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जिला कारागार की विदेशी महिला बंदी ने फिर किया आत्महत्या का प्रयास, कोर्ट परिसर में मचा हड़कंप

ब्रेकिंग न्यूज़ | सिद्धार्थनगर

जिला कारागार की विदेशी महिला बंदी ने फिर किया आत्महत्या का प्रयास, कोर्ट परिसर में मचा हड़कंप

जिला कारागार में निरुद्ध उजबेकिस्तान की महिला बंदी जर्निगोर तुखताबोएवा द्वारा एक बार फिर आत्महत्या का प्रयास किए जाने से मंगलवार को न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूत्रों के अनुसार, पेशी के लिए लाई गई महिला बंदी ने कोर्ट परिसर स्थित महिला बंदी गृह में अचानक दीवार से सिर पटकना शुरू कर दिया, जिससे उसके सिर और गर्दन में चोटें आईं। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया।


चिकित्सकों के मुताबिक, महिला की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।


पहले भी कर चुकी है आत्महत्या का प्रयास

बताया जा रहा है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 3 जनवरी को भी उक्त महिला बंदी द्वारा जिला कारागार में आत्महत्या का प्रयास किया गया था, जिसमें उपचार के बाद उसकी स्थिति सामान्य हो गई थी।

विदेशी नागरिक, अवैध प्रवेश में हुई थी गिरफ्तारी

जानकारी के अनुसार, महिला बंदी को 28 दिसंबर को बढ़नी बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया था। उसके पास भारत में रहने के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले थे और वह नेपाल जाने की कोशिश में थी। इसके बाद से वह जिला कारागार में निरुद्ध है।

प्रशासन का बयान

प्रभारी निरीक्षक सदर मिथलेश राय ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला को उपचार के लिए भेजा और उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया।

वहीं जेल अधीक्षक सचिन वर्मा के अनुसार, महिला बंदी में आत्मघाती प्रवृत्ति देखी गई है, जिसके चलते उसका इलाज मानसिक रोग विशेषज्ञ से कराया जा रहा है। भाषा की समस्या (हिंदी और अंग्रेजी न आना) के कारण उसकी स्थिति को समझने में भी दिक्कत हो रही है।

स्थिति पर प्रशासन की नजर

प्रशासन का कहना है कि महिला बंदी की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जेल लौटने के बाद पूरी स्थिति का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा।

 

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