बगीचे में गोवध की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर फायरिंग का पुलिस का दावा—जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी घायल, दो फरार

सिद्धार्थनगर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई। खेसरहा थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने पुलिस के अनुसार देवरी गांव के उत्तर स्थित बगीचे में गोवध की सूचना पर कार्रवाई की। पुलिस का दावा है कि टीम को देखकर आरोपियों ने फायरिंग की, जिसके बाद आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में एक व्यक्ति घायल हुआ और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से अवैध तमंचा, कारतूस, बांका/गड़ासा, चाकू सहित कई सामान बरामद किए जाने की बात पुलिस ने कही है।

सिद्धार्थनगर के खेसरहा से देर रात पुलिस मुठभेड़ की बड़ी खबर सामने आई है। पुलिस के मुताबिक देवरी गांव के उत्तर स्थित बगीचे में गोवध की सूचना पर पहुंची खेसरहा पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम पर फायरिंग की गई। जवाबी कार्रवाई में फिरोज अहमद नाम का एक व्यक्ति बाएं पैर में गोली लगने से घायल हुआ, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर उपचार के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस के अनुसार मौके से दो अन्य व्यक्ति फरार हो गए।
पूरी खबर
सिद्धार्थनगर/खेसरहा।
जनपद में अपराध और वांछित अभियुक्तों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच खेसरहा थाना क्षेत्र से पुलिस मुठभेड़ का मामला सामने आया है।
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार 21/22 अगस्त 2026 की रात थाना खेसरहा पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम क्षेत्र में भ्रमण कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि देवरी गांव के उत्तर स्थित एक बगीचे में कुछ लोग कथित रूप से गोवंश का वध कर रहे हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।
पुलिस का दावा—देखते ही शुरू हुई फायरिंग
पुलिस के मुताबिक टीम को देखकर वहां मौजूद लोगों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने इसे देखते हुए आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की।
पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई में फिरोज अहमद, निवासी देवरी टोला टेढ़िया, थाना खेसरहा, बाएं पैर में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया और उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेसरहा भेजा।
यह घटनाक्रम पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार है। मुठभेड़ की स्वतंत्र पुष्टि FT News Digital द्वारा नहीं की गई है।
दो आरोपी मौके से फरार—पुलिस तलाश में जुटी
पुलिस के अनुसार मुठभेड़ के दौरान दो अन्य व्यक्ति मौके से फरार हो गए। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने फरार आरोपियों के नाम इरशाद और नान्हू बताए हैं।
पुलिस का कहना है कि दोनों की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
तमंचे से लेकर चाकू और गड़ासे तक बरामदगी का दावा
पुलिस प्रेस नोट में गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से कई सामान बरामद होने का दावा किया गया है।
बरामदगी में पुलिस ने—
एक देशी तमंचा 315 बोर
एक खोखा कारतूस
एक जिंदा कारतूस
दो बांका/गड़ासा
तीन चाकू
लकड़ी का गोलनुमा टीहा/बोगदा
तराजू
एक किलो का बाट
कीपैड मोबाइल
खून के छींटे वाला रुमाल
रस्सी
एक जोड़ी चप्पल
शामिल होने की बात कही है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
पुलिस के अनुसार मामले में थाना खेसरहा पर मु0अ0सं0 118/2026 दर्ज किया गया है। प्रेस नोट के मुताबिक मामले में BNS तथा शस्त्र अधिनियम और गोवध अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
गिरफ्तार/घायल आरोपी को उपचार के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई के लिए न्यायालय भेजे जाने की प्रक्रिया की बात पुलिस ने कही है।
आरोपी का आपराधिक इतिहास भी बताया
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी फिरोज अहमद के खिलाफ पूर्व में दर्ज चार मामलों का भी उल्लेख किया है। इनमें आयुध अधिनियम और आबकारी अधिनियम से जुड़े मामले बताए गए हैं।
यह विवरण भी पुलिस रिकॉर्ड/प्रेस नोट के आधार पर है और किसी व्यक्ति को पूर्व मामलों में दोषी ठहराने के अर्थ में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई पर अब आगे क्या?
मामले में पुलिस की ओर से मुठभेड़, गिरफ्तारी और बरामदगी का पूरा विवरण जारी किया गया है। वहीं, फरार बताए गए दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले की आगे की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
मुठभेड़ से जुड़े तथ्यों, बरामदगी और घटनाक्रम की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया से होगी।
सारांश
खेसरहा पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस के अनुसार गोवध के मामले में वांछित आरोपी फिरोज अहमद घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि कार्रवाई के दौरान टीम पर फायरिंग हुई और जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी। मौके से तमंचा, कारतूस, गड़ासे और चाकू समेत कई सामान बरामद किए जाने की बात कही गई है। दो अन्य आरोपी फरार बताए गए हैं।
टिप्पणी
अपराध के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है, लेकिन हर मुठभेड़ मामले में तथ्य और प्रक्रिया की पारदर्शिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। इस मामले में पुलिस का पक्ष सामने आ चुका है। अब बरामदगी, मुठभेड़ की परिस्थितियों और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच से पूरा घटनाक्रम स्पष्ट होगा। FT News Digital पुलिस के दावे को आधिकारिक प्रेस नोट के आधार पर प्रस्तुत कर रहा है और किसी आरोपी को न्यायालय के अंतिम निर्णय से पहले दोषी घोषित नहीं करता।
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“पुलिस के अनुसार…”, “पुलिस का दावा है…”, “प्रेस नोट में बताया गया…” और “जांच के बाद तथ्य स्पष्ट होंगे…” — इन्हीं आधारों पर खबर प्रस्तुत की गई है।
रिपोर्ट: FT News Digital
जनपद सिद्धार्थनगर

