पति को नशे में कर जमीन का बैनामा कराने का आरोप, पीड़िता ने डीएम-एसपी से लगाई न्याय की गुहार
महराजगंज | सदर कोतवाली क्षेत्र
डीएम-एसपी से लगाई न्याय की गुहार, पति को नशे में कर जमीन लिखवाने का आरोप
पति को नशे में धुत कर लिखवा ली जमीन? पीड़िता ने डीएम-एसपी से लगाई न्याय की गुहार
महराजगंज। सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जंगल दूधई उर्फ चेहरी की निवासी एक महिला ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि उसके पति को कथित रूप से शराब एवं नशीला पदार्थ पिलाकर उनकी जमीन का बैनामा धोखाधड़ी से करा लिया गया। महिला ने मामले में निष्पक्ष जांच, मुकदमा दर्ज करने तथा परिवार की सुरक्षा की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस एवं प्रशासन की ओर से आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सारांश
महिला ने डीएम व एसपी को सौंपा शिकायती पत्र।
पति को नशे में कर जमीन लिखवाने का लगाया आरोप।
रजिस्ट्री प्रक्रिया में कथित अनियमितता का भी आरोप।
विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का दावा।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच व कानूनी कार्रवाई की मांग।
पूरी खबर
महराजगंज। जनपद के सदर कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम जंगल दूधई उर्फ चेहरी निवासी उर्मिला देवी ने जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को दिए शिकायती पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि उनके पति सूर्यमन को गांव के कुछ लोगों ने कथित रूप से शराब एवं अन्य नशीला पदार्थ पिलाकर उनकी मानसिक स्थिति कमजोर कर दी और इसके बाद उनकी भूमि का बैनामा अपने पक्ष में करा लिया।
पीड़िता के अनुसार, यह घटना 30 जून 2026 की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित लोगों ने कथित रूप से रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचकर बिना उचित प्रतिफल दिए खसरा संख्या 813, रकबा 0.2510 हेक्टेयर में से लगभग 5 डिसमिल भूमि का बैनामा करा लिया। महिला ने आरोप लगाया है कि इस पूरी प्रक्रिया में रजिस्ट्री कार्यालय के कुछ कर्मचारियों एवं अन्य लोगों की मिलीभगत भी रही।
महिला का कहना है कि जब उन्हें इस कथित बैनामे की जानकारी मिली तो वह संबंधित लोगों से पूछताछ करने पहुंचीं। आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की तथा जान से मारने और शेष जमीन भी अपने नाम कराने की धमकी दी। घटना के बाद से पूरा परिवार भय के साये में जीवन व्यतीत कर रहा है।
पीड़िता ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि परिवार की आजीविका का मुख्य साधन यही कृषि भूमि है। उनके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं और भूमि विवाद के कारण परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। महिला ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए तथा उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
सूत्रों के अनुसार, प्रार्थना-पत्र जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्राप्त हो चुका है। अब यह देखना होगा कि जांच के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।
प्रशासनिक पक्ष
समाचार लिखे जाने तक इस मामले में पुलिस अथवा जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
कानूनी अस्वीकरण
यह समाचार पीड़िता द्वारा जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को दिए गए लिखित शिकायती पत्र के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार में वर्णित सभी आरोप शिकायतकर्ता के हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस एवं प्रशासन की जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
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