दाह संस्कार से पहले बवाल: नवविवाहिता की मौत पर उठे सवाल, पोस्टमार्टम से खुलेगा राज
सिद्धार्थनगर के जोगिया थाना क्षेत्र में 22 वर्षीय नवविवाहिता की मौत के बाद अंतिम संस्कार के दौरान विवाद खड़ा हो गया। मायके पक्ष ने मौत को संदिग्ध बताते हुए विरोध जताया, जबकि ससुराल पक्ष ने बीमारी से मौत होने का दावा किया। मृतका के ससुर द्वारा स्वयं पोस्टमार्टम कराने की मांग किए जाने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अब पूरे मामले की सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद सामने आएगी।
सजनी हरैया, थाना जोगिया, सिद्धार्थनगर
मृतका : मनीषा (22 वर्ष)
पति : रामू भारती
ससुराल : कपिया मिश्रा
मायका : सजनी हरैया
कोतवाली :जोगिया
शादी : लगभग एक वर्ष पूर्व
कार्रवाई : शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
स्थिति : पुलिस जांच जारी
सिद्धार्थनगर के जोगिया थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता की मौत के बाद उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान मायके पक्ष ने मौत को संदिग्ध बताते हुए आपत्ति जता दी। दूसरी ओर ससुराल पक्ष ने विवाहिता के लंबे समय से बीमार होने और इलाज चलने का दावा किया। मामले ने नया मोड़ तब लिया, जब मृतका के ससुर ने स्वयं पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर पोस्टमार्टम कराने की मांग की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सारांश
• 22 वर्षीय विवाहिता की मौत के बाद विवाद।
• मायके पक्ष ने मौत को संदिग्ध बताया।
• ससुराल पक्ष ने बीमारी और इलाज चलने का दावा किया।
• ससुर ने स्वयं पोस्टमार्टम कराने के लिए दिया प्रार्थना पत्र।
• पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
• रिपोर्ट आने के बाद होगी आगे की कार्रवाई।
पूरी खबर
सिद्धार्थनगर। जोगिया थाना क्षेत्र के कपिया मिश्र गांव में 22 वर्षीय विवाहिता मनीषा पत्नी रामू भारती की बुधवार को मृत्यु हो गई। मनीषा का मायका कपिया मिश्रा गांव में है तथा उसकी शादी लगभग एक वर्ष पूर्व हुई थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मृत्यु के बाद जब अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी, तभी मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गए और मौत को संदिग्ध बताते हुए आपत्ति जताई। इसके बाद मौके पर काफी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।
मायके पक्ष का कहना है कि उनकी बेटी की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं ससुराल पक्ष का कहना है कि मनीषा पिछले लगभग छह महीने से बीमार थी और उसका इलाज चल रहा था। उनका दावा है कि संक्रमण के कारण उसकी तबीयत लगातार खराब थी।
मामले का महत्वपूर्ण पहलू यह भी रहा कि मृतका के ससुर ने स्वयं जोगिया थाने पहुंचकर अपनी बहू के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए लिखित प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद पुलिस ने विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
घटनास्थल पर कोतवाल अभय सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों से जानकारी ली और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।
फिलहाल एक ओर मायके पक्ष मौत को संदिग्ध बता रहा है, जबकि दूसरी ओर ससुराल पक्ष बीमारी के कारण मृत्यु होने का दावा कर रहा है। ऐसे में मृत्यु के वास्तविक कारण को लेकर किसी भी प्रकार का निष्कर्ष निकालना अभी उचित नहीं होगा। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्टर नोट
यह संवाददाता घटनास्थल पर मौजूद रहा और पुलिस की कार्रवाई के दौरान दोनों पक्षों से प्राप्त जानकारी के आधार पर यह समाचार तैयार किया गया है। समाचार में प्रकाशित दावे संबंधित पक्षों के कथन हैं। मृत्यु के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
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