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पहले ही प्रयास में बड़ी सफलता: सिद्धार्थनगर के श्रेयांश चौबे बने सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर

सिद्धार्थनगर। जनपद के तेतरी बाजार क्षेत्र अंतर्गत बसडिलिया निवासी श्रेयांश चौबे ने SSC CGL परीक्षा के घोषित परिणाम में सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर पद पर चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि श्रेयांश ने यह सफलता अपने पहले ही प्रयास में हासिल की, जो उनकी कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम है।

शुरुआत से ही रहे मेधावी छात्र

श्रेयांश चौबे शुरू से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी रहे हैं। उन्होंने अपनी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई रेयान इंटरनेशनल स्कूल, शाहजहांपुर से पूरी की। इसके बाद उन्होंने बीटेक की डिग्री केएनआईटी सुल्तानपुर से हासिल की। उच्च शिक्षा के दौरान ही उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी, जिसका परिणाम आज सबके सामने है।

पहले प्रयास में ही रचा इतिहास

SSC CGL जैसी कठिन परीक्षा में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। श्रेयांश की इस सफलता ने क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का कार्य किया है। उनकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण ने यह साबित कर दिया कि सही दिशा में प्रयास करने से सफलता निश्चित है।

परिवार में खुशी का माहौल

इस उपलब्धि से श्रेयांश के परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनके पिता धर्मेंद्र कुमार चौबे, माता पूनम चौबे, बाबा बाबू राम चौबे, नाना विश्वंभर नाथ उपाध्याय और नानी आरती देवी सहित परिवार के अन्य सदस्यों बृजेश उपाध्याय, पवन चौबे और इंद्रेश उपाध्याय ने गर्व व्यक्त करते हुए उनकी सफलता पर हर्ष जताया है।

युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत

श्रेयांश चौबे की यह सफलता सिद्धार्थनगर सहित पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। यह संदेश देती है कि कठिन परिश्रम, सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

श्रेयांश चौबे की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले के लिए गौरव की बात है। उनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ी को आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा देगी।

बालिका सशक्तिकरण की मिसाल: नरायनपुर विद्यालय में साइकिल सम्मान समारोह, छात्राओं में बढ़ा आत्मविश्वास

गोरखपुर। चरगावां विकास क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय नरायनपुर में 6 अप्रैल 2026 को आयोजित साइकिल सम्मान समारोह ने बालिका शिक्षा को नई दिशा देने का संदेश दिया। प्रातः 9:00 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में छात्राओं को साइकिल प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति समाज की प्रतिबद्धता को दर्शाया गया।

गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ कार्यक्रम

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में खंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार गुप्ता उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि एडवोकेट पूजा गुप्ता (महानगर मंत्री, भाजपा महिला मोर्चा), कार्यक्रम अध्यक्ष ग्राम प्रधान गोपाल भारद्वाज तथा विशेष अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता प्रवीण चंद मिश्रा ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

काजल और प्रियंका को साइकिल देकर किया गया सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की मेधावी छात्राओं काजल एवं प्रियंका को साइकिल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस पहल से न केवल बालिकाओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा मिलेगी, बल्कि उनके भीतर शिक्षा के प्रति आत्मविश्वास और लगन भी बढ़ेगी।

अतिथियों का सम्मान और स्वागत

विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया और श्री रामलला की तस्वीर भेंट कर उन्हें सम्मानित किया गया। इस दौरान अभिभावकों और ग्रामीणों की भी उल्लेखनीय सहभागिता रही।

संचालक विक्रम सिंह का प्रेरणादायक वक्तव्य

कार्यक्रम के संयोजक एवं संचालक, अनुदेशक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने अपने संबोधन में कहा

“बालिका शिक्षा समाज की प्रगति की आधारशिला है। जब एक बेटी पढ़ती है, तो पूरा परिवार शिक्षित होता है। यह साइकिल केवल एक साधन नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को उड़ान देने का माध्यम है। हम सभी का दायित्व है कि हर बालिका को शिक्षा से जोड़ें और उसे आगे बढ़ने का अवसर दें।”

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बालिका शिक्षा को मिला नया आयाम

समारोह का समापन सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुआ, जहां सभी ने एक स्वर में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल छात्राओं के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक सशक्त कदम भी साबित हुआ।

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