बांसी में गूंजी रिश्तों की मिठास, पूजा पाल ने भाइयों की कलाई पर बांधा रक्षा का सूत्र
पूजा पाल ने बांधा रक्षासूत्र, भाईचारे का दिया संदेश

बांसी में रक्षाबंधन पर स्नेह मिलन कार्यक्रम
सांसद जगदंबिका पाल की पुत्री पूजा पाल ने भाइयों की कलाई पर बांधी राखी
रिश्तों की डोर मजबूत करने के साथ सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश देता नजर आया आयोजन

बांसी (सिद्धार्थनगर)। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर रविवार को बांसी नगर के एक मैरिज हॉल में आयोजित विशेष स्नेह मिलन कार्यक्रम में आत्मीयता और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल की पुत्री पूजा पाल ने कार्यक्रम में उपस्थित भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनके सुख, समृद्धि, उज्ज्वल भविष्य और दीर्घायु की मंगलकामना की। भाइयों ने भी बहन के प्रति स्नेह और सहयोग का संकल्प व्यक्त किया।
सारांश
रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में पूजा पाल ने उपस्थित भाइयों को राखी बांधी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। राखी बांधने और मिठाई खिलाने के साथ कार्यक्रम में पारिवारिक स्नेह, आपसी विश्वास और सामाजिक भाईचारे की भावना दिखाई दी।
पूरी खबर

बांसी नगर में रविवार को रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर आयोजित स्नेह मिलन कार्यक्रम में उत्सव का रंग देखने को मिला। कार्यक्रम में डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल की पुत्री पूजा पाल ने उपस्थित भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधा और उनके स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
रक्षासूत्र बांधने के बाद भाइयों ने भी पूजा पाल के प्रति सम्मान और स्नेह व्यक्त करते हुए हर परिस्थिति में सहयोग एवं सुरक्षा का भाव बनाए रखने का संकल्प लिया। इस दौरान एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की खुशियां साझा की गईं।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और पुरुषों की मौजूदगी से मैरिज हॉल का वातावरण पूरी तरह उत्सवमय नजर आया। रक्षाबंधन के पारंपरिक भाव के साथ आयोजन में आपसी स्नेह, सम्मान, भाईचारे और सामाजिक एकजुटता का संदेश भी सामने आया।
इस अवसर पर राम किंकर मिश्र, पूर्व प्रत्याशी नगर पालिका परिषद बांसी पूनम जायसवाल, शिवेंद्र द्विवेदी, राजेंद्र पांडेय, गुड्डू पाठक, सोनू तिवारी, बबलू तिवारी, अनिल राय, घनश्याम तिवारी, राजन श्रीवास्तव, बजरंगी वर्मा, सुरेंद्र लाल श्रीवास्तव और भवानी सिंह सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
टिप्पणी
राखी का धागा सिर्फ कलाई पर नहीं बंधता, बल्कि विश्वास और रिश्तों को जोड़ता है। बांसी का यह आयोजन इसी भाव को सार्वजनिक रूप से अभिव्यक्त करता नजर आया, जहां रक्षाबंधन की परंपरा के साथ स्नेह और भाईचारे का संदेश भी प्रमुख रहा।
FT NEWS DIGITAL | स्थानीय संवाद
बांसी, सिद्धार्थनगर

