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उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस भर्ती परीक्षा: डीएम व एसपी ने किया परीक्षा केंद्र का निरीक्षण, निष्पक्ष व शांतिपूर्ण परीक्षा के दिए निर्देश

सिद्धार्थनगर, 14 मार्च 2026।जनपद में उपनिरीक्षक (उ0नि0) नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती परीक्षा-2025 को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। इसी क्रम में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने शनिवार को परीक्षा केंद्र श्री सिंहेश्वरी इंटर कॉलेज, नौगढ़ का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा कक्षों की स्थिति तथा परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने केंद्र पर तैनात मजिस्ट्रेट, पुलिसकर्मियों और अन्य ड्यूटी पर लगे कर्मचारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

परीक्षा को निष्पक्ष कराने पर जोर

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने केंद्र पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित इस महत्वपूर्ण परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और कड़ाई के साथ संपन्न कराया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा

पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने परीक्षा केंद्र के अंदर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखें और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखें।

शांतिपूर्ण ढंग से हुई प्रथम पाली की परीक्षा

प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में उ0नि0 नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की भर्ती परीक्षा-2025 की प्रथम पाली की परीक्षा जिले में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराई गई। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया, जिससे परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

कैशलैस ईलाज और मानदेय बढ़ाए जाने से अनुदेशक खुश, विधायकों का किया स्वागत, मुख्यमंत्री का जताया आभार

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17000 रुपए प्रति माह किए जाने तथा पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान किए जाने के निर्णय से जनपद सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी की लहर है। सरकार के इस फैसले पर अनुदेशकों ने जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

इसी क्रम में अनुदेशक संघ के पदाधिकारियों ने शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा और कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही को ज्ञापन सौंपकर धन्यवाद ज्ञापित किया। अनुदेशकों ने कहा कि सरकार का यह निर्णय लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम है।

सरकार के फैसले से अनुदेशकों में उत्साह

अनुदेशकों का कहना है कि लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग की जा रही थी। ऐसे में प्रदेश सरकार द्वारा मानदेय को बढ़ाकर ₹17,000 करना उनके लिए बड़ी राहत है। इसके साथ ही पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से अब अनुदेशकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा भी मिलेगी।

अनुदेशकों ने बताया कि इस निर्णय से प्रदेश के करीब 25 हजार अनुदेशकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम अनुदेशकों के मनोबल को बढ़ाने वाला है और इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

विधायकों को सौंपा ज्ञापन

सरकार के इस फैसले के बाद अनुदेशकों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर आभार व्यक्त किया। इस दौरान अनुदेशकों ने शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा तथा कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही का स्वागत किया और उनके माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद ज्ञापित किया।

अनुदेशकों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रयासों और सरकार की सकारात्मक सोच के कारण ही यह फैसला संभव हो सका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी सरकार अनुदेशकों की अन्य समस्याओं के समाधान के लिए इसी तरह सकारात्मक कदम उठाएगी।

इस अवसर पर परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन, सिद्धार्थनगर के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुदेशकों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए यह सराहनीय निर्णय लिया है। इससे हजारों अनुदेशकों और उनके परिवारों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला अनुदेशकों के लिए सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक है। इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और अनुदेशक और अधिक समर्पण के साथ बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में योगदान देंगे।

ये अनुदेशक रहे मौजूद

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अनिल पांडेय,अनुदेशक रामानंद उपाध्याय, लवकुश चौधरी, सत्य मृत्युंजयधर, सत्यपाल सिंह, कैलाश नाथ, देवेंद्र चौधरी, शरद, दिलीप कुमार सहित अन्य कई अनुदेशक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और इस निर्णय को ऐतिहासिक बताया।

मानदेय बढ़ाए जाने और कैशलेश ईलाज देने पर अनुदेशकों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार, विधायक जय प्रताप सिंह का किया स्वागत

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाकर 17000 रुपए प्रति माह किए जाने और पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा देने के फैसले से जनपद सिद्धार्थनगर के अनुदेशकों में खुशी का माहौल है। सरकार के इस निर्णय को अनुदेशकों ने राहत भरा कदम बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। इसी क्रम में अनुदेशक संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बांसी विधायक जय प्रताप सिंह का स्वागत कर धन्यवाद ज्ञापित किया।

अनुदेशकों ने जताई खुशी, सरकार के फैसले को बताया ऐतिहासिक

अनुदेशकों का कहना है कि लंबे समय से मानदेय बढ़ाए जाने की मांग की जा रही थी। ऐसे में सरकार द्वारा मानदेय को बढ़ाकर 17000 रुपए करना अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत है। इसके साथ ही पाँच लाख रुपये तक की कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से अब अनुदेशकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा भी मिल सकेगी।

अनुदेशकों ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के करीब 25 हजार अनुदेशकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अनुदेशकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और सरकार का यह कदम उनके मनोबल को बढ़ाने वाला है।

विधायक जय प्रताप सिंह का किया गया स्वागत

सरकार के इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए अनुदेशक संघ के पदाधिकारियों ने बांसी विधायक जय प्रताप सिंह का स्वागत किया और उनके माध्यम से प्रदेश सरकार तथा मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। अनुदेशकों ने कहा कि जनप्रतिनिधियों के प्रयासों और सरकार की सकारात्मक सोच के कारण ही यह फैसला संभव हो पाया है।

आर्थिक और सामाजिक लाभ होगा

इस अवसर पर परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन, सिद्धार्थनगर के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुदेशकों की समस्याओं को समझते हुए यह सराहनीय निर्णय लिया है। इससे हजारों अनुदेशकों और उनके परिवारों को आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम अनुदेशकों के लिए सम्मान और प्रोत्साहन का प्रतीक है। इससे शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और अनुदेशक पहले से अधिक उत्साह के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।

ये अनुदेशक रहे मौजूद

इस दौरान अनुदेशक सीमा निषाद, रामानंद उपाध्याय, लवकुश चौधरी, सत्य मृत्युंजयधर, सत्यपाल सिंह, दिलीप, कैलाश नाथ, देवेंद्र चौधरी, शरद सहित कई अन्य अनुदेशक उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के इस निर्णय से अनुदेशकों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

जिलाधिकारी के निर्देश पर जुमे की नवाज पर मुस्तैद रहा पुलिस बल

सिद्धार्थनगर। डॉ0 अभिषेक महाजन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनग के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर श्री प्रशान्त कुमार प्रसाद के मार्गदर्शन में रमजान माह में अलविदा की नमाज के अवसर पर जनपद में शांति, सुरक्षा एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के उद्देश्य से जनपद के समस्त क्षेत्राधिकारीगण/उपजिलाधिकारीगण एवं थाना प्रभारीगण द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई । इसी क्रम में जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों द्वारा मस्जिदों एवं नमाज स्थलों का निरीक्षण करते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया तथा पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई। संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती गई तथा पुलिस द्वारा लगातार भ्रमणशील रहकर नमाज को सकुशल सम्पन्न कराया गया । इस दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा नमाजियों तथा स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित करते हुए उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया तथा आपसी भाईचारा एवं सौहार्द बनाए रखते हुए शांतिपूर्ण ढंग से नमाज अदा करने की अपील की गई । अलविदा की नमाज को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने हेतु जनपद के प्रमुख मस्जिदों पर पर्याप्त पुलिस बल की ड्यूटी लगाई गई है । साथ ही पुलिस प्रशासन द्वारा संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। जनपद पुलिस द्वारा आमजन से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें ।

महिला आयोग उपाध्यक्ष चारू चौधरी ने सुनी महिलाओं को समस्या, जनसुनवाई में लिया भाग

सिद्धार्थनगर। महिला जनसुनवाई के दौरान मा० उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, श्रीमती चारू चौधरी के समक्ष महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, छेड़छाड़ आदि के कुल 30 प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत हुए। मा० उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, श्रीमती चारू चौधरी ने सम्बंधित अधिकारी को त्वरित कार्यवाही कर प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण दोनो पक्षो को सुनकर कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी के साथ भेदभाव न किया जाये समस्याओं का त्वरित निस्तारण करायें। महिला उत्पीड़न के प्रकरण में पुलिस विभाग के द्वारा कार्यवाही में शिथिलता बरतने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुये महिला थाना की थानाध्यक्ष/सम्बंधित थानाध्यक्ष को दोनो पक्षों को बुलाकर नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया। मा० उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, श्रीमती चारू चौधरी ने निर्देश दिया कि एक सप्ताह में प्रकरणों के निस्तारण रिपोर्ट उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। समाज कल्याण, महिला कल्याण, दिव्यांग जन सशक्तिकरण विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा संचालित समस्त योजनाओ का लाभ पात्र लाभार्थियों को दिलाये। आयुष्मान कार्ड के प्रति लोगों को जागरूक करें तथा कैंप लगाकर पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनवाकर लाभ दिलाया जाये। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को स्कूलों में शिक्षको की उपस्थिति की जांच कराने का निर्देश दिया। शिक्षक स्कूल में समय से उपस्थित हों तथा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करायें। बच्चे ड्रेस में उपस्थित हों इसके लिए अभिभावकों को जागरूक करें। जो बालिकायें स्कूल नहीं जा रही हैं उनको कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय से जोड़कर शिक्षित किया जाये जिससे वह शिक्षा से वंचित न रहें। विद्यालय के शौचालय की साफ-सफाई व्यवस्था ठीक कराने का निर्देश दिया। विद्यालयों में भी महिला सुरक्षा के बारे में जागरूक किया जाये। बाल कल्याण समिति को बाल विवाह को रोकने हेतु प्रभावी कार्यवाही करने का निर्देश दिया। चौपाल के माध्यम से महिलाओं को जागरूक करते हुये उन्हे सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलायें।

इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी रोहिणी़, प्रभारी एण्टी रोमियो मीरा चौहान, जिला विद्यालय निरीक्षक अरूण कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी महिपाल सिंह, व अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित थे।

इसके पश्चात मा० उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, श्रीमती चारू चौधरी द्वारा उच्च प्रा0 विद्यालय कपिया मिश्र एवं आंगनबाड़ी केन्द्र कपिया मिश्र का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उपस्थित पंजिका को देखा गया तथा प्रत्येक कक्षा में जाकर बच्चों से बात कर पढ़ाई के बारे में जानकारी प्राप्त किया गया। बच्चों से गणित के सवाल को हल कराया गया बच्चे सवाल को हल करने में असमर्थ थे। शिक्षकों को समय से विद्यालय में उपस्थित होकर बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया। आंगनबाड़ी केन्द्र कपिया मिश्र में गर्भवती महिलाओं की गोदभराई व बच्चों को अन्नप्राशन कराया गया। सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को समय से पोषाहार का वितरण कराने का निर्देश दिया। सैम मैम बच्चों की मानीटरिंग कर पोषित श्रेणी में लायें। मा० उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा महिलाओं से संवाद किया गया तथा उनको आवास, राशन, पेंशन आदि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र लाभार्थियों को दिलाने का निर्देश दिया।

इसके पश्चात मा० उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, श्रीमती चारू चौधरी द्वारा जिला जेल सिद्धार्थनगर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मा० उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, श्रीमती चारू चौधरी द्वारा महिला बैरक का निरीक्षण किया गया। विचाराधीन महिला बन्दियों से वार्ता कर उनका हाल-चाल जाना गया। इसके साथ ही जेल में महिलाओ को दिये जा रहे सिलाई, कढ़ाई प्रशिक्षण आदि को देखा गया। समय समय पर बन्दियों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने का निर्देश दिया। इसके अलावा पाकशाला, बैरक, शौचालय आदि को देखा गया तथा निर्देश दिया कि बंदियों को किसी भी प्रकार की समस्या न होने पाये।

मा० उपाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा अपना घर वृद्धाश्रम, पुराना नौगढ़ का निरीक्षण किया गया। मा0 उपाध्यक्ष द्वारा वृद्धाश्रम में वृद्धजनों से वार्ता किया गया। उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त किया। इसके साथ ही मिल रही योजनाओं के बारे में पूछा गया।

रोड दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के कार्मिकों ने पहुंचाया अस्पताल

सिद्धार्थनगर। 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, सिद्धार्थनगर के कार्मिकों ने मानवता और तत्परता का परिचय देते हुए सड़क दुर्घटना में घायल तीन व्यक्तियों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाकर सराहनीय कार्य किया।

दिनांक 12.02.2026 को लगभग 19:40 बजे वाहिनी मुख्यालय से लगभग 300 मीटर दूरी पर स्थित कलानामक रेस्टोरेंट के समीप NH-28 पर एक मोटरसाइकिल और ऑटो के बीच जोरदार टक्कर हो गई। घटना को देखते ही 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के कार्मिक तत्काल मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए घायलों को वाहिनी की एम्बुलेंस से जिला अस्पताल, सिद्धार्थनगर पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा घायलों का उपचार किया जा रहा है। इलाज के दौरान घायलों की पहचान शहजाद पुत्र अहमद निवासी मंगल बाजार, निर्मला पत्नी श्याम सुंदर निवासी रेहड़ा तथा तारीख खान पुत्र निसार निवासी नरकटया के रूप में हुई है। दुर्घटना में तीनों को गंभीर चोटें आई हैं।

अस्पताल प्रशासन द्वारा घायलों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।

43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के कार्मिकों द्वारा बल के ध्येय वाक्य “सेवा सुरक्षा और बंधुत्व” का अनुसरण करते हुए की गई त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है।

ब्राइवेट विलेज की बैठक विकास भवन में संपन्न

सिद्धार्थनगर। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह द्वारा समीक्षा किया गया। इसके अन्तर्गत बार्डर के 04 विकास खण्ड लोटन, बर्डपुर, शोहरतगढ़ तथा बढ़नी के 25 गांव को चयनित किया गया है। इन ग्रामों में सरकार की योजनाओं का शत-प्रतिशत अच्छादन करना है। बुनियादी सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण एवं उपलब्धता, सड़क, बिजली, पानी आदि की क्षमता वृद्धि एवं संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि बैनर/पोस्टर, नुक्कड़ नाटक, शिविर, घर-घर सम्पर्क कर जागरूक करें। चयनित ग्रामों का आधारभूत आकड़ें सग्रहीत करे। बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता, गैप आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की गयी। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिया कि सर्वे कराकर विपेज एक्शन प्लान तैयार करने का निर्देश दिया। विभिन्न लाभार्थीपरक योजनाओं की संतृप्तीकरण, ग्राम में पूर्व में उपलब्ध बुनियादी/आधारभूत सुविधाओं की स्थिति, नये प्रस्तावित आवश्यक निर्माण कार्य निर्धारित प्रारूप पर तैयार करने का निर्देश दिया। परियोजनाओं के लिए निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराया जायेगा। चयनित ग्राम पंचायतों में 3 करोड़ रूप्ये के बजट का प्राविधान है। बार्डर एरिया के गांवों को ब्राइवेट विलेज के रूप में चयनित किया गया है।

इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा, कमान्डेन्ट एस0एस0बी0, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी बी0एस0यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी वाचस्पति झा, अधीक्षण अभियन्ता विद्युत अजय कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेष कुमार, उपकृषि निदेशक राजेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी रविशंकर पाण्डेय, जिला आबकारी अधिकारी वीर अभिमन्यु कुमार, जिला दिव्यांग जनसश्क्तीकरण अधिकारी सन्दीप मौर्य व अन्य सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

पीएम श्री विद्यालयों के खेलकूद में गोलू व देवी बने चैंपियन

सिद्धार्थनगर: जनपद के पीएम श्री विद्यालयों के बच्चों के लिए जिला क्रीडांगन में सोमवार को खेलकूद व सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गई जिसमें बालिका वर्ग में देवी व बालक वर्ग में गोलू चैंपियन घोषित हुए। जोगिया विकास खंड के पीएम श्री विद्यालय लखनपारा की देवी ने 100 व 200 मी दौड़ तथा लंबी कूद में प्रथम स्थान प्राप्त किया जबकि बालक वर्ग में मिठवल के पीएम श्री समोगरा के गोलू 100, 200 व 400 मी दौड़ तथा लंबी कूद में अव्वल रहे। व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर इन्हें चैंपियनशिप दिया गया। खोखो बालक व बालिका वर्ग में उस्का के पीएम श्री विद्यालय परसा खुर्द के बच्चों ने बाजी मारी जबकि जोगिया के टड़िया की टीम उपविजेता रही। इसके अलावा बालिका वर्ग में खेसरहा के लमुईताल की करिश्मा ने सबसे अधिक दूरी तक गोला फेंका। बर्डपुर के चकाईजोत विद्यालय की महिमा द्वितीय रही। बालक वर्ग के कबड्डी में टड़िया बाज़ार की टीम ने समोगरा को पराजित किया जबकि बालिका वर्ग में बढ़नी के धनौरी के बच्चों ने टडिया के बच्चों को शिकस्त दिया। इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ जिला समन्वयक प्रशिक्षण आशीष मिश्र व जिला समन्वयक समेकित शिक्षा करुणापति त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से किया। समापन अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी नौगढ़ रामकुमार सिंह व जिला समन्वयक सामुदायिक शिक्षा अमित शुक्ला द्वारा बच्चों को मेडल व शील्ड वितरित किया गया। इस अवसर पर बीईओ ने कहा कि खेल से बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा व अनुशासन की भावना विकसित होती है। पढ़ाई के साथ खेलकूद भी आवश्यक है। शिक्षकों ने बच्चों की प्रतिभा को तराशने का कार्य किया है। बालकृष्ण मिश्र के संचालन में प्रतियोगिता संपन्न कराने में सतेंद्र गुप्ता, माहेश्वरी पाठक, शशिकांत पांडेय, गुलाब यादव, सौम्य सोनकर, शीला यादव, अरविंद गुप्ता, विपिन सिंह, ईशान सिंह आदि की भूमिका रही।

समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मणेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व रोज इफ्तार का हुआ आयोजन

सिद्धार्थनगर। समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मणेन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में शोहरगढ़ विधानसभा में होली मिलन और रोजा इफ्तार का आयोजन हर्षोल्लास से किया गया।

समाजवादी सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव द्वारा सृजित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से जुड़े बजहा क्षेत्र के बी एम पब्लिक स्कूल में होली मिलन समारोह सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में फूलों से होली खेली गई। जिसमें स्कूली बच्चे, स्थानीय शिक्षाविद,सामाजिक कार्यकर्ता और समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी शामिल हुए।समारोह को संबोधित करते हुए श्री मणेन्द्र मिश्रा ने कहा कि त्योहार प्रेम और सद्भाव फैलाते है। होली आपसी भेदभाव बढ़ाता है और कटुता दूर करता है।कार्यक्रम में बुद्ध कालीन स्थल कपिलवस्तु और सिद्धार्थ विश्वविद्यालय से जुड़े विडियो के माध्यम से जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से सोशल मीडिया क्रिएटर्स को वीडियो रिकॉर्डिंग किट से सम्मानित किया गया।

बजहा चौराहे पर रोजा इफ्तार का आयोजन कर हिन्दू मुस्लिम एकता और सौहार्द का संदेश दिया गया। इफ्तार में रोजेदार मुस्लिम एवं हिंदू समाज के लोग शामिल हुए। आयोजन में सर्वश्री शकील शाह जिला अध्यक्ष अल्पसंखयक जोन प्रभारी, अब्दुल कलाम आजाद जिला महासचिव, इंद्र कुमार प्रबंधक,अब्दुल कलाम सिद्दीकी,अजय चौरसिया राष्ट्रीय सचिव छात्र सभा, इजहार,शादाब खान, शकील अहमद, अब्दुल मुईद,जिला सचिव इरशाद,शौकत अली जोन प्रभारी, अल्ताफ खान, डॉ परवेज, रिजवान खान, चंद्रभूषण मिश्र, रामअचल, रमाकांत मिश्रा, राम बहादुर प्रधान, बालमुकुंद मिश्रा,सूफियान, मो आसिफ, उसैद, इशहाक, सर्वेश मिश्रा ,संदीप साहनी सहित अन्य प्रमुख लोग उपस्थित रहे।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने महिला सुरक्षा की जानकारी देने के लिए डॉ० रक्षित टंडन को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया

आज दिनांक 09.03.2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ0 अभिषेक महाजन की मौजूदगी में लोहिया कला भवन सिद्धार्थनगर में साइबर थाना/सेल में नियुक्त अधिकारी/ कर्मचारीगण व समस्त राजपत्रित अधिकारी के साथ साइबर अपराध से निपटने के संबंध मे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया । डॉ० रक्षित टंडन द्वारा प्रशिक्षण में साइबर अपराधों के विभिन्न पहलुओं, जैसे कि साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन फ्रॉड, और सोशल मीडिया से संबंधित अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई । प्रशिक्षण में पुलिसकर्मियों को साइबर अपराधों की जाँच और रोकथाम के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी और कौशल प्रदान किया गया । इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस कर्मियों को आधुनिक तकनीक से लैस करना है, जिससे वे अपराध नियंत्रण और जाँच में और अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकें जिसके क्रम में डॉ० रक्षित टंडन, को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया ।

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