फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
जयपुर में रिश्तों का खौफनाक अंत! पिता की हत्या के बाद शव ठिकाने लगाने की कोशिश सब हेडिंग

सांगानेर में 75 वर्षीय जगदीश जाट की मौत का मामला; पुलिस के मुताबिक छोटे बेटे पर हत्या का आरोप, मां भी गिरफ्तार—टैक्सी चालक की सतर्कता से खुला राज


एक नजर में पूरा मामला

जयपुर के सांगानेर सदर थाना क्षेत्र के गोविंदपुरा में 75 वर्षीय जगदीश जाट की हत्या के मामले ने इलाके में सनसनी फैला दी। पुलिस के मुताबिक उनके छोटे बेटे सवाई राम जाट को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जबकि मौके पर मौजूद मां सजनी को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच के अनुसार शव करीब एक दिन घर में रखा गया और बाद में उसे गांव ले जाने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान टैक्सी चालक को शव से दुर्गंध आने पर शक हुआ और उसने पुलिस को सूचना दी।


जिस मोड़ पर खुला पूरा राज

पुलिस के अनुसार आरोपी ने शव को गांव टोडारायसिंह ले जाने के लिए टैक्सी बुलाई थी। चालक को जब शव से दुर्गंध महसूस हुई तो उसे संदेह हुआ और उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को आगे ले जाने से पहले कार्रवाई की। घटनास्थल पर एफएसएल टीम बुलाकर साक्ष्य जुटाए जाने की जानकारी भी सामने आई है।


जयपुर। सांगानेर सदर इलाके में सामने आए 75 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या के मामले ने रिश्तों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के मुताबिक गोविंदपुरा में रहने वाले जगदीश जाट की उनके छोटे बेटे सवाई राम जाट ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को करीब एक दिन घर में रखे जाने और फिर गांव ले जाकर अंतिम संस्कार करने की तैयारी की बात सामने आई है। लेकिन शव से आती दुर्गंध ने टैक्सी चालक को सतर्क कर दिया और उसकी सूचना के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई की।

पूरी खबर

जयपुर के सांगानेर सदर थाना क्षेत्र का गोविंदपुरा इलाका एक ऐसी वारदात से दहल गया, जिसमें पुलिस जांच के मुताबिक एक बुजुर्ग की जान उसके ही परिवार के सदस्य के हाथों चली गई।

पुलिस के अनुसार 75 वर्षीय जगदीश जाट अपनी पत्नी सजनी और छोटे बेटे सवाई राम के साथ रह रहे थे। पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक 18 अगस्त की रात पिता-पुत्र के बीच विवाद हुआ। इसके बाद सवाई राम ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी से पिता पर हमला किया, जिसमें उनकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी के बयान के आधार पर घटना के पीछे पारिवारिक विवाद की बात सामने आने की जानकारी दी है।

एक दिन घर में पड़ा रहा शव

पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद शव को कंबल में लपेटकर घर के अंदर छिपा दिया गया। करीब एक दिन बाद शव को गांव टोडारायसिंह ले जाकर अंतिम संस्कार करने की योजना बनाई गई।

इसके लिए टैक्सी बुलाई गई। लेकिन शव को ले जाने की तैयारी के दौरान टैक्सी चालक को दुर्गंध महसूस हुई। उसे संदेह हुआ और उसने पुलिस को सूचना दे दी।

यही सूचना पूरे मामले में निर्णायक मोड़ साबित हुई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को ठिकाने लगाए जाने से पहले कार्रवाई की।

मां भी पुलिस की कार्रवाई के घेरे में

पुलिस ने इस मामले में सवाई राम के साथ उसकी मां सजनी को भी गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी है। हालांकि, मां की भूमिका और उसकी कथित संलिप्तता को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम को बुलाया। वारदात में इस्तेमाल कथित हथियार की बरामदगी को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है।

सबसे चौंकाने वाला कनेक्शन: पुराना बहू हत्या मामला

जांच के दौरान इस परिवार का पुराना आपराधिक मामला भी सामने आया है।

पुलिस से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक, वर्ष 2024 में परिवार की बहू की हत्या के मामले में जगदीश जाट, उनकी पत्नी और दोनों बेटों पर आरोप लगा था। इस मामले में परिवार के चारों सदस्यों को जेल जाना पड़ा था। रिपोर्टों के अनुसार जगदीश, उनकी पत्नी सजनी और छोटे बेटे सवाई राम को करीब चार महीने पहले जमानत मिली थी, जबकि बड़ा बेटा अभी जेल में है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि पुराने मामले में लगाए गए आरोपों को वर्तमान हत्या का प्रमाण नहीं माना जा सकता। दोनों मामलों की परिस्थितियां और कानूनी स्थिति अलग-अलग हैं और पुराने मामले में अदालत की कार्यवाही का अंतिम परिणाम ही निर्णायक होगा।

पुलिस जांच अब किन सवालों पर?

18 अगस्त की रात घर में वास्तव में क्या हुआ?

हत्या के पीछे सिर्फ पारिवारिक विवाद था या कोई अन्य कारण भी था?

शव को करीब एक दिन घर में रखने के पीछे क्या योजना थी?

शव को गांव ले जाने की तैयारी किस उद्देश्य से की गई?

मां सजनी की भूमिका क्या थी?

कथित हथियार और अन्य फोरेंसिक साक्ष्यों से क्या सामने आता है?

पुराने बहू हत्या मामले और मौजूदा घटना के बीच कोई तथ्यात्मक कड़ी है या नहीं?

इन सवालों के जवाब पुलिस जांच, फोरेंसिक रिपोर्ट और अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों से सामने आएंगे।

सारांश

सांगानेर सदर के गोविंदपुरा में 75 वर्षीय जगदीश जाट की हत्या के मामले में पुलिस ने उनके छोटे बेटे सवाई राम जाट को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक घटना के बाद शव को करीब एक दिन घर में रखा गया और बाद में गांव ले जाने की तैयारी की गई। टैक्सी चालक को दुर्गंध आने पर शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद कार्रवाई हुई। मृतक की पत्नी सजनी को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब हत्या की परिस्थितियों, कथित भूमिका और पुराने बहू हत्या मामले से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

💬 संपादकीय टिप्पणी

यह मामला केवल एक हत्या की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ एक पुराने पारिवारिक आपराधिक मामले का संदर्भ भी जुड़ता है। इसलिए इस पूरे प्रकरण में आरोप, पुलिस जांच और अदालत में साबित तथ्य—तीनों को अलग-अलग रखना बेहद जरूरी है।

पुलिस की गिरफ्तारी या पूछताछ को किसी व्यक्ति का अंतिम अपराध-सिद्ध होना नहीं माना जा सकता। दोष या निर्दोषता का अंतिम फैसला न्यायालय की प्रक्रिया से ही होगा।

FT News Digital उपलब्ध पुलिस संबंधी जानकारी और प्रकाशित रिपोर्टों के आधार पर इस मामले को प्रस्तुत कर रहा है। नए आधिकारिक तथ्य, एफएसएल रिपोर्ट, चार्जशीट या न्यायालय की कार्यवाही सामने आने पर खबर को आगे अपडेट किया जा सकता है।

 

राजस्थान में पेपर लीक पर बड़ा एक्शन! भर्ती परीक्षाओं को लेकर सरकार सख्त, जांच एजेंसियां अलर्ट

जयपुर।
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक मामलों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और जांच व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच प्रशासन ने जांच एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए तकनीकी निगरानी और कड़े प्रावधानों पर भी काम किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि सरकार भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने और अभ्यर्थियों का विश्वास कायम रखने के लिए कई स्तरों पर सुधारात्मक कदम उठाने की तैयारी में है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि परीक्षा प्रणाली में तकनीकी निगरानी और सख्ती बढ़ाई जाती है तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हुई हैं।

साध्वी प्रेम बाइसा मौत मामला: नौ सदस्यीय SIT की गहन जांच, इंजेक्शन और सोशल मीडिया विवाद पर उठे सवाल

विशेष रिपोर्ट: साध्वी प्रेम बाइसा मौत मामला – शुरुआत से आज तक का पूरा सच

जोधपुर / राजस्थान: नौ सदस्यीय SIT हर पहलू की गहन जांच कर रही है; पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट से ही खुलेगा असली सच

घटना की पूरी कहानी — शुरुआत से अब तक
जोधपुर, राजस्थान –
23 वर्षीय साध्वी प्रेम बाइसा, जोधपुर के पारेऊ गांव की कथावाचिका और आध्यात्मिक वक्ता, की मौत 28 जनवरी 2026 को आश्रम में हुई।
शुरुआत में मौत स्वाभाविक स्वास्थ्य कारणों से मानी गई, लेकिन परिवार और अनुयायियों के संदेह के चलते मामला संदिग्ध बन गया।
साध्वी की तबीयत अचानक बिगड़ी और कई इंजेक्शन लगाए गए। इसके बाद अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित किया गया। परिवार के सदस्यों ने शुरुआती दिनों में पोस्टमार्टम पर रोक लगाई, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।
घटना के शुरुआती चरण से ही सवाल उठने लगे कि क्या मौत स्वाभाविक थी या कोई बाहरी कारण मौजूद था।

SIT की जांच – पूरा अपडेट
राजस्थान सरकार ने मामला गंभीरता से लेते हुए 9 सदस्यीय SIT गठित की। टीम का नेतृत्व एसीपी छवि शर्मा कर रही हैं।
जांच के मुख्य बिंदु
परिवार और आश्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ
इंजेक्शन और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक/विसरा रिपोर्ट की पड़ताल
सोशल मीडिया पोस्ट और डिजिटल रिकॉर्ड की पुष्टि
SIT ने अब तक जांच में पाया कि इंजेक्शन के बाद अचानक स्वास्थ्य बिगड़ना, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अस्पष्टता, और पिता के व्यवहार ने मामले को और जटिल बना दिया।

पहले उठे सवाल और आज तक का एंगल
मौत स्वाभाविक थी या किसी बाहरी वजह से हुई?
इंजेक्शन/चिकित्सा प्रक्रिया का क्या प्रभाव था?
आश्रम और अस्पताल के दस्तावेज़ और डिजिटल रिकॉर्ड सही हैं या नहीं?
पिता और परिवार के बयान कितना सुसंगत हैं?
सोशल मीडिया पोस्ट और पुराने ब्लैकमेल विवाद का क्या असर था?
SIT इन सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और कोई निष्कर्ष अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया।

इंसाफ़ और कानूनी सुरक्षा
अभी तक कोर्ट या पुलिस ने किसी पर आरोप नहीं लगाया है।
पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट ही तय करेगी कि मौत स्वाभाविक थी या अनप्राकृतिक।
खबर पूरी तरह सत्यापित और निष्पक्ष स्रोतों पर आधारित है।
भाषा और प्रस्तुति कानूनी जोखिम से सुरक्षित रखी गई है।
किसी भी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराना अभी असमय होगा।

आज तक का सारांश
घटना: 28 जनवरी 2026, साध्वी प्रेम बाइसा की मौत
प्रारंभिक विवाद: पोस्टमार्टम और पिता का व्यवहार
SIT जांच: 9 सदस्यीय टीम, पूछताछ और फॉरेंसिक जाँच
इंजेक्शन और स्वास्थ्य एंगल
सोशल मीडिया और ब्लैकमेलिंग विवाद
आज तक: जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

निष्कर्ष
साध्वी प्रेम बाइसा की मौत सिर्फ़ व्यक्तिगत दुखद घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की जवाबदेही, न्याय और समाज की सुरक्षा से जुड़ा मामला बन गया है।
SIT की जांच अभी जारी है और पोस्टमार्टम/फोरेंसिक रिपोर्ट निर्णायक होंगी।
इस खबर का धारदार हेडिंग बनाकर के दिन

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।