बारिश का कहर: धंसा नगर का मुख्य जलापूर्ति बोर, पूरे शहर में पेयजल संकट की आशंका
बारिश के बीच धंसा नगर पालिका का मुख्य जलापूर्ति बोर, शहर में पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका
लगातार बारिश के बाद मुख्य जलापूर्ति बोरवेल के पिलर में आई तकनीकी समस्या, जांच और मरम्मत की मांग तेज
सिद्धार्थनगर। लगातार हो रही बारिश के बीच नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर की मुख्य पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को झटका लगा है। नगर क्षेत्र के गांधीनगर स्थित मुख्य जलापूर्ति बोरवेल के पिलर के धंस जाने की सूचना सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसके बाद कई इलाकों में पानी की आपूर्ति प्रभावित होने तथा कुछ स्थानों पर गंदा पानी आने जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं। हालांकि, इस संबंध में संबंधित विभाग की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी होना शेष है।
सारांश
लगातार बारिश के बीच मुख्य जलापूर्ति बोरवेल के पिलर के धंसने की सूचना।
नगर के कई हिस्सों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका।
कुछ क्षेत्रों में गंदा पानी आने की शिकायतें सामने आईं।
स्थानीय लोगों ने तकनीकी जांच और शीघ्र मरम्मत की मांग उठाई।
विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट और कारणों का इंतजार।
पूरी खबर
सिद्धार्थनगर। लगातार हो रही बारिश के कारण नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर की जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका गहरा गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर पालिका कार्यालय के पीछे स्थित गांधीनगर क्षेत्र के मुख्य जलापूर्ति बोरवेल का पिलर जमीन में धंस गया है, जिससे नगर की पेयजल आपूर्ति पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सुबह से कुछ इलाकों में गंदा पानी आने की शिकायतें भी सामने आई हैं। उनका दावा है कि संबंधित बोरवेल नगर के बड़े हिस्से में पेयजल आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि जलापूर्ति पूरी तरह बाधित हुई है या आंशिक रूप से प्रभावित हुई है।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि संबंधित बोरवेल का निर्माण लगभग एक वर्ष पूर्व कराया गया था। ऐसे में लगातार बारिश के बीच संरचना के धंसने की घटना को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। नागरिकों ने पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने तथा यदि निर्माण में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
मौके पर मौजूद लोगों ने यह भी मांग की कि प्रभावित स्थल के आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था एवं बैरिकेडिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे।
फिलहाल संबंधित विभाग द्वारा मरम्मत कार्य और तकनीकी परीक्षण की प्रक्रिया शुरू किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि विभागीय जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
FT News Digital इस जनहित से जुड़े मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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