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महायज्ञ से लौट रहे भाई-बहन की बाइक को तेज रफ्तार वाहन ने मारी टक्कर, बीए की छात्रा की दर्दनाक मौत

20 वर्षीय महिमा पासवान ने इलाज के दौरान तोड़ा दम, भाई घायल – टक्कर मारकर बाइक सवार फरार


सिद्धार्थनगर | 13 मार्च
जनपद सिद्धार्थनगर में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। शतचंडी महायज्ञ से लौट रहे भाई-बहन की मोटरसाइकिल को पीछे से आए तेज रफ्तार बाइक सवार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बहन गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि भाई को मामूली चोटें आईं।
यह घटना नौगढ़-सुहास मार्ग पर ग्राम बनकसीया मोड़ के पास गुरुवार शाम लगभग 6 बजे की बताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार महिमा पासवान (20 वर्ष) पुत्री स्वर्गीय संतोष कुमार पासवान, निवासी ग्राम बनकटिया, थाना सदर, अपने छोटे भाई अनूप कुमार पासवान (लगभग 17 वर्ष) के साथ गांव के पास समय माता मंदिर पर आयोजित शतचंडी महायज्ञ में शामिल होकर मोटरसाइकिल से घर लौट रही थीं।
बताया जा रहा है कि महिमा पासवान बीए तृतीय वर्ष की छात्रा थीं और पढ़ाई के साथ-साथ परिवार का सहारा भी थीं। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार से आ रही एक बाइक ने उनकी मोटरसाइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े, जिसमें महिमा के सिर में गंभीर चोट लग गई, जबकि भाई को हल्की चोट आई।
इलाज के दौरान हुई मौत
घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तत्काल माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर ले जाया गया।
चिकित्सकों ने महिमा की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर के लिए रेफर कर दिया।
परिजन उन्हें गोरखपुर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में हालत बिगड़ने पर सिद्धार्थनगर मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान महिमा पासवान की दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे के बाद बाइक सवार फरार
बताया जा रहा है कि टक्कर मारने के बाद बाइक सवार मौके से फरार हो गया, हालांकि उसकी बाइक घटनास्थल पर ही छूट गई। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा मामले में आगे की जांच और कार्रवाई कर रही है।
महायज्ञ की खुशियों के बीच पसरा मातम
ग्राम बनकटिया और आसपास के क्षेत्र में इन दिनों शतचंडी महायज्ञ को लेकर श्रद्धा और उत्साह का माहौल था। लोग जल भरकर यज्ञ में शामिल हो रहे थे और गांव में धार्मिक कार्यक्रम चल रहा था।
लेकिन इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में खुशियों की जगह गहरा मातम छा गया।
परिवार से मिलने पहुंचे जनप्रतिनिधि
घटना की जानकारी मिलने के बाद सदर विधायक श्यामधनी राही और उनके प्रतिनिधि  सत्य पकाश राही मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।

एक साथ गूंजे 331 शहनाइयों के स्वर: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में सजे 331 घर, कई मां-बाप के सिर से उतरा बेटियों की शादी का बोझ

सांसद जगदम्बिका पाल सहित जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में भव्य आयोजन, हर वधू के खाते में 60 हजार की DBT और गृहस्थी का पूरा सामान


सिद्धार्थनगर | 14 मार्च 2026
सिद्धार्थनगर में शनिवार को एक ऐसा भावुक और भव्य दृश्य देखने को मिला, जिसने सैकड़ों गरीब परिवारों की आंखों में खुशी के आंसू ला दिए। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बगल स्थित मैदान में 331 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया।
जब एक साथ सैकड़ों जोड़ों की शहनाइयां गूंजीं, तो कई माता-पिता के दिल का वर्षों पुराना बोझ हल्का हो गया। जिन परिवारों के लिए बेटियों की शादी एक बड़ी चिंता थी, उनके लिए यह आयोजन किसी वरदान से कम नहीं रहा।


कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डुमरियागंज सांसद जगदम्बिका पाल, कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही, शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. तथा पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस दौरान जिला प्रशासन द्वारा जनप्रतिनिधियों का बुके देकर स्वागत किया गया।
331 जोड़ों का हुआ विवाह
इस भव्य आयोजन में कुल 331 जोड़े विवाह बंधन में बंधे।
हिंदू समुदाय – 238 जोड़े
बौद्ध धर्म – 74 जोड़े
मुस्लिम समुदाय – 19 जोड़े
हिंदू जोड़ों का विवाह पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न कराया गया, जबकि मुस्लिम जोड़ों का निकाह मौलाना द्वारा पढ़वाया गया और बौद्ध समुदाय के जोड़ों का विवाह उनके धर्मानुसार कराया गया।
यह दृश्य सामाजिक समरसता और एकता का प्रतीक बन गया, जहां अलग-अलग धर्मों के लोग एक मंच पर विवाह बंधन में बंधे।
सरकार ने दिया आर्थिक सहारा
जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रत्येक वधू के बैंक खाते में 60 हजार रुपये डीबीटी के माध्यम से भेजे जा रहे हैं।


इसके अलावा लगभग 25 हजार रुपये का गृहस्थी का सामान और 15 हजार रुपये बारात स्वागत के लिए खर्च किए गए।
नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी की शुरुआत के लिए कई आवश्यक वस्तुएं दी गईं, जिनमें प्रमुख रूप से –
साड़ी-ब्लाउज, पेटीकोट, चुनरी
पैंट-शर्ट का कपड़ा
चांदी की पायल और बिछिया
डिनर सेट और बर्तन
कूकर, कड़ाही, ट्रॉली बैग
सीलिंग फैन, प्रेस, घड़ी
गद्दा, कंबल, तकिया
सूखे मेवे और मिठाई
जैसी उपयोगी सामग्री शामिल रही।
सांसद ने की रोजगार दिलाने की घोषणा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में गरीब परिवारों की बेटियों की शादी सम्मानपूर्वक कराना सरकार की प्राथमिकता है।


उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि नवविवाहित जोड़ों को रोजगार और प्लेसमेंट के अवसर दिलाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वे अपनी नई जिंदगी को मजबूती से आगे बढ़ा सकें।
उन्होंने कहा कि जो युवा उद्योग, कालानमक चावल, कंप्यूटर या अन्य क्षेत्रों में काम करना चाहते हैं, उन्हें ऋण उपलब्ध कराकर स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।


विधायकों ने योजना को बताया सराहनीय
विधायक श्यामधनी राही और विनय वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह योजना गरीब परिवारों के लिए किसी संबल से कम नहीं है।
इस योजना के माध्यम से बेटियों की शादी गरिमा और सम्मान के साथ कराई जा रही है और उन्हें नई जिंदगी की शुरुआत के लिए आवश्यक सहायता भी दी जा रही है।


भावुक हुए माता-पिता
कार्यक्रम के दौरान कई ऐसे माता-पिता भी दिखे जिनकी आंखों में खुशी के आंसू थे।
उनका कहना था कि
“अगर यह योजना न होती तो बेटियों की शादी करना हमारे लिए बहुत कठिन था।”
आज जब उनकी बेटियां दुल्हन बनकर विदा हुईं, तो उन्हें लगा जैसे वर्षों का बोझ उतर गया हो।


एक साथ 331 घरों में जली खुशियों की लौ
सिद्धार्थनगर में आयोजित यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम केवल एक सरकारी आयोजन नहीं रहा, बल्कि यह उन गरीब परिवारों के लिए सम्मान, सहारा और उम्मीद का उत्सव बन गया, जहां एक साथ 331 घरों में खुशियों की नई शुरुआत हुई।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री ने किया समीक्षा बैठक, जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

सिद्धार्थनगर 14 मार्च 2026/चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा मातृ एवं शिशु कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक मा0 राज्यमंत्री, संसदीय कार्य, चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उ0प्र0 श्री मयंकेश्वर शरण सिंह की अध्यक्षता एवं मा0 विधायक इटवा/नेता प्रतिपक्ष श्री माता प्रसाद पाण्डेय, मा0 विधायक बांसी श्री जय प्रताप सिंह, मा0 विधायक कपिलवस्तु श्री श्यामधनी राही, मा0 विधायक शोहरतगढ़ श्री विनय वर्मा, मा0 सदस्य विधान परिषद श्री ध्रुव कुमार त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या, जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जी.एन., मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई।

सर्वप्रथम जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जी.एन. द्वारा मा0 राज्यमंत्री, संसदीय कार्य, चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उ0प्र0 श्री मयंकेश्वर शरण सिंह को बुके देकर स्वागत किया गया। अन्य जनप्रतिनिधियों को भी बुके देकर स्वागत किया गया। चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान प्राचार्य डा0 राजेश मोहन ने जानकारी देते हुए बताया कि माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय मेडिकल कालेज की स्थापना वर्ष 2021 में हुई। इसमें 22 विभाग कार्यरत है। प्रतिदिन 2000 ओपीडी होता है। सभी दवायें उपलब्ध है। समय समय पर आवश्यकतानुसार दवायें क्रय की जाती है। मेडिकल कालेज में 100 छात्र का प्रवेश प्रतिवर्ष होता है। वर्तमान में 500 छात्र अध्ययनरत है। 509 बेड उपलब्ध है। मा0 राज्यमंत्री, संसदीय कार्य, चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उ0प्र0 श्री मयंकेश्वर शरण सिंह जी द्वारा फैकेल्टी के बारे में जानकारी प्राप्त किया गया। प्राचार्य मेडिकल कालेज ने बताया कि प्रोफेसर की कमी है। जिसके लिए विज्ञापन निकाला जा रहा है। मा0 मंत्री जी ने कहा कि मा0 जनप्रतिनिधिगण से कर फैकेल्टी की कमी को पूरा करे। इस मेडिकल कालेज का नाम भाजपा के प्रथम प्रदेश अध्यक्ष स्व माधव प्रसाद त्रिपाठी के नाम पर रखा गया है। और अच्छा कार्य करके इसे आगे बढ़ायें। अग्रले 03 वर्ष की कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। खाली पदों को भरने की प्रक्रिया पूर्ण करें। मा0 मंत्री जी ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि फैकेल्टी के लिए प्रयास करें। इसके साथ ही सभी कर्मचारियों को समय से वेतन दिये जाने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मा. मंत्री जी को जानकारी देते हुए बताया कि जनपद के सभी सीएचसी/पीएचसी पर दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है किसी भी प्रकार की कमी नही है। जनपद में 1650 निक्षय मित्र है। टीबी के 5181 मरीज जनपद में है। मा0 मंत्री जी ने मा0 जनप्रतिनिधिगण/अधिकारियों से कहा कि ज्यादा से ज्यादा टी0बी0 मरीजों को गोद ले। मा0 मंत्री जी द्वारा समस्त एमओआईसी से सीएचसी/पीएचसी के बारे में जानकारी प्राप्त किया गया। मा0 विधायक कपिलवस्तु ने मा0 मंत्री से मांग किया कि पोस्टमार्टम सुबह 10 बजे से किया जाये। मा0 मंत्री जी द्वारा स्वीकृति प्रदान किया गया।

मा0 राज्यमंत्री, संसदीय कार्य, चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उ0प्र0 श्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने बैठक में आने के लिए मा0 जनप्रतिनिधिगण का आभार प्रकट किया। मा0 मंत्री जी ने कहा कि सभी डाक्टर से अपेक्षा है कि कोई भी मरीज बिना इलाज कराये न जाये। मरीजों को अनावश्यक रेफर न करें। अपनी जिम्मेदारी का पालन करें। जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि समय-समय पर मेडिकल कालेज/अस्पताल का निरीक्षण करें।

इस अवसर पर उपरोक्त के अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 रजत कुमार चौरसिया, प्राचार्य मेडिकल कालेज डा0 राजेश मोहन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा0 ए0के0झा, समस्त एमओआईसी व अन्य सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित थे।

उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस भर्ती परीक्षा: डीएम व एसपी ने किया परीक्षा केंद्र का निरीक्षण, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण परीक्षा के दिए निर्देश

सिद्धार्थनगर, 14 मार्च 2026।जनपद में उपनिरीक्षक (उ0नि0) नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती परीक्षा-2025 को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। इसी क्रम में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने शनिवार को परीक्षा केंद्र श्री सिंहेश्वरी इंटर कॉलेज, नौगढ़ का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा कक्षों की स्थिति तथा परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने केंद्र पर तैनात मजिस्ट्रेट, पुलिसकर्मियों और अन्य ड्यूटी पर लगे कर्मचारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

परीक्षा को निष्पक्ष कराने पर जोर

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने केंद्र पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और कड़ाई के साथ संपन्न कराया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने परीक्षा केंद्र के अंदर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखें और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखें।

शांतिपूर्ण ढंग से हुई प्रथम पाली की परीक्षा

प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में उ0नि0 नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की भर्ती परीक्षा-2025 की प्रथम पाली की परीक्षा जिले में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराई गई। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

सिद्धार्थनगर में AI तकनीक से पढ़ाई की शुरुआत, सांसद जगदंबिका पाल ने किया आधुनिक स्कूल का उद्घाटन

सिद्धार्थनगर।
जनपद में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई और आधुनिक पहल की शुरुआत हुई है। शनिवार को एस.आर. इंटरनेशनल स्कूल की दूसरी शाखा का भव्य उद्घाटन एक गरिमामय समारोह में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा सांसद जगदंबिका पाल रहे, जिन्होंने विद्यालय परिसर में स्थापित स्वर्गीय सुखराम अग्रहरि की प्रतिमा का अनावरण कर फीता काटकर विद्यालय का विधिवत उद्घाटन किया।


इस अवसर पर एसएसबी कमांडेंट उज्ज्वल दत्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव, प्रधान संघ अध्यक्ष व समाजसेवी धीरज गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों, छात्रों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।


विद्यालय की सबसे खास बात यह बताई जा रही है कि यहां छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक तकनीक के माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी। विद्यालय में स्थापित SR Robotic & AI Lab को जनपद के लिए एक बड़ी शैक्षिक उपलब्धि माना जा रहा है।


मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिका पाल ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की मजबूत आधारशिला होती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आधुनिक शिक्षण संस्थान ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को नई तकनीक से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


उन्होंने विद्यालय प्रबंधक दुर्गा प्रसाद अग्रहरि की दूरदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि जनपद में AI और रोबोटिक लैब की स्थापना बच्चों के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसएसबी कमांडेंट उज्ज्वल दत्ता ने कहा कि शिक्षा के साथ अनुशासन और संस्कार का समन्वय ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है।
वहीं विद्यालय प्रबंधक दुर्गा प्रसाद अग्रहरि ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और संस्कारों से युक्त शिक्षा प्रदान करना है।

सिद्धार्थनगर में AI तकनीक से पढ़ाई की शुरुआत, सांसद जगदंबिका पाल ने किया आधुनिक स्कूल का उद्घाटन

सिद्धार्थनगर।
जनपद में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई और आधुनिक पहल की शुरुआत हुई है। शनिवार को एस.आर. इंटरनेशनल स्कूल की दूसरी शाखा का भव्य उद्घाटन एक गरिमामय समारोह में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकसभा सांसद जगदंबिका पाल रहे, जिन्होंने विद्यालय परिसर में स्थापित स्वर्गीय सुखराम अग्रहरि की प्रतिमा का अनावरण कर फीता काटकर विद्यालय का विधिवत उद्घाटन किया।


इस अवसर पर एसएसबी कमांडेंट उज्ज्वल दत्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव, प्रधान संघ अध्यक्ष व समाजसेवी धीरज गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों, छात्रों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।


विद्यालय की सबसे खास बात यह बताई जा रही है कि यहां छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक तकनीक के माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी। विद्यालय में स्थापित SR Robotic & AI Lab को जनपद के लिए एक बड़ी शैक्षिक उपलब्धि माना जा रहा है।


मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिका पाल ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की मजबूत आधारशिला होती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आधुनिक शिक्षण संस्थान ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को नई तकनीक से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


उन्होंने विद्यालय प्रबंधक दुर्गा प्रसाद अग्रहरि की दूरदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि जनपद में AI और रोबोटिक लैब की स्थापना बच्चों के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा का लाभ मिलेगा।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसएसबी कमांडेंट उज्ज्वल दत्ता ने कहा कि शिक्षा के साथ अनुशासन और संस्कार का समन्वय ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है।
वहीं विद्यालय प्रबंधक दुर्गा प्रसाद अग्रहरि ने सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और संस्कारों से युक्त शिक्षा प्रदान करना है।

कैशलैस ईलाज और मानदेय बढ़ाए जाने से अनुदेशक खुश, विधायकों का किया स्वागत, मुख्यमंत्री का जताया आभार

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17000 रुपए प्रति माह किए जाने तथा पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान किए जाने के निर्णय से जनपद सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी की लहर है। सरकार के इस फैसले पर अनुदेशकों ने जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

इसी क्रम में अनुदेशक संघ के पदाधिकारियों ने शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा और कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही को ज्ञापन सौंपकर धन्यवाद ज्ञापित किया। अनुदेशकों ने कहा कि सरकार का यह निर्णय लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम है।

सरकार के फैसले से अनुदेशकों में उत्साह

अनुदेशकों का कहना है कि लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग की जा रही थी। ऐसे में प्रदेश सरकार द्वारा मानदेय को बढ़ाकर ₹17,000 करना उनके लिए बड़ी राहत है। इसके साथ ही पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से अब अनुदेशकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा भी मिलेगी।

अनुदेशकों ने बताया कि इस निर्णय से प्रदेश के करीब 25 हजार अनुदेशकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम अनुदेशकों के मनोबल को बढ़ाने वाला है और इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

विधायकों को सौंपा ज्ञापन

सरकार के इस फैसले के बाद अनुदेशकों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर आभार व्यक्त किया। इस दौरान अनुदेशकों ने शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा तथा कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही का स्वागत किया और उनके माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद ज्ञापित किया।

अनुदेशकों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रयासों और सरकार की सकारात्मक सोच के कारण ही यह फैसला संभव हो सका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सरकार अनुदेशकों की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए इसी तरह सकारात्मक कदम उठाएगी।

इस अवसर पर परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन, सिद्धार्थनगर के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुदेशकों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए यह सराहनीय निर्णय लिया है। इससे हजारों अनुदेशकों और उनके परिवारों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला अनुदेशकों के लिए सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक है। इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और अनुदेशक और अधिक समर्पण के साथ बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में योगदान देंगे।

ये अनुदेशक रहे मौजूद

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अनिल पांडेय,अनुदेशक रामानंद उपाध्याय, लवकुश चौधरी, सत्य मृत्युंजयधर, सत्यपाल सिंह, कैलाश नाथ, देवेंद्र चौधरी, शरद, दिलीप कुमार सहित अन्य कई अनुदेशक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और इस निर्णय को ऐतिहासिक बताया।

पीरियड लीव पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी- कानून बना तो महिलाओं को नौकरी देना बंद कर सकते हैं नियोक्ता

नई दिल्ली। देश में महिलाओं के लिए पीरियड (मेनस्ट्रुअल) लीव को अनिवार्य करने की मांग पर सुनवाई करते हुए Supreme Court of India ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि यदि पीरियड लीव को कानून के जरिए अनिवार्य कर दिया गया तो इसका महिलाओं की नौकरी के अवसरों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। अदालत के इस बयान के बाद देशभर में एक नई बहस छिड़ गई है।

क्या कहा चीफ जस्टिस ने

सुनवाई के दौरान पीठ की अगुवाई कर रहे मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि यदि मासिक धर्म अवकाश को कानूनन अनिवार्य कर दिया गया तो कई नियोक्ता महिलाओं को नौकरी देने से बच सकते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसा कानून बनने पर यह धारणा बन सकती है कि महिलाओं को काम में अतिरिक्त सुविधा देनी पड़ेगी, जिससे कंपनियां महिलाओं को नियुक्त करने में हिचकिचा सकती हैं।

चीफ जस्टिस ने यह भी कहा कि यदि इसे कानून बनाया गया तो कई संस्थान महिलाओं को जिम्मेदारी वाले पद देने से भी बच सकते हैं और यह उनके करियर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

किस मामले में हुई सुनवाई

दरअसल सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई थी, जिसमें देशभर में कामकाजी महिलाओं और छात्राओं के लिए पीरियड लीव नीति लागू करने की मांग की गई थी।

अदालत ने इस याचिका पर सीधे कानून बनाने से इनकार करते हुए कहा कि इस विषय पर नीति बनाना सरकार का काम है, इसलिए केंद्र सरकार इस पर विचार कर सकती है।

कोर्ट ने क्यों जताई चिंता

सुप्रीम कोर्ट ने अपने अवलोकन में कुछ महत्वपूर्ण बिंदु रखे —

यदि पीरियड लीव अनिवार्य हुई तो नियोक्ता महिलाओं को नौकरी देने से बच सकते हैं।

इससे महिलाओं को कम जिम्मेदारी वाले काम दिए जाने का खतरा बढ़ सकता है।

यह भी आशंका है कि इससे महिलाओं को कम सक्षम समझने की मानसिकता मजबूत हो सकती है।

दूसरी ओर क्या है समर्थन का तर्क

पीरियड लीव के समर्थकों का कहना है कि मासिक धर्म के दौरान कई महिलाओं को गंभीर दर्द, थकान और स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं।

इसलिए उन्हें काम या पढ़ाई से एक-दो दिन की छुट्टी मिलना मानवाधिकार और स्वास्थ्य के लिहाज से जरूरी है। कुछ राज्य और निजी कंपनियां पहले से स्वैच्छिक रूप से ऐसी सुविधा दे रही हैं।

देश में पहले से कहां लागू है पीरियड लीव

भारत में कुछ संस्थानों और कंपनियों ने स्वेच्छा से यह सुविधा दी है।

उदाहरण के तौर पर कुछ विश्वविद्यालयों और निजी कंपनियों में मासिक धर्म अवकाश की व्यवस्था पहले से मौजूद है, लेकिन यह कानूनन अनिवार्य नहीं है।

क्या आगे बन सकता है कानून

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल इस मामले में कानून बनाने का आदेश नहीं दिया है, लेकिन केंद्र सरकार से कहा है कि वह इस विषय पर नीति बनाने की संभावना पर विचार कर सकती है।

यानी भविष्य में सरकार चाहे तो इस पर गाइडलाइन या नीति बना सकती है, लेकिन फिलहाल इसे अनिवार्य बनाने का कोई आदेश नहीं दिया गया है।

पीरियड लीव को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी ने देश में एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म दिया है। एक तरफ इसे महिलाओं के स्वास्थ्य और अधिकार से जुड़ा मुद्दा बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर अदालत का मानना है कि इसे कानून बनाना महिलाओं के रोजगार के अवसरों को प्रभावित कर सकता है।

अब नजर इस बात पर रहेगी कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर कोई नीति या दिशा-निर्देश जारी करती है या नहीं।

मानदेय बढ़ाए जाने और कैशलेश ईलाज देने पर अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार, विधायक जय प्रताप सिंह का किया स्वागत

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17000 रुपए प्रति माह किए जाने और पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा देने के फैसले से जनपद सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी का माहौल है। सरकार के इस निर्णय को अनुदेशकों ने राहत भरा कदम बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। इसी क्रम में अनुदेशक संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बांसी विधायक जय प्रताप सिंह का स्वागत कर धन्यवाद ज्ञापित किया।

अनुदेशकों ने जताई खुशी, सरकार के फैसले को बताया ऐतिहासिक

अनुदेशकों का कहना है कि लंबे समय से मानदेय बढ़ाए जाने की मांग की जा रही थी। ऐसे में सरकार द्वारा मानदेय को बढ़ाकर 17000 रुपए करना अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत है। इसके साथ ही पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से अब अनुदेशकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा भी मिल सकेगी।

अनुदेशकों ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के करीब 25 हजार अनुदेशकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अनुदेशकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और सरकार का यह कदम उनके मनोबल को बढ़ाने वाला है।

विधायक जय प्रताप सिंह का किया गया स्वागत

सरकार के इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए अनुदेशक संघ के पदाधिकारियों ने बांसी विधायक जय प्रताप सिंह का स्वागत किया और उनके माध्यम से प्रदेश सरकार तथा मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। अनुदेशकों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रयासों और सरकार की सकारात्मक सोच के कारण ही यह फैसला संभव हो पाया है।

आर्थिक और सामाजिक लाभ होगा

इस अवसर पर परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन, सिद्धार्थनगर के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुदेशकों की समस्याओं को समझते हुए यह सराहनीय निर्णय लिया है। इससे हजारों अनुदेशकों और उनके परिवारों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम अनुदेशकों के लिए सम्मान और प्रोत्साहन का प्रतीक है। इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और अनुदेशक पहले से अधिक उत्साह के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

ये अनुदेशक रहे मौजूद

इस दौरान अनुदेशक सीमा निषाद, रामानंद उपाध्याय, लवकुश चौधरी, सत्य मृत्युंजयधर, सत्यपाल सिंह, दिलीप, कैलाश नाथ, देवेंद्र चौधरी, शरद सहित कई अन्य अनुदेशक उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के इस निर्णय से अनुदेशकों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

सदर विधायक योगेश वर्मा ने किया मोतीपुर जिला अस्पताल मार्ग का औचक निरीक्षण

लखीमपुर खीरी। जनपद लखीमपुर खीरी में मोतीपुर जिला अस्पताल जाने वाले संपर्क मार्ग का सदर विधायक योगेश वर्मा ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सड़क निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सदर विधायक ने कहा कि सड़क निर्माण ऐसा होना चाहिए जिससे वर्षों तक क्षेत्र के ग्रामीणों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को विभागीय मानकों के अनुरूप ही सड़क निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिए।

स्थलीय निरीक्षण के दौरान सड़क की क्रस्ट, बिटुमिनस परत सहित अन्य गुणवत्ता मानकों की भी जांच की गई और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी भी उपस्थित रहे। विधायक ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सड़क निर्माण कार्य पूरी पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता के साथ कराया जाएगा, ताकि लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सके

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