इन्द्री ग्रांट पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत, जांच के आदेश के बाद भी रिपोर्ट का इंतजार

14 बिंदुओं पर शिकायत के बाद डीएम ने जांच के दिए निर्देश, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय के अनुस्मारक के बावजूद जांच आख्या लंबित

सिद्धार्थनगर/इटवा।
विकास खंड इटवा की ग्राम पंचायत इन्द्री ग्रांट में वर्ष 2021 से 2026 के बीच हुए विकास कार्यों और सरकारी धन के खर्च को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। ग्राम पंचायत निवासी भोला मौर्य पुत्र घनश्याम मौर्य ने करीब करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए 14 बिंदुओं पर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि शिकायत के साथ साक्ष्य और नोटरी शपथ-पत्र भी उपलब्ध कराया गया है।

मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार शिकायत पर प्रशासनिक स्तर से जांच की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन जांच रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
डीएम ने जांच के लिए अधिकारी किया नामित
उपलब्ध सरकारी दस्तावेज के अनुसार जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के कार्यालय से 22 जुलाई 2026 को जारी कार्यालय ज्ञाप संख्या 1272/7-पं0/शिका0/2026-27 के माध्यम से शिकायत में उल्लिखित तथ्यों की जांच के लिए जिला कृषि अधिकारी, सिद्धार्थनगर को जांच अधिकारी नामित किया गया।
पत्र में तकनीकी सहयोग के लिए अवर अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, इटवा को भी नामित करते हुए मामले की जांच कर स्पष्ट जांच आख्या शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
यानी शिकायत पर प्रशासन ने जांच के निर्देश तो जारी कर दिए, लेकिन अब मामला जांच रिपोर्ट के इंतजार में है।
अनुस्मारक के बाद भी नहीं आई जांच आख्या
मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से जारी पत्र भी सामने आया है। 7 अगस्त 2026 के पत्र में पूर्व में जिलाधिकारी कार्यालय से जारी निर्देश का हवाला देते हुए कहा गया है कि ग्राम पंचायत इन्द्री ग्रांट की जांच कर स्पष्ट आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जांच आख्या अभी तक प्राप्त नहीं हुई है।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि इस संबंध में 6 अगस्त 2026 को अनुस्मारक जारी कर जिला कृषि अधिकारी से जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था।
ऐसे में अब सवाल यह है कि जांच के लिए आदेश जारी होने और अनुस्मारक भेजे जाने के बावजूद जांच रिपोर्ट आखिर किस स्तर पर लंबित है?
शिकायतकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता भोला मौर्य का आरोप है कि ग्राम पंचायत में वर्ष 2021 से 2026 के बीच सरकारी धन से कराए गए विभिन्न कार्यों में वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने संबंधित ग्राम प्रधान, सचिव और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग की है।
हालांकि, इन आरोपों की सत्यता अभी जांच रिपोर्ट से साबित होना बाकी है। उपलब्ध दस्तावेजों में प्रशासन ने भी फिलहाल किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया है, बल्कि शिकायत में लगाए गए तथ्यों की जांच के निर्देश दिए हैं।
शिकायतकर्ता ने सुरक्षा को लेकर भी जताई चिंता
भोला मौर्य का कहना है कि वह वर्तमान में मुंबई में रहते हैं और उन्हें जांच के लिए गांव आने की बात कही जा रही है। शिकायतकर्ता ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जताते हुए कहा है कि स्थानीय स्तर पर उन्हें खतरा महसूस होता है।
उनका आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति को आधार बनाकर जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ने से रोका जा रहा है। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि FT News Digital द्वारा नहीं की गई है।
शिकायतकर्ता की मांग है कि उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध सरकारी अभिलेखों, भुगतान विवरण और विकास कार्यों की मौके पर जांच कर निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार की जाए।
दोष साबित हुआ तो कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि यदि जांच में सरकारी धन के दुरुपयोग या वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होती है तो नियमानुसार सरकारी धन की रिकवरी और दोषियों के खिलाफ एफआईआर समेत वैधानिक कार्रवाई की जाए।
फिलहाल पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी जांच रिपोर्ट है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है।
अब प्रशासन से बड़ा सवाल
जब जिलाधिकारी कार्यालय से जांच के निर्देश जारी हो चुके हैं और जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय को जांच आख्या के लिए अनुस्मारक भी जारी करना पड़ा है, तो इन्द्री ग्रांट पंचायत की जांच रिपोर्ट कब तक सामने आएगी?
जनता की निगाह अब जांच की निष्पक्षता और उसके नतीजे पर है। आरोप सही हैं तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और यदि आरोप निराधार हैं तो जांच रिपोर्ट से स्थिति भी साफ होनी चाहिए।
स्थान: ग्राम पंचायत इन्द्री ग्रांट, विकास खंड इटवा, सिद्धार्थनगर
👤 शिकायतकर्ता: भोला मौर्य पुत्र घनश्याम मौर्य
📋 शिकायत: 14 बिंदुओं पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप
📅 शिकायत: 13 जून 2026
🏛️ डीएम आदेश: 22 जुलाई 2026
🔎 जांच अधिकारी: जिला कृषि अधिकारी, सिद्धार्थनगर
🛠️ तकनीकी सहयोग: अवर अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, इटवा
📨 अनुस्मारक: 6 अगस्त 2026
📄 स्थिति: उपलब्ध पत्रों के अनुसार जांच आख्या अभी प्राप्त नहीं
सारांश
इटवा की ग्राम पंचायत इन्द्री ग्रांट में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर 14 बिंदुओं पर शिकायत की गई। शिकायत के बाद जिलाधिकारी कार्यालय ने जिला कृषि अधिकारी को जांच अधिकारी नामित करते हुए तकनीकी सहयोग के लिए अवर अभियंता को निर्देशित किया। बाद में जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय ने जांच आख्या उपलब्ध कराने के लिए अनुस्मारक जारी किया। इसके बावजूद उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार जांच रिपोर्ट अभी लंबित है। अब जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं।
कानूनी रूप से सुरक्षित संपादकीय टिप्पणी
“यह रिपोर्ट उपलब्ध शिकायत एवं सरकारी पत्राचार पर आधारित है। शिकायत में लगाए गए आरोपों को सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया गया है। आरोपों की पुष्टि या खंडन जांच रिपोर्ट के बाद ही संभव होगा। संबंधित पक्ष का जवाब प्राप्त होने पर उसे भी खबर में उचित स्थान दिया जाएगा।”
रिपोर्ट: FT News Digital | सिद्धार्थनगर
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