास्थ्य और अधिकार से जुड़ा मुद्दा बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर अदालत का मानना है कि इसे कानून बनाना महिलाओं के रोजगार के अवसरों को प्रभावित कर सकता है।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर कोई नीति या दिशा-निर्देश जारी करती है या नहीं।

मानदेय बढ़ाए जाने और कैशलेश ईलाज देने पर अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार, विधायक जय प्रताप सिंह का किया स्वागत

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17000 रुपए प्रति माह किए जाने और पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा देने के फैसले से जनपद सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी का माहौल है। सरकार के इस निर्णय को अनुदेशकों ने राहत भरा कदम बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। इसी क्रम में अनुदेशक संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बांसी विधायक जय प्रताप सिंह का स्वागत कर धन्यवाद ज्ञापित किया।

अनुदेशकों ने जताई खुशी, सरकार के फैसले को बताया ऐतिहासिक

अनुदेशकों का कहना है कि लंबे समय से मानदेय बढ़ाए जाने की मांग की जा रही थी। ऐसे में सरकार द्वारा मानदेय को बढ़ाकर 17000 रुपए करना अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत है। इसके साथ ही पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से अब अनुदेशकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा भी मिल सकेगी।

अनुदेशकों ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के करीब 25 हजार अनुदेशकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अनुदेशकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और सरकार का यह कदम उनके मनोबल को बढ़ाने वाला है।

विधायक जय प्रताप सिंह का किया गया स्वागत

सरकार के इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए अनुदेशक संघ के पदाधिकारियों ने बांसी विधायक जय प्रताप सिंह का स्वागत किया और उनके माध्यम से प्रदेश सरकार तथा मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। अनुदेशकों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रयासों और सरकार की सकारात्मक सोच के कारण ही यह फैसला संभव हो पाया है।

आर्थिक और सामाजिक लाभ होगा

इस अवसर पर परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन, सिद्धार्थनगर के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुदेशकों की समस्याओं को समझते हुए यह सराहनीय निर्णय लिया है। इससे हजारों अनुदेशकों और उनके परिवारों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम अनुदेशकों के लिए सम्मान और प्रोत्साहन का प्रतीक है। इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और अनुदेशक पहले से अधिक उत्साह के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

ये अनुदेशक रहे मौजूद

इस दौरान अनुदेशक सीमा निषाद, रामानंद उपाध्याय, लवकुश चौधरी, सत्य मृत्युंजयधर, सत्यपाल सिंह, दिलीप, कैलाश नाथ, देवेंद्र चौधरी, शरद सहित कई अन्य अनुदेशक उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के इस निर्णय से अनुदेशकों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

MBBS छात्र हादसे की सुर्खियों में दब गया विपिन जायसवाल के परिवार का दर्द– होली के दिन धर्मशाला ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार कार की टक्कर से गई थी जान

गोरखपुर : रंगों का पर्व होली आपसी भाईचारे और खुशियों का त्योहार माना जाता है, लेकिन कभी-कभी यही उत्सव लापरवाही और हुड़दंग की वजह से दर्दनाक हादसों में बदल जाता है। ऐसा ही एक हादसा 4 मार्च 2026 को गोरखपुर में हुआ, जिसमें एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छिन गईं।

होली के दिन कार की टक्कर से हुए थे घायल

4 मार्च 1996 को जन्मे विपिन कुमार जायसवाल को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि 4 मार्च 2026 का दिन उनकी जिंदगी का आखिरी दिन बन जाएगा। होली के दिन दोपहर करीब 2:30 बजे वह अपने दोस्त सुमित श्रीवास्तव के साथ स्कूटी से धर्मशाला ओवरब्रिज से गुजर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार मारुति वेगनर कार ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि विपिन ओवरब्रिज से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनके साथी सुमित श्रीवास्तव भी बुरी तरह घायल हो गए।

इलाज के दौरान चली गई विपिन की जान 

दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान विपिन कुमार जायसवाल ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत से परिवार में मातम छा गया, जबकि घायल सुमित श्रीवास्तव का अभी भी इलाज चल रहा है।

उसी रात एमबीबीएस छात्र आकाश पांडे की हुई थी मौत 

उसी दिन रात में चारफाटक मोहद्दीपुर इलाके में हुए एक अन्य सड़क हादसे में एमबीबीएस छात्र आकाश पांडे और उमेश शर्मा की मौत हो गई थी। आरोपी के एक राजनीतिक दल से जुड़े होने की वजह से यह मामला मीडिया में सुर्खियों में छाया रहा। लेकिन उसी दिन दोपहर धर्मशाला ओवरब्रिज पर हुए हादसे में जान गंवाने वाले विपिन जायसवाल के परिवार की पीड़ा कहीं दबकर रह गई।

MBBS छात्र हादसे में दब गई विपिन की मौत

परिजनों का कहना है कि चारफाटक हादसे में मृतकों के परिवारों के घर जनप्रतिनिधि और अधिकारी पहुंचे तथा सरकार की ओर से मुआवजे की घोषणा भी की गई, लेकिन विपिन जायसवाल के परिवार की सुध लेने वाला कोई नहीं पहुंचा। परिजनों के मुताबिक विपिन एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते थे, शायद यही वजह रही कि उनकी मौत को लेकर न तो किसी अधिकारी ने संज्ञान लिया और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने परिवार से मिलकर सांत्वना दी।

घटना की निष्पक्ष जांच की मांग 

घटना के अगले दिन मृतक के पिता राजेंद्र कुमार जायसवाल की तहरीर पर शाहपुर थाने में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि परिवार का आरोप है कि हादसे के बाद कार चालक और उसके साथियों को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने प्रशासन से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है, ताकि विपिन की मौत के जिम्मेदार लोगों को सजा मिल सके।

हमसफर बनेंगे IPS केके विश्नोई और IPS अंशिका वर्मा, गोरखपुर से शुरू हुई थी लव स्टोरी

गोरखपुर : पुलिस के दो तेजतर्रार आईपीएस अधिकारियों की प्रेम कहानी अब विवाह के मुकाम तक पहुंच गई है। संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई और बरेली की पुलिस अधीक्षक अंशिका वर्मा जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। दोनों की शादी 28 मार्च को राजस्थान के बारमेर जिले में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ होगी। इससे पहले 27 मार्च को बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव में हल्दी और संगीत समारोह आयोजित होगा, जबकि 30 मार्च को जोधपुर के एक रिसोर्ट में भव्य रिसेप्शन रखा जाएगा।

गोरखपुर में शुरू हुई थी लव स्टोरी

दोनों आईपीएस अधिकारियों की प्रेम कहानी की शुरुआत वर्ष 2021 में हुई थी। उस समय गोरखपुर में पोस्टिंग के दौरान उनकी पहली मुलाकात हुई थी। उस समय कृष्ण कुमार बिश्नोई गोरखपुर में एसपी सिटी के पद पर तैनात थे, जबकि अंशिका वर्मा वहां प्रशिक्षण के दौरान अंडर ट्रेनिंग आईपीएस अधिकारी थीं। ड्यूटी के दौरान हुई मुलाकात धीरे-धीरे दोस्ती में बदली और फिर यही दोस्ती समय के साथ एक मजबूत रिश्ते में बदल गई। अब लगभग पांच साल बाद दोनों अपने रिश्ते को शादी के रूप में नई पहचान देने जा रहे हैं।

राजस्थान में होंगे सभी शादी समारोह

दोनों परिवारों की सहमति के बाद शादी की सभी रस्में राजस्थान में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। 27 मार्च को बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव में हल्दी और संगीत समारोह होगा। इसके बाद 28 मार्च को विवाह संपन्न होगा। शादी के बाद 30 मार्च को जोधपुर के एक रिसोर्ट में भव्य रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रशासनिक सेवा और पुलिस विभाग से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो सकते हैं।

होली में भी चर्चा में रहे दोनों अधिकारी

हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस की होली के दौरान भी दोनों अधिकारी काफी चर्चा में रहे थे। बरेली में होली समारोह के दौरान एसपी अंशिका वर्मा ने काला चश्मा पहनकर लोकप्रिय गीत “लंदन ठुमकदा” पर डांस किया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ। इसके अगले दिन संभल में एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने भी अनोखे अंदाज में पुलिस लाइन में एंट्री की थी। उन्होंने शिकारी स्टाइल की टोपी पहनकर खुली जिप्सी से फिल्मी गाने पर पुलिसकर्मियों के बीच प्रवेश किया था। उनके इस अंदाज को भी लोगों ने खूब पसंद किया।

राजस्थान के किसान परिवार से आते हैं केके बिश्नोई

आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई उत्तर प्रदेश कैडर के 2018 बैच के अधिकारी हैं। उनका जन्म राजस्थान के बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव में एक किसान परिवार में हुआ। छह भाई-बहनों में सबसे छोटे बिश्नोई ने बचपन से ही पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। 12वीं के बाद वे दिल्ली चले गए और सेंट स्टीफेन्स कालेज से 2013 में बीए की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने विदेश में पढ़ाई का सपना देखा और फ्रांस सरकार की स्कॉलरशिप हासिल की। उन्हें करीब 40 लाख रुपये की स्कॉलरशिप मिली और उन्होंने पेरिस स्कूल ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स से अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विषय में मास्टर डिग्री प्राप्त की।

विदेश में भी किया महत्वपूर्ण काम

विदेश में पढ़ाई के दौरान बिश्नोई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अनुभव हासिल किया। उन्हें यूनाइटेड नेशन के ट्रेड सेंटर में कंसल्टेंट के रूप में काम करने का अवसर मिला, जहां उन्हें लगभग 30 लाख रुपये सालाना का पैकेज मिला। इसके बाद उन्होंने उच्च शिक्षा और शोध कार्य जारी रखा और बाद में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। पहले प्रयास में सफलता नहीं मिली, लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास कर 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी बन गए।

पुलिस सेवा में तेजतर्रार छवि

आईपीएस बनने के बाद 2019 में उनकी पहली पोस्टिंग मेरठ के परतापुर थाने में थाना प्रभारी के रूप में हुई। इसके बाद वे मुजफ्फरनगर में एएसपी और बाद में संभल में एसपी के पद पर तैनात हुए। संभल में रहते हुए उन्होंने 100 करोड़ रुपये से अधिक के बीमा धोखाधड़ी घोटाले का खुलासा किया, जिसमें 70 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके लिए उन्हें उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक और प्लैटिनम मेडल से सम्मानित किया गया।

अंशिका वर्मा की प्रेरणादायक कहानी

आईपीएस अंशिका वर्मा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा नोएडा में हुई। उन्होंने जेएसएस अकेडमी ऑफ टेक्निकल एडुकेशन नोएडा से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की। उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के दूसरे प्रयास में शानदार सफलता हासिल की और 136 वीं रैंक प्राप्त कर आईपीएस अधिकारी बनीं। उनके पिता उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं।

पुलिस सेवा में तेजतर्रार पहचान

अंशिका वर्मा की पहली पोस्टिंग आगरा जिले के फतेहपुर सीकरी थाने में ट्रेनी अधिकारी के रूप में हुई। इसके बाद उन्हें गोरखपुर में एएसपी के रूप में तैनाती मिली। वर्तमान में वे बरेली जिले में एसपी के पद पर कार्यरत हैं और अपनी कार्यशैली, अनुशासन और सक्रिय पुलिसिंग के लिए जानी जाती हैं।

सोशल मीडिया पर भी लोकप्रिय

आईपीएस अंशिका वर्मा सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय हैं। इंस्टाग्राम पर उनके छह लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। उनके काम और व्यक्तित्व के कारण युवा वर्ग उन्हें काफी पसंद करता है।

नई शुरुआत की ओर कदम

अब दोनों आईपीएस अधिकारी अपने पेशेवर जीवन के साथ-साथ निजी जीवन में भी एक नई शुरुआत करने जा रहे हैं। पुलिस विभाग, प्रशासनिक सेवा और उनके परिचितों के बीच इस शादी को लेकर उत्साह का माहौल है। 28 मार्च को होने वाली यह शादी न केवल दो परिवारों के लिए बल्कि पुलिस विभाग के लिए भी एक खास अवसर बनने जा रही है। सभी लोग इस जोड़ी के सुखद और सफल वैवाहिक जीवन की कामना कर रहे हैं।

देश में राज्यपालों और उपराज्यपालों का बड़ा फेरबदल, कई राज्यों में नई नियुक्तियां

केंद्र सरकार ने देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपालों और लेफ्टिनेंट गवर्नरों (उपराज्यपालों) की नियुक्ति एवं स्थानांतरण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल के तहत कई वरिष्ठ नेताओं और पूर्व अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

दिल्ली से लद्दाख भेजे गए विनय कुमार सक्सेना

विनय कुमार सक्सेना को दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर पद से हटाकर लद्दाख का नया लेफ्टिनेंट गवर्नर नियुक्त किया गया है। इस बदलाव को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तरनजीत सिंह संधू बने दिल्ली के नए एलजी

पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया लेफ्टिनेंट गवर्नर नियुक्त किया गया है। उनके प्रशासनिक और कूटनीतिक अनुभव को राजधानी के लिए अहम माना जा रहा है।

शिव प्रताप शुक्ला को तेलंगाना की जिम्मेदारी

शिव प्रताप शुक्ला को हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल पद से स्थानांतरित कर तेलंगाना का राज्यपाल बनाया गया है।

जिष्णु देव वर्मा अब महाराष्ट्र के राज्यपाल

जिष्णु देव वर्मा, जो पहले तेलंगाना के राज्यपाल थे, अब महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालेंगे।

नंद किशोर यादव को नागालैंड की कमान

वरिष्ठ नेता नंद किशोर यादव को नागालैंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन बने बिहार के राज्यपाल

सेना के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके सैयद अता हसनैन को बिहार का राज्यपाल बनाया गया है। उनके सैन्य अनुभव को प्रशासनिक मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।

आर.एन. रवि अब पश्चिम बंगाल के राज्यपाल

आर.एन. रवि को तमिलनाडु से स्थानांतरित कर पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर संभालेंगे तमिलनाडु का कार्यभार

राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, जो वर्तमान में केरल के राज्यपाल हैं, अब तमिलनाडु के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे।

कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश भेजा गया

कविंदर गुप्ता, जो लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर थे, अब हिमाचल प्रदेश के नए राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं।

राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से अहम फैसला

केंद्र सरकार द्वारा किया गया यह फेरबदल प्रशासनिक संतुलन और राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में इन नियुक्तियों का संबंधित राज्यों की प्रशासनिक कार्यशैली और नीतिगत फैसलों पर प्रभाव देखने को मिल सकता है।

देश में राज्यपालों और उपराज्यपालों का बड़ा फेरबदल, कई राज्यों में नई नियुक्तियां

केंद्र सरकार ने देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपालों और लेफ्टिनेंट गवर्नरों (उपराज्यपालों) की नियुक्ति एवं स्थानांतरण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल के तहत कई वरिष्ठ नेताओं और पूर्व अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

दिल्ली से लद्दाख भेजे गए विनय कुमार सक्सेना

विनय कुमार सक्सेना को दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर पद से हटाकर लद्दाख का नया लेफ्टिनेंट गवर्नर नियुक्त किया गया है। इस बदलाव को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तरनजीत सिंह संधू बने दिल्ली के नए एलजी

पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया लेफ्टिनेंट गवर्नर नियुक्त किया गया है। उनके प्रशासनिक और कूटनीतिक अनुभव को राजधानी के लिए अहम माना जा रहा है।

शिव प्रताप शुक्ला को तेलंगाना की जिम्मेदारी

शिव प्रताप शुक्ला को हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल पद से स्थानांतरित कर तेलंगाना का राज्यपाल बनाया गया है।

जिष्णु देव वर्मा अब महाराष्ट्र के राज्यपाल

जिष्णु देव वर्मा, जो पहले तेलंगाना के राज्यपाल थे, अब महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालेंगे।

नंद किशोर यादव को नागालैंड की कमान

वरिष्ठ नेता नंद किशोर यादव को नागालैंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन बने बिहार के राज्यपाल

सेना के वरिष्ठ अधिकारी रह चुके सैयद अता हसनैन को बिहार का राज्यपाल बनाया गया है। उनके सैन्य अनुभव को प्रशासनिक मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।

आर.एन. रवि अब पश्चिम बंगाल के राज्यपाल

आर.एन. रवि को तमिलनाडु से स्थानांतरित कर पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।

राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर संभालेंगे तमिलनाडु का कार्यभार

राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, जो वर्तमान में केरल के राज्यपाल हैं, अब तमिलनाडु के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे।

कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश भेजा गया

कविंदर गुप्ता, जो लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर थे, अब हिमाचल प्रदेश के नए राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं।

राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से अहम फैसला

केंद्र सरकार द्वारा किया गया यह फेरबदल प्रशासनिक संतुलन और राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में इन नियुक्तियों का संबंधित राज्यों की प्रशासनिक कार्यशैली और नीतिगत फैसलों पर प्रभाव देखने को मिल सकता है।

सिद्धार्थनगर में होली के अवसर पर 5 मार्च को स्थानीय अवकाश घोषित

सिद्धार्थनगर। होली पर्व को लेकर लंबे समय से चल रही मांग आखिरकार पूरी हो गई। प्राथमिक शिक्षक संघ के अनुरोध पर जिला प्रशासन ने 5 मार्च को होली के अवसर पर स्थानीय अवकाश घोषित कर दिया है। चूंकि 4 मार्च को होली है तो इस दिन शासन द्वारा आधिकारिक अवकाश घोषित है। लेकिन 5 मार्च को भी अवकाश घोषित किया गया है। जिलाधिकारी द्वारा की गई इस घोषणा के बाद खासकर सुदूर क्षेत्रों में तैनात शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

शिक्षक संघ की मांग पर लिया गया निर्णय

प्राथमिक शिक्षक संघ ने होली पर्व को देखते हुए 5 मार्च को अवकाश घोषित करने की मांग प्रशासन से की थी। संघ का कहना था कि दूरदराज़ जिलों, ब्लॉकों और ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात शिक्षक अपने परिवार के साथ त्योहार नहीं मना पाते हैं।

संघ की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने 5 मार्च को 1 से 8 तक के स्कूलों में अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया।

जिलाधिकारी की आधिकारिक घोषणा

जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार जनपद के समस्त परिषदीय विद्यालयों में 5 मार्च को होली पर्व के उपलक्ष्य में अवकाश रहेगा। आदेश जारी होते ही शिक्षकों और कर्मचारियों में खुशी का माहौल देखने को मिला।

सुदूर क्षेत्रों के शिक्षकों में खास उत्साह

खासकर ग्रामीण और सुदूर इलाकों में कार्यरत शिक्षकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे उन्हें परिवार के साथ होली मनाने का अवसर मिलेगा।

शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।

त्योहारों पर संवेदनशील प्रशासन

इस निर्णय को प्रशासन की संवेदनशीलता और शिक्षकों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है। होली जैसे बड़े पर्व पर अवकाश मिलने से शिक्षकों और उनके परिवारों में उत्साह बढ़ा है।

Siddharthnagar district: साइबर फ्रॉड के 40 हजार रुपये पुलिस ने कराए वापस, जोगिया उदयपुर पुलिस की बड़ी सफलता

सिद्धार्थनगर। डॉ अभिषेक महाजन पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के आदेश के क्रम में साइबर अपराध एवं साइबर क्राइम रिकवरी/लीन के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना जोगिया उदयपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के कुशल निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी बांसी शुभेंदु सिंहके पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई।

एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

दिनांक 04.02.2026 को थाना जोगिया उदयपुर क्षेत्र के लखनापार निवासी मनोज कुमार द्वारा एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि यूपीआई आईडी गलत अंकित हो जाने के कारण उनके खाते से 40,000 रुपये की गलत ट्रांजेक्शन हो गई थी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना जोगिया उदयपुर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।

साइबर सेल की सक्रियता से पूरी धनराशि हुई रिकवर

थानाध्यक्ष अभय सिंह के नेतृत्व में उ0नि0 अवधेश यादव (प्रभारी साइबर सेल) एवं साइबर सेल टीम द्वारा तकनीकी जांच की गई। तत्पर प्रयासों के परिणामस्वरूप फ्रॉड की गई पूरी धनराशि 40,000 रुपये आवेदक के खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी गई।

इस कार्रवाई से पीड़ित को बड़ी राहत मिली है तथा आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

सराहनीय कार्य करने वाली टीम

श्री अभय सिंह – थानाध्यक्ष, थाना जोगिया उदयपुर

उ0नि0 अवधेश यादव – प्रभारी साइबर सेल

कम्प्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए सेनजीत निषाद

का0 विकास कुमार गोंड

का0 मृत्युंजय गुप्ता

का0 अजीत यादव

साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए पुलिस की अपील

पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत एनसीआरपी पोर्टल या नजदीकी थाना पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धनराशि को रिकवर कराया जा सके।

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