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कैशलैस ईलाज और मानदेय बढ़ाए जाने से अनुदेशक खुश, विधायकों का किया स्वागत, मुख्यमंत्री का जताया आभार

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17000 रुपए प्रति माह किए जाने तथा पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान किए जाने के निर्णय से जनपद सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी की लहर है। सरकार के इस फैसले पर अनुदेशकों ने जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

इसी क्रम में अनुदेशक संघ के पदाधिकारियों ने शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा और कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही को ज्ञापन सौंपकर धन्यवाद ज्ञापित किया। अनुदेशकों ने कहा कि सरकार का यह निर्णय लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम है।

सरकार के फैसले से अनुदेशकों में उत्साह

अनुदेशकों का कहना है कि लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग की जा रही थी। ऐसे में प्रदेश सरकार द्वारा मानदेय को बढ़ाकर ₹17,000 करना उनके लिए बड़ी राहत है। इसके साथ ही पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से अब अनुदेशकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा भी मिलेगी।

अनुदेशकों ने बताया कि इस निर्णय से प्रदेश के करीब 25 हजार अनुदेशकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम अनुदेशकों के मनोबल को बढ़ाने वाला है और इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

विधायकों को सौंपा ज्ञापन

सरकार के इस फैसले के बाद अनुदेशकों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर आभार व्यक्त किया। इस दौरान अनुदेशकों ने शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा तथा कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही का स्वागत किया और उनके माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद ज्ञापित किया।

अनुदेशकों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रयासों और सरकार की सकारात्मक सोच के कारण ही यह फैसला संभव हो सका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सरकार अनुदेशकों की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए इसी तरह सकारात्मक कदम उठाएगी।

इस अवसर पर परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन, सिद्धार्थनगर के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुदेशकों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए यह सराहनीय निर्णय लिया है। इससे हजारों अनुदेशकों और उनके परिवारों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला अनुदेशकों के लिए सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक है। इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और अनुदेशक और अधिक समर्पण के साथ बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में योगदान देंगे।

ये अनुदेशक रहे मौजूद

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अनिल पांडेय,अनुदेशक रामानंद उपाध्याय, लवकुश चौधरी, सत्य मृत्युंजयधर, सत्यपाल सिंह, कैलाश नाथ, देवेंद्र चौधरी, शरद, दिलीप कुमार सहित अन्य कई अनुदेशक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और इस निर्णय को ऐतिहासिक बताया।

मानदेय बढ़ाए जाने और कैशलेश ईलाज देने पर अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार, विधायक जय प्रताप सिंह का किया स्वागत

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17000 रुपए प्रति माह किए जाने और पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा देने के फैसले से जनपद सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी का माहौल है। सरकार के इस निर्णय को अनुदेशकों ने राहत भरा कदम बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। इसी क्रम में अनुदेशक संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बांसी विधायक जय प्रताप सिंह का स्वागत कर धन्यवाद ज्ञापित किया।

अनुदेशकों ने जताई खुशी, सरकार के फैसले को बताया ऐतिहासिक

अनुदेशकों का कहना है कि लंबे समय से मानदेय बढ़ाए जाने की मांग की जा रही थी। ऐसे में सरकार द्वारा मानदेय को बढ़ाकर 17000 रुपए करना अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत है। इसके साथ ही पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से अब अनुदेशकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा भी मिल सकेगी।

अनुदेशकों ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के करीब 25 हजार अनुदेशकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अनुदेशकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और सरकार का यह कदम उनके मनोबल को बढ़ाने वाला है।

विधायक जय प्रताप सिंह का किया गया स्वागत

सरकार के इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए अनुदेशक संघ के पदाधिकारियों ने बांसी विधायक जय प्रताप सिंह का स्वागत किया और उनके माध्यम से प्रदेश सरकार तथा मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। अनुदेशकों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रयासों और सरकार की सकारात्मक सोच के कारण ही यह फैसला संभव हो पाया है।

आर्थिक और सामाजिक लाभ होगा

इस अवसर पर परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन, सिद्धार्थनगर के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुदेशकों की समस्याओं को समझते हुए यह सराहनीय निर्णय लिया है। इससे हजारों अनुदेशकों और उनके परिवारों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम अनुदेशकों के लिए सम्मान और प्रोत्साहन का प्रतीक है। इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और अनुदेशक पहले से अधिक उत्साह के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

ये अनुदेशक रहे मौजूद

इस दौरान अनुदेशक सीमा निषाद, रामानंद उपाध्याय, लवकुश चौधरी, सत्य मृत्युंजयधर, सत्यपाल सिंह, दिलीप, कैलाश नाथ, देवेंद्र चौधरी, शरद सहित कई अन्य अनुदेशक उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के इस निर्णय से अनुदेशकों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

यूपी के 15 लाख से अधिक शिक्षक,शिक्षामित्र,अनुदेशक व अन्य कर्मचारियों को कैशलैस चिकित्सा की सुविधा

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए एक बड़ी स्वास्थ्य सुविधा का ऐलान किया है। अब बेसिक और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े लाखों कर्मचारी और उनके परिवार निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। यह व्यवस्था आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर लागू की जा रही है, जिससे सरकारी शिक्षा तंत्र से जुड़े कर्मियों को इलाज के लिए आर्थिक चिंता से राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शिक्षक दिवस 2025 पर घोषित इस योजना को गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में औपचारिक स्वीकृति दे दी गई।

अनुदेशक, शिक्षामित्र को भी लाभ

इस योजना का सबसे बड़ा दायरा बेसिक शिक्षा परिषद से जुड़े कर्मियों को कवर करता है। इसमें शामिल हैं:

परिषद के विद्यालयों के शिक्षक

मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक

शिक्षामित्र

विशेष शिक्षक

अनुदेशक

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की वार्डेन और शिक्षक

प्रधानमंत्री पोषण योजना (मिड-डे मील) से जुड़े रसोइये

उपरोक्त सभी के आश्रित

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि इस श्रेणी में 11.95 लाख से अधिक शिक्षक और कर्मचारी लाभान्वित होंगे। सरकार प्रति कर्मी लगभग 3000 रुपये वार्षिक प्रीमियम के आधार पर इस हिस्से पर 358.61 करोड़ रुपये सालाना खर्च का अनुमान लगा रही है।

माध्यमिक के शिक्षकों को भी लाभ

माध्यमिक शिक्षा विभाग के दायरे में आने वाले कई वर्गों को इस योजना में शामिल किया गया है। इनमें शामिल हैं:

अनुदानित एवं स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षक

व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े विषय विशेषज्ञ

मानदेय शिक्षक

संस्कृत शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक

संबंधित कर्मचारियों के आश्रित परिवारजन भी होंगे लाभान्वित

यह योजना सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके आश्रित परिवारजनों को भी इसमें शामिल किया गया है। इससे लाखों परिवारों को सीधे तौर पर स्वास्थ्य सुरक्षा कवच मिलेगा।

 

 

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