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श्रीकृष्ण की धरती मथुरा से विक्रम सिंह का हुंकार—17 हजार तो शुरुआत है, हक की पूरी लड़ाई अभी बाकी

रिपोर्टर: सत्यपाल सिंह कौशिक 

मथुरा में प्रदेश अध्यक्ष व कार्यकारिणी का भव्य स्वागत, पूनम शर्मा बोलीं—विक्रम सिंह के नेतृत्व में मिली ऐतिहासिक उपलब्धि

मथुरा। श्रीकृष्ण और राधा की पावन धरती मथुरा में रविवार को परिषदीय अनुदेशक कल्याण एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह एवं प्रदेश कार्यकारिणी का भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। सौख-पालीखेड़ा स्थित एक होटल में आयोजित समारोह में नव निर्वाचित जिला अध्यक्ष पूनम शर्मा के नेतृत्व में अनुदेशक साथियों और कोर कमेटी के सदस्यों ने प्रदेश अध्यक्ष व उनकी टीम का जोरदार स्वागत किया।

इस दौरान जिला अध्यक्ष पूनम शर्मा, महेंद्र कुमार, ईश्वरी सिंह, रविंद्र कुमार, मोहन श्याम, शिवकुमार, अर्चना सिंह, नीलम, स्मृति सिंह, मीरा सहित बड़ी संख्या में अनुदेशक मौजूद रहे।

नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष पूनम शर्मा ने कहा कि मथुरा की पावन धरती पर प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह के प्रथम आगमन पर यह सम्मान समारोह आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि विक्रम सिंह के नेतृत्व में अनुदेशकों ने 17 हजार रुपये मानदेय की लड़ाई में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह संघर्ष की ताकत और संगठन की एकजुटता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अब आगे की लड़ाई भी पूरी मजबूती से लड़ी जाएगी।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंह ने कहा कि “श्रीकृष्ण और राधा की इस पावन धरती से मैं सभी अनुदेशकों को यही संदेश देना चाहता हूं कि संघर्ष से कभी पीछे नहीं हटना है। 17 हजार रुपये की उपलब्धि हमारी मंजिल नहीं, बल्कि संघर्ष की शुरुआत है। हमारा लक्ष्य अनुदेशकों को उनका पूरा अधिकार, सम्मान और स्थायित्व, नियमितीकरण दिलाना है।”

उन्होंने बलिया के अपने संदेश का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह बलिया की धरती संघर्ष और स्वाभिमान के लिए जानी जाती है, उसी तरह मथुरा की धरती से भी अनुदेशक समाज की एकता और अधिकारों की आवाज बुलंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब हजारों अनुदेशक एकजुट होकर अपने अधिकार के लिए खड़े होते हैं तो कोई भी ताकत उनकी आवाज को दबा नहीं सकती।

विक्रम सिंह ने अनुदेशकों से आपसी मतभेद भुलाकर संगठन की मजबूती के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संघर्ष लंबा हो सकता है, लेकिन अनुदेशक अपने अधिकार की लड़ाई पूरी ताकत और ईमानदारी से लड़ेंगे।

समारोह के दौरान अनुदेशकों ने प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्यों का माल्यार्पण कर स्वागत किया तथा संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

वृंदावन आश्रम में साधक की मौत, हादसा या आत्महत्या? जांच में कई सवाल

चौथी मंजिल से गिरने के बाद दीपक लोधी की मौत, शरीर पर गंभीर चोटों की जानकारी; CCTV और फोरेंसिक साक्ष्यों की जांच जारी

mathura news

मथुरा/वृंदावन। वृंदावन स्थित गुरु कृपा कुंज परिसर में रहने वाले साधक दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत के मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 25 सितंबर को दीपक की आश्रम परिसर की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और CCTV फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों को जांच के दायरे में लिया।

पुलिस की शुरुआती जांच में घटना को आत्महत्या की आशंका से जोड़कर देखा गया है। हालांकि, पोस्टमार्टम में शरीर पर कई चोटों और अत्यधिक रक्तस्राव की जानकारी सामने आने के बाद घटना की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।


चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत

जानकारी के मुताबिक दीपक लोधी आश्रम परिसर में रह रहे थे। 25 सितंबर की सुबह वह चौथी मंजिल से नीचे गिर गए। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित किया गया और परिसर में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जांच के लिए ली गई।

पोस्टमार्टम में क्या सामने आया?

पोस्टमार्टम से संबंधित पुलिस जानकारी में अत्यधिक रक्तस्राव को मौत से जुड़ा प्रमुख कारण बताया गया है। शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोटों की जानकारी भी सामने आई है।

पुलिस के अनुसार शरीर के निजी अंग पर भी कटने की चोट के निशान मिले हैं। इस चोट की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और इसका मौत की घटना से क्या संबंध है, यह अभी जांच का विषय है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि इन चोटों के आधार पर फिलहाल किसी व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना या हत्या का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।


कमरे से ग्राइंडर मिलने की बात

जांच के दौरान दीपक के कमरे से एक ग्राइंडर मशीन मिलने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने इसे जांच के लिए कब्जे में लिया है।

ग्राइंडर का घटना से क्या संबंध है, क्या इसका इस्तेमाल हुआ था या नहीं और यदि हुआ तो किन परिस्थितियों में हुआ—इन सभी सवालों का जवाब फोरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

CCTV फुटेज भी जांच का अहम हिस्सा

पुलिस ने आश्रम परिसर के CCTV फुटेज को भी जांच में शामिल किया है। शुरुआती जांच में फुटेज के आधार पर दीपक के चौथी मंजिल की ओर जाने और बाद में नीचे गिरने की परिस्थितियों को देखा जा रहा है।

इसी आधार पर पुलिस ने प्रथम दृष्टया आत्महत्या की संभावना जताई है। हालांकि मौत से पहले की पूरी परिस्थितियों को समझने के लिए CCTV के साथ-साथ पोस्टमार्टम और फोरेंसिक साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है।

परिजनों की ओर से भी जांच की मांग

घटना के बाद मृतक के परिजन सामने आए और मामले की पूरी जांच की मांग की। परिवार की ओर से उठाए गए सवालों को भी पुलिस जांच का हिस्सा माना जा रहा है।

परिजनों के किसी भी आरोप को फिलहाल आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए, जब तक जांच में उसकी स्वतंत्र पुष्टि न हो जाए।

सारांश | अब तक की तस्वीर

दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की वृंदावन में मौत हुई।

वह गुरु कृपा कुंज परिसर में रह रहे थे।

चौथी मंजिल से गिरने के बाद उनकी मौत हुई।

पुलिस ने घटनास्थल की जांच की।

CCTV फुटेज जांच में शामिल है।

पोस्टमार्टम में अत्यधिक रक्तस्राव की जानकारी सामने आई।

शरीर पर कई चोटों की जानकारी है।

निजी अंग पर कटने की चोट के निशान मिलने की बात पुलिस जांच में सामने आई।

कमरे से ग्राइंडर मिलने की जानकारी है।

पुलिस की शुरुआती जांच आत्महत्या की दिशा में है।

घटना की परिस्थितियों को लेकर जांच अभी जारी है।

टिप्पणी | अंतिम सच जांच से सामने आएगा

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि दीपक की मौत किन परिस्थितियों में हुई?

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर आत्महत्या की संभावना पुलिस की शुरुआती जांच का हिस्सा है। दूसरी ओर शरीर पर मिली चोटें और कमरे से बरामद सामग्री भी जांच का विषय हैं।

CCTV, पोस्टमार्टम, फोरेंसिक जांच, घटनास्थल के साक्ष्य और अन्य बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

FT News Digital के लिए सुरक्षित हेडलाइन


“वृंदावन आश्रम में साधक की मौत, CCTV और पोस्टमार्टम से उठे कई सवाल”

 

वृन्दावन यमुना नाव हादसा: मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका, रेस्क्यू जारी

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना का सर्च ऑपरेशन जारी, कई लोगों के लापता होने की सूचना
मथुरा (वृन्दावन):
उत्तर प्रदेश के वृन्दावन क्षेत्र में यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बाद लगातार राहत एवं बचाव कार्य जारी है। यह हादसा केशी घाट के पास पोंटून (पीपा) पुल के निकट हुआ बताया जा रहा है, जहां एक स्टीमर/नाव असंतुलित होकर पलट गई।
अब तक मिली जानकारी के अनुसार, इस हादसे में कई श्रद्धालु नदी में डूब गए। विभिन्न समय पर प्राप्त सूचनाओं में मृतकों की संख्या बढ़ने की बात सामने आई है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, अब तक कई शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कुछ लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना, NDRF, SDRF, फ्लड PAC और स्थानीय गोताखोरों की टीमें लगातार जुटी हुई हैं और नदी में तलाश अभियान जारी है।
पुलिस और प्रशासन के अनुसार, घायलों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल भेजा गया है, जबकि बरामद शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया जारी है।
प्रशासनिक कार्रवाई:
पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर स्टीमर चालक और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी का बयान:
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सुरेश चंद रावत के अनुसार, राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
वहीं क्षेत्राधिकारी मांट संदीप सिंह ने भी सर्च ऑपरेशन जारी रहने की पुष्टि की है।


इस घटना में मृतकों और लापता लोगों की संख्या विभिन्न स्रोतों के अनुसार समय-समय पर बदलती रही है। अंतिम पुष्टि प्रशासनिक बुलेटिन के आधार पर ही मानी जाएगी।
✍️ रिपोर्ट:
FT News Digital Desk | friendtimes.in

“मथुरा में यमुना बना मौत का मंजर — पांटून पुल से टकराई नाव, 3 की मौत, कई लापता!”

मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में शुक्रवार को यमुना नदी में एक नाव हादसे की सूचना सामने आई। यह घटना वृंदावन और मान क्षेत्र के बीच स्थित केसी घाट के पास हुई, जहां एक नाव पांटून (पीपा) पुल से टकरा गई।

प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नाव में लगभग 25 लोग सवार बताए जा रहे हैं। टक्कर के बाद कुछ यात्री नदी में गिर गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस तथा बचाव दल मौके पर पहुंचा और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

अधिकारियों के अनुसार अब तक 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। वहीं, इस हादसे में 3 लोगों की मृत्यु की पुष्टि की गई है। शेष लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है। शुरुआती स्तर पर यह आशंका जताई जा रही है कि नाव का संतुलन बिगड़ने या संचालन में चूक के कारण यह दुर्घटना हुई, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी पार करते समय सावधानी बरतें और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें।

यह खबर प्रारंभिक आधिकारिक सूचनाओं और विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।

 


मृतकों एवं घायलों के आंकड़ों में आगे बदलाव संभव है, जिसे अपडेट किया जाएगा।

“मथुरा में यमुना बना मौत का मंजर — पांटून पुल से टकराई नाव, 3 की मौत, कई लापता!”

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प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है। शुरुआती स्तर पर यह आशंका जताई जा रही है कि नाव का संतुलन बिगड़ने या संचालन में चूक के कारण यह दुर्घटना हुई, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी पार करते समय सावधानी बरतें और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें।

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स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी पार करते समय सावधानी बरतें और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करें।


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