गरीब बच्चों के लिए निःशुल्क लाइब्रेरी और जरूरतमंदों के लिए विधिक परामर्श केंद्र समय की जरूरत : कर्नल कमलेश चन्द्रा
रायबरेली। रैदास आश्रम सामुदायिक केन्द्र/सन्त शिरोमणि गुरु रविदास मन्दिर, रफी नगर रायबरेली में आश्रम के विकास, सुचारू संचालन तथा आगामी माघ पूर्णिमा 2027 को सतगुरु रविदास जी की 650वीं जयंती भव्य रूप से मनाए जाने को लेकर आश्रम व्यवस्थापकों की कोर टीम, अम्बेडकरवादी, बहुजनवादी, संविधान पसंद, समतावादी धम्म बंधुओं एवं रविदास अनुयायियों की आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आश्रम के संचालक एवं संरक्षक श्रद्धेय कर्नल कमलेश चन्द्रा जी ने की, जबकि संचालन आश्रम के संयोजक राजेश कुरील ने किया।
बैठक में आश्रम के मुख्य व्यवस्थापक इंजी. एस.के. आर्या ने विगत दो वर्षों में आश्रम में किए गए विकास कार्यों तथा आय-व्यय से संबंधित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। वहीं आश्रम के सह-संयोजक विमल किशोर सबरा ने आगामी माघ पूर्णिमा पर सतगुरु रविदास जी की 650वीं जयंती को भव्य रूप से मनाने तथा उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से पूरे जनपद में गांव-गांव कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने श्रावण पूर्णिमा से रविदास जी की झांकियां एवं यात्राएं निकाले जाने का भी सुझाव दिया।
बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष एवं आश्रम के संचालक/संरक्षक कर्नल कमलेश चन्द्रा ने कहा कि बाबू बैजनाथ कुरील रायबरेली के प्रथम सांसद थे और उन्होंने अपने जीवन को गरीब, वंचित एवं शोषित वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित किया। उन्होंने गरीबों, वंचितों एवं भूमिहीनों के हित में कार्य करने के साथ ही समाज के छात्रों की शिक्षा और बेरोजगारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए।
कर्नल कमलेश चन्द्रा ने कहा कि बाबू बैजनाथ कुरील के अथक प्रयासों से सामाजिक, धार्मिक, शैक्षिक एवं वैवाहिक कार्यक्रमों के संचालन के लिए जिला प्रशासन से वर्ष 1958 में भूमि आवंटित कराकर रैदास आश्रम सामुदायिक केन्द्र की स्थापना कराई गई थी। उनके कार्यों और सपनों को आगे बढ़ाना आज समाज की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, “समाज के गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क लाइब्रेरी तथा गरीब, असहाय एवं पीड़ित पुरुषों-महिलाओं के लिए निःशुल्क विधिक परामर्श केन्द्र संचालित किया जाना आज की आवश्यकता है।” उन्होंने कहा कि आश्रम को सामाजिक, शैक्षिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र बनाने की दिशा में सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए।
उन्होंने आगामी माघ पूर्णिमा 2027 में सतगुरु रविदास जी की 650वीं जयंती को भव्य रूप से मनाने तथा उनके विचारों और निर्गुण भक्ति की शिक्षाओं को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
बैठक में वीरेन्द्र कुरील, नरेन्द्र कुरील, चन्द्र शेखर बौद्ध, रामेश्वर सिंह मौर्य, हरिप्रसाद शास्त्री, सुनीता अम्बेडकर, एडवोकेट रामेश्वर भारती, एडवोकेट श्रेयांश चंद्रा, सत्येश गौतम, एन.के. स्वामी, राम कुमार, विजय भीम, मास्टर श्रीराम वर्मा सहित दर्जनों रविदास अनुयायी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी उपस्थित सदस्यों ने आश्रम द्वारा समाजहित में संचालित किए जाने वाले शैक्षिक, सामाजिक एवं विधिक सहायता संबंधी कार्यों को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
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