फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
गर्मियों में सुचारु रूप से बिजली संचालन को लेकर सांसद की देखरेख में हुई बैठक

सिद्धार्थनगर 15 मार्च 2026/जनपद के विकास कार्यो की प्रगति एवं ग्रीष्म ऋतु में सुचारू विद्युत आपूर्ति हेतु मार्गदर्शक बैठक मा0 सांसद डुमरियागंज श्री जगदम्बिका पाल की अध्यक्षता एवं मा0 विधायक इटवा/नेता प्रतिपक्ष श्री माता प्रसाद पाण्डेय, मा0 विधायक बांसी श्री जय प्रताप सिंह, मा0 विधायक शोहरतगढ़ श्री विनय वर्मा, मा0 विधायक डुमरियागंज श्रीमती सैय्यदा खातून एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई।

बैठक में सर्वप्रथम मुख्य अभियन्ता विद्युत, बस्ती मण्डल बस्ती द्वारा मा0 सांसद डुमरियागंज श्री जगदम्बिका पाल एवं विधायकगण को बुके देकर स्वागत किया गया। मा0 सांसद डुमरियागंज श्री जगदम्बिका पाल ने कहा कि मा0 ऊर्जा मंत्री जी के निर्देशानुसार यह बैठक आहूत की गयी है जिसके लिए मै मा0 मंत्री को धन्यवाद देता हूॅ। मा0 सांसद डुमरियागंज श्री जगदम्बिका पाल द्वारा विजनेस प्लान के अन्तर्गत वर्ष 2024-25 के समस्त कार्यो को 30 अप्रैल 2026 तक तथा वर्ष 2025-26 के विजनेस प्लान के सभी कार्यो को 30 मई 2026 तक पूर्ण कराने का निर्देश दिया। इसके साथ ही जनपद के विधानसभा बांसी के अन्तर्गत खेसरहा, विधानसभा इटवा के अन्तर्गत लोटा खुनियांव, विधानसभा शोहरतगढ़ के अन्तर्गत कठेला तथा विधानसभा कपिलवस्तु के अन्तर्गत सोहांस खास में नये सबस्टेशन बनाये जाने हेतु प्रस्ताव प्रेषित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही भवानीगंज में सड़क पर लगे ट्रान्सफार्मर को अलग शिफ्ट करने का निर्देश दिया। मा0 सांसद डुमरियागंज श्री जगदम्बिका पाल जी ने निर्देश दिया कि मा0 सांसद/मा0 विधायकगण द्वारा जो भी प्रस्ताव दिये गये है उन्हें विजनेसप्लान में शामिल कर कार्य पूर्ण कराये। सांसद निधि एवं विधायक निधि से दी गयी धनराशि से 01 माह के अन्दर टेन्डर प्रक्रिया पूर्ण कराकर निर्धारित समय में कार्य पूर्ण कराये। इसके साथ आरडीएसएस योजना अन्तर्गत जनपद में जर्जर तार बदलने तथा ट्रान्सफार्मर क्षमता वृद्धि के जो भी कार्य अवशेष है उन्हें निर्धरित समय में पूर्ण कराये। लकड़ी के पोल पर विद्युत सप्लाई नही होना चाहिए। वित्तीय वर्ष 2026-27 के अन्तर्गत 1175 कार्य का प्रस्ताव हुआ है। स्मार्ट मीटर की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद 1.60 लाख स्मार्ट मीटर लग गये है। मा0 सांसद डुमरियागंज श्री जगदम्बिका पाल ने निर्देश दिया कि जहां पर स्मार्ट मीटर लगना है वहां पर 30 प्रतिशत तार बलदा जाना है। उक्त कार्यो को पूर्ण कराये। मुख्य अभियन्ता, अधीक्षण अभियन्ता तथा अधिशासी अभियन्ता को निर्देश दिया कि रेन्डम 10-10 की जांच करे। विद्युत आपूर्ति का शेड्यूल जारी करने का भी निर्देश दिया।

इस अवसर पर उपरोक्त के अतिरिक्त मा0 सांसद डुमरियागंज प्रतिनिधि श्री एस0पी0अग्रवाल, मा0 विधायक कपिलवस्तु प्रतिनिधि नितेश पाण्डेय, अधीक्षण अभियन्ता विद्युत अजय कुमार, अधिशासी अभियन्ता विद्युत सिद्धार्थनगर ज्ञानप्रकाश, अधिशासी अभियन्ता विद्युत बांसी, डुमरियागंज, समस्त एसडीओ, जेई व अन्य सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

मानदेय बढ़ाए जाने और कैशलेश ईलाज देने पर अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार, विधायक जय प्रताप सिंह का किया स्वागत

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17000 रुपए प्रति माह किए जाने और पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा देने के फैसले से जनपद सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी का माहौल है। सरकार के इस निर्णय को अनुदेशकों ने राहत भरा कदम बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। इसी क्रम में अनुदेशक संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बांसी विधायक जय प्रताप सिंह का स्वागत कर धन्यवाद ज्ञापित किया।

अनुदेशकों ने जताई खुशी, सरकार के फैसले को बताया ऐतिहासिक

अनुदेशकों का कहना है कि लंबे समय से मानदेय बढ़ाए जाने की मांग की जा रही थी। ऐसे में सरकार द्वारा मानदेय को बढ़ाकर 17000 रुपए करना अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत है। इसके साथ ही पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से अब अनुदेशकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा भी मिल सकेगी।

अनुदेशकों ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के करीब 25 हजार अनुदेशकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अनुदेशकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और सरकार का यह कदम उनके मनोबल को बढ़ाने वाला है।

विधायक जय प्रताप सिंह का किया गया स्वागत

सरकार के इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए अनुदेशक संघ के पदाधिकारियों ने बांसी विधायक जय प्रताप सिंह का स्वागत किया और उनके माध्यम से प्रदेश सरकार तथा मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। अनुदेशकों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रयासों और सरकार की सकारात्मक सोच के कारण ही यह फैसला संभव हो पाया है।

आर्थिक और सामाजिक लाभ होगा

इस अवसर पर परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन, सिद्धार्थनगर के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुदेशकों की समस्याओं को समझते हुए यह सराहनीय निर्णय लिया है। इससे हजारों अनुदेशकों और उनके परिवारों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम अनुदेशकों के लिए सम्मान और प्रोत्साहन का प्रतीक है। इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और अनुदेशक पहले से अधिक उत्साह के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

ये अनुदेशक रहे मौजूद

इस दौरान अनुदेशक सीमा निषाद, रामानंद उपाध्याय, लवकुश चौधरी, सत्य मृत्युंजयधर, सत्यपाल सिंह, दिलीप, कैलाश नाथ, देवेंद्र चौधरी, शरद सहित कई अन्य अनुदेशक उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के इस निर्णय से अनुदेशकों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।