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जमीनी विवाद में मौत: नामजद और अज्ञात समेत कई पर मुकदमा, जांच तेज

सिद्धार्थनगर | FT News Digital

सिद्धार्थनगर के लोटन थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद में युवक की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। इस प्रकरण में पहले से दर्ज मुकदमे में कई नामजद और कुछ अज्ञात आरोपियों को शामिल किया गया है, जबकि जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर अन्य नामों को भी जोड़ा गया है।

सूत्रों के मुताबिक, मृतक पक्ष द्वारा दी गई तहरीर और उपलब्ध साक्ष्यों (जिनमें कथित वीडियो/ऑडियो का भी उल्लेख है) के आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमे का विस्तार किया है। हालांकि, आरोपियों के नाम पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं, लेकिन जांच पूरी होने से पहले उनकी भूमिका की पुष्टि होना बाकी है।

इससे पहले, घटना के विरोध में परिजन और ग्रामीण करीब 5 घंटे तक धरने पर बैठे रहे, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए मुकदमा दर्ज किया। इसी दौरान प्रशासनिक फेरबदल करते हुए तत्कालीन कोतवाल को हटाकर नए प्रभारी की तैनाती भी की गई।

पुलिस ने हालात को नियंत्रित करते हुए मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


महत्वपूर्ण: इस मामले में सामने आए नाम और दावे जांच का हिस्सा हैं। चैनल किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है।

जमीनी विवाद में युवक की मौत, 5 घंटे जाम के बाद प्रशासन का सख्त एक्शन

📍 सिद्धार्थनगर | लोटन से विशेष रिपोर्ट

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जनपद सिद्धार्थनगर के लोटन थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद ने गंभीर रूप लेते हुए एक युवक की जान ले ली। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा, जिसके चलते लोटन चौराहे पर करीब 5 घंटे तक यातायात बाधित रहा।

हालांकि, पुलिस प्रशासन की तत्परता और संयमित कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और बातचीत के बाद जाम समाप्त कराया गया।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, 24 अप्रैल को गदमरहवा गांव निवासी राममिलन और कोल्हुआ निवासी संदीप यादव के परिवारों के बीच जमीन को लेकर विवाद हुआ था।

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यह विवाद बाद में मारपीट में बदल गया, जिसमें संदीप यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले स्थानीय स्तर पर उपचार दिया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर लखनऊ रेफर किया गया, जहां 28 अप्रैल की शाम इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

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पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

सड़क पर उतरा जन आक्रोश, 5 घंटे जाम

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मृत्यु की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। बुधवार सुबह लोटन चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू किया गया, जिससे मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया।

करीब 5 घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और लोगों से संवाद स्थापित किया।

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पुलिस की सक्रियता से संभले हालात

अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से बातचीत की और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया।

अधिकारियों के समझाने और भरोसा दिलाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और यातायात बहाल किया गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

प्रशासन का बड़ा कदम

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने विभागीय स्तर पर कार्रवाई करते हुए लोटन कोतवाली प्रभारी दिनेश कुमार सरोज को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।

उनकी जगह हरिओम कुशवाहा को नया प्रभारी नियुक्त किया गया है, जिन्होंने मामले की जांच और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय जनभावना और स्थिति की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।


यह घटना दर्शाती है कि जमीनी विवाद जैसे मुद्दों को समय रहते सुलझाना कितना आवश्यक है।

फिलहाल प्रशासन की सक्रियता से क्षेत्र में शांति बनी हुई है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

 

“सिद्धार्थनगर में सड़कों पर उतरी महिलाओं का आक्रोश—आरक्षण की मांग को लेकर पुतला दहन, व्यवस्था को खुली चेतावनी”

मोहन चौराहे पर सैकड़ों महिलाओं का प्रदर्शन, ‘हक और हिस्सेदारी’ को लेकर तेज हुआ आंदोलन

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सिद्धार्थनगर जनपद के नौगढ़ क्षेत्र अंतर्गत मुहाना थाना इलाके के मोहन चौराहे पर सोमवार को उस समय माहौल गरमा गया, जब सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं ने अपने अधिकारों और राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग को लेकर नारेबाजी की और प्रतीकात्मक पुतला दहन कर अपना आक्रोश जताया।

मौके पर मौजूद दृश्य यह साफ संकेत दे रहा था कि यह प्रदर्शन केवल औपचारिक विरोध नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही मांगों के प्रति बढ़ती बेचैनी और असंतोष का परिणाम है।

नेतृत्व और भागीदारी

इस आंदोलन की अगुवाई

ब्लॉक प्रमुख रेनू मिश्रा,

महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष अरुण मिश्रा,

और नगर अध्यक्ष गायत्री मिश्रा ने की।

वहीं प्रदर्शन में शामिल प्रमुख महिलाओं में

किरन देवी, नीमा देवी, सूरजमती देवी, अनीता देवी, तारामती, सरोज देवी, उर्मिला देवी, मीना देवी, कमलावती देवी, सुभावती देवी, रामवती देवी, कलावती देवी, सुनीता, सुमन, गुड़िया, संगीता देवी, रंजन मौर्य, निरमा देवी, सत्यभामा, नेमा देवी, सुशीला देवी, रिंकी, रीता पांडे, बबीता देवी, पूनम देवी

की सक्रिय भागीदारी रही।

कार्यक्रम में

ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि राजेश मिश्रा,

अजय गुप्ता,

मंडल महामंत्री वीरेंद्र कुमार,

और मंडल मंत्री करीम खान भी मौजूद रहे।

विरोध का तरीका और संदेश

महिलाओं ने सड़क पर उतरकर:

जोरदार नारेबाजी की

पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया

एकजुटता के साथ अपनी मांगों को रखा

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अगर उनकी मांगों को जल्द नहीं माना गया, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

महिला आरक्षण बिल—मुद्दे की जड़

जिस मुद्दे को लेकर यह प्रदर्शन हुआ, वह है महिला आरक्षण बिल।

बिल का उद्देश्य:

लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देना

महिलाओं को नीति निर्माण में भागीदारी देना

राजनीतिक क्षेत्र में लैंगिक समानता सुनिश्चित करना

आक्रोश क्यों?

प्रदर्शनकारियों के अनुसार:

बिल के बावजूद जमीनी स्तर पर लागू करने में देरी

महिलाओं को तत्काल राजनीतिक अवसर नहीं मिल पा रहे

केवल घोषणा नहीं, बल्कि ठोस क्रियान्वयन की जरूरत

प्रशासनिक स्थिति

राहत की बात यह रही कि प्रदर्शन के दौरान स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण बनी रही। प्रशासन की मौजूदगी में कार्यक्रम संपन्न हुआ और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई।


सिद्धार्थनगर की सड़कों पर उतरी यह भीड़ अब एक साफ संदेश दे रही है—

महिलाएं अब केवल दर्शक नहीं, निर्णायक भूमिका चाहती हैं।

अगर उनकी आवाज अनसुनी रही, तो यह आंदोलन और तेज और व्यापक हो सकता है।

 

जोगिया ब्लॉक में प्रधानों की हुंकार: मांगें पूरी न हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन

सिद्धार्थनगर | जोगिया ब्लॉक

जनपद सिद्धार्थनगर के जोगिया विकास खंड में मंगलवार को राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के बैनर तले आयोजित मासिक बैठक में ग्राम प्रधानों ने अपनी समस्याओं को लेकर जोरदार आवाज उठाई। बैठक का नेतृत्व जिलाध्यक्ष डॉ. पवन मिश्र एवं ब्लॉक अध्यक्ष प्रभुदयाल यादव ने किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों की मौजूदगी रही, जिसमें विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए प्रधानों ने पंचायत संचालन में आ रही गंभीर बाधाओं पर खुलकर चर्चा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन खंड विकास अधिकारी के माध्यम से सौंपा गया।


क्या हैं प्रधानों की मुख्य मांगें?


ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 के बाद समाप्त होने की स्थिति में

या तो कार्यकाल बढ़ाया जाए या प्रधानों को प्रशासक नियुक्त किया जाए

मनरेगा के अंतर्गत कराए गए कार्यों का

3 वर्षों से लंबित भुगतान तत्काल जारी किया जाए

 राज्य वित्त एवं केंद्रीय वित्त योजनाओं के

सभी बकाया भुगतान जल्द किए जाएं और नए कार्य स्वीकृत हों

 चुनाव के समय फर्जी शिकायतों पर

बिना जांच कार्रवाई रोकने की मांग

 ग्राम प्रधानों का मानदेय बढ़ाकर

कम से कम ₹15,000 प्रति माह किया जाए

 विकास कार्यों के दौरान दबंगों से खतरे को देखते हुए

प्रधानों को प्रशासनिक और विधिक सुरक्षा दी जाए


बैठक का संचालन व प्रमुख मौजूदगी

कार्यक्रम का संचालन राजेन्द्र गौतम (प्रधान प्रतिनिधि, भैसहवा) ने किया, जबकि आयोजन की जिम्मेदारी ब्लॉक अध्यक्ष प्रभुदयाल यादव (ग्राम प्रधान, करौंदा मसिना) ने निभाई।

मुख्य रूप से उपस्थित रहे—

डॉ. पवन मिश्र (जिलाध्यक्ष)

ताकीब रिजवी (प्रदेश उपाध्यक्ष)

एडवोकेट नीरज सिंह

जिला कमेटी के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान

इसके अलावा जमील अहमद, नसीम अहमद, अरविंद यादव, पिंटू सिंह, सुग्रीम यादव, मनीष मिश्रा, दुर्गा चौधरी, महमूद हुसैन सहित कई ग्राम पंचायतों के प्रधान मौजूद रहे।

आंदोलन के संकेत

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यह जोगिया ब्लॉक सहित कुल 14 ब्लॉकों में से एक महत्वपूर्ण बैठक थी। अन्य ब्लॉकों में बैठक के बाद

👉 बड़े स्तर पर पंचायत/आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी

प्रधानों ने एक स्वर में कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

नारे और माहौल

बैठक के दौरान

“प्रधान एकता जिंदाबाद”

“स्व. महावीर दत्त शर्मा अमर रहें”

जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।


यह बैठक केवल एक सामान्य बैठक नहीं, बल्कि पंचायत स्तर पर बढ़ती नाराजगी का संकेत है। यदि समय रहते सरकार ने इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले समय में यह मुद्दा बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक रूप ले सकता है।

 

सिद्धार्थनगर में शाही विदाई का नजारा: हेलीकॉप्टर से दुल्हन विदा, खैरा बाजार बना ‘मेला’

सिद्धार्थनगर के खैरा बाजार में दूल्हे ने दुल्हन को हेलीकॉप्टर से विदा कराया, हजारों लोग देखने पहुंचे—पढ़ें पूरी खबर।


सिद्धार्थनगर। जिले के बढ़नी ब्लॉक अंतर्गत खैरा बाजार गांव में बुधवार को एक ऐसी विदाई देखने को मिली, जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया। आमतौर पर जहां दुल्हन की विदाई कार या पारंपरिक साधनों से होती है, वहीं यहां दूल्हा हेलीकॉप्टर लेकर पहुंचा और दुल्हन को शाही अंदाज में विदा कराया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इटवा ब्लॉक के जिगना शुक्ल गांव निवासी राम अजोरे चौधरी के पुत्र राम लखन चौधरी का विवाह 28 अप्रैल को खैरा बाजार निवासी सुभाष चौधरी की पुत्री प्रियंका चौधरी के साथ संपन्न हुआ था। विवाह के बाद विदाई को यादगार बनाने के लिए दूल्हे ने हेलीकॉप्टर का इंतजाम किया।

बुधवार को जैसे ही हेलीकॉप्टर गांव में उतरा, पूरे क्षेत्र में उत्साह की लहर दौड़ गई। आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में लोग इस अनोखे दृश्य को देखने के लिए मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते खैरा बाजार में मेले जैसा माहौल बन गया।

दुल्हन की विदाई के दौरान हर कोई इस पल को अपने मोबाइल में कैद करता नजर आया। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इस ‘रॉयल विदाई’ के गवाह बने। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार इस तरह की भव्य विदाई देखी है।

इस आयोजन के लिए पहले से तैयारियां की गई थीं, जिससे हेलीकॉप्टर के उतरने और उड़ान भरने में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। पूरे कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था का भी ध्यान रखा गया।

फिलहाल, यह अनोखी शादी और हेलीकॉप्टर से हुई विदाई पूरे सिद्धार्थनगर समेत आसपास के जिलों में चर्चा का विषय बनी हुई है और सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है।


पहली बार गांव में हेलीकॉप्टर से दुल्हन की विदाई

हजारों लोगों की भीड़, मेले जैसा माहौल

28 अप्रैल को हुई थी शादी

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल


 

नाले के पुल के नीचे मिला युवक का शव, खून के निशान और चप्पल मिलने से हत्या की आशंका गहराई

उत्तर प्रदेश सिद्धार्थनगर

सदर थाना क्षेत्र के ग्राम जगदीशपुर राजा के टोला लोध पुरवा निवासी युवक की संदिग्ध मौत का मामला अब और गहराता नजर आ रहा है। गांव के ही निवासी जसवंत लोधी (लगभग 30 वर्ष) पुत्र शिवकुमार लोधी का शव कोईलहरा नाले के पुल के नीचे पानी में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।

परिजनों के अनुसार, जसवंत बीते 28 अप्रैल की शाम करीब 4 बजे घर से निकला था, जिसके बाद वह लापता हो गया। परिजन लगातार उसके मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश करते रहे, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।

बुधवार सुबह सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और शव की पहचान की, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।

घटना की सूचना पर सदर थाना पुलिस व फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल के पास मृतक की चप्पल पड़ी मिली है और कुछ स्थानों पर खून जैसे निशान भी देखे गए हैं। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि युवक की हत्या कहीं और कर शव को पुल के नीचे फेंका गया हो। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।


मृतक के परिजनों ने भी हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।


बताया जा रहा है कि मृतक के तीन मासूम बच्चे हैं और उसकी पत्नी गर्भवती है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। मौके पर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा रही, जहां एक ओर पुलिस जांच में जुटी रही, वहीं दूसरी ओर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।


पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि की जा सकेगी।”

 

जिला कारागार की विदेशी महिला बंदी ने फिर किया आत्महत्या का प्रयास, कोर्ट परिसर में मचा हड़कंप

ब्रेकिंग न्यूज़ | सिद्धार्थनगर

जिला कारागार की विदेशी महिला बंदी ने फिर किया आत्महत्या का प्रयास, कोर्ट परिसर में मचा हड़कंप

जिला कारागार में निरुद्ध उजबेकिस्तान की महिला बंदी जर्निगोर तुखताबोएवा द्वारा एक बार फिर आत्महत्या का प्रयास किए जाने से मंगलवार को न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूत्रों के अनुसार, पेशी के लिए लाई गई महिला बंदी ने कोर्ट परिसर स्थित महिला बंदी गृह में अचानक दीवार से सिर पटकना शुरू कर दिया, जिससे उसके सिर और गर्दन में चोटें आईं। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया।


चिकित्सकों के मुताबिक, महिला की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।


पहले भी कर चुकी है आत्महत्या का प्रयास

बताया जा रहा है कि यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 3 जनवरी को भी उक्त महिला बंदी द्वारा जिला कारागार में आत्महत्या का प्रयास किया गया था, जिसमें उपचार के बाद उसकी स्थिति सामान्य हो गई थी।

विदेशी नागरिक, अवैध प्रवेश में हुई थी गिरफ्तारी

जानकारी के अनुसार, महिला बंदी को 28 दिसंबर को बढ़नी बॉर्डर से गिरफ्तार किया गया था। उसके पास भारत में रहने के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले थे और वह नेपाल जाने की कोशिश में थी। इसके बाद से वह जिला कारागार में निरुद्ध है।

प्रशासन का बयान

प्रभारी निरीक्षक सदर मिथलेश राय ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला को उपचार के लिए भेजा और उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया।

वहीं जेल अधीक्षक सचिन वर्मा के अनुसार, महिला बंदी में आत्मघाती प्रवृत्ति देखी गई है, जिसके चलते उसका इलाज मानसिक रोग विशेषज्ञ से कराया जा रहा है। भाषा की समस्या (हिंदी और अंग्रेजी न आना) के कारण उसकी स्थिति को समझने में भी दिक्कत हो रही है।

स्थिति पर प्रशासन की नजर

प्रशासन का कहना है कि महिला बंदी की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जेल लौटने के बाद पूरी स्थिति का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा।

 

संदिग्ध हालात में डेकोरेशन मजदूर की मौत, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

भनवापुर/सिद्धार्थनगर | संवाददाता
जनपद सिद्धार्थनगर के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक और रहस्यमयी घटना सामने आई है, जहां शादी समारोह में सजावट का काम कर रहे एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों ने मामले में गंभीर आशंका जताते हुए जांच की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डुमरियागंज क्षेत्र के सिरसिया गांव निवासी रामदेव (लगभग 41 वर्ष), जो लाइट डेकोरेशन का काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे, रविवार रात त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के बुढ़ऊ गांव में आयोजित एक शादी समारोह में काम करने गए थे।
बताया जा रहा है कि रात के समय ही उनकी हालत बिगड़ने की बात सामने आई, और कुछ समय बाद उनकी मृत्यु हो गई। हालांकि, इस संबंध में परिवार को तत्काल कोई सूचना नहीं दी गई, जिससे घटना और भी संदिग्ध प्रतीत हो रही है।
अगली सुबह, डेकोरेशन से जुड़े व्यक्ति द्वारा मृतक की पत्नी को यह कहकर बुलाया गया कि रामदेव की तबीयत खराब है। जब उन्हें स्थानीय निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया, तो चिकित्सक ने बताया कि उनकी मृत्यु कई घंटे पहले ही हो चुकी थी।
इसके बाद शव को घर भेज दिया गया, जबकि संबंधित व्यक्ति मौके से अनुपस्थित हो गया। इस घटनाक्रम ने परिवार की आशंकाओं को और बढ़ा दिया है।
मृतक के परिजनों का कहना है कि मामले की परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है, जिससे इस घटना ने उन्हें गहरे संकट में डाल दिया है।
परिजनों द्वारा पुलिस को लिखित शिकायत दी गई है, जिसमें पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
पुलिस क्या कहती है?
स्थानीय पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मानवीय पहलू
यह घटना केवल एक मौत नहीं, बल्कि एक ऐसे परिवार की त्रासदी है जो पहले ही सीमित संसाधनों में जीवन यापन कर रहा था। कमाने वाले सदस्य की अचानक मौत ने परिवार को आर्थिक और मानसिक दोनों रूप से झकझोर दिया है।

“प्रधानों की बढ़ती सक्रियता: अधिकार, कार्यभार और भुगतान पर उठा मुद्दा”

नौगढ़-बर्डपुर बैठकों के बाद जिला स्तर पर महापंचायत की “प्रधानों की बढ़ती सक्रियता: अधिकार, कार्यभार और भुगतान पर उठा मुद्दा”

सिद्धार्थनगर (नौगढ़/बर्डपुर):

जनपद में ग्राम प्रधानों से जुड़े मुद्दों को लेकर गतिविधियां लगातार गति पकड़ रही हैं। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन, उत्तर प्रदेश के बैनर तले विकास खंड नौगढ़ एवं उसके बाद विकास खंड बर्डपुर में क्रमवार बैठकें आयोजित की गईं।

इससे पूर्व 5 विकास खंडों में बैठकें संपन्न हो चुकी थीं, जबकि इन दो बैठकों के साथ यह संख्या बढ़कर 7 विकास खंड हो गई है। संगठन के अनुसार यह अभियान अनवरत जारी रहेगा और सभी 14 विकास खंडों में बैठकें पूर्ण होने के बाद जिला मुख्यालय पर वृहद महापंचायत आयोजित की जाएगी।

नौगढ़ में उठे मुद्दे

विकास खंड नौगढ़ में आयोजित बैठक में जिलाध्यक्ष पवन मिश्रा मुख्य अतिथि रहे, जबकि प्रदेश उपाध्यक्ष तकी रिज़वी एवं वरिष्ठ प्रधान धर्मराज यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।

संचालन चंद्रजीत जायसवाल उर्फ गुड्डू ने किया तथा आयोजन राघवेंद्र मिश्रा उर्फ गंगा मिश्रा के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

बैठक में विभिन्न ग्राम पंचायतों से आए प्रधानों/प्रतिनिधियों ने पंचायत स्तर के कार्यों और व्यवस्थाओं से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।

बर्डपुर में नेतृत्व के साथ सहभागिता

विकास खंड बर्डपुर में बैठक ग्राम प्रधान अध्यक्ष (इंजीनियर) प्रदीप कुमार चौधरी की अगुवाई में आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में प्रधान/प्रतिनिधि शामिल हुए।

जहां महिला प्रधान निर्वाचित हैं, वहां उनकी ओर से अधिकृत प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

प्रमुख मुद्दे और अपेक्षाएं

बैठकों में प्रस्तुत बिंदुओं के अनुसार—

ग्राम पंचायतों के वित्तीय आवंटन में वृद्धि

मनरेगा एवं ग्राम निधि के लंबित भुगतान का निस्तारण

पंचायत स्तर पर कार्यों के संचालन में सुगमता

प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने

जैसे विषय प्रमुख रूप से सामने आए।

चुनाव, कार्यभार और भुगतान पर सुझाव

कुछ प्रधानों/प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि आगामी पंचायत चुनावों की प्रक्रिया को देखते हुए कार्यभार हस्तांतरण से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता आवश्यक है।

उन्होंने सुझाव दिया कि—

लंबित भुगतान एवं कार्यों का निस्तारण समय रहते सुनिश्चित किया जाए


कार्यभार से संबंधित प्रक्रिया को स्पष्ट और व्यवस्थित किया जाए

 अन्य प्रदेशों का संदर्भ भी उठा

बैठकों के दौरान कुछ वक्ताओं ने यह भी उल्लेख किया कि अन्य राज्यों में पंचायत स्तर से जुड़े कुछ व्यवस्थात्मक प्रावधान लागू किए जा चुके हैं।


उन्होंने अपेक्षा जताई कि उत्तर प्रदेश में भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ऐसे पहलुओं पर विचार किया जा सकता है, जिससे ग्राम स्तर पर कार्यों का संचालन और सुगम हो सके।

आगे की रणनीति संगठन के अनुसार—

सभी 14 विकास खंडों में बैठकें पूर्ण होने के बाद

 जिला मुख्यालय सिद्धार्थनगर में

 एक वृहद महापंचायत आयोजित करने की योजना है

संतुलित दृष्टिकोण

बैठकों में यह भी कहा गया कि उद्देश्य संवाद के माध्यम से समाधान प्राप्त करना है और ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सहयोगात्मक वातावरण आवश्यक है।

सामूहिक अभिव्यक्ति

“ग्राम स्तर पर विकास कार्यों को सुचारु रखने के लिए

समन्वय, संसाधन और स्पष्ट प्रक्रिया जरूरी है।”

सूचना

यह समाचार बैठकों में व्यक्त विचारों एवं उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। संबंधित विषयों पर अंतिम निर्णय प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुरूप होगा।

 

SSB जवानों ने नशीली दवाई सहित एक व्यक्ति को पकड़ा

दिनांक 24.04.2026 को 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के सीमा चौकी ककरहवा और पुलिस के जवानों ने संयुक्त तलाशी के दौरान नशीली दवाओं के साथ एक व्यक्ति को पकड़ा I दैनिक प्रचालन गतिविधि के तहत सीमा चौकी ककरहवा और पुलिस चौकी ककरहवा की संयुक्त दल सीमा स्तंभ संख्या 544 के समीप चेक पोस्ट ककरहवा पर तैनात थे और आवागमन कर रहे लोगों की गहन जाँच किया जा रहा था इसी दौरान एक व्यक्ति भारत से नेपाल की ओर जा रहा था I संदेह के आधार पर चेक पोस्ट पर तैनात संयुक्त दल द्वारा उसको रोककर उसके सामान की तलाशी लिया जा रहा था तो वह घबरा गया और उसने बताया कि उसकी पैंट की जेब में नशीली दवा है I ड्यूटी दल द्वारा समवाय कमांडर को सूचित कर मौके पर राजपत्रित अधिकारी को बुलाया गया और उनकी उपस्थिति में उस व्यक्ति की तलाशी ली गई जिसमें उसके पास से प्रॉक्सिमो स्पास 240 टैबलेट (Proxiohm Spas) नशीली दवा बरामद हुआ I पूछ- ताछ करने पर उक्त व्यक्ति ने अपना नाम गोविन्द प्रसाद तेली, उम्र- 29 वर्ष, पुत्र- राजेन्द्र प्रसाद तेली, ग्राम- तरकुलहा, थाना- लुंबिनी, जिला- रूपंदेही नेपाल बताया I और बताया कि वह यह दवा नुनहवां से किसी अज्ञात व्यक्ति से लिया है और खुद ही इसका नशे के रूप में प्रयोग करता है I संयुक्त दल द्वारा सभी दवाओं को जब्त कर व्यक्ति सहित पुलिस थाना मोहना को सुपुर्द कर दिया गया।

भारत-नेपाल सीमा पर होने वाली तस्करी और अन्य अपराधों की रोकथाम के लिए प्रचालन गतिविधियों द्वारा 43वी वाहिनी एस.एस.बी निरन्तर प्रयासरत है जिसके फलस्वरूप एस.एस.बी द्वारा लगातार भारत –नेपाल सीमा पर अवैध रूप से हो रही तस्करी के सामान,मानव तस्करी,नशीली दवा, अवैध मुद्रा व वन्य जीव और उत्पाद को जब्त किया जा रहा है तथा उसमे सम्बंधित लिप्त व्यक्तियों पर आवश्यक क़ानूनी कार्यवाही की जा रही है l

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