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नारी है जगत-जननी उनका सम्मान सर्वोपरि- लोकेश दीक्षित

बागपत, उत्तर प्रदेश। विवेक जैन। बागपत नगर के वात्सयान पैलेस मे राष्ट्रीय जागरूक ब्राह्मण महासंघ एवं मेरी आवाज सुनो फाउंडेशन द्वारा रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक लोकेश दीक्षित ने कहा कि नारी जगत-जननी है, पालनहार है, भाग्य विधाता है, बच्चों का प्रथम गुरु ही नारी होती है, उनको जितना भी सम्मान किया जा सके उतना ही कम है। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित आरडी शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि हमारी संस्था महिला सशक्तिकरण के अनेकों कार्य करती है। आज संस्था ने 251 समाज में अग्रणी भूमिका निभाने वाली बहनों को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित किया। भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष नीरज शर्मा का भी अभिनंदन किया गया। नीरज शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया की बहनों को जहां भी मेरी जरूरत पड़े मैं हमेशा उनकी सेवा के लिए तत्पर रहूंगा। पूर्व एमएलसी सुरेश कश्यप में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी बहनों को शुभकामनाएं दी। भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मानसिंह गोस्वामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि सभी बहने अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें, उन्हें संस्कार दे ताकि वे आगे चलकर इस देश वह अपने समाज का नाम रोशन कर सके। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सचिव सुनील शर्मा ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष देवेंद्र तोमर एडवोकेट राधेश्याम शर्मा, महामहिम राष्ट्रपति जी एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार विपुल जैन, धर्मेंद्र प्रधान, साक्षी शर्मा, संस्था के जिला अध्यक्ष अशोक शर्मा, संस्था की जिला अध्यक्ष आरती शर्मा, नगर अध्यक्ष अमिता शर्मा, अन्नू कौशिक, वर्षा शर्मा, वैशाली शर्मा, आरती मान, मोनिका शर्मा, रजनी शर्मा, एडवोकेट अनुराधा शर्मा, प्रीति शर्मा, एडवोकेट विजय शर्मा, ओम दत्त शर्मा, अशोक पांडे, हिमांशु शर्मा, विकास शर्मा, सत्येंद्र शर्मा, दिनेश शर्मा, विनोद शर्मा, महेंद्र दत्त शर्मा, विनीत शर्मा, क्रिश्चियन दत्त शर्मा, केपी शर्मा, आवेश भारद्वाज, कृष्णपाल शर्मा सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।

सिधौली के गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज की 30 एकड़ भूमि पर 22 बैनामे, जांच में खुलने लगीं दशकों पुरानी परतें

सीतापुर में दान की जमीन पर उठे बड़े सवाल


कभीशिक्षा के विकास के लिए मिली थी जमीन, अब करोड़ों की संपत्ति पर उठे सवाल — प्रशासन ने जांच रिपोर्ट आगे भेजी


सीतापुर / सिधौली।

जनपद सीतापुर के सिधौली कस्बे में स्थित गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज की जमीन को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है। शिक्षा के उद्देश्य से दशकों पहले संस्था को दी गई लगभग 30 एकड़ भूमि अब प्रशासनिक जांच का विषय बन गई है।

जांच से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार वर्ष 1973 से 2006 के बीच इस जमीन से संबंधित कुल 22 बैनामे किए जाने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि मौजूदा समय में इस जमीन की बाजार कीमत करीब 200 करोड़ रुपये के आसपास आंकी जा रही है।

मामले की जांच शुरू होने के बाद इस जमीन का इतिहास, उससे जुड़े दस्तावेज और वर्षों में हुए लेनदेन एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।

जमीन की कहानी: सैन्य उपयोग से शिक्षा संस्थान तक

पुराने अभिलेख बताते हैं कि सिधौली क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में स्थित यह जमीन कभी सरकारी पड़ाव के रूप में दर्ज सैन्य भूमि मानी जाती थी।

बताया जाता है कि 11 सितंबर 1967 को राष्ट्रपति के आदेश के बाद इस भूमि को शिक्षा के उद्देश्य से गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज सिधौली को हस्तांतरित किया गया था।

यह प्रक्रिया सरकारी अनुदान अधिनियम 1895 के प्रावधानों के तहत पूरी की गई थी और इसके बदले संस्था द्वारा लगभग 23 हजार 690 रुपये का भुगतान भी किया गया था।

उस समय इस जमीन का उद्देश्य स्पष्ट था —

विद्यालय का विस्तार

छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं

संस्था की आर्थिक मजबूती।

संस्था का गठन और जिम्मेदारी

जांच में सामने आया कि विद्यालय की प्रबंध समिति का पंजीकरण 24 जनवरी 1950 को सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के अंतर्गत हुआ था।

इस समिति को संस्था की संपत्तियों के संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई थी।

1973 से शुरू हुई जमीन की रजिस्ट्री

जांच में सामने आए अभिलेखों के अनुसार 1973 के बाद से जमीन के कुछ हिस्सों की रजिस्ट्री का सिलसिला शुरू हुआ।

रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले वर्षों में अलग-अलग समय पर कुल 22 बैनामे दर्ज किए गए, जिनके माध्यम से जमीन के कुछ हिस्से अलग-अलग व्यक्तियों के नाम स्थानांतरित किए गए।

कुछ मामलों में दानपत्र और शुद्धि पत्र के जरिए स्वामित्व में बदलाव दर्ज किए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है।

हालांकि इन प्रक्रियाओं की वैधता और अनुमति की स्थिति अब जांच का विषय बनी हुई है।

कई नामों का जिक्र

जांच के दौरान सामने आए दस्तावेजों में कई व्यक्तियों के नाम विभिन्न बैनामों से जुड़े बताए गए हैं।

इनमें प्रमुख रूप से

तोताराम जैन, ताराचंद माहेश्वरी, रामपाल, विनय कुमार, जगदेव प्रसाद, हरिनाम सुंदर, नंद किशोर, गिरजा शंकर, जगमोहन लाल यादव, आदित्य प्रसाद मिश्र और कुंवर दिवाकर सिंह आदि नामों का उल्लेख सामने आया है।

बताया जाता है कि वर्ष 1987 में सर्वोदय विद्यालय समिति के गठन के बाद जमीन से जुड़े कुछ लेनदेन में तेजी आने की बात भी कही जा रही है।

शिकायत के बाद खुली जांच

इस पूरे मामले ने तब गंभीर रूप लिया जब 13 अगस्त 2025 को डॉ. कमल कुमार जैन द्वारा प्रशासन को शिकायत दी गई।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि शिक्षा के उद्देश्य से दी गई जमीन के कुछ हिस्सों का उपयोग नियमों के अनुरूप नहीं हुआ और कई रजिस्ट्री संदिग्ध परिस्थितियों में की गईं।

शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए।

प्रशासन ने गठित की जांच समिति

जांच के लिए प्रशासन की ओर से

एसडीएम सदर न्यायिक

उप निबंधक सिधौली

की दो सदस्यीय जांच समिति गठित की गई।

इस समिति ने दस्तावेजों और अभिलेखों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की।

जिलाधिकारी स्तर पर आगे की कार्रवाई

जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद सीतापुर के जिलाधिकारी द्वारा इसे संबंधित विभागों के पास आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया है।

सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट रक्षा संपदा विभाग और सोसाइटी रजिस्ट्रार को भेजी गई है ताकि जमीन के स्वामित्व और उपयोग की स्थिति स्पष्ट हो सके।

लोगों की नजर अब आगे की कार्रवाई पर

सिधौली और आसपास के क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा तेज है।

स्थानीय लोग अब यह जानना चाहते हैं कि

जांच के बाद प्रशासन क्या कदम उठाएगा

जमीन के स्वामित्व की स्थिति क्या तय होगी

और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी।

कानूनी सुरक्षा नोट

यह समाचार उपलब्ध दस्तावेजों, शिकायत और प्रशासनिक जांच से संबंधित तथ्यों के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की अंतिम पुष्टि संबंधित विभागों और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी।

सोशल मीडिया वायरल हेडिंग

सीतापुर में 30 एकड़ जमीन का रहस्य!

22 बैनामों ने खोली दशकों पुरानी कहानी

 

गैस किल्लत के बीच बड़ी चोरी ताला तोड़कर इंडेन गैस गोदाम से 76 सिलेंडर उड़ा ले गए चोर, इलाके में हड़कंप

महराजगंज।
जनपद महराजगंज में गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। अज्ञात चोरों ने इंडेन गैस एजेंसी के गोदाम का ताला तोड़कर 76 गैस सिलेंडर चोरी कर लिए। घटना सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।


बताया जा रहा है कि यह घटना मिश्रौलिया क्षेत्र स्थित इंडेन गैस एजेंसी के गोदाम में हुई। चोरों ने रात के समय गोदाम का ताला तोड़कर अंदर रखे सिलेंडरों को ट्रॉली या वाहन में लादकर फरार हो गए। सुबह जब कर्मचारियों ने गोदाम खोला तो बड़ी संख्या में सिलेंडर गायब मिले, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।


जानकारी के मुताबिक चोरी हुए 76 सिलेंडरों में 12 भरे हुए और 64 खाली सिलेंडर शामिल हैं। इस घटना ने उस समय और चिंता बढ़ा दी है जब क्षेत्र में पहले से ही गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर लोगों में परेशानी देखी जा रही है।

प्राथमिक जानकारी के अनुसार घटना के समय गोदाम का चौकीदार अपने घर चला गया था, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस आसपास के इलाकों में जांच कर रही है और संभावित ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी कर रही है।


पुलिस का कहना है कि मामले में सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सुरागों के आधार पर जांच की जा रही है, जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल जा रही शिक्षिका को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचला, मौके पर मौत – बहन गंभीर घायल

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के Gorakhpur जनपद में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में निजी विद्यालय की शिक्षिका की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी छोटी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। यह घटना Chauri Chaura थाना क्षेत्र के निबिहवा रेलवे ओवरब्रिज के पास शनिवार सुबह लगभग 8:15 बजे हुई।


मिली जानकारी के अनुसार चौरीचौरा थाना क्षेत्र के ग्राम चौरी, टोला रामनगर निवासी श्रेया विश्वकर्मा (24) फुटहवा इनार स्थित एक निजी विद्यालय में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। शनिवार सुबह वह अपनी छोटी बहन खुशी विश्वकर्मा (20) के साथ स्कूटी से स्कूल जा रही थीं।


बताया जाता है कि जब दोनों बहनें निबिहवा रेलवे ओवरब्रिज के नीचे एक धर्मकांटा के पास पहुंचीं, उसी समय गोरखपुर की तरफ से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई और शिक्षिका श्रेया विश्वकर्मा ट्रक की चपेट में आ गईं, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं पीछे बैठी उनकी बहन खुशी विश्वकर्मा गंभीर रूप से घायल हो गईं।


घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवती को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया।


हादसे की सूचना मिलते ही चौरीचौरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दुर्घटना के कारण गोरखपुर-देवरिया मार्ग पर लगभग आधे घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस ने लोगों को समझाकर यातायात बहाल कराया।


पुलिस का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि दुर्घटना करने वाले ट्रक और उसके चालक की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जा सके। घटना की जानकारी मिलते ही मृतका के परिवार में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।

सदर विधायक योगेश वर्मा ने किया मोतीपुर जिला अस्पताल मार्ग का औचक निरीक्षण

लखीमपुर खीरी। जनपद लखीमपुर खीरी में मोतीपुर जिला अस्पताल जाने वाले संपर्क मार्ग का सदर विधायक योगेश वर्मा ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सड़क निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सदर विधायक ने कहा कि सड़क निर्माण ऐसा होना चाहिए जिससे वर्षों तक क्षेत्र के ग्रामीणों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को विभागीय मानकों के अनुरूप ही सड़क निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिए।

स्थलीय निरीक्षण के दौरान सड़क की क्रस्ट, बिटुमिनस परत सहित अन्य गुणवत्ता मानकों की भी जांच की गई और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी भी उपस्थित रहे। विधायक ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि सड़क निर्माण कार्य पूरी पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता के साथ कराया जाएगा, ताकि लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सके

बकरी को लेकर हुआ विवाद, चाय दुकानदार की पीट-पीटकर हत्या

महाराजगंज (उत्तर प्रदेश)
कोल्हुई थाना क्षेत्र के जंगल गुलरिहा/तुलसीपुर चौराहा की घटना, एक आरोपी हिरासत में


महाराजगंज जनपद के कोल्हुई थाना क्षेत्र में एक मामूली विवाद ने शुक्रवार को खौफनाक रूप ले लिया। यहां जंगल गुलरिहा के पास तुलसीपुर चौराहा इलाके में बकरी को लेकर हुए विवाद में एक चाय दुकानदार की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तुलसीपुर चौराहा के पास चाय की दुकान चलाने वाले दुकानदार का पड़ोस के एक व्यक्ति से बकरी को लेकर विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया।
इसी दौरान आरोप है कि विवाद के दौरान एक व्यक्ति ने कुदाल के बेंट (हैंडल) से दुकानदार पर हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल दुकानदार जमीन पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायल को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही कोल्हुई थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना के संबंध में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही घटना के कारणों की पुष्टि हो सकेगी। आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
इलाके में माहौल
घटना के बाद तुलसीपुर चौराहा और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल देखा गया। एहतियात के तौर पर पुलिस क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए है ताकि स्थिति सामान्य बनी रहे।


महाराजगंज से एक बड़ी खबर सामने आई है।
यहां कोल्हुई थाना क्षेत्र में बकरी को लेकर हुए विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया और एक चाय दुकानदार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान कुदाल के बेंट से हमला किया गया, जिससे दुकानदार की मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

MBBS छात्र हादसे की सुर्खियों में दब गया विपिन जायसवाल के परिवार का दर्द– होली के दिन धर्मशाला ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार कार की टक्कर से गई थी जान

गोरखपुर : रंगों का पर्व होली आपसी भाईचारे और खुशियों का त्योहार माना जाता है, लेकिन कभी-कभी यही उत्सव लापरवाही और हुड़दंग की वजह से दर्दनाक हादसों में बदल जाता है। ऐसा ही एक हादसा 4 मार्च 2026 को गोरखपुर में हुआ, जिसमें एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छिन गईं।

होली के दिन कार की टक्कर से हुए थे घायल

4 मार्च 1996 को जन्मे विपिन कुमार जायसवाल को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि 4 मार्च 2026 का दिन उनकी जिंदगी का आखिरी दिन बन जाएगा। होली के दिन दोपहर करीब 2:30 बजे वह अपने दोस्त सुमित श्रीवास्तव के साथ स्कूटी से धर्मशाला ओवरब्रिज से गुजर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार मारुति वेगनर कार ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि विपिन ओवरब्रिज से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनके साथी सुमित श्रीवास्तव भी बुरी तरह घायल हो गए।

इलाज के दौरान चली गई विपिन की जान 

दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान विपिन कुमार जायसवाल ने दम तोड़ दिया। उनकी मौत से परिवार में मातम छा गया, जबकि घायल सुमित श्रीवास्तव का अभी भी इलाज चल रहा है।

उसी रात एमबीबीएस छात्र आकाश पांडे की हुई थी मौत 

उसी दिन रात में चारफाटक मोहद्दीपुर इलाके में हुए एक अन्य सड़क हादसे में एमबीबीएस छात्र आकाश पांडे और उमेश शर्मा की मौत हो गई थी। आरोपी के एक राजनीतिक दल से जुड़े होने की वजह से यह मामला मीडिया में सुर्खियों में छाया रहा। लेकिन उसी दिन दोपहर धर्मशाला ओवरब्रिज पर हुए हादसे में जान गंवाने वाले विपिन जायसवाल के परिवार की पीड़ा कहीं दबकर रह गई।

MBBS छात्र हादसे में दब गई विपिन की मौत

परिजनों का कहना है कि चारफाटक हादसे में मृतकों के परिवारों के घर जनप्रतिनिधि और अधिकारी पहुंचे तथा सरकार की ओर से मुआवजे की घोषणा भी की गई, लेकिन विपिन जायसवाल के परिवार की सुध लेने वाला कोई नहीं पहुंचा। परिजनों के मुताबिक विपिन एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते थे, शायद यही वजह रही कि उनकी मौत को लेकर न तो किसी अधिकारी ने संज्ञान लिया और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने परिवार से मिलकर सांत्वना दी।

घटना की निष्पक्ष जांच की मांग 

घटना के अगले दिन मृतक के पिता राजेंद्र कुमार जायसवाल की तहरीर पर शाहपुर थाने में अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि परिवार का आरोप है कि हादसे के बाद कार चालक और उसके साथियों को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया और अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने प्रशासन से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है, ताकि विपिन की मौत के जिम्मेदार लोगों को सजा मिल सके।

बारातियों ने सड़क पर की हुल्लड़बाजी, गाड़ी की बोनट पर चढ़कर उड़ाए नोट, लगा जाम

देवरिया : रविवार की रात एक बारात में शामिल बारातियों ने जमकर हुड़दंग किया। गाड़ियों के बोनट व छत पर चढ़कर आतिशबाजी करने के बाद उन्होंने जमकर नोट उड़ाया। जिसके चलते शहर में जाम की समस्या उत्पन्न हो गई। मौके पर पहुंची कोतवाली व यातायात पुलिस ने मोर्चा संभाला और फिर जाम की समस्या से लोगों को राहत मिली। यातायात पुलिस ने इस मामले में दो वाहनों का 13500 रुपए चालान काटा है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

जानकारी के अनुसार रविवार की रात कसया रोड पर एक बारात निकली थी। आगे-आगे रोड लाइट के साथ दूल्हा चल रहा था। उसके पीछे बाराती वाहनों के बोनट व छत पर सवार हो गए और आतिशबाजी करने के साथ ही रुपये की गड्डी उड़ाने लगे। जिसके चलते शहर में जाम की समस्या उत्पन्न हो गई। बारात कसया रोड स्थित एक मैरेज हाल में जा रही थी। जाम की समस्या उत्पन्न होते ही मौके पर पुलिस पहुंची और किसी तरह लोगों को हटाकर आवागमन बहाल कराया।

वहीं इसे लेकर यातायात उप निरीक्षक गुलाब सिंह ने बताया कि कुछ युवक बारात में जाते समय वाहन के छत पर चढ़ गए थे। जाम की समस्या से निजात दिलाया गया। मैरेज हाल संचालकों को आए दिन नोटिस भी पार्किंग के लिए दिया जा रहा है। इस मामले में एक वाहन का 12 हजार और एक का 1500 रुपये चालान भी काटा गया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग इसे लेकर प्रतिक्रिया दे रहे है। यूजर बारातियों की आलोचना के साथ ही पुलिस कार्यवाही को सही ठहरा रहे हैं।

परमहंस महाविद्यालय प्रांगण में सजा रंगोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समा

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के परमहंस महाविद्यालय के प्रांगण में रामाय ट्रस्ट और श्री परमहंस शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में रंगोत्सव कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन रामाय ट्रस्ट और महाविद्यालय की प्रबंधिका वंदना उपाध्याय की ओर से किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रंग-बिरंगे माहौल, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आपसी मिलन के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया।कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई। इसके बाद महिलाओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। लोकगीत, नृत्य और रंगारंग प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। कार्यक्रम में शामिल सैकड़ों महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। सभी ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर प्रबंधिका वंदना उपाध्याय ने कार्यक्रम में आई सभी महिलाओं का स्वागत करते हुए उन्हें रंगोत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। महिलाओं को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होना चाहिए, ताकि वे समाज और परिवार दोनों के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम महिलाओं को एक मंच प्रदान करते हैं, जहां वे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकती हैं और आपस में संवाद स्थापित कर सकती हैं।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय ने कहा कि होली के बाद आयोजित होने वाले रंगोत्सव जैसे कार्यक्रम लोगों को एक-दूसरे के करीब लाने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में त्योहार केवल आनंद का अवसर ही नहीं होते, बल्कि सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का माध्यम भी होते हैं। रंगोत्सव लोगों को पुरानी बातों को भूलकर नए सिरे से रिश्तों को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।उन्होंने कहा कि होली के बाद मनाया जाने वाला रंगोत्सव सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामूहिक मिलन का प्रतीक बन जाता है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को एक-दूसरे के साथ मिलकर खुशियां मनाने का अवसर प्रदान करते हैं।कार्यक्रम के दौरान रंग पंचमी की परंपरा, लोक संगीत, नृत्य और पारंपरिक व्यंजनों का भी आनंद लिया गया। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह, उमंग और आपसी सहयोग का वातावरण बना रहा। इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम न केवल परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि समाज को जोड़ने का भी महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

कार्यक्रम में आरटीओ रितु सिंह, अशोका द्विवेदी, रीना द्विवेदी, मनोरमा दुबे, डॉ नीलम सिंह, प्रभा वर्मा उषा मिश्रा, डा मंजूषा पाण्डेय, सरस्वती पाठक, कविता सिंह, मीना पाण्डेय, उर्मिला मिश्रा, प्रज्ञा मिश्रा, सारिका गर्ग, स्मिता सहाय, वंदना सिंह, प्रतिभा द्विवेदी, पूर्णिमा तिवारी, मीनू अग्रवाल, श्वेता टंडन, मयूरी तिवारी, डा वंदना सिंह, कंचन जायसवाल, स्मता तिवारी सहित बडी संख्या में महिलाओं भागीदारी रही.

गुंडा एक्ट में बड़ी कार्रवाई: आरोपी को 6 महीने के लिए जिले से किया गया जिलाबदर

रिपोर्ट :अर्जुन सिंह | जिला संवाददाता

संत कबीर नगर।
जनपद में अपराध और असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत धर्मसिंहवा पुलिस ने गुंडा एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को छह माह के लिए जनपद की सीमा से बाहर कर दिया है।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदमन सिंह के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार अपर जिलाधिकारी (न्यायालय) संत कबीर नगर द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में ब्रह्मानंद पाण्डेय पुत्र रामराज पांडे, निवासी बौरव्यास थाना धर्मसिंहवा जनपद संत कबीर नगर को 06 माह के लिए जनपद की सीमाओं से निष्कासित (जिलाबदर) किया गया है।
थानाध्यक्ष अमित कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी को न्यायालय के आदेश की जानकारी देते हुए पुलिस बल के साथ जनपद सीमा से बाहर कर दिया। आदेश के अनुसार आगामी छह माह तक आरोपी जनपद संत कबीर नगर की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी विभिन्न धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं, जिनके आधार पर गुंडा एक्ट के तहत यह कार्रवाई की गई है।
⚖️ अभियुक्त का विवरण
ब्रह्मानंद पाण्डेय
पुत्र – रामराज पांडे
निवासी – बौरव्यास, थाना धर्मसिंहवा
जनपद – संत कबीर नगर
👮 पुलिस टीम
थानाध्यक्ष अमित कुमार
उ0नि0 राघवेन्द्र प्रताप सिंह (चौकी प्रभारी ब्यौरव्यास)
उ0नि0 शिव कुमार यादव
हे0का0 सुरेन्द्र सचान
कांस्टेबल अरुण कुमार
कांस्टेबल दीपक खरवार
✍️ रिपोर्ट :
अर्जुन सिंह | जिला संवाददाता

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