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सिद्धार्थनगर में उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, निरीक्षण में अनियमितताएं मिलने पर दो दुकानों का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित

जनहित में टिप्पणी:

किसानों को समय पर और नियमों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन और विक्रेताओं दोनों की साझा जिम्मेदारी है। समय-समय पर होने वाले निरीक्षण पारदर्शिता बढ़ाने और अनियमितताओं पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। वहीं सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए तथा किसानों को भी अधिकृत प्रतिष्ठानों से ही रसीद के साथ उर्वरक खरीदना चाहिए। किसी भी प्रकार की अनियमितता दिखाई देने पर संबंधित कृषि विभाग को तत्काल सूचना देना जनहित में आवश्यक है।


जिला

सिद्धार्थनगर

तिथि

24 जुलाई 2026

विभाग

जिला कृषि अधिकारी कार्यालय

निरीक्षण टीम

अपर जिला कृषि अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी (कृषि) लोटन

कार्रवाई

दो उर्वरक प्रतिष्ठानों का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित

कारण

निरीक्षण के दौरान वितरण संबंधी अनियमितताएं एवं अभिलेखीय कमियां

सारांश

सिद्धार्थनगर में किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दो दुकानों में वितरण संबंधी अनियमितताएं एवं अभिलेखों में कमियां पाए जाने पर जिला कृषि अधिकारी ने उनके उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए। साथ ही जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं को नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

विस्तृत समाचार

सिद्धार्थनगर। किसानों को पारदर्शी एवं नियमानुसार उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा जनपद के विभिन्न निजी उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।

जिला कृषि अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अपर जिला कृषि अधिकारी एवं सहायक विकास अधिकारी (कृषि) लोटन की संयुक्त टीम ने कई उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान दो प्रतिष्ठानों पर उर्वरक वितरण प्रक्रिया में अनियमितताएं तथा अभिलेखीय कमियां पाए जाने की बात कही गई।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, संबंधित कमियों के आधार पर दोनों प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त जनपद के सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे उर्वरकों का वितरण केवल निर्धारित सरकारी नियमों के अनुरूप करें।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि उर्वरक बिक्री के समय किसान की खतौनी, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर सहित आवश्यक विवरण वितरण रजिस्टर में दर्ज किए जाएं तथा किसानों को उनकी वास्तविक आवश्यकता एवं निर्धारित मात्रा के अनुरूप ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।

कृषि विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

आधिकारिक जानकारी

यह कार्रवाई जिला कृषि अधिकारी, सिद्धार्थनगर द्वारा 24 जुलाई 2026 को जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर की गई है।


कानूनी नोट: यह समाचार जिला कृषि अधिकारी, सिद्धार्थनगर द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। इसमें उल्लिखित कार्रवाई एवं तथ्य संबंधित विभाग के आधिकारिक अभिलेखों के अनुसार प्रस्तुत किए गए हैं। समाचार में किसी प्रकार का स्वतंत्र आरोप या निष्कर्ष नहीं जोड़ा गया है।

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