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यूजीसी नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक पर सिद्धार्थनगर के अधिवक्ताओं ने जताई खुशी

सिद्धार्थनगर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से जुड़े नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक का विभिन्न वर्गों में स्वागत किया जा रहा है। न्यायालय के इस निर्णय को कई लोगों ने संतुलित और न्यायसंगत कदम बताया है। सिद्धार्थनगर में भी इस फैसले को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

विस्तृत सुनवाई का रास्ता खुला

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के कुछ नए प्रावधानों पर फिलहाल रोक लगाते हुए मामले की विस्तृत सुनवाई का रास्ता खोला है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का यह कदम नियमों की संवैधानिक वैधता, प्रभाव और व्यवहारिक पक्षों की गहन समीक्षा सुनिश्चित करेगा। इससे शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा।

बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने जताई खुशी 

सिद्धार्थनगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए कहाकि,

यह निर्णय स्वागत योग्य है। सर्वोच्च न्यायालय ने संवैधानिक संतुलन और न्यायिक विवेक का परिचय दिया है। ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श आवश्यक होता है।”

आगे उन्होंने कहा कि, शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में लागू होने वाले नियमों पर सभी हितधारकों की राय जरूरी है।”

मार्च में होगी अगली सुनवाई 

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी और केंद्र सरकार से जवाब माँगा है। अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को होगी, जिसमें अदालत नियमों की वैधता, प्रभाव और सुधार की दिशा पर विचार करेगी।

कैशलैस इलाज मिलने पर अनुदेशकों में खुशी की लहर..सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों ने सरकार का जताया आभार

सिद्धार्थनगर: जनपद के अनुदेशकों में उस समय उत्साह की लहर दौड़ गई जब उन्हें कैशलैस चिकित्सा सुविधा प्रदान किए जाने की घोषणा पर अमल शुरू हुआ। लंबे समय से स्वास्थ्य सुरक्षा की मांग कर रहे अनुदेशकों ने सरकार के इस निर्णय को ऐतिहासिक, राहतभरा और मानवीय बताया।

जिलाध्यक्ष अनिल पांडेय ने कहा कि,

“अनुदेशकों की स्वास्थ्य संबंधी चिंता दूर होने से वे अब पूरी ऊर्जा के साथ विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में योगदान दे सकेंगे। यह कदम शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करेगा क्योंकि सुरक्षित और निश्चिंत शिक्षक ही बेहतर शिक्षा दे सकते हैं।”

जिलाध्यक्ष ने कहा कि,” यह फैसला सिर्फ सुविधा नहीं बल्कि सम्मान का प्रतीक है। इससे यह संदेश जाता है कि सरकार जमीनी स्तर पर कार्यरत शिक्षा कर्मियों के हितों के प्रति गंभीर है।”

प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने-

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह तथा एमएलसी श्रीचंद शर्मा का आभार जताते हुए कहाकि, “सरकार की संवेदनशील सोच के कारण ही यह सुविधा संभव हो पाई है, जिससे हजारों अनुदेशक परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।”