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कपिलवस्तु विधानसभा को बड़ी सौगात: PWD द्वारा 54 सड़कों की मरम्मत को स्वीकृति

सिद्धार्थनगर। कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के विकास को नई गति देते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने क्षेत्र की 54 जर्जर सड़कों के सामान्य मरम्मत कार्य के लिए स्वीकृति प्रदान की है। इस फैसले को क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा है। कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही ने इस स्वीकृति पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति विधानसभा क्षेत्र की जनता की ओर से हृदय से आभार व्यक्त किया है।

ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ

विधायक श्यामधनी राही ने बताया कि इन सड़कों की मरम्मत से ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से

विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज आने-जाने में सुविधा

मरीजों को अस्पताल पहुंचने में राहत

व्यापारिक गतिविधियों में तेजी

किसानों को फसल ढुलाई में सहूलियत

मिलेगी। लंबे समय से जर्जर सड़कों की मरम्मत की मांग की जा रही थी, जिसे अब सरकार ने गंभीरता से पूरा किया है।

इन प्रमुख संपर्क मार्गों को मिली स्वीकृति

स्वीकृत मार्गों में पकड़ी उदयपुर–छोटकी हरैया, हरेपा सात प्राथमिक विद्यालय–तरकुलहा, पीकापार–परसा, बर्डपुर, ककरहवा, नौगढ़, बरगदी चौराहा, सगरहवा, सेमरी, बहोरवा, कंचनिया दक्षिणी, बैजनाथपुर, टुगौरा, कुसम्ही, मधुबनवा, बरोहिया खालसा, काकोरी, केवलपुर, जयपुर संपर्क मार्ग, धोबहा, चौहानडीह, सजनापार, दैजौली, छितरापार, नौखनिया, फुलवरिया, लोधपुरवा, जगदीशपुर खुर्द–डिहवा, अहिरनडीह, बसहिलिया, पिछौरा, कोल्हुआ दाता सहित कुल 54 मार्ग शामिल हैं।

इन मार्गों की मरम्मत से दूरस्थ गांव भी मुख्य सड़कों से जुड़ेंगे।

सरकार गांव–गरीब–किसान को दे रही प्राथमिकता

विधायक राही ने कहा कि प्रदेश सरकार गांव, गरीब और किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता दे रही है। सड़क कनेक्टिविटी मजबूत कर विकास को धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी स्वीकृत मार्गों पर शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू होगा, जिससे आमजन को राहत मिलेगी।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगा नया आयाम

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों की बदहाली से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही थी। मरम्मत कार्य शुरू होने से क्षेत्र में विकास कार्यों को नई रफ्तार मिलेगी और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियां मजबूत होंगी।

धूमधाम से मनी रविदास जयंती

कपिलवस्तु विधानसभा के विकासखंड लोटन अंतर्गत ग्राम सभा हरिगांव में संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती धूमधाम से मनाई गई जिसके मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिका पाल रहे। संत रविदास जयंती पर सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि, संत शिरोमणि गुरु रविदास एक महान समाज सुधारक, कवि और ईश्वर के अनन्य भक्त थे उन्होंने समानता, सामाजिक समरसता और मानव जाति की एकता का संदेश दिया उनका एक प्रसिद्ध वाक्य “मन चंगा तो कठौती में गंगा”, उनके द्वारा रचित यह प्रसिद्ध वाक्य मन की पवित्रता को ही सच्ची भक्ति मानता है कार्यक्रम को पूर्व जिला अध्यक्ष लाल जी त्रिपाठी उर्फ लाल बाबा ने भी अपने संबोधन में महान संत रविदास पर अपनी शुभकामनाएं लोगों को दिया तथा कार्यक्रम का संचालन पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजेंद्र पांडे ने किया इस अवसर पर लालबेनी,चंद्रमणि चौरसिया ,रामकुमार, राजेंद्र सीताराम, डॉक्टर नंदकुमार ,रमेश ,अब्दुल सलाम ,कृष्ण चंद्र सिंह ,मोनी सिंह ,मनोज कुमार ,घनश्याम साहनी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे

बजट 2026 में उत्तर प्रदेश को बड़ी सौगात: उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और महिलाओं की शिक्षा पर खास फोकस

लखनऊ, नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट में उत्तर प्रदेश को कई महत्वपूर्ण घोषणाओं के जरिए बड़ी प्राथमिकता दी गई है। औद्योगिक विकास, परिवहन, पारंपरिक उद्योग, महिला शिक्षा और शहरी विकास से जुड़ी योजनाओं को प्रदेश के भविष्य की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। इन फैसलों से रोजगार, निवेश और बुनियादी सुविधाओं में तेज़ी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

वाराणसी बनेगा मल्टीमॉडल पोर्ट हब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को बजट में विशेष महत्व दिया गया है। गंगा नदी के किनारे आधुनिक मल्टीमॉडल पोर्ट विकसित करने की घोषणा की गई है, जहां जहाजों की मरम्मत, माल परिवहन और जलमार्ग आधारित लॉजिस्टिक्स सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

इस परियोजना से इनलैंड वॉटर ट्रांसपोर्ट को मजबूती मिलेगी और व्यापार के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

महात्मा गांधी हैंडलूम योजना से बुनकरों को राहत

पूर्वांचल, खासकर वाराणसी क्षेत्र के बुनकरों को संबल देने के लिए महात्मा गांधी हैंडलूम योजना शुरू करने का ऐलान किया गया है।

यह योजना पारंपरिक हथकरघा उद्योग को आधुनिक बाज़ार से जोड़ने, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन सुविधा उपलब्ध कराने पर केंद्रित रहेगी। इससे कारीगरों की आय बढ़ाने और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।

यूपी को दो हाईस्पीड रेल कॉरिडोर

देश में प्रस्तावित 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर में से 2 उत्तर प्रदेश को मिलना बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

दिल्ली–वाराणसी हाईस्पीड कॉरिडोर

वाराणसी–सिलीगुड़ी कॉरिडोर

इन परियोजनाओं से यात्रा समय में भारी कमी आएगी और पर्यटन व व्यापार को नया प्रोत्साहन मिलेगा। यूपी का राष्ट्रीय कनेक्टिविटी नेटवर्क और मजबूत होगा।

हर जिले में खुलेगा गर्ल्स हॉस्टल 

महिलाओं की शिक्षा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यूपी के 75 जिलों में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की गई है।

यह पहल उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बाहर जाने वाली छात्राओं को सुरक्षित और सुलभ आवास प्रदान करेगी।

औद्योगिक विकास को 10000 करोड़ का प्रोत्साहन

राज्य में कंटेनर निर्माण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

साथ ही सेमीकंडक्टर 2.0 मिशन के तहत नोएडा में सेमीकंडक्टर पार्क विकसित किया जाएगा। इससे यूपी हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर सकता है और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की संभावना बनेगी।

बड़े शहरों और तीर्थ स्थलों का कायाकल्प

5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का प्रावधान किया गया है, जिसमें अयोध्या, गोरखपुर समेत 15 शहर शामिल हैं।

साथ ही छोटे तीर्थ स्थलों के विकास के लिए भी बजट में राशि रखी गई है, जिससे धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।

यूपी के विकास को नई रफ्तार

इन घोषणाओं को उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में इन परियोजनाओं का असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे पर साफ दिख सकता है।

Union Budget 2026: दवाई, कपड़ा हुआ सस्ता तो शराब हुआ महंगा..जानिए बजट में सस्ती और महंगी चीजों की पूरी लिस्ट

Union Budget 2026-27: लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को Union Budget 2026-27 पेश किया। यह उनके मोदी सरकार में लगातार नौवें बजट भाषण के रूप में आया है, जिसमें कस्टम ड्यूटी और टैक्स संबंधी कई बड़े फैसले लिए गए हैं।

इस बार बजट में खास तौर पर कस्टम ड्यूटी में छूट और कुछ वस्तुओं पर टैक्स सुधार का ऐलान किया गया है, जिसका असर सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। आइए जानते हैं कौन-सी चीजें सस्ती होंगी और कौन-सी महंगी हो सकती हैं।

बजट में सस्ती होने वाली चीजें

रोजमर्रा के उत्पाद सस्ती होंगे

कपड़े और टेक्सटाइल उत्पाद — कस्टम ड्यूटी में कमी, इससे तैयार कपड़ों पर असर पड़ेगा।

लेदर आइटम (चमड़े के उत्पाद) — कस्टम ड्यूटी घटने से उत्पादों के दाम में राहत मिलने की संभावना।

सिंथेटिक फुटवियर — फुटवियर पर कस्टम ड्यूटी में कटौती।

स्वास्थ्य और टेक्नोलॉजी

कैंसर-शुगर की 17 दवाएं — इन्हें अब ड्यूटी फ्री किया गया है, जिससे उपचार लागत कम हो सकती है।

लिथियम-आयन सेल और मोबाइल बैटरियां — इलेक्ट्रिक वाहनों और ऊर्जा स्टोरेज के लिए जरूरी बैटरियों पर कस्टम ड्यूटी में कमी।

सोलर ग्लास तथा ऊर्जा संबंधी उपकरण — स्वच्छ ऊर्जा पर छूट, जिससे सोलर प्रोजेक्ट सस्ते होंगे।

अन्य सस्ती सेवाएँ

विदेश यात्रा से जुड़े खर्च — कुछ मामलों में टैरिफ/टैक्स में कटौती से महंगे खर्चों पर राहत।

विमानों का ईंधन और संबद्ध उपकरण — कस्टम ड्यूटी में राहत।

इन सभी बदलावों से आयातित सामानों और मैन्युफैक्चर किये जाने वाले कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स पर उपयोगकर्ताओं को सस्ता अनुभव हो सकता है।

बजट में महंगी होने वाली चीजें

वहीं कुछ सेक्टरों में कस्टम ड्यूटी बढ़ाने के कारण कीमतें बढ़ सकती हैं:

महंगी शराब और स्क्रैप

शराब उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ी — शराब पर टैक्स बढ़ने से दुकानों में कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना है।

स्क्रैप और खनिज सामग्री — इन पर भी ड्यूटी बढ़ाई गई है, जिससे उद्योगों में लागत बढ़ सकती है।

लक्ज़री और अन्य महंगे उत्पाद

कुछ विश्लेषकों के अनुसार लक्ज़री घड़ियाँ, हाई-एंड फुटवियर और डिज़ाइनर वस्त्रों पर ड्यूटी वृद्धि से उनकी कीमत में इजाफा संभव है। �

यह महंगाई उन वस्तुओं में दिखाई दे सकती है जो आयात पर अधिक निर्भर रहती हैं।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता है — सस्ते इनपुट को बढ़ावा देकर भारत में निर्माण और निर्यात को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जबकि कुछ महंगे सेगमेंट में ड्यूटी बढ़ाकर घरेलू उद्योगों को बचाया जा रहा है।

Union Budget 2026: दवाई, कपड़ा हुआ सस्ता तो शराब हुआ महंगा..जानिए बजट में सस्ती और महंगी चीजों की पूरी लिस्ट

Union Budget 2026-27: लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को Union Budget 2026-27 पेश किया। यह उनके मोदी सरकार में लगातार नौवें बजट भाषण के रूप में आया है, जिसमें कस्टम ड्यूटी और टैक्स संबंधी कई बड़े फैसले लिए गए हैं।

इस बार बजट में खास तौर पर कस्टम ड्यूटी में छूट और कुछ वस्तुओं पर टैक्स सुधार का ऐलान किया गया है, जिसका असर सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। आइए जानते हैं कौन-सी चीजें सस्ती होंगी और कौन-सी महंगी हो सकती हैं।

बजट में सस्ती होने वाली चीजें

रोजमर्रा के उत्पाद सस्ती होंगे

कपड़े और टेक्सटाइल उत्पाद — कस्टम ड्यूटी में कमी, इससे तैयार कपड़ों पर असर पड़ेगा।

लेदर आइटम (चमड़े के उत्पाद) — कस्टम ड्यूटी घटने से उत्पादों के दाम में राहत मिलने की संभावना।

सिंथेटिक फुटवियर — फुटवियर पर कस्टम ड्यूटी में कटौती।

स्वास्थ्य और टेक्नोलॉजी

कैंसर-शुगर की 17 दवाएं — इन्हें अब ड्यूटी फ्री किया गया है, जिससे उपचार लागत कम हो सकती है।

लिथियम-आयन सेल और मोबाइल बैटरियां — इलेक्ट्रिक वाहनों और ऊर्जा स्टोरेज के लिए जरूरी बैटरियों पर कस्टम ड्यूटी में कमी।

सोलर ग्लास तथा ऊर्जा संबंधी उपकरण — स्वच्छ ऊर्जा पर छूट, जिससे सोलर प्रोजेक्ट सस्ते होंगे।

अन्य सस्ती सेवाएँ

विदेश यात्रा से जुड़े खर्च — कुछ मामलों में टैरिफ/टैक्स में कटौती से महंगे खर्चों पर राहत।

विमानों का ईंधन और संबद्ध उपकरण — कस्टम ड्यूटी में राहत।

इन सभी बदलावों से आयातित सामानों और मैन्युफैक्चर किये जाने वाले कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स पर उपयोगकर्ताओं को सस्ता अनुभव हो सकता है।

बजट में महंगी होने वाली चीजें

वहीं कुछ सेक्टरों में कस्टम ड्यूटी बढ़ाने के कारण कीमतें बढ़ सकती हैं:

महंगी शराब और स्क्रैप

शराब उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ी — शराब पर टैक्स बढ़ने से दुकानों में कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना है।

स्क्रैप और खनिज सामग्री — इन पर भी ड्यूटी बढ़ाई गई है, जिससे उद्योगों में लागत बढ़ सकती है।

लक्ज़री और अन्य महंगे उत्पाद

कुछ विश्लेषकों के अनुसार लक्ज़री घड़ियाँ, हाई-एंड फुटवियर और डिज़ाइनर वस्त्रों पर ड्यूटी वृद्धि से उनकी कीमत में इजाफा संभव है। �

यह महंगाई उन वस्तुओं में दिखाई दे सकती है जो आयात पर अधिक निर्भर रहती हैं।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करता है — सस्ते इनपुट को बढ़ावा देकर भारत में निर्माण और निर्यात को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जबकि कुछ महंगे सेगमेंट में ड्यूटी बढ़ाकर घरेलू उद्योगों को बचाया जा रहा है।

सिद्धार्थनगर में भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का दर्शन, Brij Lal IPS हुए भावुक

सिद्धार्थनगर:
31 जनवरी 2026 को राय पिथौरा फोर्ट स्थित नेशनल म्यूजियम में जनपद के लिए एक गौरवपूर्ण और आध्यात्मिक पल देखने को मिला। पूर्व पुलिस अधिकारी और वर्तमान सांसद Brij Lal IPS (Retd) ने अपनी पत्नी सरोज जी के साथ भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का दर्शन किया।
इस म्यूजियम में प्रदर्शित वस्तुओं में सबसे बड़ा आकर्षण पिपरहवा (कपिलवस्तु) स्तूप से प्राप्त भगवान बुद्ध के अवशेष और रत्न हैं। पिपरहवा स्तूप की पहली खुदाई 1898 में विलियम क्लस्ट्रेन पे पे (पी पी साहब) ने की थी, और उस समय का एक हिस्सा विदेश ले जाया गया था। इसे उनकी तीसरी पीढ़ी 7 मई 2025 को हांगकांग में नीलाम करने जा रही थी।
Brij Lal IPS ने 5 मई 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर नीलामी रोकने और रेलिक्स को भारत वापस लाने का आग्रह किया। इस प्रयास को उन्होंने अपनी पुस्तक “मेरा जीवन संघर्ष” में भी शामिल किया है। प्रधानमंत्री ने 13 मई 2025 को हस्ताक्षरित पत्र के माध्यम से उनके प्रयास की सराहना की थी। इस खबर को Times of India ने भी प्रकाशित किया था।
इसके बाद, 1972 में डॉ. के एम. श्रीवास्तव के नेतृत्व में दूसरी खुदाई हुई, जिसमें प्राप्त रेलिक्स आज म्यूजियम में प्रदर्शित हैं। Brij Lal IPS ने कहा कि भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का दर्शन कर वे अत्यंत भावुक और अभिभूत हैं।
विलियम पे पे द्वारा निकाले गए पवित्र अवशेषों का विस्तृत विवरण Brij Lal IPS अगले दिन, 1 फरवरी 2026, को साझा करेंगे।
ॐ नमो बुद्धाय! बुद्धम शरणम् गच्छामी।

सिद्धार्थनगर महोत्सव में गूंजी उन्नत खेती और.. कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही रहे मौजूद आत्मनिर्भर कृषि की आवाज

सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर महोत्सव 2026 के चौथे दिन आयोजित रबी किसान मेला कृषि उन्नयन, नवाचार और किसान सशक्तिकरण का बड़ा मंच बना। कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि नेतृत्व और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी ने किसानों में उत्साह भर दिया।

कृषि मंत्री का भव्य स्वागत

रबी किसान मेले के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही उपस्थित रहे। उनके साथ सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक श्यामधनी राही, भाजपा जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान, नगर पालिका अध्यक्ष गोविन्द माधव, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन., सीडीओ बलराम सिंह, सीएमओ डॉ. रजत कुमार चौरसिया सहित कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मंत्री जी का बुके देकर स्वागत किया गया।

किसान अर्थव्यवस्था की रीढ़”— कृषि मंत्री

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि गौतम बुद्ध की धरती से शांति और करुणा का संदेश पूरी दुनिया में गया है, और आज यही धरती कृषि प्रगति की मिसाल बन रही है। उन्होंने बताया कि देश की अर्थव्यवस्था 11वें से दूसरे पायदान तक पहुंची

यूपी बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकला

कोरोना काल में किसानों ने अर्थव्यवस्था संभाली उन्नत तकनीक व वैज्ञानिक खेती अपनाना जरूरी उन्होंने कहा कि कालानमक चावल ओडीओपी में शामिल होने के बाद इसकी खेती 24,000 हेक्टेयर तक पहुंच गई है। जिले में 19 एफपीओ सक्रिय हैं।

किसानों के लिए बड़े निर्देश

मंत्री ने जिलाधिकारी को शोहरतगढ़/बर्डपुर में दूसरी कॉमन फैसिलिटेशन सेंटर के लिए भूमि चिन्हित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने बताया: 9.5 लाख कुंतल गेहूं बीज 50% अनुदान पर दिया गया। यूपी देश का सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक राज्य बना। 2.60 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ। किसान फार्मर रजिस्ट्री जरूर कराएं।

दलहन–तिलहन और जैविक खेती पर जोर

मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे केवल धान-गेहूं तक सीमित न रहें, बल्कि दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाएं। रासायनिक उर्वरकों के बजाय जैविक खाद के उपयोग पर बल दिया गया।

सांसद जगदम्बिका पाल ने बताया कालानमक का गौरव

सांसद ने कहा कि कालानमक चावल जो विलुप्ति के कगार पर था, आज अंतरराष्ट्रीय पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि:

पहले 2,000 हेक्टेयर में खेती, अब 18,000+ हेक्टेयर। 27 देशों के साथ समझौते से निर्यात आसान। सिद्धार्थनगर की पहचान अब कालानमक, मत्स्य और मखाना से

विधायक और भाजपा जिलाध्यक्ष का संबोधन

विधायक श्यामधनी राही ने कृषि यंत्रों पर अनुदान और किसान सम्मान निधि को किसानों के लिए वरदान बताया। जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान ने किसानों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक किया।

स्टॉल भ्रमण और नवाचार

मंत्री जी ने सांसद व विधायक के साथ कालानमक चावल के स्टॉल का निरीक्षण किया। कृषि विज्ञान केंद्र सोहना में मखाना खेती व शोध कार्य का भी अवलोकन किया गया।

आशा संगिनियों और किसानों का सम्मान

तीन आशा संगिनियों को बेहतर कार्य के लिए सांकेतिक चेक व प्रशस्ति पत्र दिए गए। प्रगतिशील किसानों और स्टॉल लगाने वालों को भी सम्मानित किया गया।

प्रशासन की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट

कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी सहित जिला प्रशासन ने कृषि मंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया।

उपस्थित रहे अधिकारी

संयुक्त कृषि निदेशक, उप कृषि निदेशक राजेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, उपायुक्त उद्योग उदय प्रकाश सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

सिद्धार्थनगर के KVK सोहना पहुंचे कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, मखाना–स्ट्रॉबेरी खेती देख हुए प्रभावित

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने आज जनपद सिद्धार्थनगर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) सोहना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र पर संचालित कृषि नवाचार, आधुनिक खेती मॉडल और वैज्ञानिक परियोजनाओं का गहन अवलोकन किया। मंत्री के दौरे को जिले में कृषि विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

मखाना, स्ट्रॉबेरी और उन्नत गेहूं खेती का किया निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान कृषि मंत्री ने

मखाना उत्पादन इकाई

मुर्गी पालन इकाई

लाइन सोइंग पद्धति से गेहूं की खेती

स्ट्रॉबेरी की आधुनिक तकनीकी खेती

का विस्तार से जायजा लिया।

उन्होंने केंद्र के वैज्ञानिकों से उत्पादन तकनीक, जल प्रबंधन, बीज गुणवत्ता और बाजार संभावनाओं को लेकर जानकारी प्राप्त की। मंत्री श्री शाही ने उत्पादन बढ़ाने और लागत घटाने के लिए कई तकनीकी सुझाव भी दिए।

किसानों को आधुनिक खेती अपनाने का संदेश

मौके पर उपस्थित कृषक बंधुओं को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि

“वैज्ञानिक पद्धतियों और आधुनिक कृषि तकनीक को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।”

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे राज्य सरकार और केंद्र सरकार की कृषि योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके।

जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख हैं —

सांसद जगदंबिका पाल

केन यूनियन चेयरमैन संजय सिंह

मंडल अध्यक्ष विनय पाठक

जयवर्द्धन तिवारी

ए.डी. एक्सटेंशन के.एम. सिंह

जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर

कृषि विभाग के अधिकारी

बड़ी संख्या में किसान

सिद्धार्थनगर में कृषि नवाचार को मिल रहा बढ़ावा

कृषि मंत्री के इस दौरे से स्पष्ट है कि सिद्धार्थनगर में आधुनिक कृषि मॉडल, हाई वैल्यू क्रॉप्स (मखाना, स्ट्रॉबेरी) और वैज्ञानिक खेती पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। इससे जिले के किसानों को नई तकनीक और आय के नए स्रोत मिल सकते हैं।

यूजीसी नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक पर सिद्धार्थनगर के अधिवक्ताओं ने जताई खुशी

सिद्धार्थनगर। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से जुड़े नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक का विभिन्न वर्गों में स्वागत किया जा रहा है। न्यायालय के इस निर्णय को कई लोगों ने संतुलित और न्यायसंगत कदम बताया है। सिद्धार्थनगर में भी इस फैसले को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

विस्तृत सुनवाई का रास्ता खुला

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के कुछ नए प्रावधानों पर फिलहाल रोक लगाते हुए मामले की विस्तृत सुनवाई का रास्ता खोला है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत का यह कदम नियमों की संवैधानिक वैधता, प्रभाव और व्यवहारिक पक्षों की गहन समीक्षा सुनिश्चित करेगा। इससे शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा।

बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने जताई खुशी 

सिद्धार्थनगर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए कहाकि,

यह निर्णय स्वागत योग्य है। सर्वोच्च न्यायालय ने संवैधानिक संतुलन और न्यायिक विवेक का परिचय दिया है। ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श आवश्यक होता है।”

आगे उन्होंने कहा कि, शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में लागू होने वाले नियमों पर सभी हितधारकों की राय जरूरी है।”

मार्च में होगी अगली सुनवाई 

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी और केंद्र सरकार से जवाब माँगा है। अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को होगी, जिसमें अदालत नियमों की वैधता, प्रभाव और सुधार की दिशा पर विचार करेगी।

ड्यूटी से लौटते कर्मचारी की दर्दनाक सड़क हादसे में मौत, परिवार ने प्रशासन से मुआवज़े और न्याय की लगाई गुहार

सिद्धार्थनगर।
जनपद सिद्धार्थनगर के थाना जोगिया उदयपुर क्षेत्र से एक हृदयविदारक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ सिद्धार्थनगर महोत्सव में ड्यूटी कर लौट रहे एक कर्मचारी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इस हादसे ने न केवल एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और कर्मचारी सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम गंगवाल निवासी कर्मचारी दिनांक 30 जनवरी 2026 को नौगढ़–कपिलवस्तु महोत्सव में अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद घर लौट रहा था। बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान ही उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी थी, जिस पर उसने उच्चाधिकारियों से अनुमति लेकर समय से पहले घर जाने का फैसला किया।
शाम लगभग 7 बजकर 45 मिनट के आसपास, वह अपनी स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल से जब सोतरीया कस्बे से आगे पुल के पास पहुँचा, तभी सामने से आ रही एक अज्ञात मोटरसाइकिल ने तेज रफ्तार और लापरवाही से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कर्मचारी सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया।


 अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
हादसे के बाद मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए घायल कर्मचारी को तत्काल जिला अस्पताल पहुँचाया। लेकिन गंभीर चोटों के चलते डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जैसे ही यह खबर गांव पहुँची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके असमय निधन से पीछे बूढ़े माता-पिता, पत्नी और छोटे-छोटे बच्चे रह गए हैं। परिवार का कहना है कि अब उनके सामने रोज़ी-रोटी और बच्चों के भविष्य का गहरा संकट खड़ा हो गया है।
परिजनों की आंखों में आंसू और दिल में सवाल है कि


अगर वह ड्यूटी पर तैनात था,


अगर उसके पास लिखित आदेश मौजूद हैं,


और अगर तबीयत खराब होने पर वह अनुमति लेकर घर लौट रहा था,


तो फिर उसके परिवार को अब तक कोई ठोस सरकारी सहयोग क्यों नहीं मिला?

 संगठन का बड़ा दावा

मृतक के संगठन के अध्यक्ष ने इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि सिद्धार्थनगर महोत्सव के दौरान इससे पहले भी एक कर्मचारी के साथ हादसा हुआ था, उस समय प्रशासन की ओर से सहयोग का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक किसी भी पीड़ित परिवार को ठोस मदद नहीं मिल सकी।
संगठन का यह भी दावा है कि मृतक के पास लिखित दस्तावेज और प्रमाण मौजूद हैं, जो यह साबित करते हैं कि वह पांच दिवसीय सिद्धार्थनगर महोत्सव में विधिवत रूप से ड्यूटी पर तैनात था। इसके बावजूद कुछ जिम्मेदार अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि ड्यूटी लिखित रूप से नहीं लगाई गई थी।

 प्रशासन के सामने खड़े सवाल

इस घटना ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं—
क्या ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की सुरक्षा की कोई ठोस व्यवस्था है?
हादसे की स्थिति में पीड़ित परिवारों को तत्काल सहायता क्यों नहीं मिलती?
क्या केवल फाइलों में दर्ज आदेश ही किसी कर्मचारी की मेहनत और ड्यूटी को साबित करते हैं?

 परिवार और संगठन की मांग

परिवार और संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि—
मृतक को ड्यूटी के दौरान मृत कर्मचारी माना जाए
पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवज़ा दिया जाए
बच्चों की शिक्षा और परिवार की आजीविका की जिम्मेदारी ली जाए
हादसे के जिम्मेदार अज्ञात वाहन चालक की पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए

 न्याय की आस

यह मामला अब केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं रहा, बल्कि यह उन सैकड़ों कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान का सवाल बन गया है, जो आयोजनों और सरकारी कार्यक्रमों में अपनी ड्यूटी निभाते हैं। परिवार को उम्मीद है कि प्रशासन संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द कोई ठोस कदम उठाएगा।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।