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दूषित गोलगप्पे खाने से करीब 100 बच्चे बीमार

सिद्धार्थनगर। खेसरहा विकासखंड के पेड़ारी और कलनाखोर गांवों में दूषित गोलगप्पे (फुल्की) खाने के बाद बड़ी संख्या में बच्चों की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। करीब 100 बच्चों के बीमार होने की बात सामने आ रही है। बच्चों को उल्टी, दस्त और बुखार की शिकायत हो रही है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार पड़ने से दोनों गांवों में हड़कंप मचा हुआ है। परिजन अपने बच्चों की हालत को लेकर बेहद चिंतित हैं और उन्हें आनन-फानन में स्थानीय डॉक्टरों के पास ले जाकर उपचार करा रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, गांव में घूम-घूमकर फुल्की और गोलगप्पे बेचने वाले एक व्यक्ति से बच्चों ने परसों की शाम गोलगप्पे खाए थे। इसके बाद कल से ही बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते कई घरों में बच्चे उल्टी और दस्त से परेशान हो गए। कुछ बच्चों को बुखार की भी शिकायत है। अचानक बच्चों की सेहत बिगड़ने से परिजनों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

पेड़ारी गांव निवासी रविकांत ने बताया कि गांव में घूम-घूमकर फुल्की और गोलगप्पे बेचने वाला व्यक्ति कलनाखोर गांव का रहने वाला है। उनके बच्चों ने भी उसी व्यक्ति से गोलगप्पे खरीदकर खाए थे। इसके बाद कल से ही बच्चों को उल्टी, दस्त और बुखार की शिकायत शुरू हो गई। रविकांत के बेटे रितेश, आंशिक और अनुराधा भी बीमार हैं। उनका स्थानीय डॉक्टर से उपचार कराया जा रहा है। तो वहीं कलनाखोर गांव के कन्हई मौर्या की बच्चियां निशा मौर्या और अनीता मौर्या का ईलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। इसके अलावा गांव के कई अन्य बच्चे भी बीमार बताए जा रहे हैं, जिनका इलाज चल रहा है।

कलनाखोर के निवासी योगेंद्र सिंह भी जिला अस्पताल पर मौजूद थे। उन्होंने बताया कि गोलगप्पे वाला उनके गाँव का है।

परिजनों का कहना है कि बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने से घरों में चिंता का माहौल है। कोई बच्चों को डॉक्टर के पास लेकर पहुंचा तो कोई उनके उपचार के लिए दवाइयों का इंतजाम करने में जुटा है। ग्रामीणों को आशंका है कि गोलगप्पों में इस्तेमाल किया गया दूषित पानी या खाद्य सामग्री बच्चों की बीमारी की वजह हो सकती है। हालांकि, बीमारी के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार होने की सूचना ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए।

सीएमओ डॉ. संजय दोहरे ने बताया कि उन्हें गांव में कई बच्चों के बीमार होने की सूचना मिली है। उन्होंने कहा कि दो बच्चियों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।

दोहरे के मुताबिक, गोलगप्पे ज्यादा दिन तक रखे हों और बच्चे उन्हें खाएं, तो फूड पॉइजनिंग हो सकती है। उन्होंने बताया कि बीमार बच्चियों की उम्र 16 से 17 साल है और वे खेसरहा ब्लॉक के कलनाखोर गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को ऐसी चीजों से दूर रखने को कहा। गांव में डॉक्टरों की टीम भेजी जाएगी।

रिपोर्टर: सत्यपाल सिंह 

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