“रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, सड़क हादसे में भतीजे प्रभात सिंह की मौत”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के भतीजे प्रभात सिंह की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत
इंदौर में तेज रफ्तार बस ने मारी टक्कर, परिवार और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर
इंदौर (मध्य प्रदेश)। देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के भतीजे प्रभात सिंह की एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। यह हादसा इंदौर के शिप्रा थाना क्षेत्र में उस समय हुआ, जब प्रभात सिंह देवास से इंदौर लौट रहे थे। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार के साथ-साथ राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ा दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रभात सिंह अपनी कार के पास पहुंचे थे और वाहन में बैठने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही एक यात्री बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि प्रभात सिंह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण चिकित्सक उन्हें बचा नहीं सके। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बस को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का कारण माना जा रहा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
कौन थे प्रभात सिंह?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के भतीजे थे।
सामाजिक और पारिवारिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते थे।
हादसा इंदौर के शिप्रा थाना क्षेत्र में हुआ।
तेज रफ्तार बस की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुए।
अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हुई।
देवास से इंदौर लौट रहे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के भतीजे प्रभात सिंह को एक तेज रफ्तार बस ने उस समय कुचल दिया, जब वह अपनी कार में बैठने जा रहे थे। हादसा इतना भयावह था कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी जिंदगी की डोर टूट गई।
सारांश
इंदौर के शिप्रा थाना क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के भतीजे प्रभात सिंह की मौत हो गई। तेज रफ्तार बस की टक्कर से गंभीर रूप से घायल प्रभात सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
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