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मौत से पहले पुलिस को दी थी तहरीर, अब खेत में गणेश लोधी की संदिग्ध मौत; पत्नी और परिजनों के बयानों में विरोधाभास

पत्नी बोली—पति ने पी रखी थी शराब और करता था शक; परिवार का दावा—गणेश शराब नहीं पीता था, भाई ने पत्नी व एक अन्य व्यक्ति पर लगाए गंभीर आरोप


सिद्धार्थनगर। सदर थाना क्षेत्र में करीब 40 वर्षीय गणेश लोधी की खेत में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला इसलिए भी संवेदनशील हो गया है क्योंकि परिजनों के अनुसार गणेश ने अपनी मौत से पहले पुलिस को एक तहरीर देकर पत्नी और एक अन्य व्यक्ति को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे तथा अपने साथ किसी अप्रिय घटना की आशंका जताई थी। अब गणेश की मौत के बाद उसके भाई ने पत्नी और एक अन्य व्यक्ति की भूमिका पर संदेह जताते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं मृतक की सास ने भी अपनी बेटी के व्यवहार को लेकर आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर पत्नी का कहना है कि उसका पति उस पर शक करता था और घटना वाले दिन उसने शराब पी रखी थी। परिवार का दावा इसके ठीक उलट है कि गणेश शराब नहीं पीता था। फिलहाल मौत का कारण स्पष्ट नहीं है और आरोपों की सत्यता पुलिस जांच व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आ सकेगी।


| कई सवाल छोड़ गई खेत में हुई मौत

मृतक की पहचान गणेश लोधी पुत्र स्वर्गीय दशरथ लोधी, निवासी सरोजनीनगर उर्फ मोडिला, वार्ड नंबर-8, थाना सदर, जनपद सिद्धार्थनगर के रूप में बताई गई है। परिजनों के अनुसार 30 जुलाई को गणेश अपनी पत्नी के साथ सदर थाना क्षेत्र के ग्राम रेहरा स्थित खेत में फसल काटने गया था। इसी दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई।

खेत में पत्नी के साथ गया था गणेश

परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक गणेश अपनी पत्नी कमलावती के साथ खेत में काम करने गया था। इसी दौरान उसकी हालत बिगड़ने और मौत होने की बात सामने आई। परिजनों का दावा है कि मौत के बाद गणेश की नाक से खून दिखाई दिया था और कुछ अन्य शारीरिक परिस्थितियां भी नजर आईं।

हालांकि केवल इन परिस्थितियों के आधार पर मौत का कारण निर्धारित नहीं किया जा सकता। यह मौत प्राकृतिक कारणों से हुई, किसी चिकित्सकीय समस्या के कारण हुई अथवा इसके पीछे कोई अन्य वजह है, इसका निष्कर्ष पोस्टमार्टम और जांच के आधार पर ही निकलेगा।

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| मौत से पहले दी गई तहरीर ने बढ़ाई मामले की गंभीरता

मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू गणेश द्वारा पूर्व में पुलिस को दी गई बताई जा रही तहरीर है। उपलब्ध कराई गई तहरीर की प्रति में गणेश ने अपनी पत्नी और एक अन्य व्यक्ति के संबंधों को लेकर आरोप लगाए थे। तहरीर में उसने यह भी आशंका जताई थी कि उसके साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है।

तहरीर में यह भी उल्लेख है कि पूर्व में दोनों पक्षों के बीच विवाद सामने आया था। शिकायत में लगाए गए सभी आरोप गणेश के कथन हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

बताया जा रहा है कि उस समय मामला पुलिस तक पहुंचने के बाद दोनों पक्षों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया गया था। उस शिकायत पर पुलिस स्तर से वास्तव में क्या कार्रवाई हुई थी, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

पत्नी का पक्ष—“पति मुझ पर शक करता था”

गणेश की मौत के बाद उसकी पत्नी कमलावती से घटना के संबंध में पूछे जाने पर उसने कहा कि उसका पति उस पर शक करता था। पत्नी के मुताबिक घटना वाले दिन गणेश उसके साथ खेत में काम कर रहा था और उसने शराब पी रखी थी।

पत्नी के इस बयान के बाद मामले में एक और सवाल जुड़ गया है।


| परिवार बोला—गणेश शराब नहीं पीता था

मृतक के परिवार ने पत्नी के शराब संबंधी दावे से असहमति जताई है। परिजनों का कहना है कि गणेश शराब का सेवन नहीं करता था।

इस तरह पत्नी और मृतक के परिजनों के बयानों में स्पष्ट विरोधाभास सामने आया है।

गणेश ने घटना वाले दिन शराब का सेवन किया था अथवा नहीं, इसे फिलहाल प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। पोस्टमार्टम के दौरान किए गए आवश्यक चिकित्सकीय/फॉरेंसिक परीक्षण और जांच से इस पहलू पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

भाई ने पत्नी और एक अन्य व्यक्ति पर लगाया हत्या का आरोप

घटना के बाद मृतक के भाई की ओर से पुलिस को तहरीर देकर गणेश की पत्नी और एक अन्य व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि पत्नी की एक व्यक्ति से नजदीकी को लेकर गणेश परेशान रहता था और इसका विरोध करता था।

यहां स्पष्ट करना आवश्यक है कि हत्या का आरोप अभी परिजनों का आरोप है। किसी व्यक्ति की संलिप्तता अथवा अपराध सिद्ध होने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।


मृतक की सास ने भी बेटी पर लगाए आरोप

मामले में एक असामान्य पहलू तब सामने आया जब मृतक की सास ने भी अपनी बेटी के आचरण को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

उनका दावा है कि उनकी बेटी का गांव में किराये पर रहने वाले एक व्यक्ति के साथ मेल-जोल था, जिसका उनका दामाद गणेश विरोध करता था। उन्होंने भी दामाद की मौत को लेकर संदेह जताया और जांच की मांग की।

हालांकि सास द्वारा लगाए गए आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें जांच से पहले तथ्य नहीं माना जा सकता।

एक वर्ष से संबंध होने की चर्चा, पुष्टि नहीं

स्थानीय स्तर पर पत्नी और एक अन्य व्यक्ति के बीच करीब एक वर्ष से कथित नजदीकी होने की चर्चाएं सामने आई हैं। कुछ लोग इसी कथित संबंध को गणेश की मौत से जोड़कर देख रहे हैं।

FT News Digital ऐसी चर्चाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। किसी कथित प्रेम संबंध को हत्या का कारण बताना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा। पुलिस को उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही इस पहलू की सत्यता निर्धारित करनी होगी।

दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

बताया जा रहा है कि गणेश की उम्र करीब 40 वर्ष थी, जबकि पत्नी कमलावती की उम्र लगभग 35 वर्ष बताई गई है। परिवार में करीब 14 वर्षीय बेटा दुर्गेश और लगभग आठ वर्षीय बेटी दुर्गावती हैं।

गणेश की अचानक मौत के बाद परिवार में मातम है। वहीं आरोप-प्रत्यारोप के बीच दोनों बच्चों की स्थिति भी बेहद संवेदनशील बनी हुई है।

जिला अस्पताल में जुटी भीड़, पुलिस ने पत्नी-बच्चों को सुरक्षा में बैठाया

गणेश की मौत की जानकारी मिलने के बाद जिला अस्पताल में परिजनों और परिचितों की भीड़ जमा हो गई। मौजूद लोगों में आक्रोश को देखते हुए अस्पताल परिसर स्थित पुलिस चौकी के पुलिसकर्मियों ने स्थिति संभाली।

बताया गया कि किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए मृतक की पत्नी और बच्चों को पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से अपने पास बैठा लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की जानकारी है।

जांच के सामने ये अहम सवाल

◆ गणेश लोधी की मौत का वास्तविक कारण क्या है?

◆ मौत से पहले दी गई कथित तहरीर पर पुलिस ने क्या कार्रवाई की थी?

◆ पत्नी के शराब संबंधी बयान और परिवार के दावे में कौन-सा तथ्य सही है?

◆ परिजनों द्वारा जिस दूसरे व्यक्ति का जिक्र किया जा रहा है, उसकी भूमिका क्या थी?

◆ नाक से खून आने के दावे का चिकित्सकीय कारण क्या था?

◆ क्या मौत में किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका है या मामला किसी अन्य कारण से जुड़ा है?

इन सवालों के जवाब अनुमान या आरोपों से नहीं, बल्कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, वैज्ञानिक साक्ष्य और पुलिस जांच से ही मिल सकते हैं।


| आरोप गंभीर, लेकिन फैसला जांच से पहले नहीं

गणेश लोधी की मौत से पहले दी गई बताई जा रही तहरीर और मौत के बाद परिवार की ओर से लगाए जा रहे आरोप निश्चित रूप से जांच के महत्वपूर्ण बिंदु हैं। पत्नी और परिवार के परस्पर विरोधी बयान भी जांच एजेंसी के सामने अहम पहलू हो सकते हैं।

लेकिन कानून की दृष्टि से आरोप और अपराध सिद्ध होना दो अलग बातें हैं। किसी महिला या अन्य व्यक्ति को जांच पूरी होने से पहले हत्यारा घोषित करना न केवल अनुचित होगा बल्कि कानूनी रूप से भी जोखिमपूर्ण हो सकता है।

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पुलिस के सामने अब पूर्व शिकायत, घटनास्थल की परिस्थितियां, संबंधित लोगों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों को जोड़कर निष्पक्ष जांच करने की चुनौती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की आधिकारिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि गणेश लोधी की मौत कैसे हुई और क्या इसमें किसी व्यक्ति की आपराधिक भूमिका थी।

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