फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
“तुम मेरी नहीं तो किसी की नहीं…” — वाराणसी में इकलौती बेटी की दर्दनाक

 

18 अगस्त को कॉलेज के लिए निकली श्रेया… दो दिन बाद बंद कमरे के बाथरूम में मिली लाश; कथित प्रेमी पर परिजनों का आरोप, पुलिस की चार टीमें त

एक नजर में पूरा मामला

मृतका: श्रेया उपाध्याय

उम्र: करीब 21–22 वर्ष

पढ़ाई: M.Sc. प्रथम वर्ष

इलाका: मरुई-जमुनी, राजातालाब, वाराणसी

घटना स्थल: बच्छांव-पश्चिमपुरा, रोहनिया

लापता: 18 अगस्त 2026

शव बरामद: 20 अगस्त 2026

पुलिस जांच: हत्या का मुकदमा और फोरेंसिक जांच

मुख्य संदिग्ध: विवेक चौबे

पुलिस कार्रवाई: तलाश के लिए चार टीमें गठित


दो दिन की तलाश का खौफनाक अंत

जिस बेटी को परिवार 18 अगस्त से तलाश रहा था, उसकी तलाश 20 अगस्त को ऐसे कमरे में जाकर खत्म हुई, जिसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की थी। पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार श्रेया का शव बच्छांव-पश्चिमपुरा स्थित किराये के कमरे के बाथरूम से मिला।

परिजनों के मुताबिक उन्हें एक युवक विवेक चौबे पर संदेह हुआ। उसके ननिहाल से मिले बैग में कमरे की चाबी मिलने की बात सामने आई। चाबी से कमरा खोला गया तो अंदर श्रेया का शव मिला।


वाराणसी। जिस घर में 22 साल की बेटी के लौटने का इंतजार हो रहा था, वहां अब मातम है। श्रेया उपाध्याय 18 अगस्त को रोज की तरह कॉलेज के लिए निकली थीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। परिवार ने तलाश शुरू की, पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई गई और मोबाइल लोकेशन के आधार पर खोजबीन आगे बढ़ी।

लेकिन 20 अगस्त को बच्छांव-पश्चिमपुरा के एक किराये के कमरे का दरवाजा खुला तो सामने आया ऐसा सच, जिसने पूरे परिवार को तोड़ दिया। कमरे के बाथरूम से श्रेया का शव बरामद हुआ।

📰 पूरी खबर

वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र में सामने आया यह मामला सिर्फ एक हत्या की जांच नहीं, बल्कि एक परिवार के उस दर्द की कहानी है जिसने अपनी इकलौती बेटी को खो दिया।

श्रेया उपाध्याय M.Sc. प्रथम वर्ष की छात्रा थीं। रिपोर्टों के मुताबिक 18 अगस्त को वह कॉलेज जाने के लिए घर से निकलीं, लेकिन शाम तक घर नहीं लौटीं। परिवार ने कॉलेज में जानकारी की तो उनके वहां नहीं पहुंचने की बात सामने आई। इसके बाद राजातालाब थाने में गुमशुदगी की सूचना दी गई।

मोबाइल लोकेशन ने जांच को बच्छांव तक पहुंचाया

जांच के दौरान श्रेया के मोबाइल की लोकेशन बच्छांव क्षेत्र के आसपास मिलने की जानकारी सामने आई। इसी बीच विवेक चौबे का नाम जांच के दायरे में आया। रिपोर्टों के मुताबिक विवेक ने बच्छांव-पश्चिमपुरा में कमरा किराये पर लिया था।

परिजन उसकी तलाश में उसके ननिहाल तक पहुंचे। वहां बाइक और बैग मिलने तथा बैग से कमरे की चाबी मिलने की बात सामने आई। इसके बाद परिजन बच्छांव स्थित कमरे तक पहुंचे।

दरवाजा खुला तो बाथरूम में श्रेया का शव मिला। पुलिस को सूचना दी गई और मौके पर फोरेंसिक टीम समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने पहुंचकर जांच की।

गला और सिर पर चोट के निशान

मीडिया रिपोर्टों में पुलिस की प्रारंभिक जांच के हवाले से श्रेया के गले पर धारदार हथियार से चोट और सिर पर भारी वस्तु से चोट के निशान मिलने की जानकारी दी गई है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट मामले की जांच में अहम भूमिका निभाएगी।

विवेक पर आरोप, तलाश में चार टीमें

परिजनों ने विवेक चौबे पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की है। उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है और उसकी तलाश के लिए चार पुलिस टीमें लगाई गई हैं।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी व्यक्ति पर लगाया गया आरोप अदालत में दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं होता। अंतिम सत्य पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही सामने आएगा।

शादी का एंगल… लेकिन सच अभी जांच में

मामले में श्रेया की शादी से जुड़ा पहलू भी सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार परिवार ने श्रेया की शादी दूसरी जगह तय की थी और नवंबर में सगाई तथा अगले वर्ष शादी की तैयारी थी।

परिजनों का आरोप है कि विवेक इस रिश्ते से नाराज था। यही बात जांच के संभावित कारणों में शामिल बताई जा रही है। हालांकि शादी तय होना हत्या का कारण था, यह अभी जांच से अंतिम रूप से साबित नहीं हुआ है।

जमीन का मामला भी जांच के घेरे में

परिजनों की ओर से संपत्ति को लेकर भी आरोप सामने आए हैं। परिवार का दावा है कि उनकी जमीन को लेकर विवाद था और इसी वजह से शादी के लिए दबाव बनाया जा रहा था।

लेकिन यह भी फिलहाल परिजनों का आरोप और जांच का एक संभावित एंगल है। इसे हत्या की प्रमाणित वजह बताना अभी उचित नहीं होगा।

सबसे बड़ा सवाल—श्रेया उस कमरे तक कैसे पहुंचीं?

अब पुलिस जांच के सामने कई अहम सवाल हैं—

18 अगस्त को श्रेया घर से निकलने के बाद बच्छांव कैसे पहुंचीं?

कमरे तक उन्हें कौन लेकर गया?

घटना के समय कमरे में कौन मौजूद था?

हत्या में इस्तेमाल हथियार कहां है?

विवेक घटना के बाद कहां गया?

मोबाइल और दूसरे तकनीकी साक्ष्य क्या बताते हैं?

शादी और संपत्ति से जुड़े आरोपों की वास्तविकता क्या है?

घटना की पूरी कड़ी फोरेंसिक साक्ष्यों से कैसे जुड़ती है?

इन सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

पुलिस की कार्रवाई

मामले में पुलिस ने गुमशुदगी की जांच को हत्या के मामले की दिशा में आगे बढ़ाया है। घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। संदिग्ध युवक की तलाश के लिए चार टीमें लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।

सारांश

वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र में 21–22 वर्षीय M.Sc. छात्रा श्रेया उपाध्याय की हत्या का मामला सामने आया है। वह 18 अगस्त को कॉलेज के लिए निकली थीं और वापस नहीं लौटीं। 20 अगस्त को बच्छांव-पश्चिमपुरा के एक किराये के कमरे के बाथरूम से उनका शव बरामद हुआ। परिजनों ने विवेक चौबे पर आरोप लगाया है। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश के लिए चार टीमें लगाई हैं। शादी और संपत्ति से जुड़े आरोप भी जांच के दायरे में हैं। मामले का अंतिम सच पुलिस जांच, फोरेंसिक साक्ष्य और न्यायिक प्रक्रिया से सामने आएगा।

संपादकीय टिप्पणी

एक परिवार की इकलौती बेटी का इस तरह चले जाना सिर्फ एक अपराध की खबर नहीं, बल्कि उस परिवार की जिंदगी में आया ऐसा खालीपन है जिसे कोई शब्द भर नहीं सकते।

लेकिन पत्रकारिता का धर्म भावनाओं के साथ-साथ तथ्यों की मर्यादा बनाए रखना भी है। इसलिए इस मामले में किसी भी व्यक्ति को अदालत के फैसले से पहले दोषी घोषित करना उचित नहीं होगा। परिजनों के आरोप अपनी जगह हैं, पुलिस की जांच अपनी जगह और अदालत में साबित होने वाले तथ्य अपनी जगह।

श्रेया को न्याय तभी मिलेगा जब भावनाओं से नहीं, बल्कि हर साक्ष्य को जोड़कर सच सामने लाया जाए।

 

Views: 48

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।