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लगातार तीसरे दिन काली पट्टी बांध शिक्षकों ने किया शैक्षिक कार्य- 26 को देंगे जिलाधिकारी को ज्ञापन

सिद्धार्थनगर। टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का विरोध लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। खेसराहा विकास खंड के विभिन्न विद्यालयों में अध्यापकों ने काली पट्टी बांधकर सरकार के निर्णय के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने इसे अपने अनुभव और सेवा के साथ अन्याय बताते हुए निर्णय वापस लेने की मांग की है।

प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष इंद्रसेन सिंह ने बताया कि तीन दिनों से शिक्षक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करते हुए शांतिपूर्ण विरोध जता रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक टीईटी की अनिवार्यता समाप्त नहीं की जाती, आंदोलन जारी रहेगा।

26 फरवरी को देंगे ज्ञापन: इंद्रसेन सिंह 

उन्होंने आगे बताया कि 26 फरवरी को शिक्षक बीएससी ग्राउंड से पैदल मार्च निकालते हुए जिला अधिकारी कार्यालय पहुंचेंगे और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। यदि इसके बाद भी सरकार ने निर्णय वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा दिल्ली कूच कर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।

अनुभव के आधार पर मिले छूट: नीरज मिश्रा 

वहीं शिक्षक नीरज मिश्रा ने कहा कि वर्षों से विद्यालयों में पढ़ा रहे शिक्षकों को अनुभव के आधार पर छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों पर टीटी अनिवार्य करना उचित नहीं है। सरकार को शिक्षकों के अनुभव का सम्मान करना चाहिए।

शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और इसे प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा।

 

Siddharthnagar district: साइबर फ्रॉड के 40 हजार रुपये पुलिस ने कराए वापस, जोगिया उदयपुर पुलिस की बड़ी सफलता

सिद्धार्थनगर। डॉ अभिषेक महाजन पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के आदेश के क्रम में साइबर अपराध एवं साइबर क्राइम रिकवरी/लीन के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना जोगिया उदयपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के कुशल निर्देशन एवं क्षेत्राधिकारी बांसी शुभेंदु सिंहके पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई।

एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

दिनांक 04.02.2026 को थाना जोगिया उदयपुर क्षेत्र के लखनापार निवासी मनोज कुमार द्वारा एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया कि यूपीआई आईडी गलत अंकित हो जाने के कारण उनके खाते से 40,000 रुपये की गलत ट्रांजेक्शन हो गई थी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना जोगिया उदयपुर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।

साइबर सेल की सक्रियता से पूरी धनराशि हुई रिकवर

थानाध्यक्ष अभय सिंह के नेतृत्व में उ0नि0 अवधेश यादव (प्रभारी साइबर सेल) एवं साइबर सेल टीम द्वारा तकनीकी जांच की गई। तत्पर प्रयासों के परिणामस्वरूप फ्रॉड की गई पूरी धनराशि 40,000 रुपये आवेदक के खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी गई।

इस कार्रवाई से पीड़ित को बड़ी राहत मिली है तथा आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

सराहनीय कार्य करने वाली टीम

श्री अभय सिंह – थानाध्यक्ष, थाना जोगिया उदयपुर

उ0नि0 अवधेश यादव – प्रभारी साइबर सेल

कम्प्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए सेनजीत निषाद

का0 विकास कुमार गोंड

का0 मृत्युंजय गुप्ता

का0 अजीत यादव

साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए पुलिस की अपील

पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार के साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत एनसीआरपी पोर्टल या नजदीकी थाना पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धनराशि को रिकवर कराया जा सके।

सिद्धार्थनगर: शंकराचार्य प्रकरण पर कांग्रेस ने जिला कलेक्टरेट को सौंपा ज्ञापन, मांगी उच्चस्तरीय जांच

सिद्धार्थनगर | 25 फरवरी 2026  | FT News Digital

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सिद्धार्थनगर में ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों के साथ कथित दुर्व्यवहार और प्रताड़ना को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने मंगलवार को सिद्धार्थनगर जिला कलेक्टरेट में ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद ने प्रधानमंत्री और जिलाधिकारी को प्रेषित इस ज्ञापन में पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
घटना और आरोप
ज्ञापन के अनुसार, कुंभ के दौरान मौनी अमावस्या के अवसर पर शंकराचार्य और उनके शिष्यों को स्नान से रोका गया और उनके साथ आए बच्चों की चोटी खींच कर अपमानित किया गया।
साथ ही शंकराचार्य जी, उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी और कुछ अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ यौन शोषण के आरोप में FIR दर्ज होने की खबरें मिली हैं।
प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी
ज्ञापन सौंपने के मौके पर जिला कांग्रेस के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे:
काजी सुहेल अहमद, कृष्णबहादुर सिंह, सुदामा प्रसाद, सतीश चन्द्र त्रिपाठी, शौकत भाभी, होरी लाल श्रीमान, डॉ. प्रमोद कुमार, आलोक कुमार, अनिल सिंह, भान मनिहार, राजन श्रीवास्तव, रितेश त्रिपाठी।
जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद ने कहा कि शंकराचार्य का पद सनातन परंपरा में अत्यंत उच्च आध्यात्मिक महत्व रखता है। इसलिए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।
राष्ट्रीय और संवैधानिक परिप्रेक्ष्य
धार्मिक स्वतंत्रता: संविधान के अनुच्छेद 25 एवं 26 के तहत नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता और अपने धार्मिक कार्यों का संचालन करने का अधिकार है।
कानून बनाम धार्मिक गरिमा: किसी भी आरोप की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए, लेकिन धार्मिक पदाधिकारियों की गरिमा का सम्मान भी लोकतंत्र का हिस्सा है।
राष्ट्रीय विमर्श: मामला अब केवल स्थानीय नहीं, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता और प्रशासनिक कार्रवाई के संतुलन पर राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है।
कांग्रेस की मांग
काजी सुहेल अहमद ने जिला कलेक्टरेट को सौंपे गए ज्ञापन में कहा:
पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
अगर किसी स्तर पर अवैध या अनावश्यक प्रताड़ना हुई हो तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो।
भविष्य में ऐसे धार्मिक अवसरों पर प्रशासनिक स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
प्रशासनिक स्थिति
मामला जांचाधीन है और पुलिस/जिलाधिकारी की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

लखनऊ में कारोबारी की मौत: बेटे अक्षत प्रताप सिंह पर हत्या का आरोप, पुलिस जांच जारी

स्थान: Lucknow
थाना: आशियाना | जांच एजेंसी: Uttar Pradesh Police
घटना की तिथि: 20 फरवरी (तड़के) | मामला दर्ज: 21 फरवरी


राजधानी लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र के सेक्टर-एल में रहने वाले 49 वर्षीय कारोबारी मानवेंद्र सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने उनके बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, 21 फरवरी को मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की सूचना आशियाना थाने में दी गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। पूछताछ और घर की तलाशी के दौरान मामला हत्या का प्रतीत हुआ।
क्या है आरोप?
पुलिस के प्रारंभिक बयान के अनुसार, 20 फरवरी की तड़के पिता-पुत्र के बीच पढ़ाई और करियर को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि इसी दौरान अक्षत प्रताप सिंह ने घर में रखी लाइसेंसी राइफल से गोली चलाई, जिससे मानवेंद्र सिंह की मृत्यु हो गई।
पुलिस का कहना है कि घटना के बाद शव को छिपाने का प्रयास किया गया। घर की तलाशी में प्लास्टिक ड्रम से शव का हिस्सा बरामद हुआ। अन्य हिस्सों की बरामदगी शहर के अलग क्षेत्र से की गई।
जांच में अब तक क्या सामने आया?
वारदात घर की ऊपरी मंजिल पर होने की आशंका।
हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने की कोशिश के संकेत।
फॉरेंसिक टीम द्वारा मौके से नमूने एकत्र।
लाइसेंसी हथियार को कब्जे में लेकर बैलिस्टिक जांच के लिए भेजा गया।
आसपास के सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच जारी।
पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 201 (साक्ष्य मिटाने) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर विधिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
परिवार की स्थिति
घटना के समय घर में मौजूद अन्य सदस्य सदमे में हैं। पुलिस के अनुसार, परिवार को आवश्यक सुरक्षा और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
आधिकारिक बयान
जांच अधिकारियों का कहना है कि मामला संवेदनशील है और सभी पहलुओं की निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है। अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक विश्लेषण और न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।
महत्वपूर्ण सूचना (डिस्क्लेमर)
यह समाचार उपलब्ध पुलिस जानकारी और आधिकारिक स्रोतों पर आधारित है। मामले की जांच जारी है। अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।

आज शाम परसा रेलवे क्रॉसिंग पर वीडियो वायरल

आज शाम परसा रेलवे क्रॉसिंग पर वीडियो वायरल
ट्रेन 55075 (गोरखपुर से बढ़नी पैसेंजर) शाम करीब 4:40 बजे परसा पहुंची


सिद्धार्थनगर।
आज (तारीख) शाम लगभग 4:40 बजे, जनपद के परसा रेलवे क्रॉसिंग पर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें रेलवे फाटक खुला होने और ट्रेन के करीब आने से पहले गति रोकने की घटना दिखाई दे रही है। वीडियो में मौजूद लोगों का दावा है कि ट्रेन नंबर 55075, जो गोरखपुर जंक्शन से बरहनी के लिए चलने वाली पैसेंजर ट्रेन है, फाटक पर पहुंची थी और फाटक समय पर बंद नहीं था।
इस वायरल वीडियो के अनुसार, कुछ स्थानीय लोगों ने ट्रेन के निकट आने पर देखा कि फाटक खुला पड़ा था। उन्होंने मौके पर जाकर कथित तौर पर गेटमैन को जगाया, जिसके बाद आनन-फानन में फाटक बंद किया गया और फिर ट्रेन को सुरक्षित रूप से आगे भेजा गया।
ट्रेन 55075 का पूरा समय सारिणी
रेलवे टाइमटेबल के अनुसार ट्रेन संख्या 55075 (गोरखपुर – बढनी पैसेंजर)
गोरखपुर जंक्शन से प्रतिदिन सुबह लगभग 11:00 बजे रवाना होती है और
लगभग 01:46 बजे परसा स्टेशन पर पहुँचती है जहाँ यह लगभग 2 मिनट के लिये रुकती है।
इसके बाद यह ट्रेन लगभग 02:20 बजे बरहनी स्टेशन पर पहुँचती है।


यह समय सारिणी यह दर्शाती है कि ट्रेन परसा पर करीब 01:46-01:48 बजे के बीच रुकती है। �
हालांकि वायरल वीडियो में शाम 4:40 बजे दिखाया गया है, हो सकता है ट्रेन का वास्तविक रनिंग-स्टेटस उस दिन देरी या विशेष स्थिति के कारण बदल गया हो।


आधिकारिक पुष्टि शेष
इस पूरे मामले को लेकर संबंधित रेलवे विभाग से संपर्क किया गया है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान प्राप्त नहीं हुआ है। विभाग की ओर से पुष्टि मिलते ही खबर अपडेट की जाएगी।
पत्रकारिता का नजरिया
यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और स्थानीय स्रोतों के दावों पर आधारित है। किसी व्यक्ति या विभाग पर दोषारोपण का उद्देश्य नहीं है। यदि जांच में कोई लापरवाही पाई जाती है, तो उचित विभागीय कार्रवाई हो सकती है।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण बना औपचारिकता?

नौगढ़ में “पोषण भी, पढ़ाई भी” कार्यक्रम पर सवाल


सिद्धार्थनगर। शासन की मंशा जहां आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त कर 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने की है, वहीं जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं की पोल खुलती दिखाई दे रही है। विकास खण्ड नौगढ़ के सभागार में आयोजित “पोषण भी, पढ़ाई भी” प्रशिक्षण कार्यक्रम में अव्यवस्था के आरोप सामने आए हैं।
दूर-दराज़ क्षेत्रों से प्रशिक्षण के लिए पहुंचीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने आरोप लगाया कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण के नाम पर केवल एक दिन औपचारिक सत्र आयोजित किया गया, जबकि शेष दिनों में न तो प्रशिक्षक उपस्थित रहे और न ही समुचित व्यवस्था दिखाई दी।
मंगलवार को स्थिति तब और गंभीर हो गई जब कई कार्यकत्रियों को सभागार में प्रवेश तक नहीं मिला। इसके विरोध में उन्होंने प्रशिक्षण स्थल के बाहर बैठकर रोष जताया। कार्यकत्रियों का कहना है कि विभागीय ग्रुप में प्रशिक्षण संबंधी निर्देश जारी थे, इसके बावजूद मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं था।
योजना का उद्देश्य क्या है?
“पोषण भी, पढ़ाई भी” वर्ष 2023 में भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों को केवल पोषण वितरण तक सीमित न रखकर उन्हें प्री-स्कूल शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करना है।
ईसीसीई (ECCE) मॉडल के तहत खेल-आधारित शिक्षण पद्धति पर कार्यकत्रियों को प्रशिक्षित किया जाता है, ताकि बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास बेहतर ढंग से हो सके। इस प्रशिक्षण के लिए शासन द्वारा स्टेशनरी, भोजन, प्रशिक्षण स्थल किराया तथा दूर से आने वाली कार्यकत्रियों के टीए आदि मदों में बजट आवंटित किया जाता है।
ऐसे में यदि प्रशिक्षण ही व्यवस्थित रूप से न हो, तो यह योजना की मूल भावना के विपरीत माना जाएगा।
कार्यकत्रियों की पीड़ा
प्रदर्शन कर रहीं कार्यकत्रियों ने मीडिया को बताया कि:
पिछले तीन दिनों में केवल एक दिन प्रशिक्षण हुआ।
अन्य दिनों में प्रशिक्षक उपस्थित नहीं रहे।
मंगलवार को कई कार्यकत्रियों को सभागार में प्रवेश नहीं दिया गया।
दूरस्थ क्षेत्रों से आने के बावजूद समय और संसाधनों की बर्बादी हुई।
प्रशिक्षण न होने से उनके नियमित कार्य भी प्रभावित हुए।
धूप में बैठकर विरोध जता रहीं कार्यकत्रियों ने मांग की कि प्रशिक्षण पारदर्शी और पूर्ण रूप से कराया जाए, ताकि शासन की मंशा धरातल पर पूरी हो सके।
प्रशासनिक पक्ष की प्रतीक्षा
हालांकि, इस संबंध में जिला कार्यक्रम विभाग का आधिकारिक पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका था। विभागीय प्रतिक्रिया मिलने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
यह उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन की सक्रियता की चर्चा अक्सर होती रही है। ऐसे में कार्यक्रम विभाग पर लगे इन आरोपों की निष्पक्ष जांच और तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट होना आवश्यक है, ताकि योजना का लाभ वास्तविक रूप से बच्चों और कार्यकत्रियों तक पहुंच सके।

SDM आवास के सामने चोरी से मचा हड़कंप, व्यापारियों का बाजार बंद कर विरोध

सिद्धार्थनगर / बांसी
जनपद सिद्धार्थनगर के बांसी कस्बे में उस समय हड़कंप मच गया जब उप जिलाधिकारी (SDM) बांसी और पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) बांसी के आवास के ठीक सामने स्थित एक प्रतिष्ठित व्यापारी की दुकान में चोरी की घटना सामने आई। घटना के बाद व्यापारियों में भारी आक्रोश फैल गया और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कस्बे की कई दुकानों को बंद कर विरोध दर्ज कराया गया।
 क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, नगर पालिका बांसी अध्यक्ष पद के पूर्व प्रत्याशी एवं प्रतिष्ठित व्यापारी विष्णु जयसवाल उर्फ सोनू जयसवाल की किराना दुकान को अज्ञात चोरों ने निशाना बनाया।
पीड़ित व्यापारी के अनुसार—
विभिन्न कंपनियों की स्कीम के माध्यम से प्राप्त लगभग 100 ग्राम सोना
करीब 1 किलो चांदी
मोबाइल फोन
दुकान में लगा सीसीटीवी कैमरा और डीवीआर सिस्टम
चोर अपने साथ ले गए।
हालांकि चोरी गए सामान की सटीक कीमत का आकलन अभी किया जा रहा है और पुलिस द्वारा इसकी आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी है।
व्यापारियों में आक्रोश
घटना संवेदनशील स्थान पर होने के कारण व्यापारियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि जब प्रशासनिक अधिकारियों के आवास के सामने ही चोरी हो रही है तो आम बाजार की सुरक्षा कैसी होगी?
विरोध स्वरूप कई व्यापारियों ने बाजार बंद कर नाराजगी जताई और पुलिस से शीघ्र खुलासे की मांग की।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली बांसी पुलिस मौके पर पहुंची।
फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए।
पुलिस क्षेत्राधिकारी रोहिणी यादव भी मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।

जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर ने किया विद्यालय का निरीक्षण, प्रधानाध्यापक से मांग स्पष्टीकरण

सिद्धार्थनगर। 24 फरवरी 2026/जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जी.एन. द्वारा पीएम श्री कम्पोजिट, विद्यालय, सोनखर, विकास खण्ड बांसी तथा मॉडल प्राइमरी स्कूल सूपाराजा का औचक निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन द्वारा बच्चों से पढ़वाया गया। जिसमें कुछ बच्चे पढ़ पाये, कुछ नही। बच्चे ड्रेस पहने थे। बच्चों के न पढ़ पाने पर जिलाधिकारी ने प्रधानाध्यापक गीता वर्मा का स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने साफ-सफाई व्यवस्था ठीक कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी द्वारा पीटीएम रजिस्टर, निपुण तालिका, शिक्षक डायरी, साप्ताहिक आकलन ट्रैकर, मिड-डे मील रजिस्टर आदि को देखा गया। मॉडल प्राइमरी स्कूल सूपाराजा में प्रधानाध्यापक जया साहनी का रजिस्टर पर हस्ताक्षर था किन्तु मौके पर उपस्थित नही थी। जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए शो-का नोटिस निर्गत करने का निर्देश दिया।

सिद्धार्थनगर में फिल्म के विरोध में उभरा आक्रोश, राज्यपाल के नाम प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

सिद्धार्थनगर।
जनपद सिद्धार्थनगर में फिल्म “Yadav Love Story” को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया है। बुधवार को बड़ी संख्या में यादव समाज के लोग कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और शांतिपूर्ण ढंग से धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपते हुए फिल्म पर रोक लगाने की मांग की।

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धरना स्थल पर मौजूद लोगों का कहना था कि फिल्म की विषयवस्तु समाज विशेष की भावनाओं को आहत कर सकती है और इससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शन समाप्त किया गया।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
फिल्म “Yadav Love Story” के प्रदर्शन/प्रसारण पर तत्काल रोक।
फिल्म निर्माण से जुड़े जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक जांच।
भविष्य में सामाजिक समरसता बनाए रखने हेतु प्रशासनिक निगरानी।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन में सुभाष चंद्र यादव, नासिर, सुनील यादव पहलवान, चंद्रमणि यादव, कमलेश यादव, संजीत, चंद्रहास यादव, अनूप कुमार यादव, प्रमोद कुमार, संदीप पटवा, मनीष कुमार, उमेश यादव, ईश्वर यादव, जसवंत, राकेश यादव, धीरज यादव, शिवकुमार, रितेश गुप्ता, कमलेश कुमार, महेश यादव सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
बताया गया कि चकबंदी विभाग के एसओसी ललित मिश्रा को ज्ञापन सौंपा गया, जिसे प्रशासन तक अग्रसारित किया गया है।
प्रशासन की स्थिति
जिला प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार, ज्ञापन प्राप्त कर संबंधित बिंदुओं की विधिक समीक्षा की जा रही है। किसी भी फिल्म पर रोक या आपराधिक कार्रवाई का निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रचलित कानूनों के तहत ही लिया जाता है।


यह समाचार धरना-प्रदर्शन और प्रदर्शनकारियों द्वारा दिए गए ज्ञापन के आधार पर प्रकाशित किया जा रहा है। फिल्म के निर्माताओं या संबंधित पक्ष की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई है। प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
प्रशासन ने आमजन से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।

टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने बांधी काली पट्टी

सिद्धार्थनगर। टीईटी (TET) अनिवार्यता के खिलाफ टीएफआई के निर्देश पर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेशीय महिला शिक्षक संघ सहित अन्य संगठन हाथों पर काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य कर रहे हैं।

22 फरवरी को चला ट्विटर अभियान 

22 तारीख को संगठनों के राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर शिक्षक-शिक्षिकाओं ने वृहद ट्विटर अभियान चलाया था। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला उपाध्यक्ष इंद्रसेन सिंह ने बताया कि, राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ सभी अध्यापकों ने 22 को ट्विटर अभियान चलाया था और 23 से लेकर 25 फरवरी तक सभी शिक्षक हाथों पर काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे।

26 फरवरी को देंगे ज्ञापन: इंद्रसेन सिंह 

इंद्रसेन सिंह ने बताया कि,”उसके बाद फिर सभी शिक्षक 26 फरवरी को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पर इकट्ठा होकर प्रदर्शन करेंगें। वहां से पैदल मार्च करते हुए जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौपेंगे। यदि फिर भी टीईटी अनिवार्यता को अध्यादेश लाकर समाप्त नहीं किया गया। तब मार्च के मध्य में आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए शिक्षक दिल्ली कूच करेंगे।”

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