डॉ मानसी द्विवेदी को मिला PHD की डिग्री
गोरखपुर: गोरखपुर विश्वविद्यालय से वनस्पति विज्ञान विषय में डॉक्टर मानसी द्विवेदी को पीएचडी (Doctor of Philosophy) की उपाधि प्रदान की गई है। उन्होंने अपना शोध कार्य “Study of Fungal Pathogens causing Strawberry fruit rots and their Management by Natural agents” विषय पर पूरा किया। यह शोध वनस्पति विज्ञान विभाग की प्रो. पूजा सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
पूरे क्षेत्र को है garv
डॉ. मानसी की इस उपलब्धि से उनके पिता कैलाश नाथ द्विवेदी तथा पूरे जनपद का गौरव बढ़ा है।
पीएचडी शिक्षा की सर्वोच्च डिग्री मानी जाती है, जो मौलिक शोध (Original Research) और थीसिस के सफल डिफेंस के बाद प्रदान की जाती है। यह डिग्री किसी विषय में गहन विशेषज्ञता का प्रमाण होती है।
डॉ. मानसी ने अपने शोध में स्ट्रॉबेरी फलों में लगने वाले कवक रोग (Fungal Pathogens) और उनके प्राकृतिक प्रबंधन पर विस्तृत अध्ययन किया। उनके शोध पर आधारित 5 अंतरराष्ट्रीय शोध-पत्र स्कोपस इंडेक्स (Q1, Q2, Q3, Q4) जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं।
स्ट्रॉबेरी की शेल्फ लाइफ बढ़ाने वाला बड़ा नवाचार
डॉ. मानसी द्विवेदी ने अपने शोध के दौरान डॉ. रितेश कुमार राय और प्रो. पूजा सिंह के साथ मिलकर ‘ऑर्गेनिक बेरी सेफ गार्ड’ नामक एक प्राकृतिक यौगिक विकसित किया है।
शोध में पाया गया कि:
सामान्यतः 2–4 दिन में खराब होने वाली स्ट्रॉबेरी
सामान्य तापमान पर 10–12 दिन
कोल्ड स्टोरेज में 20–25 दिन तक सुरक्षित रह सकती है
यह उत्पाद स्वाद, पोषण और गुणवत्ता पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं डालता।
पूरी तरह प्राकृतिक और सुरक्षित
यह नवाचार:
✔ पूरी तरह इको-फ्रेंडली
✔ मानव स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित
✔ पर्यावरण को नुकसान रहित
✔ कम लागत में तैयार होने वाला
यह किसानों और व्यापारियों के लिए फलों को सड़ने से बचाने का किफायती समाधान साबित हो सकता है।
पेटेंट और औद्योगिकरण की ओर कदम
डॉ. मानसी के शोध के दौरान विकसित यह उत्पाद पेटेंट प्रकाशित हो चुका है और अब औद्योगिक उत्पादन की दिशा में अग्रसर है। इससे कृषि आधारित उद्योगों को भी नया अवसर मिलेगा।
विश्वविद्यालय का सहयोग और मार्गदर्शन
डॉ. मानसी ने अपनी सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल को देते हुए कहा कि कुलपति प्रो. पूनम टंडन के नेतृत्व में शोध व नवाचार को उत्कृष्ट वातावरण मिला।
उन्होंने प्रो. दिनेश यादव, डॉ. मनिन्द्र कुमार, प्रो. अनिल कुमार द्विवेदी सहित सभी शिक्षकों का आभार जताया।
परिवार और जनपद में खुशी
डॉ. मानसी द्विवेदी, सिद्धार्थनगर के वरिष्ठ पत्रकार कैलाश नाथ द्विवेदी एवं श्रीमती अर्चना द्विवेदी की सुपुत्री हैं। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, शिक्षकगण और शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
सत्यपाल सिंह कौशिक को कंटेंट लेखन, स्क्रिप्ट लेखन का लंबा अनुभव है। वर्तमान में कौशिक जी FT NEWS DIGITAL में डिजिटल मीडिया सह- संपादक के पद पर कार्यरत हैं।
