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सिविल कोर्ट सिद्धार्थ बार एसोसिएशन को मिला नया नेतृत्व, दिव्य प्रकाश शुक्ल अध्यक्ष और अजय कुमार पांडेय महामंत्री निर्वाचित

 

अध्यक्ष पद पर कड़ा मुकाबला, महामंत्री पद पर अजय कुमार पांडेय ने दर्ज की जीत; पुस्तकालय सचिव पद पर महज एक वोट का अंतर

सिद्धार्थनगर। सिविल कोर्ट सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के चुनाव में बुधवार देर शाम मतगणना पूरी होने के बाद विभिन्न पदों के परिणाम घोषित कर दिए गए। अध्यक्ष पद पर दिव्य प्रकाश शुक्ल ने 217 मत हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि अजय कुमार पांडेय 358 मतों के साथ महामंत्री निर्वाचित हुए। परिणाम घोषित होते ही विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों में उत्साह देखने को मिला।

अध्यक्ष पद पर मुकाबला रहा रोचक

अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में दिव्य प्रकाश शुक्ल को 217 मत मिले। इंदू कुमार सिंह को 161, रविंद्र नाथ पांडेय को 150, राधेश्याम मिश्र को 54, देवानंद श्रीवास्तव को 52 और देवेंद्र नाथ त्रिपाठी को 17 मत प्राप्त हुए। सात मत अवैध घोषित किए गए।

महामंत्री पद पर अजय कुमार पांडेय विजयी

महामंत्री पद पर अजय कुमार पांडेय ने 358 मत प्राप्त कर जीत हासिल की। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी सच्चिदानंद झा को 251 मत मिले, जबकि सिद्धनाथ पांडेय के खाते में 40 मत आए। नौ मत अवैध पाए गए।

वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर एकतरफा परिणाम

वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर देवेंद्र नाथ शुक्ल ने 502 मत प्राप्त कर शानदार जीत दर्ज की। उनके मुकाबले हरिहर पाठक को 129 मत मिले। इस पद पर 26 मत अवैध घोषित किए गए।

दो उपाध्यक्ष पदों पर इनका कब्जा

उपाध्यक्ष के दो पदों पर बृजेश प्रताप सिंह को 366 और उमाशंकर पांडेय को 330 मत मिले। दोनों को विजयी घोषित किया गया। प्रशांत कुमार मिश्र को 270 मत प्राप्त हुए और आठ मत अवैध रहे।

 

कोषाध्यक्ष पद पर श्रीकृष्ण मिश्र जीते

 

कोषाध्यक्ष पद पर श्रीकृष्ण मिश्र ने 372 मत हासिल किए और चुनाव जीत लिया। राजेश कुमार मिश्र को 260 मत मिले, जबकि 24 मत अवैध घोषित किए गए।

 

कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर द्विजेंद्र कुमार पांडेय की जीत

 

कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर द्विजेंद्र कुमार पांडेय को 360 मत मिले। अनूप मिश्र को 266 मत प्राप्त हुए और 24 मत अवैध रहे।

संयुक्त मंत्री पदों के परिणाम भी घोषित

संयुक्त मंत्री प्रशासनिक पद पर रविशंकर तिवारी ने 381 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। आशीष कुमार त्रिपाठी को 255 मत मिले और 19 मत अवैध पाए गए।

पुस्तकालय पद पर एक वोट ने बढ़ाई चुनावी सरगर्मी

संयुक्त मंत्री पुस्तकालय पद का मुकाबला बेहद करीबी रहा। मतीउल्लाह को 319 मत मिले, जबकि चंद्रकांत दुबे को 318 मत प्राप्त हुए। दोनों के बीच सिर्फ एक मत का अंतर रहा। इस पद पर 17 मत अवैध घोषित किए गए।

परिणाम से असंतुष्ट प्रत्याशी चंद्रकांत दुबे ने प्रवर समिति के अध्यक्ष को पत्र देकर पुनर्मतगणना की मांग की है। पुनर्मतगणना के संबंध में अंतिम निर्णय होना अभी बाकी बताया गया है।

659 मतदाताओं ने किया मतदान

उपलब्ध चुनावी विवरण के अनुसार एसोसिएशन में कुल 792 मतदाता थे। इनमें से 659 मतदाताओं ने मतदान किया, जबकि 18 टेंडर वोट भी डाले गए। मतगणना मुख्य चुनाव अधिकारी नागेंद्र नाथ त्रिपाठी तथा सहायक चुनाव अधिकारियों की देखरेख में कराई गई।

नए नेतृत्व से अधिवक्ताओं को उम्मीदें

चुनाव परिणाम के बाद अब नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के सामने अधिवक्ताओं से जुड़े मुद्दों और बार एसोसिएशन की व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी। परिणाम आने के बाद समर्थकों ने विजयी प्रत्याशियों को बधाई दी।

सबसे करीबी मुकाबला

संयुक्त मंत्री पुस्तकालय पद पर मतीउल्लाह और चंद्रकांत दुबे के बीच मुकाबला महज एक वोट के अंतर से तय हुआ। मतीउल्लाह को 319 और चंद्रकांत दुबे को 318 वोट मिले। पुनर्मतगणना की मांग किए जाने के कारण इस पद को लेकर आगे की प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।

प्रमुख परिणाम

अध्यक्ष – दिव्य प्रकाश शुक्ल – 217 वोट

महामंत्री – अजय कुमार पांडेय – 358 वोट

वरिष्ठ उपाध्यक्ष – देवेंद्र नाथ शुक्ल – 502 वोट

उपाध्यक्ष – बृजेश प्रताप सिंह – 366 वोट

उपाध्यक्ष – उमाशंकर पांडेय – 330 वोट

 

कोषाध्यक्ष – श्रीकृष्ण मिश्र – 372 वोट

कनिष्ठ उपाध्यक्ष – द्विजेंद्र कुमार पांडेय – 360 वोट

संयुक्त मंत्री प्रशासनिक – रविशंकर तिवारी – 381 वोट

संयुक्त मंत्री पुस्तकालय – मतीउल्लाह – 319 वोट

 

ढेबरुआ थाने में DIG का निरीक्षण, अभिलेखों से लेकर लंबित विवेचनाओं तक दिए सख्त निर्देश

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सिद्धार्थनगर। पुलिस उपमहानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र बस्ती श्री संजीव त्यागी ने बुधवार, 9 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के साथ थाना ढेबरुआ का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाना कार्यालय, मालखाना, महिला हेल्प डेस्क, साइबर हेल्प डेस्क, सीसीटीएनएस कार्यालय, बंदीगृह समेत थाना परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

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निरीक्षण के दौरान पुलिस उपमहानिरीक्षक ने थाने के अभिलेखों और विभिन्न व्यवस्थाओं की स्थिति देखी। अधिकारियों को अभिलेखों की प्रविष्टियां अद्यावधिक रखने, थाना परिसर में नियमित साफ-सफाई कराने तथा लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

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सारांश

DIG के निरीक्षण में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी, लंबित विवेचनाओं एवं एहकामातों के निस्तारण को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके साथ ही थाना परिसर में खड़े मुकदमाती और लावारिस वाहनों के निस्तारण के लिए ऑपरेशन क्लीन के तहत कार्रवाई करने को कहा गया।


पुलिस उपमहानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र बस्ती संजीव त्यागी ने पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर के साथ थाना ढेबरुआ पहुंचकर पुलिसिंग एवं थाना व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालयी अभिलेखों, हेल्प डेस्क और अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


निरीक्षण के दौरान थाना कार्यालय के अभिलेखों की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी आवश्यक प्रविष्टियों को समय से अद्यावधिक रखने के निर्देश दिए गए। थाना परिसर की स्वच्छता पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी तथा लंबित विवेचनाओं और एहकामातों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया।


ऑपरेशन क्लीन पर भी जोर

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थाना परिसर में लंबे समय से खड़े मुकदमाती, लावारिस एवं अन्य वाहनों के संबंध में भी पुलिस उपमहानिरीक्षक ने जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों को ऐसे वाहनों के निस्तारण की कार्रवाई ऑपरेशन क्लीन के तहत नियमानुसार कराने के निर्देश दिए गए।


इन व्यवस्थाओं का हुआ निरीक्षण

थाना कार्यालय

मालखाना

महिला हेल्प डेस्क

साइबर हेल्प डेस्क

सीसीटीएनएस कार्यालय

बंदीगृह

थाना परिसर

कार्यालयी अभिलेख एवं प्रविष्टियां

अधिकारियों के साथ गोष्ठी

थाना निरीक्षण के बाद एएसपी सिद्धार्थनगर एवं जनपद के राजपत्रित अधिकारियों के साथ गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें पुलिस कार्यों से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

 

 

राम कटोरी की कहानी में फिर घुला नया स्वाद, बर्डपुर से सिद्धार्थनगर की पहचान तक

आंदोलन के दौर की स्मृतियों से जुड़ी यह पारंपरिक मिठाई अब नए प्रयोगों के साथ बदल रही अपना अंदाज

सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर की पहचान सिर्फ ऐतिहासिक विरासत और कपिलवस्तु से जुड़ी स्मृतियों तक सीमित नहीं है। यहां की स्थानीय खान-पान की परंपराओं में भी ऐसी कई चीजें हैं, जिनकी अपनी अलग कहानी है। इन्हीं में शामिल है ‘राम कटोरी’, जिसकी पहचान बर्डपुर क्षेत्र की पारंपरिक मिठाई के रूप में बनी है।

जेल प्रवास और आंदोलन के दौर से जुड़ी कहानी

उपलब्ध पुराने स्थानीय विवरणों के अनुसार, राम कटोरी के जन्म की कहानी राम जन्मभूमि आंदोलन के दौर की घटनाओं और उस समय की परिस्थितियों से जुड़ी बताई जाती है। बताया जाता है कि अयोध्या जाने वाले कारसेवकों के बीच रहने वाले एक स्थानीय मिठाई कारीगर के मन में एक अलग तरह की मिठाई तैयार करने का विचार आया।

बाद के वर्षों में कटोरी के आकार और विशेष स्वाद वाली इस मिठाई को ‘राम कटोरी’ नाम से पहचान मिलने लगी। समय के साथ यह बर्डपुर और आसपास के क्षेत्रों में लोकप्रिय होती गई।

हालांकि इसके जन्म से जुड़े पुराने विवरणों में वर्ष और जेल प्रवास की अवधि को लेकर अलग-अलग बातें मिलती हैं। इसलिए इन्हें किसी एक निश्चित तथ्य के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय स्थानीय और प्रकाशित विवरणों के आधार पर ही देखा जाना उचित है।

अब पारंपरिक मिठाई में आधुनिक प्रयोग

समय बदलने के साथ राम कटोरी के स्वरूप में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। पारंपरिक स्वाद के साथ अब अलग-अलग फ्लेवर में इसे तैयार करने का प्रयोग किया जा रहा है।

इन नए स्वादों में केसर, पिस्ता, बादाम, काजू, इलायची, गुलाब, चॉकलेट, आम, नारियल और रबड़ी जैसे विकल्प शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है।

इस प्रयोग का मकसद सिर्फ स्वाद में बदलाव करना नहीं, बल्कि स्थानीय मिठाई को नई पीढ़ी और दूसरे क्षेत्रों के ग्राहकों तक पहुंचाना भी माना जा रहा है।

स्थानीय मिठाई से ब्रांड बनने की राह

राम कटोरी की सबसे बड़ी खासियत इसका स्वाद भर नहीं, बल्कि इसके साथ जुड़ी स्थानीय स्मृति है। किसी क्षेत्र की पारंपरिक वस्तु तभी लंबे समय तक पहचान कायम रखती है, जब उसकी कहानी, स्वाद और स्थानीय जुड़ाव—तीनों साथ बने रहें।

सिद्धार्थनगर में कालानमक चावल और अन्य स्थानीय उत्पादों की तरह राम कटोरी को भी स्थानीय पहचान के नजरिए से देखा जा रहा है। बेहतर पैकेजिंग, स्वच्छ उत्पादन और व्यवस्थित प्रचार के साथ यह मिठाई स्थानीय बाजार से बाहर भी अपनी जगह बना सकती है।

विरासत से जुड़ी मिठास

सिद्धार्थनगर की ऐतिहासिक पहचान कपिलवस्तु और भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े स्थलों के कारण विशेष है। ऐसे क्षेत्र में स्थानीय खान-पान की परंपराएं भी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बन सकती हैं।

राम कटोरी इसी स्थानीय विरासत की एक अलग कहानी सामने रखती है—जहां एक पारंपरिक मिठाई समय के साथ अपने पुराने स्वाद को बचाए रखते हुए नए प्रयोगों की ओर बढ़ रही है।


पुरानी पहचान + नया स्वाद = नई बाजार संभावना


राम कटोरी के सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ नए फ्लेवर तैयार करना नहीं है। असली चुनौती है—गुणवत्ता, एकरूपता, पैकेजिंग और विश्वसनीय पहचान को कायम रखना। यदि इन पहलुओं पर लगातार काम हुआ तो बर्डपुर की यह मिठाई सिद्धार्थनगर के बाहर भी अपनी अलग पहचान बना सकती है।


अब देखने वाली बात यह होगी कि नए स्वादों के साथ राम कटोरी को ग्राहकों की कितनी पसंद मिलती है और स्थानीय स्तर पर तैयार यह पारंपरिक मिठाई आने वाले समय में सिद्धार्थनगर की पहचान के रूप में कितनी दूर तक पहुंच पाती है।

मझौली सागर को रामसर वेटलैंड घोषित करने पर हुई चर्चा

सिद्धार्थनगर के मझौली सागर को रामसर वेटलैंड घोषित करवाने हेतु सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.कविता शाह के निर्देशन में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर आशुतोष वर्मा तथा शोध छात्राएं कु. अनामिका सिंह एवं हर्षिता सिंह द्वारा तैयार किए गए रामसर इनफॉरमेशन सीट (RIS)पर जिलाधिकारी व प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी वन प्रभाग सिद्धार्थनगर की उपस्थिति में चर्चा की गई तथा तैयार किए गए रामसर इनफॉरमेशन सीट को प्रोफेसर आशुतोष वर्मा वनस्पति विज्ञान विभाग द्वारा जिलाधिकारी व प्रभागीय निदेशक सामाजिक सिद्धार्थनगर को सौंपा गया ।इस अवसर पर सिंचाई विभाग, कृषि विभाग, मत्स्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। रामसर इनफॉरमेशन सीट के अवलोकनोपरान्त जिलाधिकारी शिव शरणप्पा जी.एन. ने बताया कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय व वन विभाग के संयुक्त वैज्ञानिक प्रयास से मझौली सागर में जैव विविधता का संरक्षण व प्रबंधन प्रभावी रूप से सुनिश्चित होगा। डी.एफ.ओ. नीला एम. ने बताया कि रामसर साइट घोषित होने से मझौली सागर में इको टूरिज्म की काफी संभावनाएं व पर्यटकीय विकास होगा। उन्होंने इस कार्य में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की कुलपति महोदया वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर तथा शोध छात्राएं का आभार व्यक्त किया

आंगनबाड़ी नियुक्ति पत्र का वितरण हुआ

सिद्धार्थनगर 08 सितम्बर 2026/ आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं, मेधावी बच्चों तथा पोषण, शिक्षा एवं महिला कल्याण से जुड़ी उत्कृष्ट अधीक्षिकाओं का सम्मान एवं नव नियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों तथा सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरण मा0 मुख्यमंत्री उ0प्र0 श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा जनपद अयोध्या से किया गया। जिसका लाइव प्रसारण मा0 विधायक कपिलवस्तु श्री श्यामधनी राही, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या, जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह के साथ लोहिया कला भवन में देखा गया।

जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन द्वारा मा0 विधायक कपिलवस्तु श्री श्यामधनी राही को बुके देकर स्वागत किया गया। मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह द्वारा जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या को बुके देकर स्वागत किया गया। इस अवसर पर मा0 विधायक कपिलवस्तु श्री श्यामधनी राही ने सभी सभी का स्वागत करते हुए कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी ने आज आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाने का काम किया है इसके लिए सभी की तरफ से मा0 मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद दिया। मा0 विधायक कपिलवस्तु ने कहा कि पूर्वांचल इंसेफलाइटिस से प्रभावित था मा0 मुख्यमंत्री जी ने इसके लिए गोरखपुर में एम्स का निर्माण कराकर लोगो को चिकित्सा की सुविधा दी। आज सभी का इलाज हो रहा है। मा0 मुख्यमंत्री जी आज आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि कर उपहार दिया गया है।

जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या ने इस अवसर पर सभी का स्वागत करते हुए कहा कि मानदेय बढ़ाने पर सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों/सहायिकाओं की ओर से मा0 मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद दिया। आंगनबाडड़ी कार्यकत्रियों का 4 हजार बढ़ाकर 12 हजार तथा सहायिक का 2 हजार बढ़ाकर 6 हजार किया गया है। कैम्प लगाकर महिलाओं का जन-धन खाता खोला गया। डीबीटी के माध्यम से योजनाओ का लाभ सीधे उनके खाते में दिया जा रहा है। मा0 प्रधानमंत्री जी द्वारा वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाना है। मा0 मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में उ0प्र0 उत्तम प्रदेश बन रहा है। बच्चों का लालन पालन आप लोगो के हाथों में हैै। सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं को बधाई दिया।

जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने सभी मा0 जनप्रतिनिधिगण का स्वागत करते हुए कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी जी का धन्यवाद करते हुए कहा कि आज आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाया गया है। आप लोग अच्छे से कार्य करें। अच्छा कार्य करने वालो को सम्मानित किया जा रहा है। आपरेशन कायाकल्य के अन्तर्गत बहुत ही कार्य हुए है। सीएसआर से आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्य कराया जा रहा है। जनपद के सभी टीएचआर प्लांट संचालित है। सभी को समय से पोषाहार मिल रहा है। आप सभ्ज्ञी लोग अच्छे से कार्य करंे जिससे जनपद पोषण मुक्त हो। सभी को पुनः बधाई दिया।

इस अवसर पर मा0 विधायक कपिलवस्तु श्री श्यामधनी राही, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या, जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह द्वारा नवनियुक्त आंगनबाड़ी सहायिकाओ को नियुक्ति पत्र, सामान्य पोषण स्थिति प्राप्त करने वाले बच्चों एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सम्मानित किया गया।

मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह द्वारा मा0 विधायक कपिलवस्तु श्री श्यामधनी राही, जिलाध्यक्ष भाजपा श्री दीपक मौर्या, जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन एवं मा0 जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी आदि का आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

इस अवसर पर मा0 सांसद डुमरियागंज प्रतिनिधि एस0पी0अग्रवाल, पीडी अनिल कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी साहब यादव एवं अन्य संबधित अधिकारी/कर्मचारी व अन्य संबधित उपस्थित थे।

विधायक निधि से बने भवन का लोकार्पण, शिक्षा को बेहतर आधारभूत सुविधा देने पर जोर

25 लाख रुपये की लागत से तैयार हुआ नवीन भवन, शिक्षक दिवस पर बढ़नी के विद्यालय को मिली सौगात

सिद्धार्थनगर। शिक्षक दिवस के अवसर पर बढ़नी स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में उस समय उत्साह का माहौल नजर आया, जब विधायक निधि से करीब 25 लाख रुपये की लागत से निर्मित नवीन भवन का लोकार्पण शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने किया। विधायक ने फीता काटकर लोकार्पण किया और शिलापट्ट का अनावरण किया। कार्यक्रम में विद्यालय से जुड़े लोगों के साथ अभिभावक, शिक्षाविद और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।


शिक्षा दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में नवीन भवन विद्यालय को समर्पित किया गया। लोकार्पण के बाद विधायक विनय वर्मा ने शिक्षा को समाज और राष्ट्र के विकास की आधारशिला बताते हुए विद्यालयों में बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने को प्राथमिकता बताया।

सारांश

बढ़नी के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में विधायक निधि से निर्मित नवीन भवन का लोकार्पण हुआ। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा। विधायक ने कहा कि नई सुविधा से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलने के साथ विद्यालय की गतिविधियों को विस्तार देने में मदद मिलेगी।


शिक्षक दिवस पर बढ़नी के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर को नवीन भवन की सौगात मिली। करीब 25 लाख रुपये की लागत से तैयार भवन का लोकार्पण शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

मुख्य खबर

लोकार्पण समारोह में विधायक विनय वर्मा ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति का महत्वपूर्ण आधार है। विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए विद्यालयों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास जरूरी है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जनता से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने और क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में काम जारी रखने की बात भी उन्होंने कही।

विधायक ने शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय को नवीन भवन समर्पित किए जाने को अपने लिए गौरव का विषय बताया। उनके अनुसार, भवन उपलब्ध होने से विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक वातावरण बेहतर होगा और विद्यालय की गतिविधियों को भी विस्तार मिल सकेगा।

कार्यक्रम में शिशु शिक्षा समिति गोरक्ष प्रांत के संभाग निरीक्षक अजय दुबे तथा जिला संघ चालक गोकुल गोयल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।


25 लाख की लागत से तैयार हुआ भवन

विधायक की ओर से उपलब्ध कराए गए विवरण के अनुसार, नवीन भवन का निर्माण विधायक निधि से करीब 25 लाख रुपये की लागत से कराया गया है। शिक्षक दिवस पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान इसे विद्यालय को समर्पित किया गया।


शिक्षा और विकास पर विधायक का जोर

लोकार्पण समारोह के बाद मीडिया से बातचीत में विधायक विनय वर्मा ने शिक्षा को प्राथमिकता बताते हुए विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर जोर दिया।


नवीन भवन के बाद अगली चुनौती—सुविधाओं का बेहतर उपयोग

नवीन भवन मिलने के बाद अब निगाह इस बात पर रहेगी कि इसका उपयोग विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों और विद्यालय की गतिविधियों को बेहतर बनाने में किस तरह किया जाता है। भवन के साथ अन्य आवश्यक शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता भी विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।


 

शिक्षामित्रों को STET में मौका देने की मांग, मणेन्द्र मिश्रा बोले—26 साल की सेवा के बाद उपेक्षा उचित नहीं

समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा ने शिक्षामित्रों को विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) में शामिल किए जाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि लंबे समय से परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्रों को परीक्षा के दायरे से बाहर रखना उचित नहीं है।


लखनऊ/उत्तर प्रदेश। शिक्षामित्रों को विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) में शामिल किए जाने की मांग को लेकर समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा ने शासन से हस्तक्षेप की मांग की है। 8 सितंबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्रों को भी पात्रता परीक्षा में अवसर मिलना चाहिए।
मुख्य खबर
मणेन्द्र मिश्रा के मुताबिक, 2 सितंबर को जारी शासनादेश में विशेष पात्रता परीक्षा के लिए विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों और संविदा/डेली वेजेज पर कार्यरत स्पेशल एजुकेटर्स का उल्लेख किया गया है, लेकिन शिक्षामित्रों को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
उन्होंने दावा किया कि शिक्षामित्र पिछले करीब 26 वर्षों से परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे हैं। उनके अनुसार, शिक्षामित्रों को बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से NCTE के निर्देशन में दूरस्थ शिक्षा माध्यम से दो वर्षीय सेवारत BTC प्रशिक्षण भी कराया जा चुका है।
मिश्रा ने इसी आधार पर मांग की कि विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा में शिक्षामित्रों को भी अवसर दिया जाए। उनका कहना है कि इससे उनके अनुभव और शैक्षणिक क्षमता का उपयोग बच्चों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में किया जा सकता है।
शासनादेश में संशोधन की मांग
मणेन्द्र मिश्रा ने शासन से अविलंब शासनादेश में संशोधन करने की मांग की है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उनकी मांग है कि जिस प्रकार विभिन्न श्रेणियों के शिक्षकों और संविदा/डेली वेजेज पर कार्यरत स्पेशल एजुकेटर्स को पात्रता परीक्षा में शामिल किए जाने की बात कही गई है, उसी तरह शिक्षामित्रों को भी परीक्षा में सम्मिलित होने का अवसर दिया जाए।
इनसेट | 26 साल की सेवा का हवाला
मिश्रा ने शिक्षामित्रों की लंबे समय से चली आ रही सेवाओं का हवाला देते हुए कहा कि इतने लंबे समय तक विद्यालयों में काम करने वाले शिक्षामित्रों के मामले पर शासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए।


क्या है मांग?
मणेन्द्र मिश्रा की प्रमुख मांगें—
शिक्षामित्रों को STET में शामिल किया जाए।
2 सितंबर के शासनादेश की समीक्षा/संशोधन किया जाए।
शिक्षामित्रों के पूर्व प्रशिक्षण और अनुभव को ध्यान में रखा जाए।
पात्रता परीक्षा में उन्हें अवसर देने पर शासन स्तर पर निर्णय लिया जाए।
राजनीतिक बयान भी आया सामने
प्रेस विज्ञप्ति में मणेन्द्र मिश्रा ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पूर्व में दिए गए सार्वजनिक बयानों का भी उल्लेख किया। मिश्रा के अनुसार, अखिलेश यादव ने विभिन्न अवसरों पर कहा है कि वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर शिक्षामित्रों की समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
यह बयान मणेन्द्र मिश्रा द्वारा प्रेस विज्ञप्ति में किए गए उल्लेख के रूप में सामने आया है। इस संबंध में अंतिम निर्णय अथवा सरकारी नीति भविष्य में संबंधित शासन/सरकार के निर्णय पर निर्भर होगी।


अब नजर इस बात पर रहेगी कि शिक्षामित्रों को STET में शामिल किए जाने की मांग पर शासन की ओर से क्या रुख सामने आता है। फिलहाल मणेन्द्र मिश्रा ने शासन से नियमों में संशोधन कर शिक्षामित्रों को पात्रता परीक्षा में अवसर देने की मांग दोहराई है।

कपिलवस्तु में विकास की राह होगी आसान, 11.10 करोड़ से बनेंगे छह ग्रामीण मार्ग

सिद्धार्थनगर। कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सड़क संपर्क व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। लोक निर्माण विभाग की ओर से मुख्यमंत्री ग्रामीण योजनांतर्गत छह संपर्क मार्गों के नव निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं पर कुल 11 करोड़ 10 लाख 55 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।

स्वीकृति मिलने के बाद संबंधित गांवों के लोगों में बेहतर आवागमन और सड़क कनेक्टिविटी की उम्मीद जगी है। इन मार्गों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्य सड़कों से जोड़ने और आवागमन को सुगम बनाने में मदद मिलने की संभावना है।

स्वीकृत कार्यों में सिकरी बखरिया से लोधडीह संपर्क मार्ग, उसका-सोहास मार्ग के किलोमीटर तीन से भलुहा संपर्क मार्ग, मोहाना-लोटन मार्ग के किलोमीटर दो से रोहूडिला होते हुए रघुनाथपुर संपर्क मार्ग, बर्डपुर-पिपरहवा मार्ग के किलोमीटर पांच से रामभारी होते हुए नोनहवा संपर्क मार्ग, मोहनिया पूरब एवं पश्चिम संपर्क मार्ग तथा गोरखपुरिया डीह से अलीगढ़वा होते हुए सेमेनार संपर्क मार्ग शामिल हैं।

कपिलवस्तु विधायक श्यामधनी राही ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में बेहतर सड़क व्यवस्था की महत्वपूर्ण भूमिका है। इन मार्गों के निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलने और गांवों की मुख्य मार्गों से कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।

विधायक ने कहा कि क्षेत्र में सड़क के साथ बिजली, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने छह मार्गों के नव निर्माण को स्वीकृति मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति क्षेत्र की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया।

अब ग्रामीणों की नजर इन स्वीकृत परियोजनाओं के निर्माण कार्य शुरू होने पर है। निर्माण कार्य निर्धारित प्रक्रिया और मानकों के अनुरूप पूरा होने के बाद ही इन सड़कों का वास्तविक लाभ ग्रामीणों को मिल सकेगा।

 

सड़क किनारे पॉलीथिन में मिली नवजात की लाश, धनोहरी में मचा हड़कंप

शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग पर मासूम का शव मिलने से सनसनी, पुलिस ने शुरू की जांच

सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक बेहद संवेदनशील घटना सामने आई। शाहपुर-सिंगारजोत मार्ग पर धनोहरी गांव के पास सड़क किनारे एक नवजात बच्ची का शव पॉलीथिन में पड़ा मिला। मासूम का शव मिलने की खबर फैलते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर ग्रामीणों तथा राहगीरों की भीड़ जमा हो गई।

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के मुताबिक, लोगों की नजर सड़क किनारे पड़ी पॉलीथिन पर गई। संदेह होने पर पास जाकर देखने पर उसमें नवजात बच्ची का शव दिखाई दिया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पहुंची डुमरियागंज पुलिस

घटना की जानकारी मिलते ही डुमरियागंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात बच्ची को वहां कौन लेकर आया था और किन परिस्थितियों में उसका शव सड़क किनारे छोड़ा गया। पुलिस आसपास के लोगों से जानकारी जुटाने के साथ मामले से जुड़े संभावित सुराग तलाश रही है।

मासूम की मौत कैसे हुई? पोस्टमार्टम से खुलेगा राज

इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण सवाल नवजात की मौत की परिस्थितियों को लेकर है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। इसलिए किसी व्यक्ति पर आरोप लगाना अथवा घटना को किसी विशेष अपराध से जोड़ना अभी उचित नहीं होगा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई थी।

कौन छोड़ गया मासूम? पुलिस के सामने बड़ा सवाल

घटना के बाद इलाके में कई तरह की चर्चाएं जरूर शुरू हो गई हैं, लेकिन आधिकारिक जांच पूरी होने से पहले किसी भी चर्चा को तथ्य मानना उचित नहीं है।

पुलिस की जांच का मुख्य बिंदु यह रहेगा कि नवजात बच्ची की पहचान से जुड़ा कोई सुराग मिल पाता है या नहीं और उसे घटनास्थल तक कौन लेकर आया था।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई

फिलहाल मामला पुलिस जांच के अधीन है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की ओर से आधिकारिक रूप से जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर मामले की अगली तस्वीर स्पष्ट होगी।

FT NEWS DIGITAL की ओर से अपील: ऐसी संवेदनशील घटना में नवजात की पहचान या गरिमा प्रभावित करने वाली तस्वीर/जानकारी प्रकाशित करने से बचें। अपुष्ट आरोपों और सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को तथ्य के रूप में प्रसारित न करें।

 

“मुहचोहरा घाट कांड में 4 गिरफ्तार”

मुहचोहरा घाट हत्याकांड: पुलिस के मुताबिक साजिश की परतें खुलीं, पत्नी समेत चार गिरफ्तारIMG 20260908 WA0778


सिद्धार्थनगर। मुहचोहरा घाट हत्याकांड में सिद्धार्थनगर पुलिस ने बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, हरिश्चंद्र की हत्या को कथित तौर पर अंजाम देने के बाद वारदात को हादसे का रूप देने की कोशिश की गई। मामले की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी माया देवी समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में हत्या की कथित साजिश, रकम तय होने और वारदात के बाद साक्ष्य छिपाने के प्रयास से जुड़े अहम तथ्य सामने आए हैं।


ऐसे खुली हत्याकांड की कथित साजिश

पुलिस के मुताबिक, 30 अगस्त 2026 की रात मुहचोहरा घाट के पास हरिश्चंद्र की हत्या की गई। जांच में पुलिस को शक हुआ कि मामला सामान्य हादसा नहीं है। इसके बाद एसओजी और थाना ढेबरुआ पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच आगे बढ़ाई।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान कथित साजिश की जानकारी सामने आई और आरोपितों की निशानदेही पर चाकू समेत अन्य सामान बरामद किया गया।


पुलिस के अनुसार क्या-क्या हुआ?

30 अगस्त की रात मुहचोहरा घाट के पास वारदात का दावा।

हत्या के बाद शव को बूढ़ी राप्ती नदी में फेंकने की बात सामने आई।

ई-रिक्शा को दुर्घटना का रूप देने की कथित कोशिश।

पुलिस के मुताबिक हत्या के लिए ₹1.10 लाख की रकम तय होने की बात पूछताछ में सामने आई।

मृतक की पत्नी समेत चार आरोपित गिरफ्तार।

पुलिस ने चाकू, छह मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड, पैन कार्ड, ₹5 हजार नकद और एयर इंडिया टिकट बरामद करने की जानकारी दी।

सारांश

मुहचोहरा घाट हत्याकांड की जांच में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि घरेलू विवाद और कथित संबंधों से जुड़े विवाद के बीच हत्या की साजिश रची गई। पुलिस के अनुसार हत्या के बाद शव को नदी में फेंका गया और घटना को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और बरामदगी के आधार पर पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।


सिद्धार्थनगर में एक ऐसी वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है, जिसने रिश्तों और भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुहचोहरा घाट पर हरिश्चंद्र की हत्या के मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि हत्या अचानक नहीं, बल्कि कथित तौर पर योजना बनाकर की गई और वारदात के बाद उसे हादसे का रूप देने की कोशिश की गई।

पूरी खबर

पुलिस के मुताबिक, 30 अगस्त 2026 की रात मुहचोहरा घाट, बूढ़ी राप्ती नदी के पास हरिश्चंद्र की हत्या कर शव नदी में फेंक दिया गया था। घटना को लेकर थाना ढेबरुआ में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में जनपदीय एसओजी और थाना ढेबरुआ पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस टीम लगातार संदिग्धों और घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही थी।

पुलिस के अनुसार, 8 सितंबर को सूचना मिलने पर टीम ने देवरिया बुजुर्ग नहर पुल की ओर जाने वाले मार्ग पर कार्रवाई की और तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस को कथित तौर पर हत्याकांड से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

पुलिस का दावा है कि पूछताछ में हत्या की योजना और उसके पीछे की कथित वजह सामने आई। पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी माया देवी अपने पति के शराब सेवन और कथित मारपीट से परेशान थी। इसी दौरान नियाज अहमद के साथ उसके कथित संबंध होने की बात भी जांच में सामने आने का पुलिस ने दावा किया।

पुलिस के मुताबिक, हरिश्चंद्र को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई और हत्या के लिए ₹1.10 लाख देने की बात पूछताछ में सामने आई। इसके बाद पुलिस के अनुसार हरिश्चंद्र को मुहचोहरा घाट के पास ले जाकर चाकू से हमला किया गया।

पुलिस का दावा है कि हत्या के बाद शव को बूढ़ी राप्ती नदी में फेंक दिया गया और ई-रिक्शा को दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया, ताकि घटना पहली नजर में हादसा प्रतीत हो।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर आलाकत्ल चाकू बरामद करने की बात कही है। इसके अलावा छह मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, ₹5 हजार नकद और एयर इंडिया का एक टिकट बरामद किए जाने की जानकारी प्रेस नोट में दी गई है।

मामले में पुलिस ने इर्शाद, अब्दुल्ला, नियाज अहमद और माया देवी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मामले में धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।


अब आगे क्या?

अब इस मामले में पुलिस की जांच के साथ-साथ बरामद साक्ष्यों की वैज्ञानिक/फोरेंसिक जांच, गवाहों के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। हत्या में किसकी क्या भूमिका थी और पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप न्यायालय में कितने प्रमाणित होते हैं, यह आगे की न्यायिक प्रक्रिया में तय होगा।

टिप्पणी | रिश्तों के पीछे छिपी साजिश का सवाल

मुहचोहरा घाट का यह मामला केवल एक हत्या की जांच नहीं, बल्कि वारदात के बाद उसे दूसरी शक्ल देने की कथित कोशिश के कारण भी गंभीर है। पुलिस के खुलासे ने कई सवाल खड़े किए हैं—क्या हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी? क्या घटना को हादसा दिखाने की तैयारी थी? और किसकी क्या भूमिका थी?

इन सवालों के जवाब पुलिस जांच और न्यायालय में प्रस्तुत होने वाले साक्ष्यों से ही पूरी तरह स्पष्ट होंगे।

कानूनी सावधानी / चैनल डिस्क्लेमर

यह समाचार सिद्धार्थनगर पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट में दी गई जानकारी और पुलिस के दावों पर आधारित है। समाचार में किसी आरोपित को न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध नहीं माना गया है। आरोप सिद्ध होना न्यायिक प्रक्रिया का विषय है। FT NEWS DIGITAL का उद्देश्य उपलब्ध आधिकारिक जानकारी को जनहित में प्रस्तुत करना है; अंतिम निष्कर्ष सक्षम न्यायालय के निर्णय के बाद ही माना जाएगा।

छोटी हेडलाइन:

“मुहचोहरा घाट कांड में 4 गिरफ्तार”

English Heading:

Murder Plot Exposed

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