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विक्रम सिंह ने भाजपा प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े को सौंपा अनुदेशकों का मांगपत्र, बुके देकर किया सम्मानित

गोरखपुर। गोरखपुर की पावन धरती पर अनुदेशक संघ ने अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद की। प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने गोरखपुर के दो दिवसीय दौरे पर आए भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े से मुलाकात कर उन्हें बुके और अंगवस्त्र से सम्मानित किया। इसके बाद 25 हजार अनुदेशक परिवार की ओर से मांगपत्र सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की।

मांगपत्र में नियमितीकरण, बकाया एरियर भुगतान, 12 माह का वेतन, वार्षिक नवीनीकरण और बांड व्यवस्था समाप्त करने, स्थानांतरण एवं समायोजन, महिला अनुदेशकों को सीसीएल व मिसकैरेज अवकाश, आकस्मिक एवं अर्जित अवकाश, मेडिकल अवकाश और 62 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु समेत 11 प्रमुख मांगें शामिल हैं।

विक्रम सिंह ने कहा कि अनुदेशक वर्षों से विद्यालयों में पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अब समय है कि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए और उन्हें सेवा सुरक्षा एवं सम्मान मिले।

अनुदेशक संघ का संदेश स्पष्ट है, सेवा का सम्मान चाहिए, समस्याओं का समाधान चाहिए और भविष्य की स्थायी सुरक्षा चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट में अनुदेशकों की बड़ी जीत..1 अप्रैल 2026 से 17 हजार मानदेय देने की बात कोर्ट ने कही

UP News: उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में तैनात 25000 अनुदेशकों के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक निर्णय दिया है। 5 महीने से फैसले का इंतजार कर रहे अनुदेशकों में आज खुशी की लहर दौड़ गई, जब कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि, अनुदेशकों को 1 अप्रैल 2026 से 17000 का मानदेय दे और 2017 से एरियर का भुगतान अगले 6 महीने के अंदर करे।

जानिए कोर्ट ने क्या कहा 

उत्तर प्रदेश में अंशकालिक (पार्ट-टाइम) शिक्षकों की नियुक्ति, अवधि समाप्त होने के बाद अब संविदात्मक (contractual) नहीं रह गई है। उन्हें अन्यत्र नौकरी करने से रोका गया था। ऐसे पद स्वतः सृजित (automatically created) माने जाते हैं। मानदेय में संशोधन न करना (7,000 रुपये) अनुचित प्रथा (unfair practices) के बराबर है।

उपरोक्त के आलोक में यह निर्धारित है कि:

उत्तर प्रदेश में पार्ट-टाइम शिक्षक 2013 में निर्धारित मानदेय के संशोधन के हकदार हैं।

यह संशोधन समय-समय पर, यदि वार्षिक नहीं, तो किया जाना चाहिए।

17-18 से प्रभावी, संशोधन होने तक 17,000 रुपये प्रति माह का भुगतान करें।

1.04.2026 से नया भुगतान शुरू करें।

बकाया राशि (Arrears) आज से 6 महीने के भीतर भुगतान की जाए। 

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