फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
बंगाल के हाईप्रोफाइल मर्डर केस में यूपी-बिहार कनेक्शन, तीन गिरफ्तार

शुभेंदु अधिकारी के PA हत्याकांड में खुलासों से मचा सियासी और प्रशासनिक हलचल


लखनऊ/कोलकाता/अयोध्या। पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़े चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में अब उत्तर प्रदेश और बिहार का कनेक्शन सामने आने के बाद मामला और भी हाईप्रोफाइल हो गया है। Suvendu Adhikari (शुभेंदु अधिकारी) के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में कोलकाता पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में यूपी के बलिया निवासी राज सिंह और बिहार के बक्सर निवासी मयंक राज मिश्रा व विक्की मौर्या शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, यह पूरी साजिश बेहद प्रोफेशनल तरीके से रची गई थी और वारदात को अंजाम देने से पहले मृतक की गतिविधियों की रेकी भी की गई थी।

यूपीआई पेमेंट से खुला हत्याकांड का राज

जांच एजेंसियों को बड़ा सुराग उस वक्त मिला जब हत्या के बाद फरार आरोपियों द्वारा एक टोल प्लाजा पर यूपीआई से भुगतान किए जाने की जानकारी सामने आई। डिजिटल ट्रेल के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंची और घेराबंदी कर उन्हें हिरासत में लिया गया।

सूत्रों के अनुसार, बलिया निवासी राज सिंह पर शूटरों को लॉजिस्टिक सपोर्ट और संसाधन उपलब्ध कराने का आरोप है। पुलिस अब यह भी खंगाल रही है कि आरोपियों के संपर्क किन-किन प्रभावशाली लोगों और नेटवर्क से थे।

डेढ़ महीने पहले रची गई थी साजिश

कोलकाता पुलिस को शक है कि हत्या की प्लानिंग करीब एक से डेढ़ महीने पहले शुरू हो चुकी थी। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि पूरे ऑपरेशन में कई लोग शामिल थे और उनमें से एक पेशेवर शूटर भी हो सकता है।

राजनीतिक संपर्कों की भी जांच

जांच एजेंसियां आरोपी राज सिंह के कथित राजनीतिक और बाहुबली संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं। सोशल मीडिया पर कई प्रभावशाली लोगों के साथ उसकी तस्वीरें भी वायरल बताई जा रही हैं। हालांकि परिवार ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

सोमवार को तीनों आरोपियों को पश्चिम बंगाल के बारासात कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 13 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। फिलहाल SIT पूरे नेटवर्क, फंडिंग और हत्या की साजिश के पीछे मौजूद मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी हुई है।

Disclaimer: यह समाचार विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स, पुलिस सूत्रों एवं उपलब्ध सार्वजनिक जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की जांच जारी है और दोष सिद्ध होने तक सभी आरोपी कानूनन संदिग्ध माने जाएंगे।

 

Views: 65

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।