पेंशन की पुकार से गूंजा सिद्धार्थनगर, तिरंगे के साथ सड़कों पर उतरे शिक्षक-कर्मचारी

NPS-UPS, निजीकरण और TET अनिवार्यता के मुद्दे पर अटेवा का शक्ति प्रदर्शन; कलेक्ट्रेट तक निकली OPS तिरंगा यात्रा
आंदोलन का संदेश
“एक मिशन—पुरानी पेंशन” के नारों और हाथों में तिरंगा लेकर शिक्षक-कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। आयोजकों के अनुसार जिलेभर से बड़ी संख्या में शिक्षक-कर्मचारी यात्रा में शामिल हुए।

क्या है पूरा मामला?
अटेवा पुरानी पेंशन बचाओ मंच, सिद्धार्थनगर की ओर से NPS/UPS, सरकारी संस्थानों के निजीकरण और TET अनिवार्यता से जुड़े मुद्दों को लेकर OPS तिरंगा यात्रा निकाली गई। संगठन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक यात्रा जय किसान इंटर कॉलेज, सकतपुर सनई से शुरू होकर जिला कलेक्ट्रेट तक पहुंची।
सिद्धार्थनगर। पुरानी पेंशन की बहाली की मांग ने एक बार फिर शिक्षक-कर्मचारियों को सड़क पर ला दिया। सिद्धार्थनगर में अटेवा और NMOPS के बैनर तले निकली OPS तिरंगा यात्रा में हाथों में तिरंगा, मांगों से जुड़े पोस्टर और पुरानी पेंशन के समर्थन में नारे दिखाई दिए। आयोजकों के मुताबिक जिलेभर से बड़ी संख्या में शिक्षक-कर्मचारी बाइक और अन्य माध्यमों से यात्रा में शामिल होकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे।

पूरी खबर
पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर सिद्धार्थनगर में शिक्षक-कर्मचारियों का आंदोलनात्मक तेवर देखने को मिला। अटेवा पुरानी पेंशन बचाओ मंच की ओर से 21 अगस्त 2026 को OPS तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। संगठन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यात्रा का उद्देश्य NPS/UPS, निजीकरण और TET अनिवार्यता के मुद्दों पर अपनी मांगों और आपत्तियों को सरकार तक पहुंचाना था।
यात्रा जय किसान इंटर कॉलेज, सकतपुर सनई से शुरू हुई और बाइक रैली के रूप में जिला कलेक्ट्रेट तक पहुंची। यात्रा में शामिल लोगों के हाथों में तिरंगे और विभिन्न मांगों से जुड़े पोस्टर नजर आए। कलेक्ट्रेट परिसर के सामने भी शिक्षक-कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।
पर संगठन का विरोध
अटेवा के प्रदेश संयुक्त मंत्री जनार्दन शुक्ल ने संगठन के पक्ष को रखते हुए कहा कि शिक्षक और कर्मचारी NPS तथा UPS को स्वीकार नहीं करते और पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सरकारी संस्थाओं के निजीकरण को लेकर भी संगठन की आपत्ति जाहिर की।
वहीं, अटेवा जिलाध्यक्ष बृजेश द्विवेदी ने कहा कि पुरानी पेंशन का मुद्दा किसी एक संगठन तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक यह शिक्षक-कर्मचारियों के हितों से जुड़ा विषय है और संगठन अपनी मांग को लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी उठाता रहेगा।
निजीकरण पर भी उठाई आवाज
मंडल अध्यक्ष बलवंत चौधरी ने NPS और UPS को लेकर संगठन की नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अर्धसैनिक बलों समेत सरकारी कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए पुरानी पेंशन बहाली की मांग दोहराई।
तिरंगा यात्रा के दौरान प्रदर्शनकारियों के पोस्टरों पर पुरानी पेंशन और निजीकरण से जुड़े संदेश दिखाई दिए। इससे साफ नजर आया कि संगठन ने इस कार्यक्रम के जरिए अपनी मांगों को व्यापक स्तर पर सामने रखने की कोशिश की।
कलेक्ट्रेट तक पहुंचा आंदोलन
संगठन की ओर से जारी पत्र के मुताबिक यात्रा के बाद जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर संबंधित अधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाने की बात कही गई है। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों और सदस्यों ने भाग लिया।
आयोजकों ने कार्यक्रम में हजारों शिक्षक-कर्मचारियों की भागीदारी का दावा किया है। उपलब्ध तस्वीरों में भी बड़ी संख्या में लोगों को तिरंगा लेकर यात्रा और प्रदर्शन में शामिल देखा जा सकता है।
संगठन की प्रमुख मांगें
पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग।
NPS और UPS को लेकर संगठन की आपत्ति।
सरकारी संस्थानों के निजीकरण पर रोक की मांग।
TET अनिवार्यता से जुड़े मुद्दे पर संगठन की आपत्ति।
शिक्षक-कर्मचारियों के हितों से जुड़े विषयों पर समाधान की मांग।
सारांश
सिद्धार्थनगर में OPS तिरंगा यात्रा के जरिए शिक्षक-कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन की मांग को फिर मजबूती से उठाया। NPS-UPS, निजीकरण और TET अनिवार्यता जैसे मुद्दों को लेकर संगठन ने अपना पक्ष रखा। यात्रा कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां ज्ञापन सौंपे जाने की जानकारी संगठन ने दी। अब इन मांगों पर शासन और प्रशासन की ओर से क्या रुख सामने आता है, इस पर नजर रहेगी।
संपादकीय टिप्पणी
पुरानी पेंशन का मुद्दा लंबे समय से सरकारी कर्मचारियों और शिक्षक संगठनों के बीच चर्चा का विषय रहा है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार और प्रशासन के सामने रखना संगठनों का अधिकार है। वहीं, नीति से जुड़े किसी भी मुद्दे पर अंतिम स्थिति संबंधित सरकारी निर्णय और आधिकारिक पक्ष से ही स्पष्ट होगी। FT News Digital इस खबर में संगठन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति, पदाधिकारियों के बयानों और उपलब्ध तस्वीरों के आधार पर तथ्य प्रस्तुत कर रहा है; किसी दावे को स्वतंत्र रूप से अंतिम सत्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।

