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मुजफ्फरनगर में कथित बंधुआ मजदूरी का पर्दाफाश: 12 मजदूर मुक्त, फैक्ट्री संचालक समेत कई गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में कथित तौर पर मजदूरों को बंधक बनाकर अमानवीय परिस्थितियों में काम कराने का मामला सामने आया है। पुलिस ने छापेमारी कर 12 मजदूरों को मुक्त कराया है। मामले में फैक्ट्री संचालक सहित कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही है।

मुजफ्फरनगर से मानवता को झकझोर देने वाला मामला

मुजफ्फरनगर में पुलिस ने एक फैक्ट्री पर छापा मारकर कथित रूप से बंधक बनाकर रखे गए 12 मजदूरों को मुक्त कराया। प्रारंभिक जांच के अनुसार मजदूरों को नौकरी और बेहतर वेतन का झांसा देकर फैक्ट्री में लाया गया था। इसके बाद उनसे कथित तौर पर जबरन काम कराया जाता था।

मुक्त कराए गए मजदूरों ने पुलिस को दिए अपने बयानों में आरोप लगाया कि उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए थे और उन्हें फैक्ट्री से बाहर नहीं जाने दिया जाता था। विरोध करने पर मारपीट और प्रताड़ना किए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं। कुछ मजदूरों के शरीर पर चोट और जलने जैसे निशान भी बताए जा रहे हैं, जिनकी चिकित्सीय जांच कराई गई है।

पुलिस के अनुसार छापेमारी के दौरान 12 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिनमें कुछ नाबालिग होने की भी जानकारी सामने आई है। सभी पीड़ितों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

जांच के दौरान मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बेहद सीमित भोजन दिया जाता था तथा भागने की कोशिश करने पर धमकाया जाता था। सोशल मीडिया पर तीन मजदूरों की मौत संबंधी दावे भी किए जा रहे हैं, हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए इस दावे की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस ने फैक्ट्री संचालक अंकित बालियान सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस क्या कह रही है?

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सभी पीड़ित मजदूरों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मेडिकल परीक्षण कराया गया है तथा मानव तस्करी, बंधुआ मजदूरी, मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामले की विवेचना की जा रही है। यदि जांच में अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।

सारांश

मुजफ्फरनगर में कथित बंधुआ मजदूरी का मामला उजागर।

पुलिस ने छापेमारी कर 12 मजदूरों को मुक्त कराया।

फैक्ट्री संचालक सहित कई आरोपी गिरफ्तार।

मजदूरों ने मारपीट और प्रताड़ना के आरोप लगाए।

मौतों से जुड़े दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई।

📌 पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।

 

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