लखनऊ अग्निकांड: अवैध व्यावसायिक भवन में भीषण आग, कई लोगों की मौत; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक बहुमंजिला व्यावसायिक भवन में लगी भीषण आग ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। हादसे में कई लोगों की मौत होने की सूचना है, जबकि अनेक लोग घायल हुए हैं। प्रशासनिक स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य देर रात तक जारी रहा। घटना के बाद भवन की सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन मानकों और अवैध निर्माण को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।
अलीगंज क्षेत्र की बहुमंजिला व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा कारण
कई लोगों की मौत और अनेक घायल होने की सूचना
घायलों का उपचार ट्रॉमा सेंटर में जारी
प्रशासन ने जांच के आदेश दिए
भवन की वैधता और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था जांच के दायरे में
सारांश
राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक बहुमंजिला भवन में लगी भीषण आग ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। आग इतनी तेजी से फैली कि भवन में मौजूद कई लोग बाहर नहीं निकल सके। दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने घंटों तक राहत एवं बचाव अभियान चलाकर लोगों को बाहर निकाला। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सोमवार को एक दर्दनाक अग्निकांड की गवाह बनी। अलीगंज क्षेत्र स्थित एक व्यावसायिक भवन में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे भवन के ऊपरी हिस्सों में मौजूद लोग फंस गए। बचाव कार्य के दौरान कई लोगों को बाहर निकाला गया, जबकि कुछ लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।
विस्तृत खबर
जानकारी के अनुसार अलीगंज क्षेत्र में स्थित बहुमंजिला भवन के निचले हिस्से में आग लगने के बाद धुआं तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गया। भवन में प्रशिक्षण केंद्र, कार्यालय और अन्य गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आई है। अचानक धुआं भर जाने से लोगों को बाहर निकलने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलते ही पुलिस, अग्निशमन विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। आग पर काबू पाने के लिए कई दमकल वाहनों को लगाया गया। ऊंचाई पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और बचाव उपकरणों का उपयोग किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से बाहर निकलने का प्रयास किया। कई लोगों को गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
हादसे के बाद प्रशासन ने भवन की निर्माण स्वीकृति, अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र, निकासी मार्ग और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
प्रशासन और विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी व्यावसायिक भवन में पर्याप्त निकासी मार्ग, फायर अलार्म, अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य होती है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि भवन की सुरक्षा व्यवस्था और निकासी व्यवस्था की भी जांच की जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि हादसे के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शोक की लहर
हादसे में जान गंवाने वाले अधिकांश लोग छात्र, प्रशिक्षु अथवा कर्मचारी बताए जा रहे हैं। विभिन्न जिलों और राज्यों से आए परिवारों पर इस घटना ने दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। अस्पतालों के बाहर परिजनों की भीड़ और व्याकुलता देर रात तक देखने को मिली।
रिपोर्टर सुरक्षा नोट
यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों, प्रत्यक्षदर्शियों के दावों तथा प्रशासन द्वारा साझा की गई प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। आग लगने के कारण, मृतकों एवं घायलों की अंतिम संख्या तथा जिम्मेदारी संबंधी तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक बयान के आधार पर ही मानी जाएगी।
FT News Digital | Friend Times News Desk
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