आठ सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपालों का आंदोलन तेज, नौगढ़ तहसील में धरना-प्रदर्शन

सम्पूर्ण समाधान दिवस के बहिष्कार का दावा, मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर शनिवार को प्रदेशव्यापी आंदोलन के क्रम में सिद्धार्थनगर जिले की नौगढ़ तहसील परिसर में लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन किया। लेखपाल संघ की ओर से अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किए जाने की जानकारी दी गई। संघ ने इसी क्रम में सम्पूर्ण समाधान दिवस के बहिष्कार की बात भी कही है।

धरना-प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज उठाई और शासन स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई किए जाने की मांग की। संघ की ओर से जारी मांग-पत्र में वेतन विसंगति, स्थानांतरण, पदोन्नति, विभागीय परीक्षा, कार्यभार और तकनीकी संसाधनों समेत कई मुद्दे शामिल हैं।
2800 ग्रेड पे और वेतन विसंगति दूर करने की मांग
लेखपाल संघ की प्रमुख मांगों में प्रारंभिक वेतनमान लेवल-5 यानी 2800 ग्रेड पे दिए जाने तथा वेतन विसंगति दूर किए जाने की मांग शामिल है।

संघ के मांग-पत्र में कहा गया है कि लेखपाल संवर्ग के कार्यों और दायित्वों में लगातार वृद्धि हुई है और इस संबंध में पूर्व में भी पत्राचार किया गया है। संघ का कहना है कि इस विषय पर शासन स्तर से अपेक्षित निर्णय नहीं होने के कारण संवर्ग में असंतोष है।
अंतरमंडलीय स्थानांतरण की मांग भी प्रमुख
लेखपाल संघ ने अंतरमंडलीय स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोलने की मांग उठाई है।
मांग-पत्र के अनुसार, वर्ष 2019 में लगभग 650 लेखपालों के स्थानांतरण का उल्लेख किया गया है। संघ का कहना है कि वर्ष 2025 में भी स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। संघ ने इच्छुक लेखपालों को उनके गृह मंडल में स्थानांतरण का अवसर देने की मांग की है।
पदोन्नति सूची जारी करने की मांग
लेखपाल संघ ने चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची जारी करने और डीपीसी की प्रक्रिया समय से पूरी करने की मांग भी रखी है।
संघ के पत्र में दावा किया गया है कि विभागीय पदोन्नति समिति की कार्यवाही पूरी होने के बावजूद पदोन्नति सूची जारी नहीं हुई है। संघ ने लंबित प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग की है।
विभागीय परीक्षा परिणाम और स्थायीकरण का मुद्दा
नव नियुक्त लेखपालों से संबंधित विभागीय परीक्षा परिणाम, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र और स्थायीकरण का मुद्दा भी मांग-पत्र में शामिल है।
संघ का कहना है कि प्रशिक्षण परीक्षा संपन्न होने के बाद भी परिणाम और प्रमाणपत्र जारी होने में देरी हो रही है। लेखपाल संघ ने परिणाम एवं प्रमाणपत्र शीघ्र जारी कर स्थायीकरण की प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है।
अतिरिक्त कार्यभार और ग्राम सचिवालय व्यवस्था पर सवाल
लेखपाल संघ ने पट्टा संबंधी मामलों में अतिरिक्त कार्यभार से राहत देने तथा ग्राम सचिवालय में बैठकर कार्य करने से जुड़ी व्यवस्था पर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
संघ के पत्र के मुताबिक लेखपालों को एक ही दिन में दो-दो या तीन-तीन गांवों में कार्य के लिए जाना पड़ता है। ऐसे में एक स्थान पर बैठकर कार्य करने की व्यवस्था को लेकर संघ ने व्यावहारिक कठिनाइयों का उल्लेख किया है।
तकनीकी पद घोषित करने और संसाधन उपलब्ध कराने की मांग
लेखपाल संघ ने लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने के साथ-साथ लैपटॉप और मोबाइल जैसे तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की है।
संघ का कहना है कि लेखपालों द्वारा लंबे समय से ऑनलाइन और तकनीकी कार्य किए जा रहे हैं, इसलिए पद की प्रकृति को देखते हुए आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
आंदोलन की आगे की रूपरेखा भी जारी
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की ओर से लगाए गए आंदोलन संबंधी बैनर में चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा भी प्रदर्शित की गई है। इसमें अलग-अलग तारीखों पर कार्य बहिष्कार, काली पट्टी बांधकर विरोध, धरना शिविर, मोटरसाइकिल रैली एवं ज्ञापन तथा आगे व्यापक कार्य बहिष्कार जैसे कार्यक्रमों का उल्लेख है।
संघ के मांग-पत्र में कहा गया है कि यदि मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती है तो 17 अक्टूबर 2026 से प्रदेशव्यापी पूर्ण कार्य बहिष्कार की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही गई है।
जिलाध्यक्ष ने क्या कहा?
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता के अनुसार, लेखपाल संवर्ग लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शासन के समक्ष अपनी बात रखता आ रहा है। उनका कहना है कि 2800 ग्रेड पे, भत्तों में बढ़ोतरी, अंतरमंडलीय स्थानांतरण समेत आठ प्रमुख मांगें हैं।
संघ का कहना है कि मांगों के निस्तारण तक आंदोलन क्रमिक रूप से जारी रहेगा।
लेखपाल संघ की प्रमुख 8 मांगें
1. 2800 ग्रेड पे एवं वेतन विसंगति दूर करना।
2. अंतरमंडलीय स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोलना।
3. लंबित पदोन्नति सूची जारी कर डीपीसी प्रक्रिया पूरी करना।
4. विभागीय परीक्षा परिणाम, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र जारी कर स्थायीकरण करना।
5. स्टेशनरी, मोटरसाइकिल/वाहन एवं अन्य अनुमन्य भत्तों में बढ़ोतरी।
6. पट्टा संबंधी अतिरिक्त कार्यभार से लेखपालों को राहत देना।
7. लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित कर आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराना।
8. ग्राम सचिवालय से संबंधित कार्य व्यवस्था में व्यावहारिक समस्याओं का समाधान।

क्या है मामला?
मुद्दा: आठ सूत्रीय मांगें
स्थान: तहसील नौगढ़, सिद्धार्थनगर
संगठन: उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ
कार्यक्रम: धरना-प्रदर्शन
संघ का दावा: सम्पूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार
आगे की रणनीति: चरणबद्ध आंदोलन और निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार विरोध
सारांश
सिद्धार्थनगर में आठ सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपाल संघ का आंदोलन सामने आया है। नौगढ़ तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन के दौरान संघ ने 2800 ग्रेड पे, अंतरमंडलीय स्थानांतरण, पदोन्नति, विभागीय परीक्षा परिणाम, भत्तों में बढ़ोतरी, कार्यभार एवं तकनीकी संसाधनों से जुड़ी मांगें उठाईं। संघ ने मांगों के समाधान तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
रिपोर्टर सेफ्टी नोट
इस खबर में “संघ के अनुसार”, “मांग-पत्र में कहा गया है”, “संघ का दावा है” जैसे शब्द इसलिए रखे गए हैं, क्योंकि मांगों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से संबंधित बातें संगठन के ज्ञापन/बयान पर आधारित हैं। इससे खबर तथ्य और पक्ष के दावे के बीच स्पष्ट अंतर बनाए रखती है।

