पोखरे और नुकीले बांसों के बीच फंसे बेजुबान के लिए देवदूत बनी पुलिस और ग्रामीण
जान जोखिम में डालकर बैल को सुरक्षित निकाला, मौके पर बुलाया गया पशु चिकित्सक
सिद्धार्थनगर। विशेष संवाददाता।थाना शिवनगर डिडई क्षेत्र के ग्राम तिलौला में पुलिस और ग्रामीणों की मानवीय पहल सामने आई है। यहां एक गहरे पोखरे में नुकीले बांसों और दलदल के बीच फंसे बैल को पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों ने संयुक्त प्रयास से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के बाद मौके पर पशु चिकित्सक को बुलाकर बैल का उपचार कराया गया।
रातभर पोखरे में फंसा रहा बैल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम तिलौला स्थित एक पुराने पोखरे में रात के समय एक बैल गिर गया। पोखरे में दलदल और कटे हुए नुकीले बांस होने के कारण बैल उसमें बुरी तरह फंस गया। बताया गया कि पशु ने रातभर बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका।
सुबह ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने तत्काल थाना शिवनगर डिडई पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
सूचना मिलते ही थाना शिवनगर डिडई में तैनात मुख्य आरक्षी अजीत कुमार यादव, कांस्टेबल मोहम्मद नाजिस आजमी और कांस्टेबल बृजेश यादव मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों को भी रेस्क्यू अभियान में शामिल किया।
इसी दौरान ग्राम तिलौला निवासी दर्पण गौंड़ ने साहस का परिचय देते हुए दलदल और पोखरे में उतरकर बैल को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके साथ कुणाल मिश्रा, दिलीप मिश्रा, संदीप मिश्रा, मायाराम मिश्रा, उमेश चंद्र मिश्रा, आनंद मिश्रा और पिंकू शर्मा सहित अन्य ग्रामीणों ने भी सहयोग किया।
पुलिस और ग्रामीणों के घंटों चले प्रयास के बाद बैल को बांस और कीचड़ के बीच से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
मौके पर बुलाया गया पशु चिकित्सक
रातभर पानी और ठंड में फंसे रहने के कारण बैल की हालत खराब बताई गई। इसके बाद कांस्टेबल मोहम्मद नाजिस आजमी की ओर से स्थानीय पशु चिकित्सक से संपर्क किया गया। चिकित्सक ने मौके पर पहुंचकर पशु की जांच की और आवश्यक उपचार एवं दवा दी।
इसके बाद ग्रामीणों से बातचीत कर बैल के स्वस्थ होने तक उसके खान-पान और देखभाल की जिम्मेदारी सौंपे जाने की बात सामने आई।
रेस्क्यू में इन लोगों ने निभाई भूमिका
पुलिस टीम:मुख्य आरक्षी अजीत कुमार यादवकांस्टेबल मोहम्मद नाजिस आजमीकांस्टेबल बृजेश यादव
ग्रामीण सहयोगी:दर्पण गौंड़, कुणाल मिश्रा, दिलीप मिश्रा, संदीप मिश्रा, मायाराम मिश्रा, उमेश चंद्र मिश्रा, आनंद मिश्रा और पिंकू शर्मा सहित अन्य ग्रामीण।
इंसानियत की मिसाल बना रेस्क्यू
बेजुबान पशु को बचाने के लिए पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों के एक साथ आने की यह पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। घटना ने यह संदेश दिया कि संकट की घड़ी में सामूहिक प्रयास और संवेदनशीलता से किसी बेजुबान की भी मदद की जा सकती है।
नोट: खबर में किसी व्यक्ति पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। घटनाक्रम उपलब्ध जानकारी और बताए गए रेस्क्यू प्रयासों के आधार पर प्रस्तुत किया गया है।
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