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**अमेठी में किडनी स्टोन जागरूकता कार्यशाला में एम्स रायबरेली के यूरोलॉजी विभाग ने बिखेरी जागरूकता की अलख**

 

रायबरेली एम्स रायबरेली का यूरोलॉजी विभाग लगातार जनस्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसी क्रम में विभाग ने अमेठी में आयोजित किडनी स्टोन जागरूकता कार्यशाला में महत्वपूर्ण सहभागिता करते हुए लोगों को किडनी संबंधी रोगों की रोकथाम एवं उपचार के प्रति जागरूक किया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, अमेठी एवं स्वायत्तशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज, तिलोई द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित **”किडनी स्टोन : कारण, बचाव एवं उपचार”** विषयक कार्यशाला में एम्स रायबरेली के यूरोलॉजी विभाग के **एसोसिएट प्रोफेसर एवं यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमित कुमार मिश्रा** को मुख्य वक्ता (की-नोट स्पीकर) के रूप में आमंत्रित किया गया। अपने व्याख्यान में उन्होंने किडनी स्टोन के बढ़ते मामलों, इसके कारणों, लक्षणों, जोखिम कारकों, बचाव के उपायों तथा आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, संतुलित आहार अपनाना तथा समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना किडनी स्टोन की रोकथाम का सबसे प्रभावी उपाय है। **उन्होंने युवाओं में तेजी से बढ़ रही मेटाबॉलिक सिंड्रोम (Metabolic Syndrome) की समस्या पर भी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि यही कारण किडनी स्टोन के मामलों में लगभग 10 प्रतिशत तक वृद्धि के लिए उत्तरदायी माना जा रहा है।** उन्होंने लोगों से मूत्र संबंधी लक्षणों की अनदेखी न करने तथा समय रहते उपचार कराने की अपील की।

कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण एम्स रायबरेली के यूरोलॉजी विभाग के नर्सिंग स्टाफ द्वारा प्रस्तुत तीन प्रभावशाली जागरूकता नाटक (स्किट) रहे। इन प्रस्तुतियों में **किडनी स्टोन से बचाव**, **मूत्र मार्ग संक्रमण (यूटीआई) की रोकथाम** तथा **कैथेटर की उचित देखभाल** जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सरल एवं रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया। स्वास्थ्य शिक्षा पर आधारित इन प्रस्तुतियों को उपस्थित मरीजों, विद्यार्थियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने खूब सराहा।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मरीजों, मेडिकल, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल विद्यार्थियों तथा स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया। विशेषज्ञों के साथ संवाद के दौरान प्रतिभागियों ने किडनी एवं मूत्र रोगों से संबंधित अनेक जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

एम्स रायबरेली की कार्यकारी निदेशक **प्रो. (डॉ.) अमिता जैन** के सतत मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से संस्थान के चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ नियमित रूप से ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। वहीं **उप निदेशक (प्रशासन) कर्नल अखिलेश सिंह** के प्रशासनिक सहयोग एवं निरंतर प्रोत्साहन से संस्थान की सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं एवं जनहितकारी गतिविधियों को लगातार नई गति मिल रही है।

आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा किडनी एवं मूत्र संबंधी रोगों की समय रहते पहचान और रोकथाम को बढ़ावा देना है। कार्यशाला का लाभ बड़ी संख्या में मरीजों, विद्यार्थियों एवं आमजन ने उठाया तथा इसे जनस्वास्थ्य की दिशा में एक सार्थक पहल बताया।

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