जौहर यूनिवर्सिटी ध्वस्तीकरण के विरोध में सपा का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश वापस लेने की मांग, छात्रों के भविष्य का हवाला देकर सरकार के फैसले पर उठाए सवाल
स्थान: कलेक्ट्रेट परिसर, सिद्धार्थनगर
कार्यक्रम: समाजवादी पार्टी का विरोध प्रदर्शन एवं ज्ञापन
मुद्दा: मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर के भवनों को ध्वस्त करने के आदेश का विरोध
सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर किया प्रदर्शन।
राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।
40 में से 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश वापस लेने की मांग।
छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था पर असर पड़ने की जताई चिंता।
सरकार के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग।
सिद्धार्थनगर। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर के भवनों को ध्वस्त किए जाने के आदेश के विरोध में राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह फैसला हजारों छात्रों के भविष्य को प्रभावित करेगा, इसलिए सरकार को इस आदेश पर पुनर्विचार करना चाहिए।
पूरी खबर
सिद्धार्थनगर। समाजवादी पार्टी के जिला संगठन के नेतृत्व में सोमवार को बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर से जुड़े मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि प्रशासन द्वारा यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्त करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे हजारों छात्र-छात्राओं की शिक्षा और भविष्य प्रभावित हो सकता है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए आदेश वापस ले।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों से जुड़े मामलों में ऐसा समाधान निकाला जाना चाहिए जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो।
ज्ञापन स्वीकार करने के बाद प्रशासनिक अधिकारी ने इसे शासन तक भेजने का आश्वासन दिया।
सारांश
सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट में समाजवादी पार्टी ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर के भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के विरोध में प्रदर्शन किया और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर आदेश वापस लेने तथा छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुनर्विचार की मांग की।
टिप्पणी
यह प्रदर्शन एक राजनीतिक दल द्वारा सरकार के निर्णय के विरोध में आयोजित किया गया। ज्ञापन में व्यक्त मांगें प्रदर्शनकारियों के पक्ष और उनके आरोपों/दावों पर आधारित हैं। प्रशासन या राज्य सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए, ताकि पाठकों के सामने सभी पक्ष निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत हो सकें।

