नेपाल त्रासदी में सिद्धार्थनगर का लाल भी काल के गाल में, इटवा के प्रभात सोनी की मौत से गांव में पसरा मातम
रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदलीं, नेपाल में नदी की तेज धारा ने छीना 34 वर्षीय प्रभात
इन्सेट
पर परिवार के साथ नेपाल घूमने गए इटवा निवासी प्रभात सोनी की नदी में डूबने से मौत हो गई। मंदिर दर्शन से पहले नदी में नहाने के दौरान अचानक तेज बहाव की चपेट में आने की बात सामने आई है। पोस्टमार्टम के बाद देर रात शव इटवा स्थित घर पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया।
मृतक: प्रभात सोनी, उम्र 34 वर्ष
निवास: इटवा, सिद्धार्थनगर
घटना: नेपाल में नदी की तेज धारा में बहने की सूचना
यात्रा: रक्षाबंधन के अवसर पर परिवार के साथ नेपाल गए थे
परिवार: मां, बहन, छोटे भाई और मामा के साथ यात्रा
अंतिम संस्कार: अयोध्या में किया गया
पीछे रह गईं: पत्नी और दो छोटी बेटियां
रक्षाबंधन के पर्व पर परिवार के साथ नेपाल की यात्रा पर निकले इटवा के प्रभात सोनी के परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब नदी की तेज धारा में बहने से उनकी मौत हो गई। मंदिर दर्शन से पहले नदी किनारे हुई घटना के बाद परिजन उन्हें बचाने में जुटे, लेकिन प्रयास सफल नहीं हो सके। कई किलोमीटर दूर बरामद हुए शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद देर रात इटवा लाया गया।
पूरी खबर
इटवा/सिद्धार्थनगर। रक्षाबंधन का पर्व परिवार के लिए इस बार ऐसी पीड़ा छोड़ गया, जिसे भुला पाना आसान नहीं होगा। इटवा निवासी 34 वर्षीय प्रभात सोनी परिवार के साथ नेपाल गए थे। यात्रा के दौरान नदी की तेज धारा में बह जाने से उनकी मौत हो गई।
बताया गया कि प्रभात अपनी मां, बहन, छोटे भाई और मामा के परिवार के साथ नेपाल गए थे। शनिवार सुबह मंदिर दर्शन से पहले परिवार के सदस्य नदी किनारे पहुंचे थे। इसी दौरान नदी में अचानक तेज बहाव आया और प्रभात उसकी चपेट में आ गए। परिजनों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सुरक्षित बाहर नहीं निकाला जा सका।
घटना के बाद तलाश शुरू की गई। बाद में घटनास्थल से करीब तीन से चार किलोमीटर दूर उनका शव बरामद होने की जानकारी सामने आई। आवश्यक प्रक्रिया और पोस्टमार्टम के बाद शव को इटवा स्थित आवास पर लाया गया।
रात करीब 11 बजे जब प्रभात का शव घर पहुंचा तो वहां मौजूद परिजनों की आंखों के सामने जैसे सब कुछ थम गया। मां और पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। पत्नी भी पति का शव देखकर बेसुध हो गईं। घर में मौजूद चार और छह वर्ष की दोनों बेटियों को शायद अभी इस बात का पूरा अहसास भी नहीं था कि उनके पिता अब कभी वापस नहीं आएंगे।
परिजनों के मुताबिक प्रभात के लौटने की उम्मीद थी, लेकिन देर रात उनका शव घर पहुंचा। इसके बाद परिवार और आसपास के लोगों में शोक की लहर फैल गई।
पूर्व मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी ने भी प्रभात के पिता अवधेश सोनी से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। इस दुख की घड़ी में उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाया।
बाद में प्रभात का अंतिम संस्कार अयोध्या में किया गया। अंतिम यात्रा में परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। रक्षाबंधन की खुशियों के बीच शुरू हुई नेपाल यात्रा का इस तरह दुखद अंत होने से पूरा परिवार सदमे में है।
सारांश
नेपाल की यात्रा पर गए इटवा निवासी प्रभात सोनी की नदी की तेज धारा में बहने से मौत हो गई। घटना के बाद शव बरामद कर पोस्टमार्टम कराया गया और देर रात इटवा स्थित घर लाया गया। परिवार में पत्नी के अलावा चार और छह वर्ष की दो बेटियां हैं। अयोध्या में अंतिम संस्कार किया गया।
टिप्पणी
यह घटना एक बार फिर नदी और जलस्रोतों के किनारे अचानक बदलते जलस्तर और तेज बहाव के खतरे की ओर ध्यान खींचती है। पर्यटन या धार्मिक यात्रा के दौरान नदी में उतरने से पहले स्थानीय चेतावनियों और सुरक्षा निर्देशों का पालन बेहद जरूरी है। इस घटना में दुर्घटना की परिस्थितियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष संबंधित प्रशासनिक/पुलिस जांच और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही माना जाना चाहिए।
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