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लखपति दीदी के दावों के बीच महिला कर्मियों की मुश्किलें, बांसी में कांग्रेस का प्रदर्शन

बीसी सखियों के कर्ज और महिला मेटों को काम न मिलने का मुद्दा उठा, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

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सिद्धार्थनगर/बांसी। ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के सरकारी प्रयासों के बीच स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की समस्याओं को लेकर बांसी में आवाज उठी। शुक्रवार को कांग्रेस नेता हेमन्त चौधरी के नेतृत्व में माधव पार्क में धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने बीसी सखियों पर ऋण का बोझ, बैंकिंग कार्यों से अपेक्षित आमदनी नहीं होने और महिला मेटों को पर्याप्त काम नहीं मिलने जैसे मुद्दे उठाए। प्रदर्शन के बाद तहसीलदार बांसी को ज्ञापन सौंपकर संबंधित समस्याओं के समाधान की मांग की गई।


योजनाओं के दावों और जमीनी हकीकत पर सवाल


धरने के दौरान हेमन्त चौधरी ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन इनके लाभार्थियों को यदि नियमित काम और पर्याप्त आमदनी नहीं मिलती, तो आत्मनिर्भरता का लक्ष्य प्रभावित हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति की समीक्षा कराने की मांग की।


बीसी सखियों के ऋण और आमदनी का मुद्दा


हेमन्त चौधरी के मुताबिक, बीसी सखियों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने के लिए 75 हजार रुपये तक का ऋण पांच प्रतिशत ब्याज पर दिए जाने, शुरुआती छह महीने तक प्रतिमाह चार हजार रुपये की सहायता और बैंकिंग लेनदेन के अवसर उपलब्ध कराने की बात कही गई थी। उन्होंने मशीनों पर करीब 40 हजार रुपये खर्च होने का भी उल्लेख किया।

उनका आरोप है कि कई महिलाओं को अपेक्षा के अनुरूप लेनदेन और नियमित आय नहीं मिल पा रही है, जबकि ऋण चुकाने की जिम्मेदारी बनी हुई है। ऐसे में महिलाओं की वास्तविक आमदनी, मशीनों के उपयोग और ऋण की शर्तों की जांच जरूरी है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित विभागों का पक्ष उपलब्ध नहीं है।


स्वयं सहायता समूहों के ब्याज पर भी उठे सवाल


कांग्रेस नेता ने स्वयं सहायता समूहों को मिलने वाले ऋण पर ब्याज की दरों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में ब्याज दर 12 प्रतिशत तक पहुंचती है। उनका कहना था कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित योजनाओं में ऋण की शर्तें, आर्थिक सहायता और आय के अवसर इस तरह होने चाहिए कि लाभार्थियों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव न पड़े।


महिला मेटों को काम दिलाने की मांग


धरना-प्रदर्शन में महिला मेटों की समस्याओं का मुद्दा भी उठाया गया। हेमन्त चौधरी ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायतों में महिला मेटों को पर्याप्त काम नहीं मिल रहा है। उन्होंने संबंधित विभागों से काम की उपलब्धता, मानदेय और भुगतान की स्थिति स्पष्ट करने तथा पात्र महिला कर्मियों को नियमानुसार काम उपलब्ध कराने की मांग की।


ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग


प्रदर्शन के बाद तहसीलदार बांसी को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें महिला कर्मियों के रोजगार, मानदेय, ऋण और ब्याज से संबंधित समस्याओं पर ध्यान देने तथा संबंधित विभागों से आवश्यक कार्रवाई कराने की मांग की गई।

इस दौरान समूह की प्रदेश प्रभारी पिंकी गौड़, जिलाध्यक्ष अनीता विश्वकर्मा, साहजहां, कुसुम लोधी, अनु यादव तथा कांग्रेस कार्यकर्ता अभिनव राय और विकी रिजवी सहित बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं मौजूद रहीं।


प्रशासन के सामने प्रमुख मांगें


– बीसी सखियों को बैंकिंग लेनदेन के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की समीक्षा।

– ऋण, ब्याज और मशीनों के उपयोग की वास्तविक स्थिति की जांच।

– महिला मेटों को नियमानुसार काम उपलब्ध कराने की व्यवस्था।

– मानदेय और भुगतान से जुड़ी समस्याओं का निस्तारण।

– संबंधित विभागों से जवाब लेकर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना।


डिजिटल सारांश


बांसी के माधव पार्क में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की समस्याओं को लेकर कांग्रेस नेता हेमन्त चौधरी के नेतृत्व में धरना दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने बीसी सखियों की आय और ऋण तथा महिला मेटों को काम नहीं मिलने के मुद्दे उठाते हुए तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।


संपादकीय टिप्पणी | योजनाओं की सफलता का पैमाना वास्तविक लाभ


महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली योजनाओं की सफलता केवल घोषणाओं या लाभार्थियों की संख्या से नहीं, बल्कि उनके जीवन में आए वास्तविक आर्थिक बदलाव से आंकी जानी चाहिए। यदि किसी लाभार्थी पर ऋण की जिम्मेदारी है, तो उसके सामने काम और आय के पर्याप्त अवसर भी होने चाहिए। बांसी में उठाए गए सवालों की निष्पक्ष जांच कर संबंधित विभागों का पक्ष सामने लाना और तथ्यों के आधार पर समाधान करना जरूरी है। इससे न केवल महिलाओं का भरोसा मजबूत होगा, बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक तस्वीर भी सामने आएगी।


FT News Digital | जनहित की खबर, तथ्यों के साथ।

शिक्षक एमएलसी चुनाव: सिद्धार्थनगर में मतदान ने पकड़ी रफ्तार, शाम 4 बजे तक 76.86 प्रतिशत वोटिंग दर्ज

सिद्धार्थनगर। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में सिद्धार्थनगर से सामने आए मतदान के आंकड़े दिन चढ़ने के साथ बढ़ती मतदाता भागीदारी की तस्वीर पेश कर रहे हैं। उपलब्ध मतदान चार्ट के मुताबिक, संबंधित मतदान केंद्रों पर सुबह 10 बजे तक 15.11 प्रतिशत मतदान दर्ज था, जो दोपहर 12 बजे तक बढ़कर 45.68 प्रतिशत और दोपहर दो बजे तक 65.81 प्रतिशत हो गया। शाम चार बजे तक यह आंकड़ा 76.86 प्रतिशत दर्ज दिखाया गया। हालांकि, इन आंकड़ों का दायरा और पूरे निर्वाचन क्षेत्र का कुल मतदान प्रतिशत आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट माना जाना चाहिए।


समय के साथ बढ़ा मतदान प्रतिशत


गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान के दौरान सिद्धार्थनगर से उपलब्ध आंकड़ों में लगातार बढ़ोतरी दिखाई दी। चार्ट में दर्ज विवरण के अनुसार, सुबह के मुकाबले दोपहर और उसके बाद के समय में मतदान प्रतिशत में वृद्धि हुई। यह रुझान संबंधित मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भागीदारी को दर्शाता है। चुनाव की निष्पक्ष और तथ्यपरक तस्वीर सामने रखने के लिए जरूरी है कि मतदान प्रतिशत के साथ उसके क्षेत्रीय दायरे का भी स्पष्ट उल्लेख किया जाए।


चार समयावधियों में सामने आया मतदान का रुझान


उपलब्ध चार्ट में मतदान की स्थिति चार अलग-अलग समयावधियों में दर्ज है। सुबह 10 बजे तक 15.11 प्रतिशत मतदान हुआ था। दोपहर 12 बजे तक यह बढ़कर 45.68 प्रतिशत पहुंचा। दोपहर दो बजे तक मतदान का आंकड़ा 65.81 प्रतिशत दर्ज हुआ, जबकि शाम चार बजे तक चार्ट में 76.86 प्रतिशत मतदान दिखाया गया।

इन आंकड़ों से संबंधित सूची में मतदान प्रतिशत बढ़ने की स्थिति सामने आती है। हालांकि, केवल प्रतिशत के आधार पर चुनावी जीत, किसी प्रत्याशी की बढ़त या मतदाताओं की राजनीतिक पसंद का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।


मतदान के आंकड़े एक नजर में


– निर्वाचन: गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र

– जनपद: सिद्धार्थनगर

– सुबह 10 बजे तक: 15.11 प्रतिशत

– दोपहर 12 बजे तक: 45.68 प्रतिशत

– दोपहर 2 बजे तक: 65.81 प्रतिशत

– शाम 4 बजे तक: 76.86 प्रतिशत

– चार्ट में दर्ज कुल मतदाता: 2,787

– चार्ट में दर्ज मतदान: 2,142

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नोट: उपरोक्त संख्या उपलब्ध चार्ट के आधार पर है। इसे पूरे निर्वाचन क्षेत्र का समेकित आंकड़ा मानने से पहले निर्वाचन विभाग से पुष्टि आवश्यक है।


आंकड़ों की सही व्याख्या क्यों जरूरी?


चुनावी रिपोर्टिंग में मतदान प्रतिशत केवल एक संख्या नहीं, बल्कि आधिकारिक रिकॉर्ड का हिस्सा होता है। इसलिए यह स्पष्ट करना जरूरी है कि आंकड़े किसी विशेष मतदान केंद्र, जनपद या पूरे निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित हैं। अपुष्ट आंकड़ों को अंतिम बताने से बचना और निर्वाचन विभाग की आधिकारिक जानकारी को प्राथमिकता देना निष्पक्ष पत्रकारिता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।


तथ्य पहले, निष्कर्ष बाद में


लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मतदान की जानकारी जनता तक पहुंचाना मीडिया की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। लेकिन जिम्मेदार पत्रकारिता का अर्थ केवल आंकड़े प्रस्तुत करना नहीं, बल्कि उनके स्रोत, समय और दायरे को भी स्पष्ट करना है। सिद्धार्थनगर से उपलब्ध मतदान चार्ट में शाम चार बजे तक 76.86 प्रतिशत मतदान दर्ज दिखाई देता है। अंतिम और समेकित स्थिति के लिए निर्वाचन विभाग की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जाना चाहिए।


रिपोर्टिंग एवं संपादकीय सावधानी: यह समाचार उपलब्ध मतदान चार्ट पर आधारित है। निर्वाचन परिणाम, प्रत्याशियों की स्थिति या पूरे निर्वाचन क्षेत्र के मतदान प्रतिशत के संबंध में कोई निष्कर्ष आधिकारिक पुष्टि के बिना नहीं निकाला गया है।

कपिलवस्तु विधानसभा को सड़क सुरक्षा की सौगात, पांच मार्गों पर खर्च होंगे 1.21 करोड़ रुपये

जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना के तहत सुरक्षात्मक कार्यों को मिली मंजूरी, दुर्घटनाओं की आशंका कम करने पर जोर

सिद्धार्थनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के प्रयासों के बीच कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के पांच प्रमुख मार्गों पर सुरक्षात्मक कार्यों के लिए 1 करोड़ 21 लाख 21 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। यह धनराशि लोक निर्माण विभाग की जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना के अंतर्गत स्वीकृत की गई है।

कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्यामधनी राही ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि स्वीकृत धनराशि से क्षेत्र के पांच मार्गों पर सड़क सुरक्षा से जुड़े आवश्यक कार्य कराए जाएंगे। इन कार्यों का उद्देश्य मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में मदद करना है।


इन पांच मार्गों पर होंगे सुरक्षात्मक कार्य


स्वीकृति के तहत जिन मार्गों को शामिल किया गया है, उनमें तेतरी-सोहास-लोटन मार्ग, उसका-बृजमनगंज मार्ग, पकड़ी-उदयपुर मार्ग, जगमोहिनी से सनई मार्ग तथा फरेंदा-कोल्हुई-बृजमनगंज-लोटन-मोहाना राज्य मार्ग शामिल हैं।

इन मार्गों पर प्रस्तावित सुरक्षात्मक कार्यों से आवागमन को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। संबंधित कार्यों का वास्तविक लाभ उनके निर्धारित मानकों के अनुरूप क्रियान्वयन और समयबद्ध पूर्णता पर निर्भर करेगा।


सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर


विधायक श्यामधनी राही ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा बेहतर बनाने और लोगों के आवागमन को सुरक्षित करने के लिए सरकार की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन कार्यों से क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा।

पांच मार्गों पर सुरक्षात्मक कार्यों के लिए मिली यह स्वीकृति क्षेत्र में सड़क सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब इन कार्यों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार क्रियान्वयन होने पर स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

कपिलवस्तु विधानसभा को सड़क सुरक्षा की सौगात, पांच मार्गों पर खर्च होंगे 1.21 करोड़ रुपये

जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना के तहत सुरक्षात्मक कार्यों को मिली मंजूरी, दुर्घटनाओं की आशंका कम करने पर जोर

सिद्धार्थनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के प्रयासों के बीच कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के पांच प्रमुख मार्गों पर सुरक्षात्मक कार्यों के लिए 1 करोड़ 21 लाख 21 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। यह धनराशि लोक निर्माण विभाग की जीरो फैटेलिटी डिस्ट्रिक्ट योजना के अंतर्गत स्वीकृत की गई है।

कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्यामधनी राही ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि स्वीकृत धनराशि से क्षेत्र के पांच मार्गों पर सड़क सुरक्षा से जुड़े आवश्यक कार्य कराए जाएंगे। इन कार्यों का उद्देश्य मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में मदद करना है।


इन पांच मार्गों पर होंगे सुरक्षात्मक कार्य


स्वीकृति के तहत जिन मार्गों को शामिल किया गया है, उनमें तेतरी-सोहास-लोटन मार्ग, उसका-बृजमनगंज मार्ग, पकड़ी-उदयपुर मार्ग, जगमोहिनी से सनई मार्ग तथा फरेंदा-कोल्हुई-बृजमनगंज-लोटन-मोहाना राज्य मार्ग शामिल हैं।

इन मार्गों पर प्रस्तावित सुरक्षात्मक कार्यों से आवागमन को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। संबंधित कार्यों का वास्तविक लाभ उनके निर्धारित मानकों के अनुरूप क्रियान्वयन और समयबद्ध पूर्णता पर निर्भर करेगा।


सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर


विधायक श्यामधनी राही ने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा बेहतर बनाने और लोगों के आवागमन को सुरक्षित करने के लिए सरकार की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन कार्यों से क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा।

पांच मार्गों पर सुरक्षात्मक कार्यों के लिए मिली यह स्वीकृति क्षेत्र में सड़क सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब इन कार्यों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार क्रियान्वयन होने पर स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

सिद्धार्थनगर: पांच साल बाद भी शुरू नहीं हो सका सामुदायिक शौचालय, ग्रामीणों को हो रही परेशानी

सिद्धार्थनगर। जिले के खेसरहा क्षेत्र की ग्राम पंचायत मरवटिया द्वितीय में निर्मित सामुदायिक शौचालय के उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण के कई वर्ष बीतने के बाद भी यह सुविधा नियमित रूप से संचालित नहीं हो पा रही है। उनका कहना है कि शौचालय तक पहुंचने के लिए रास्ते की व्यवस्था नहीं होने और आवश्यक सुविधाओं की कमी के कारण इसका लाभ नहीं मिल रहा है।

ग्रामीणों के मुताबिक, स्वच्छ भारत अभियान के तहत वर्ष 2018 में करीब चार लाख रुपये की लागत से इस सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। वर्ष 2022 में इसकी मरम्मत भी कराई गई, लेकिन इसके बावजूद शौचालय के नियमित संचालन की समस्या बनी हुई है।


रास्ता और जरूरी सुविधाओं की कमी का दावा


ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय आबादी से दूर खेतों के बीच स्थित है। वहां तक पहुंचने के लिए सुगम रास्ता नहीं होने के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। उनका यह भी कहना है कि परिसर में पानी की टंकी मौजूद होने के बावजूद बिजली और पानी की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं के चलते शौचालय का इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, भवन के आसपास घास-झाड़ियां उगने और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने से भी इसका उपयोग प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण चाहते हैं कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर शौचालय को उपयोग योग्य बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए।


केयरटेकर की नियुक्ति नहीं होने का मुद्दा


ग्रामीणों ने शौचालय के संचालन के लिए केयरटेकर की व्यवस्था नहीं होने का मुद्दा भी उठाया है। उनके अनुसार, देखरेख और नियमित साफ-सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं होने से सरकारी संसाधन का अपेक्षित लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रहा है। लोगों ने रास्ता बनवाने, बिजली-पानी की व्यवस्था दुरुस्त कराने और नियमित देखरेख सुनिश्चित करने की मांग की है।


जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन


इस मामले में सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) चौधरी ने बताया कि उन्हें प्रकरण की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और कमियां सामने आने पर उन्हें दूर कराने के लिए संबंधित सचिव को निर्देशित किया जाएगा।

अब देखना होगा कि जांच के बाद शौचालय के संचालन में आ रही समस्याओं का समाधान कब तक हो पाता है और ग्रामीणों को इस सुविधा का लाभ कब मिलने लगता है।


FT News Digital | जनहित में जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाने का प्रयास।

सिंहेश्वरी शक्तिपीठ में गूंजा शस्त्र पूजन का जयघोष

 

प्रभुराम सनातन धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट और अखिल क्षत्रिय महासभा के संयुक्त

तत्वावधान में हुआ आयोजन, विधि-विधान से संपन्न हुआ शस्त्र पूजन

सिद्धार्थनगर। विजयादशमी के पावन पर्व पर सिद्धार्थनगर मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक माता सिंहेश्वरी शक्तिपीठ के दरबार में शस्त्र पूजन कार्यक्रम हर्षोल्लास और धार्मिक परंपराओं के साथ संपन्न हुआ। प्रभुराम सनातन धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट सिद्धार्थनगर तथा अखिल क्षत्रिय महासभा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में नगर के सैकड़ों गणमान्य नागरिक अपने-अपने शस्त्र लेकर शामिल हुए। पंडित दिव्यांशु महाराज और पंडित शारदा महाराज ने विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया।

समारोह को संबोधित करते हुए प्रभुराम सनातन धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि शस्त्र पूजन भारतीय परंपरा, आत्मरक्षा और धर्म-संस्कृति की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि समाज को अपने देश, संस्कृति और मान-सम्मान की रक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए।

उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष अजय कसौधन ने कहा कि व्यापारियों को अपनी मेहनत से अर्जित संपत्ति के साथ-साथ अपनी सुरक्षा के प्रति भी सजग रहना चाहिए। उन्होंने समाज से आत्मरक्षा और सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

अखिल क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष भूपनारायण सिंह राजन ने भी विचार रखे। वहीं, सर्वजनहित पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्याम नारायण चौबे ने समाज में एकता और संगठन की भावना मजबूत करने तथा देश की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध रहने की अपील की।

कार्यक्रम में भीमचंद कसौधन, शुभम श्रीवास्तव, अजीत सिंह, पीयूष चौबे, सुभाष चंद्र त्रिपाठी, हरेंद्र बहादुर सिंह, फतेह बहादुर सिंह, ओमप्रकाश, जयप्रकाश अग्रहरी, कृष्णा अग्रहरि, इंद्रेश त्रिपाठी, आनंद अग्रहरि और सभासद फतेह बहादुर सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन ने विजयादशमी के अवसर पर धार्मिक आस्था, परंपरा और सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया।

 

सिंहेश्वरी शक्तिपीठ में गूंजा शस्त्र पूजन का जयघोष

प्रभुराम सनातन धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट और अखिल क्षत्रिय महासभा के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन, विधि-विधान से संपन्न हुआ शस्त्र पूजन

सिद्धार्थनगर। विजयादशमी के पावन पर्व पर सिद्धार्थनगर मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक माता सिंहेश्वरी शक्तिपीठ के दरबार में शस्त्र पूजन कार्यक्रम हर्षोल्लास और धार्मिक परंपराओं के साथ संपन्न हुआ। प्रभुराम सनातन धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट सिद्धार्थनगर तथा अखिल क्षत्रिय महासभा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में नगर के सैकड़ों गणमान्य नागरिक अपने-अपने शस्त्र लेकर शामिल हुए। पंडित दिव्यांशु महाराज और पंडित शारदा महाराज ने विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया।

समारोह को संबोधित करते हुए प्रभुराम सनातन धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि शस्त्र पूजन भारतीय परंपरा, आत्मरक्षा और धर्म-संस्कृति की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि समाज को अपने देश, संस्कृति और मान-सम्मान की रक्षा के प्रति जागरूक रहना चाहिए।

उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष अजय कसौधन ने कहा कि व्यापारियों को अपनी मेहनत से अर्जित संपत्ति के साथ-साथ अपनी सुरक्षा के प्रति भी सजग रहना चाहिए। उन्होंने समाज से आत्मरक्षा और सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

अखिल क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष भूपनारायण सिंह राजन ने भी विचार रखे। वहीं, सर्वजनहित पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्याम नारायण चौबे ने समाज में एकता और संगठन की भावना मजबूत करने तथा देश की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध रहने की अपील की।

कार्यक्रम में भीमचंद कसौधन, शुभम श्रीवास्तव, अजीत सिंह, पीयूष चौबे, सुभाष चंद्र त्रिपाठी, हरेंद्र बहादुर सिंह, फतेह बहादुर सिंह, ओमप्रकाश, जयप्रकाश अग्रहरी, कृष्णा अग्रहरि, इंद्रेश त्रिपाठी, आनंद अग्रहरि और सभासद फतेह बहादुर सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन ने विजयादशमी के अवसर पर धार्मिक आस्था, परंपरा और सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया।

सिद्धार्थनगर: पटाखों में विस्फोट से घायल हुई भैंस, प्रशासन ने सील की पटाखा फैक्ट्री

महुआ में घर के बाहर रखे पटाखों में धमाका होने की सूचना; मौके से बारूद और पटाखा निर्माण सामग्री बरामद होने की खबर, लाइसेंस की जांच पर भी जोर


स्थान: अशोक नगर (महुआ), उसका बाजार, सिद्धार्थनगर।


सिद्धार्थनगर। पटाखों में हुए विस्फोट ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में आतिशबाजी से जुड़ी गतिविधियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के उसका बाजार थाना क्षेत्र के अशोक नगर (महुआ) में सोमवार को पटाखों में अचानक धमाका हो गया। इस घटना में एक भैंस गंभीर रूप से घायल हो गई। गनीमत रही कि उपलब्ध समाचारों के मुताबिक, विस्फोट के समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता था।

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प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, पटाखा बनाने या सुखाने के लिए सामग्री घर के बाहर खुले स्थान पर रखी गई थी। इसी दौरान खेत से लौट रही भैंस का पैर कथित तौर पर पटाखों पर पड़ गया और विस्फोट हो गया। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घायल भैंस के उपचार के लिए पशु चिकित्सक को बुलाए जाने की भी जानकारी सामने आई है।


सूचना मिलते ही पहुंची प्रशासनिक टीम, फैक्ट्री सील किए जाने की खबर


घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। प्रकाशित समाचारों में पटाखा बनाने में इस्तेमाल होने वाले बारूद और अन्य सामग्री बरामद किए जाने का उल्लेख है। वहीं, एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रशासन ने संबंधित पटाखा फैक्ट्री को सील कर दिया।

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अब इस मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि पटाखों का निर्माण और भंडारण किन परिस्थितियों में किया जा रहा था? क्या संबंधित परिसर के पास वैध लाइसेंस था? क्या पटाखे बनाने, सुखाने और रखने के लिए निर्धारित सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था? इन सभी बिंदुओं की जांच जरूरी है।


लाइसेंस की जांच और कानूनी कार्रवाई पर नजर


समाचार रिपोर्टों के अनुसार, संबंधित पटाखा फैक्ट्री के लाइसेंस और विस्फोट के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस की ओर से विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई किए जाने की बात भी प्रकाशित हुई है। हालांकि, अंतिम कानूनी स्थिति जांच के निष्कर्ष और पुलिस की आधिकारिक पुष्टि से ही स्पष्ट होगी।

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पटाखों से जुड़ी गतिविधियों में सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी है। बारूद और विस्फोटक सामग्री का असुरक्षित तरीके से भंडारण आसपास रहने वाले लोगों, पशुओं और संपत्ति के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इसलिए जांच केवल घटना के कारण तक सीमित न रहकर लाइसेंस, भंडारण की अनुमति और सुरक्षा मानकों के पालन तक भी पहुंचनी चाहिए।


बड़ा सवाल: क्या समय रहते सुरक्षा व्यवस्था की जांच हुई थी?


इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि संबंधित परिसर में पटाखों का निर्माण और भंडारण किस अनुमति के तहत हो रहा था और क्या नियमित निरीक्षण किया गया था। इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग की जांच से ही मिल सकेगा।

फिलहाल, प्रशासन की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष पर नजर बनी हुई है। यदि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


FT News Digital की टिप्पणी


एक भैंस का घायल होना केवल पशुहानि का मामला नहीं, बल्कि विस्फोटक सामग्री के सुरक्षित रखरखाव से जुड़ा चेतावनी संकेत भी है। प्रशासन को जांच के आधार पर यह स्पष्ट करना चाहिए कि पटाखों का भंडारण और निर्माण वैध अनुमति के तहत हो रहा था या नहीं। जनसुरक्षा से जुड़े ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच, नियमों का पालन और समयबद्ध कार्रवाई बेहद जरूरी है।


FT News Digital | निष्पक्ष खबर, जिम्मेदार पत्रकारिता।


एक नजर में


स्थान

अशोक नगर (महुआ), उसका बाजार, सिद्धार्थनगर

घटना

पटाखों में विस्फोट, भैंस गंभीर रूप से घायल

प्रशासनिक कार्रवाई

मौके पर जांच, सामग्री बरामद होने और फैक्ट्री सील किए जाने की खबर

जांच के प्रमुख बिंदु

लाइसेंस, भंडारण की अनुमति, सुरक्षा नियम और विस्फोट का कारण

 

प्रकाशन से पहले जरूरी सावधानी: फैक्ट्री सील किए जाने, सामग्री बरामद होने और विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई की स्थिति को संबंधित पुलिस या प्रशासनिक अधिकारी से पुष्ट कर लें। इससे खबर की विश्वसनीयता बढ़ेगी और कानूनी जोखिम कम होगा। रिपोर्टों में अधिकारियों के विवरण में अंतर है, इसलिए पुष्टि के बिना किसी अधिकारी का नाम या बयान सीधे उद्धृत न करें।

 

सिद्धार्थनगर में अस्पताल के बेसमेंट में लगी आग, दमकल की दो गाड़ियों ने संभाला मोर्चा

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 जलने की खबर; अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर चर्चा


सिद्धार्थनगर। जिले के उस्का मार्ग स्थित लाइफ केयर मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल के बेसमेंट में आग लगने की घटना से हड़कंप मच गया। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास किया। घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार देर शाम अस्पताल के बेसमेंट में आग लगी थी। शुरुआती जानकारी में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई गई। आग की चपेट में आने से भवन निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और अन्य सामान जलने की बात सामने आई है। प्रकाशित समाचार में जनहानि नहीं होने का भी उल्लेख है।


अस्पताल में आग, सुरक्षा इंतजामों पर अहम सवाल


अस्पताल ऐसी जगह है, जहां मरीजों और उनके तीमारदारों की सुरक्षा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में आग लगने की घटना के बाद अग्नि सुरक्षा उपकरणों, आपातकालीन निकास और बिजली की वायरिंग की स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है।

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हालांकि, अस्पताल में सुरक्षा संबंधी किसी कमी या लापरवाही की पुष्टि अभी उपलब्ध जानकारी से नहीं होती। इस संबंध में संबंधित विभाग की जांच और आधिकारिक बयान महत्वपूर्ण होंगे।


आग का कारण और नुकसान की स्थिति स्पष्ट होना बाकी


घटना में आग लगने की वास्तविक वजह क्या थी, कितना नुकसान हुआ और अस्पताल में मौजूद मरीजों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए—इन सवालों पर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। शॉर्ट सर्किट की आशंका को जांच के बाद ही पुष्ट कारण माना जा सकता है।

अब संबंधित विभाग की जांच और अस्पताल प्रबंधन का पक्ष इस घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण होगा।


FT News Digital की नजर इस मामले से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर बनी रहेगी।

 

 

बांसी में अनुदेशक संघ प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह का भव्य स्वागत, अनुदेशक जल्द होंगे नियमित

बांसी में अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष का भव्य स्वागत, जिलाध्यक्ष पद पर महेश्वरी पाठक का नाम प्रस्तावित

बांसी (सिद्धार्थनगर)। रानी लक्ष्मी वाटिका, बांसी में प्रसिद्घ अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह का स्वागत एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अनुदेशकों ने हिस्सा लेकर संगठन के प्रति अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। इस दौरान नियमितीकरण और एरियर भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठा।

2027 में अनुदेशक होंगे नियमित 

समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा कि अनुदेशकों का नियमितीकरण संगठन का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने भरोसा जताया कि अप्रैल 2027 से पहले नियमितीकरण कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनुदेशकों के अधिकारों के लिए संगठन लगातार संघर्षरत है और उनकी मांगों को पूरा कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

जल्द मिलेगा 9 लाख एरियर

विक्रम सिंह ने एरियर भुगतान को लेकर भी सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि अनुदेशकों का एरियर जल्द मिलने जा रहा है। उनके इस बयान से कार्यक्रम में मौजूद अनुदेशकों में उम्मीद और उत्साह का माहौल देखने को मिला। उन्होंने सभी अनुदेशकों से एकजुट रहने और संगठन को मजबूत बनाने की अपील की।

माहेश्वरी पाठक बने जिलाध्यक्ष

कार्यक्रम के दौरान सिद्धार्थनगर जिले में संगठनात्मक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। प्रदेश अध्यक्ष ने जिले की इकाई गठित करते हुए जिलाध्यक्ष पद के लिए महेश्वरी पाठक का नाम प्रस्तावित किया। इस पहल को जिले में अनुदेशकों की समस्याओं को मजबूती से उठाने और संगठन को सक्रिय बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

समारोह में मौजूद अनुदेशकों ने नियमितीकरण सहित अपनी लंबित मांगों के समाधान की उम्मीद जताई। कार्यक्रम ने संगठन की एकजुटता और अधिकारों के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। अब अनुदेशकों की निगाहें नियमितीकरण की दिशा में होने वाली आगामी कार्रवाई और एरियर भुगतान पर टिकी हैं।

कार्यक्रम में संतोष सिंघानिया, दिलीप कुमार, रविकांत, अशोक यादव, संतोष सिंह, अभिषेक सिंह, नागेंद्र सिंह, शशिकांत पांडेय, विनीता मिश्रा, सीमा निषाद सहित कई अनुदेशक मौजूद रहें।

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