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भीषण गर्मी और पेट्रोल संकट के बीच शुरू हुई जनगणना, घंटों लाइन में लगने को मजबूर कर्मी

सिद्धार्थनगर। जनगणना कार्य की शुरुआत होते ही जनगणना कर्मियों की मुश्किलें भी बढ़ने लगी हैं। एक ओर जहां भीषण गर्मी में घर-घर जाकर आंकड़े जुटाने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों ने कर्मचारियों की परेशानी और बढ़ा दी है। कई जनगणना कर्मियों को ड्यूटी स्थल तक पहुंचने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है।

जनगणना स्थल पर पहुंचना मुश्किल 

जनगणना कर्मियों का कहना है कि जिले में पेट्रोल की किल्लत और पंपों पर भारी भीड़ के कारण समय पर कार्यस्थल तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। कर्मी रविकांत, बुद्धिराम और विष्णु ने बताया कि उन्हें पेट्रोल भरवाने के लिए करीब दो से तीन घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा। इसके बाद ही वे जनगणना स्थल तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि पहले ही तेज धूप और गर्म हवाओं के बीच काम करना कठिन हो रहा है, ऊपर से पेट्रोल के लिए घंटों इंतजार करने से पूरा कार्य प्रभावित हो रहा है।

जनगणना कार्य prabhavit

कर्मियों ने बताया कि जनगणना का कार्य समयबद्ध होता है और हर दिन तय लक्ष्य पूरा करना पड़ता है। लेकिन ईंधन संकट के कारण समय का बड़ा हिस्सा पेट्रोल पंपों पर ही निकल जा रहा है। इससे न केवल कर्मचारियों की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है, बल्कि आम लोगों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

प्रशासन करे विशेष व्यवस्था 

जनगणना कर्मियों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के लिए विशेष व्यवस्था की जाए। उन्होंने पेट्रोल पंपों पर अलग लाइन या प्राथमिकता सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठाई है ताकि जनगणना कार्य बिना बाधा के समय पर पूरा किया जा सके।

सिद्धार्थनगर में राशन वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल

ग्रामीणों ने कोटेदार पर लगाए घटतौली और अनियमितता के आरोप, जांच की मांग तेज

रामगढ़/नौगढ़, सिद्धार्थनगर  | FT News Digital

सिद्धार्थनगर जनपद के नौगढ़ विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रामगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है। ग्रामवासियों द्वारा जिला प्रशासन को दिए गए शिकायती प्रार्थना पत्र में स्थानीय सस्ते गल्ले की दुकान के संचालन पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में राशन वितरण के दौरान कथित घटतौली, निर्धारित यूनिट से कम खाद्यान्न देने और वितरण प्रक्रिया में अनियमितता जैसे आरोप लगाए गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि कई लाभार्थियों को तय मात्रा से कम राशन मिलने की शिकायत लंबे समय से सामने आ रही है। वहीं कुछ लोगों ने वितरण के दौरान वजन प्रक्रिया में पारदर्शिता न होने का भी आरोप लगाया है। शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

रजिस्टर और स्टॉक जांच की मांग

प्रार्थना पत्र में मांग की गई है कि संबंधित राशन दुकान के वितरण रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर तथा खाद्यान्न आवंटन अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। ग्रामीणों ने अधिकारियों से लाभार्थियों के बयान दर्ज कर उचित कार्रवाई करने की भी अपील की है।

ग्रामीणों में नाराज़गी, प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद

मामले को लेकर गांव में चर्चा का माहौल है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि जांच निष्पक्ष तरीके से होती है तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। ग्रामीणों ने शिकायत की प्रतिलिपि खाद्य एवं रसद विभाग सहित संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजी है।

जांच के बाद ही स्थिति होगी स्पष्ट

हालांकि, FT News Digital शिकायत पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। मामला फिलहाल शिकायत और जांच प्रक्रिया के दायरे में है। प्रशासनिक जांच एवं आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी।


अब निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं कि जांच के बाद क्या निष्कर्ष सामने आता है और क्या कार्रवाई होती है।

 FT News Digital

सच और… कुछ नहीं

सिद्धार्थनगर में मासूम की मौत के बाद उठा सवालों का तूफान, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

सिद्धार्थनगर। जिले के कठेला समय माता थाना क्षेत्र अंतर्गत मटेहना टोला रामनगर में 5 वर्षीय मासूम बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में करंट लगने से हुई मौत के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने गांव के ही एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की जांच किए जाने की बात कह रही है।

मृतक बच्चे के परिजनों के अनुसार गांव में कुछ दिन पूर्व एक व्यक्ति से विवाद और कहासुनी हुई थी। परिवार का आरोप है कि विवाद के दौरान उन्हें धमकी भी दी गई थी। परिजनों का कहना है कि इसके कुछ दिन बाद ही उनके मासूम बेटे की करंट लगने से मौत हो गई, जिससे परिवार पूरी तरह टूट गया है।

पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि शिकायत लेकर थाने पहुंचने पर उनकी तहरीर में बदलाव कराया गया। हालांकि पुलिस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक रूप से जांच जारी होने की बात कही जा रही है।

घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल देखा जा रहा है। पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

फिलहाल मासूम की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है और गांव का माहौल गमगीन बना हुआ है।

(नोट: समाचार में लगाए गए आरोप संबंधित पक्ष एवं परिजनों के बयान पर आधारित हैं। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।)

राप्ती नदी में डूबने से 12 वर्षीय किशोरी की दर्दनाक मौत, गांव में पसरा मातम

सिद्धार्थनगर। जनपद के बांसी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रूदालापुर में गुरुवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां राप्ती नदी में डूबने से 12 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, वहीं पूरे गांव में शोक और मातम का माहौल है।

मिली जानकारी के अनुसार मृतक किशोरी मूल रूप से ग्राम पंचायत बेलवालघुनही (बेलौहा) क्षेत्र की निवासी बताई जा रही है। वह कुछ दिनों पहले अपने ननिहाल ग्राम रूदालापुर आई हुई थी। बताया जा रहा है कि गुरुवार को वह किसी कार्य से राप्ती नदी के किनारे गई थी। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसल गया अथवा गहरे पानी का सही अंदाजा न लग पाने के कारण वह नदी में डूब गई।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा किशोरी को बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस एवं स्थानीय लोगों की मदद से किशोरी को नदी से बाहर निकाला गया।

घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में हर आंख नम दिखाई दी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ाने की मांग भी उठाई है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

फिलहाल पुलिस द्वारा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक की मांग, दवा दुकानों की बंदी का UWPA ने किया विरोध

सिद्धार्थनगर/लखनऊ। यूनाइटेड वेलफेयर फार्मासिस्ट एसोसिएशन (UWPA) ने ऑनलाइन दवा बिक्री का विरोध करते हुए दवा दुकानों की बंदी का समर्थन न करने का ऐलान किया है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि मरीजों को दवाओं की उपलब्धता बनाए रखना फार्मासिस्टों की पहली जिम्मेदारी है, इसलिए सभी दवा दुकानों को नियमित रूप से खुला रखने का निर्देश दिया गया है।

संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार शुक्ला ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की बिक्री मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उनका कहना है कि ऑनलाइन दवा विक्रय में दवाओं की गुणवत्ता, स्टोरेज, उपयोग की सावधानियां तथा संभावित एडवर्स ड्रग रिएक्शन की सही जानकारी मरीजों तक पहुंचाना संभव नहीं हो पाता, जिससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो सकते हैं।

उन्होंने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने की मांग की। साथ ही कहा कि दवाएं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अंतर्गत आती हैं, इसलिए आम जनता तक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सभी फार्मासिस्टों का दायित्व है।

UWPA की ओर से यह भी कहा गया कि संगठन के फार्मासिस्ट साथी हाथों में काली पट्टी बांधकर ऑनलाइन दवा विक्रय का विरोध दर्ज करा रहे हैं, लेकिन मरीजों की सुविधा को देखते हुए दवा दुकानों को बंद नहीं किया जाएगा।

प्रदीप कुमार शुक्ला ने कहा कि कोविड काल में भी फार्मासिस्टों ने लगातार अपनी सेवाएं जारी रखीं और कठिन परिस्थितियों में जनता तक दवाएं पहुंचाने का कार्य किया। ऐसे में वर्तमान समय में भी मरीजों के हित को सर्वोपरि रखते हुए सभी दवा दुकानों को नियमित समय तक खुला रखने का आह्वान किया गया है।

फार्मासिस्ट संगठन ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य मरीजों की सुरक्षा, समय पर दवा उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखना है।

बेंगलुरु में महकेगा सिद्धार्थनगर का स्वाद, यूपी महोत्सव में धूम मचाएंगी कालानमक कुकीज

सिद्धार्थनगर। बुद्धभूमि सिद्धार्थनगर की खुशबू अब देश के बड़े मंच पर लोगों को आकर्षित करने जा रही है। जिले के प्रसिद्ध कालानमक चावल से तैयार विशेष कुकीज को बेंगलुरु में आयोजित होने वाले चार दिवसीय उत्तर प्रदेश महोत्सव में प्रदर्शित किया जाएगा। 21 से 24 मई तक The Art of Living Foundation के इंटरनेशनल सेंटर में होने वाले इस महोत्सव में सिद्धार्थनगर की कालानमक कुकीज प्रदेश के चुनिंदा पारंपरिक उत्पादों में शामिल रहेंगी।

“एक जनपद, एक व्यंजन” योजना के तहत आयोजित इस महोत्सव में उत्तर प्रदेश के 10 जिलों के विशेष उत्पादों को राष्ट्रीय मंच मिलेगा। सिद्धार्थनगर की कालानमक कुकीज को लेकर स्थानीय उद्यमियों और किसानों में खास उत्साह देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि यह आयोजन जिले के पारंपरिक उत्पाद को देशभर में नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।

महोत्सव में आगरा का पेठा, झांसी की बालूशाही और लखनऊ की रेवड़ी जैसे प्रसिद्ध उत्पाद भी आकर्षण का केंद्र होंगे। देश-विदेश से आने वाले लोग यहां उत्तर प्रदेश की संस्कृति और स्वाद का अनुभव करेंगे।

कालानमक कुकीज निर्माता डा. अजय राजत ने बताया कि सिद्धार्थनगर से भेजी गई कुकीज की खेप बेंगलुरु पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि यह अवसर न केवल कालानमक चावल को नई पहचान देगा, बल्कि जिले के किसानों और छोटे उद्यमियों के लिए रोजगार व व्यापार की नई संभावनाएं भी तैयार करेगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कालानमक चावल की खुशबू और स्वाद पहले ही लोगों को आकर्षित करता रहा है, अब उससे तैयार कुकीज राष्ट्रीय मंच पर सिद्धार्थनगर की अलग पहचान बनाने को तैयार हैं।

पेट्रोल पंपों पर प्रशासन अलर्ट

 

डीएम-एसपी ने किया औचक निरीक्षण, “नो हेलमेट-नो फ्यूल” के सख्त निर्देश

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अफवाहों और भीड़ की आशंका के बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, CCTV और अग्निशमन उपकरणों की भी जांच

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सिद्धार्थनगर, 21 मई।

देश के कई हिस्सों में पेट्रोल-डीजल और गैस को लेकर फैल रही अफवाहों तथा पेट्रोल पंपों पर बढ़ती भीड़ की स्थिति को देखते हुए सिद्धार्थनगर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम जनता को निर्बाध ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन ने गुरुवार को थाना सिद्धार्थनगर क्षेत्र स्थित विभिन्न पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने भारत पेट्रोल पंप तथा इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप मधुकरपुर पहुंचकर ईंधन वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देशित किया कि किसी भी परिस्थिति में वितरण व्यवस्था बाधित न होने पाए और उपभोक्ताओं के साथ शालीन व्यवहार बनाए रखा जाए।

वहीं ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को “नो हेलमेट-नो फ्यूल” अभियान का सख्ती से पालन कराने, भीड़ नियंत्रण बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह या अव्यवस्था पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने पेट्रोल पंप परिसर में लगे CCTV कैमरों की कार्यशीलता की भी जांच की तथा सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा।

प्रशासनिक टीम ने पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों की स्थिति भी परखी और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनपद में पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है तथा आम जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं से बचें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। जनहित एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।


डीएम-एसपी ने पेट्रोल पंपों का किया औचक निरीक्षण

 “नो हेलमेट-नो फ्यूल” अभियान के दिए निर्देश

 CCTV कैमरों और सुरक्षा व्यवस्था की जांच

 अग्निशमन उपकरणों की स्थिति भी परखी गई

 अफवाहों से बचने की प्रशासन ने की अपील

 जनपद में पर्याप्त ईंधन उपलब्ध होने का दावा

 

पेड़ की छांव बनी मौत, अनियंत्रित ई-रिक्शा ने छीनी मासूम की जिंदगी

सिद्धार्थनगर में दर्दनाक हादसा, 9 वर्षीय रिशाल की दबकर मौत, दादी गंभीर घायल
गर्मी से बचने पेड़ के नीचे बैठे थे लोग, अचानक पलटा ई-रिक्शा और मच गई चीख-पुकार


स्थान : ग्राम जगदीशपुर ग्रांट, चौराहा खास सोहास-नौगढ़ मार्ग, थाना क्षेत्र सदर, जनपद सिद्धार्थनगर


“जिस घर में गूंजती थी किलकारी, वहां पसरा मातम”
भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए पेड़ की छांव में बैठे लोगों को क्या पता था कि कुछ ही पल में वही जगह दर्दनाक हादसे का मंजर बन जाएगी। मासूम रिशाल की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया।
दर्दनाक हादसे से दहल उठा इलाका
सिद्धार्थनगर। जनपद के थाना क्षेत्र सिद्धार्थनगर सदर अंतर्गत ग्राम जगदीशपुर ग्रांट के चौराहा खास सोहास-नौगढ़ मार्ग पर गुरुवार लगभग 12:30 बजे  हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। सड़क किनारे पेड़ की छांव में बैठे लोगों पर अचानक एक अनियंत्रित ई-रिक्शा पलट गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोहास की तरफ से आ रहा ई-रिक्शा अचानक संतुलन खो बैठा और सीधे सड़क किनारे बैठे लोगों पर पलट गया। हादसे में फूला देवी पत्नी मुनिराज यादव गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि उनका 9 वर्षीय पोता रिशाल पुत्र राजेंद्र यादव ई-रिक्शा के नीचे दब गया।
स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तत्काल इलाज के लिए माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मासूम रिशाल को मृत घोषित कर दिया। वहीं फूला देवी का इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि उनके शरीर में कई गंभीर चोटें आई हैं तथा हड्डियां भी टूट गई हैं।
हादसे की मुख्य बातें
अनियंत्रित ई-रिक्शा पलटने से बड़ा हादसा
9 वर्षीय मासूम रिशाल की दर्दनाक मौत
दादी फूला देवी गंभीर रूप से घायल
पुलिस ने चालक और ई-रिक्शा को लिया कब्जे में
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
इलाके में शोक और गम का माहौल
मौके पर पहुंची पुलिस, शुरू हुई कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और ई-रिक्शा चालक सहित वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
हादसे के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। मासूम रिशाल की मौत ने हर किसी की आंखें नम कर दीं।
पीड़ित परिवार के साथ खड़े दिखे जनप्रतिनिधि
घटना की जानकारी मिलते ही सदर विधायक श्यामधनी राही के प्रतिनिधि सत्य प्रकाश राही मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। घायल महिला के इलाज और पोस्टमार्टम प्रक्रिया में भी सहयोग करते नजर आए।
बढ़ते सड़क हादसे बने चिंता का विषय
जनपद में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे अब लोगों के लिए चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। अनियंत्रित ई-रिक्शा और तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से आए दिन लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
 “एक पल की लापरवाही, उजड़ गया परिवार”
जिस मासूम की मुस्कान से घर रोशन रहता था, आज उसी के जाने से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। गांव के लोगों की आंखें नम हैं और हर जुबान पर सिर्फ एक ही सवाल है — आखिर सड़क हादसों पर लगाम कब लगेगी?

जिले में मुख्यमंत्री ने की समीक्षा बैठक

सिद्धार्थनगर/लखनऊ, 20 मई 2026: माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ जी द्वारा प्रदेश की सड़कों के विकास एवं सड़क सुरक्षा को लेकर लोक निर्माण विभाग की वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में प्रदेश के सभी जनपदों के अधिकारी एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

समीक्षा बैठक के दौरान माननीय मुख्यमंत्री जी ने निर्देशित किया कि प्रदेश की सभी सड़कों का निर्माण एवं मरम्मत कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कें विकास की आधारशिला हैं और बेहतर सड़क संपर्क से आमजन को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलती है। मुख्यमंत्री जी ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कराने तथा खराब एवं गड्ढायुक्त सड़कों को शीघ्र ठीक कराने के निर्देश दिए।

बैठक में सड़क सुरक्षा के संबंध में भी विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर वहां आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। सड़क संकेतक, डिवाइडर, रिफ्लेक्टर, स्ट्रीट लाइट एवं स्पीड ब्रेकर आदि की समुचित व्यवस्था किए जाने पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाए जाएं तथा यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने तथा कार्यों की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।

इस अवसर पर माननीय सांसद डुमरियागंज श्री जगदंबिका पाल, जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जी एन, पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अभिषेक महाजन मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह वह अन्य संबंधित उपस्थित थे।

महुआ पेट्रोल पंप पर कथित मारपीट का वीडियो वायरल, इलाके में चर्चा तेज

डीजल लेने को लेकर विवाद की चर्चा, सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा वीडियो

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सिद्धार्थनगर। जनपद के उसका बाजार थाना क्षेत्र स्थित महुआ इलाके के एक पेट्रोल पंप पर कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कई स्थानीय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल चैनलों पर भी यह मामला सुर्खियों में बना हुआ है।

स्थानीय चर्चाओं और वायरल दावों के मुताबिक, पेट्रोल पंप पर डीजल लेने के दौरान लाइन में गैलन लगाने को लेकर कुछ युवकों के बीच कहासुनी हो गई। बताया जा रहा है कि मामूली विवाद कुछ ही देर में बढ़ गया और मौके पर धक्का-मुक्की तथा मारपीट जैसी स्थिति बन गई।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित वीडियो में कुछ युवक आपस में भिड़ते और मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में मौके पर अफरा-तफरी जैसा माहौल नजर आ रहा है। वहीं कुछ लोग बीच-बचाव करते भी दिखाई पड़ रहे हैं।

वायरल वीडियो को लेकर स्थानीय स्तर पर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। सोशल मीडिया पर यह दावा भी किया जा रहा है कि घटना के दौरान एक पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद था। हालांकि इस संबंध में पुलिस अथवा प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या बयान सामने नहीं आया है।

सूत्रों के अनुसार मामले को लेकर शिकायत दिए जाने की भी चर्चा है, लेकिन इसकी पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हो सकी है। थाना उसका बाजार पुलिस से संपर्क का प्रयास किया गया, मगर आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी।

सोशल मीडिया पर बढ़ी हलचल

वीडियो वायरल होने के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच घटना को लेकर बहस और प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। कई लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर अलग-अलग दावे कर रहे हैं।

पुलिस के आधिकारिक बयान का इंतजार

फिलहाल पूरे मामले में पुलिस के आधिकारिक पक्ष का इंतजार किया जा रहा है। प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई भी पुष्टि अथवा बयान जारी होने के बाद समाचार को अपडेट किया जाएगा।


यह समाचार सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, स्थानीय चर्चाओं एवं उपलब्ध प्रारंभिक सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया है। वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि FT News Digital / चैनल द्वारा नहीं की जाती है। समाचार का उद्देश्य केवल उपलब्ध जानकारी को सार्वजनिक हित में प्रस्तुत करना है। किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराना उद्देश्य नहीं है। पुलिस अथवा प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि के बाद तथ्यों में बदलाव संभव है।

 

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