फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
“मुहचोहरा घाट कांड में 4 गिरफ्तार”

मुहचोहरा घाट हत्याकांड: पुलिस के मुताबिक साजिश की परतें खुलीं, पत्नी समेत चार गिरफ्तारIMG 20260908 WA0778


सिद्धार्थनगर। मुहचोहरा घाट हत्याकांड में सिद्धार्थनगर पुलिस ने बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, हरिश्चंद्र की हत्या को कथित तौर पर अंजाम देने के बाद वारदात को हादसे का रूप देने की कोशिश की गई। मामले की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी माया देवी समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में हत्या की कथित साजिश, रकम तय होने और वारदात के बाद साक्ष्य छिपाने के प्रयास से जुड़े अहम तथ्य सामने आए हैं।


ऐसे खुली हत्याकांड की कथित साजिश

पुलिस के मुताबिक, 30 अगस्त 2026 की रात मुहचोहरा घाट के पास हरिश्चंद्र की हत्या की गई। जांच में पुलिस को शक हुआ कि मामला सामान्य हादसा नहीं है। इसके बाद एसओजी और थाना ढेबरुआ पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच आगे बढ़ाई।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान कथित साजिश की जानकारी सामने आई और आरोपितों की निशानदेही पर चाकू समेत अन्य सामान बरामद किया गया।


पुलिस के अनुसार क्या-क्या हुआ?

30 अगस्त की रात मुहचोहरा घाट के पास वारदात का दावा।

हत्या के बाद शव को बूढ़ी राप्ती नदी में फेंकने की बात सामने आई।

ई-रिक्शा को दुर्घटना का रूप देने की कथित कोशिश।

पुलिस के मुताबिक हत्या के लिए ₹1.10 लाख की रकम तय होने की बात पूछताछ में सामने आई।

मृतक की पत्नी समेत चार आरोपित गिरफ्तार।

पुलिस ने चाकू, छह मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड, पैन कार्ड, ₹5 हजार नकद और एयर इंडिया टिकट बरामद करने की जानकारी दी।

सारांश

मुहचोहरा घाट हत्याकांड की जांच में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि घरेलू विवाद और कथित संबंधों से जुड़े विवाद के बीच हत्या की साजिश रची गई। पुलिस के अनुसार हत्या के बाद शव को नदी में फेंका गया और घटना को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और बरामदगी के आधार पर पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।


सिद्धार्थनगर में एक ऐसी वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है, जिसने रिश्तों और भरोसे पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुहचोहरा घाट पर हरिश्चंद्र की हत्या के मामले में पुलिस ने मृतक की पत्नी सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि हत्या अचानक नहीं, बल्कि कथित तौर पर योजना बनाकर की गई और वारदात के बाद उसे हादसे का रूप देने की कोशिश की गई।

पूरी खबर

पुलिस के मुताबिक, 30 अगस्त 2026 की रात मुहचोहरा घाट, बूढ़ी राप्ती नदी के पास हरिश्चंद्र की हत्या कर शव नदी में फेंक दिया गया था। घटना को लेकर थाना ढेबरुआ में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में जनपदीय एसओजी और थाना ढेबरुआ पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस टीम लगातार संदिग्धों और घटना से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही थी।

पुलिस के अनुसार, 8 सितंबर को सूचना मिलने पर टीम ने देवरिया बुजुर्ग नहर पुल की ओर जाने वाले मार्ग पर कार्रवाई की और तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस को कथित तौर पर हत्याकांड से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

पुलिस का दावा है कि पूछताछ में हत्या की योजना और उसके पीछे की कथित वजह सामने आई। पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी माया देवी अपने पति के शराब सेवन और कथित मारपीट से परेशान थी। इसी दौरान नियाज अहमद के साथ उसके कथित संबंध होने की बात भी जांच में सामने आने का पुलिस ने दावा किया।

पुलिस के मुताबिक, हरिश्चंद्र को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई और हत्या के लिए ₹1.10 लाख देने की बात पूछताछ में सामने आई। इसके बाद पुलिस के अनुसार हरिश्चंद्र को मुहचोहरा घाट के पास ले जाकर चाकू से हमला किया गया।

पुलिस का दावा है कि हत्या के बाद शव को बूढ़ी राप्ती नदी में फेंक दिया गया और ई-रिक्शा को दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया, ताकि घटना पहली नजर में हादसा प्रतीत हो।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर आलाकत्ल चाकू बरामद करने की बात कही है। इसके अलावा छह मोबाइल फोन, दो आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, ₹5 हजार नकद और एयर इंडिया का एक टिकट बरामद किए जाने की जानकारी प्रेस नोट में दी गई है।

मामले में पुलिस ने इर्शाद, अब्दुल्ला, नियाज अहमद और माया देवी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मामले में धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।


अब आगे क्या?

अब इस मामले में पुलिस की जांच के साथ-साथ बरामद साक्ष्यों की वैज्ञानिक/फोरेंसिक जांच, गवाहों के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। हत्या में किसकी क्या भूमिका थी और पुलिस द्वारा लगाए गए आरोप न्यायालय में कितने प्रमाणित होते हैं, यह आगे की न्यायिक प्रक्रिया में तय होगा।

टिप्पणी | रिश्तों के पीछे छिपी साजिश का सवाल

मुहचोहरा घाट का यह मामला केवल एक हत्या की जांच नहीं, बल्कि वारदात के बाद उसे दूसरी शक्ल देने की कथित कोशिश के कारण भी गंभीर है। पुलिस के खुलासे ने कई सवाल खड़े किए हैं—क्या हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी? क्या घटना को हादसा दिखाने की तैयारी थी? और किसकी क्या भूमिका थी?

इन सवालों के जवाब पुलिस जांच और न्यायालय में प्रस्तुत होने वाले साक्ष्यों से ही पूरी तरह स्पष्ट होंगे।

कानूनी सावधानी / चैनल डिस्क्लेमर

यह समाचार सिद्धार्थनगर पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट में दी गई जानकारी और पुलिस के दावों पर आधारित है। समाचार में किसी आरोपित को न्यायालय द्वारा दोषसिद्ध नहीं माना गया है। आरोप सिद्ध होना न्यायिक प्रक्रिया का विषय है। FT NEWS DIGITAL का उद्देश्य उपलब्ध आधिकारिक जानकारी को जनहित में प्रस्तुत करना है; अंतिम निष्कर्ष सक्षम न्यायालय के निर्णय के बाद ही माना जाएगा।

छोटी हेडलाइन:

“मुहचोहरा घाट कांड में 4 गिरफ्तार”

English Heading:

Murder Plot Exposed

Hashtags:

#Siddharthnagar #MurderCase #PoliceRevelation #CrimeNews #UPNews #BreakingNews #FTNewsDigital #CrimeUpdate #MurderMystery

हॉस्टल खाली कराने के विरोध में मेडिकल इंटर्नों का प्रदर्शन, दोनों गेटों पर लगाया ताला

Screenshot 20260908 074019

सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में शाम से शुरू हुआ विरोध, प्रशासनिक अधिकारियों की बातचीत के बाद शांत हुआ मामला

Screenshot 20260908 074143

सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल खाली कराने के मुद्दे को लेकर इंटर्न छात्र-छात्राओं का विरोध प्रदर्शन सामने आया। सोमवार शाम करीब 4:30 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन देर शाम तक जारी रहा। विरोध के दौरान छात्रों ने कॉलेज के दोनों प्रवेश द्वारों पर अंदर से ताला लगा दिया, जिससे कुछ समय के लिए परिसर में आवागमन प्रभावित हुआ।

मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और मामले को शांत कराने का प्रयास किया। बातचीत के बाद छात्रों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।


हॉस्टल को लेकर नाराजगी

प्रदर्शन कर रहे इंटर्न छात्र-छात्राओं का कहना था कि उन्हें पहले से हॉस्टल में कमरे आवंटित किए गए हैं और वे काफी समय से वहीं रह रहे हैं। अब हॉस्टल खाली कराकर बाहर किराये के कमरों में रहने की बात कहे जाने से छात्रों में नाराजगी है।

छात्रों का कहना था कि यदि उन्हें हॉस्टल से बाहर रहने के लिए कहा जाता है तो उनके ऊपर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसी मुद्दे को लेकर छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई।


छोटे कमरे में रहने का प्रस्ताव

एक कमरे में चार छात्रों के रहने पर भी सवाल

छात्रों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल व्यवस्था को लेकर उन्हें सीमित जगह वाले कमरे में कई छात्रों को रखने का प्रस्ताव दिया जा रहा है। छात्रों के मुताबिक करीब 6×9 फीट के कमरे में चार छात्रों को रखने की बात सामने आई है। उन्होंने इस व्यवस्था को लेकर भी अपनी परेशानी अधिकारियों के सामने रखी।


कमरे छोड़ने को लेकर विवाद

हॉस्टल खाली करें या किराये पर रहें?

छात्रों के मुताबिक पहले से आवंटित कमरों में रहने के बावजूद उन्हें हॉस्टल खाली करने के लिए कहा जा रहा है। छात्रों का कहना था कि बाहर किराये पर रहने से पढ़ाई के साथ आर्थिक दबाव भी बढ़ेगा। इसी बात को लेकर इंटर्न छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से विरोध दर्ज कराया।

सुरक्षा और कार्रवाई की चिंता

छात्रों ने अधिकारियों के सामने रखी अपनी बात

प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने यह भी चिंता जताई कि यदि वे अपनी बात रखने के लिए मीडिया अथवा अन्य माध्यमों के सामने आते हैं तो कॉलेज प्रशासन की ओर से उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। छात्रों ने अधिकारियों से उनकी समस्याओं का समाधान कराने की मांग की।

सारांश

सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल खाली कराने के मुद्दे पर इंटर्न छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। शाम करीब 4:30 बजे शुरू हुए विरोध के दौरान दोनों गेटों पर ताला लगाए जाने की बात सामने आई। सूचना पर प्रशासन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा छात्रों से बातचीत की। अधिकारियों के समझाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और छात्र वापस लौट गए।


सिद्धार्थनगर में मेडिकल कॉलेज का हॉस्टल सोमवार शाम अचानक विरोध का केंद्र बन गया। हॉस्टल खाली कराने की बात से नाराज इंटर्न छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामला इतना बढ़ा कि छात्रों ने दोनों गेटों पर ताला लगा दिया। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और काफी देर तक छात्रों से बातचीत की। आखिरकार समझाइश के बाद मामला शांत हुआ।


प्रदर्शन की सूचना के बाद एसडीएम नौगढ़ और सीओ सदर समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। इसके साथ ही कॉलेज प्रशासन की ओर से भी छात्रों के साथ संवाद स्थापित करने का प्रयास किया गया।

बाद में अधिकारियों की बातचीत के बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया और अपने स्तर से वापस लौट गए। प्रशासन की ओर से मामले को सुलझा लिए जाने की बात सामने आई है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि हॉस्टल में कमरों के आवंटन और छात्रों को वहां रहने की व्यवस्था को लेकर कॉलेज प्रशासन आगे क्या निर्णय लेता है, ताकि पढ़ाई कर रहे इंटर्न छात्र-छात्राओं की परेशानी का स्थायी समाधान हो सके।

टिप्पणी | छात्रों की समस्या पर

बातचीत से समाधान ही सबसे बेहतर रास्ता

मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षण ले रहे इंटर्न छात्र-छात्राओं के लिए आवास की व्यवस्था सीधे तौर पर उनकी पढ़ाई और दैनिक जीवन से जुड़ा विषय है। ऐसे मामलों में छात्रों की वास्तविक परेशानी सुनकर प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन के बीच संवाद के जरिए समाधान निकालना बेहतर रास्ता हो सकता है। वहीं छात्रों से भी अपेक्षा है कि अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और निर्धारित प्रक्रिया के तहत सामने रखें।

FT News Digital की ओर से इस खबर में किसी छात्र, अधिकारी या कॉलेज प्रशासन पर कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाया जा रहा है। खबर में सामने आए दावों को संबंधित पक्षों के कथन/उपलब्ध जानकारी के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। किसी भी आरोप की स्वतंत्र पुष्टि होने तक उसे तथ्य के रूप में नहीं माना जाना चाहिए।

 

जमीन विवाद के खूनी अंजाम पर सदर पुलिस का शिकंजा, छह आरोपी गिरफ्तार

तीन महिलाएं भी गिरफ्तार; पुलिस के मुताबिक SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो डंडे बरामद

IMG 20260907 WA0849

सिद्धार्थनगर। सदर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर स्थित कांशीराम कॉलोनी में जमीन संबंधी विवाद के बाद हुई गोलीबारी में रमाशंकर रस्तोगी की मौत के मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन महिलाओं समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर कथित तौर पर घटना में प्रयुक्त SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो लकड़ी के डंडे बरामद किए गए हैं।

पुलिस की इस कार्रवाई को मामले में अहम प्रगति के तौर पर देखा जा रहा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।


सिद्धार्थनगर में जमीन विवाद से जुड़े हत्या के मामले में सदर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जगदीशपुर में हुई गोलीकांड की घटना में दर्ज मुकदमे के आधार पर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई बताई जा रही बंदूक और कारतूस समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।


छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जयप्रकाश धर दुबे उर्फ अकुल दुबे, रितिक पाण्डेय, बंश गोपालधर दूबे, इन्द्रासनी दुबे, मानसी दुबे और कविता दुबे के रूप में हुई है। सभी जगदीशपुर क्षेत्र के निवासी बताए गए

बरामदगी पर पुलिस का दावा

बंदूक, कारतूस और डंडे बरामद

पुलिस के मुताबिक आरोपियों की निशानदेही पर एक SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो लकड़ी के डंडे बरामद किए गए। बरामदगी को विवेचना में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।


विवाद से वारदात तक

कहासुनी के बाद बिगड़े हालात

पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के मकान सड़क के आमने-सामने हैं। जमीन संबंधी विवाद को लेकर कहासुनी हुई और मामला बढ़ गया। पुलिस की पूछताछ में सामने आए कथित तथ्यों के अनुसार इसी दौरान रमाशंकर रस्तोगी और उनकी बहन सरोज रस्तोगी को दूसरे पक्ष के घर के बरामदे की ओर ले जाया गया। आरोप है कि इसी दौरान रमाशंकर को गोली मार दी गई।

सारांश

जगदीशपुर में जमीन विवाद के बाद हुए गोलीकांड में रमाशंकर रस्तोगी की मौत के मामले में सदर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। आरोपियों की निशानदेही पर SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो लकड़ी के डंडे बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।


सिद्धार्थनगर के जगदीशपुर में जमीन विवाद ने जिस तरह खूनी रूप लिया, उसने पूरे मामले को गंभीर बना दिया। गोलीकांड में रमाशंकर रस्तोगी की मौत के बाद सक्रिय हुई सदर पुलिस ने अब मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई को आगे बढ़ाया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के साथ कथित तौर पर घटना में प्रयुक्त हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।


मामले में सदर थाने पर मु0अ0सं0 274/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों, पूछताछ और बरामदगी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस मामले में यह स्पष्ट होना बाकी है कि घटना के दौरान प्रत्येक आरोपी की कथित भूमिका क्या थी और विवाद किस घटनाक्रम के बाद हिंसक हुआ। इन सभी बिंदुओं पर पुलिस विवेचना जारी है।

टिप्पणी | पुलिस कार्रवाई पर

तेजी से कार्रवाई, लेकिन जांच की कसौटी भी जरूरी

घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी और कथित हथियार की बरामदगी पुलिस की जांच में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित विवेचना भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। अदालत में प्रस्तुत होने वाले साक्ष्य और विवेचना के निष्कर्ष ही मामले की वास्तविक कानूनी स्थिति तय करेंगे।


यह समाचार पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी, दर्ज मुकदमे एवं जांच में सामने आए तथ्यों पर आधारित है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के विरुद्ध लगाए गए आरोप अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं। न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक सभी आरोपियों को कानूनन निर्दोष माना जाएगा।

 

जमीन विवाद के खूनी अंजाम पर सदर पुलिस का शिकंजा, छह आरोपी गिरफ्तार

तीन महिलाएं भी गिरफ्तार; पुलिस के मुताबिक SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो डंडे बरामद

IMG 20260907 WA0849

सिद्धार्थनगर। सदर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर स्थित कांशीराम कॉलोनी में जमीन संबंधी विवाद के बाद हुई गोलीबारी में रमाशंकर रस्तोगी की मौत के मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन महिलाओं समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर कथित तौर पर घटना में प्रयुक्त SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो लकड़ी के डंडे बरामद किए गए हैं।

पुलिस की इस कार्रवाई को मामले में अहम प्रगति के तौर पर देखा जा रहा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।


सिद्धार्थनगर में जमीन विवाद से जुड़े हत्या के मामले में सदर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जगदीशपुर में हुई गोलीकांड की घटना में दर्ज मुकदमे के आधार पर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई बताई जा रही बंदूक और कारतूस समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।


छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जयप्रकाश धर दुबे उर्फ अकुल दुबे, रितिक पाण्डेय, बंश गोपालधर दूबे, इन्द्रासनी दुबे, मानसी दुबे और कविता दुबे के रूप में हुई है। सभी जगदीशपुर क्षेत्र के निवासी बताए गए

बरामदगी पर पुलिस का दावा

बंदूक, कारतूस और डंडे बरामद

पुलिस के मुताबिक आरोपियों की निशानदेही पर एक SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो लकड़ी के डंडे बरामद किए गए। बरामदगी को विवेचना में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।


विवाद से वारदात तक

कहासुनी के बाद बिगड़े हालात

पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के मकान सड़क के आमने-सामने हैं। जमीन संबंधी विवाद को लेकर कहासुनी हुई और मामला बढ़ गया। पुलिस की पूछताछ में सामने आए कथित तथ्यों के अनुसार इसी दौरान रमाशंकर रस्तोगी और उनकी बहन सरोज रस्तोगी को दूसरे पक्ष के घर के बरामदे की ओर ले जाया गया। आरोप है कि इसी दौरान रमाशंकर को गोली मार दी गई।

सारांश

जगदीशपुर में जमीन विवाद के बाद हुए गोलीकांड में रमाशंकर रस्तोगी की मौत के मामले में सदर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। आरोपियों की निशानदेही पर SBBL बंदूक, चार जिंदा कारतूस और दो लकड़ी के डंडे बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।


सिद्धार्थनगर के जगदीशपुर में जमीन विवाद ने जिस तरह खूनी रूप लिया, उसने पूरे मामले को गंभीर बना दिया। गोलीकांड में रमाशंकर रस्तोगी की मौत के बाद सक्रिय हुई सदर पुलिस ने अब मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई को आगे बढ़ाया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी के साथ कथित तौर पर घटना में प्रयुक्त हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।


मामले में सदर थाने पर मु0अ0सं0 274/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों, पूछताछ और बरामदगी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस मामले में यह स्पष्ट होना बाकी है कि घटना के दौरान प्रत्येक आरोपी की कथित भूमिका क्या थी और विवाद किस घटनाक्रम के बाद हिंसक हुआ। इन सभी बिंदुओं पर पुलिस विवेचना जारी है।

टिप्पणी | पुलिस कार्रवाई पर

तेजी से कार्रवाई, लेकिन जांच की कसौटी भी जरूरी

घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी और कथित हथियार की बरामदगी पुलिस की जांच में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित विवेचना भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। अदालत में प्रस्तुत होने वाले साक्ष्य और विवेचना के निष्कर्ष ही मामले की वास्तविक कानूनी स्थिति तय करेंगे।


यह समाचार पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी, दर्ज मुकदमे एवं जांच में सामने आए तथ्यों पर आधारित है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के विरुद्ध लगाए गए आरोप अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं। न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने तक सभी आरोपियों को कानूनन निर्दोष माना जाएगा।

 

सिद्धार्थनगर में दर्दनाक हादसा: बोलेरो की चपेट में आकर तीन साल की बच्ची की मौत

 

सीडीओ आवास के सामने हुआ हादसा, पिता के साथ शहर आई थी बच्ची; पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा

सिद्धार्थनगर। जिला मुख्यालय पर रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। उसका-बर्डपुर मार्ग पर सीडीओ आवास के सामने एक बोलेरो वाहन की चपेट में आने से बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। आसपास मौजूद लोगों की मदद से उसे तत्काल उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

पिता के साथ सिद्धार्थनगर आई थी मासूम

मिली जानकारी के अनुसार, महराजगंज जिले के बृजमनगंज थाना क्षेत्र के बेलसड़ गांव निवासी कमलेश रविवार को अपनी तीन वर्षीय बेटी अंकिता के साथ सिद्धार्थनगर आया था। बताया जा रहा है कि वह शहर में मोबाइल से संबंधित काम कराने के लिए आया था।

इसी दौरान उसका-बर्डपुर मार्ग को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के पास एक बोलेरो वाहन को पीछे की ओर किया जा रहा था। इसी बीच बच्ची कथित तौर पर वाहन की चपेट में आ गई।

हादसे के बाद मची अफरा-तफरी

बच्ची के वाहन की चपेट में आने के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और घायल बच्ची को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।

हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों और वाहन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

फिलहाल घटना को लेकर पुलिस की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

FT News Digital | सिद्धार्थनगर

 

भारी बारिश के चलते सिद्धार्थनगर में 7 सितंबर को कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल बंद
  • सिद्धार्थनगर। जनपद में लगातार हो रही भारी वर्षा को देखते हुए जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार ने जिले के कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालयों में 7 सितंबर 2026 को अवकाश घोषित किया है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, यह अवकाश परिषदीय विद्यालयों के साथ-साथ सीबीएसई, आईसीएसई, मान्यता प्राप्त विद्यालय, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर भी लागू होगा।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भारी बारिश के दृष्टिगत विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 7 सितंबर को कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों का संचालन नहीं किया जाएगा। सभी संबंधित विद्यालयों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

बीएसए ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन होने की स्थिति में संबंधित विद्यालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य अथवा प्रधानाध्यापक स्वयं उत्तरदायी होंगे।

जिला प्रशासन के इस निर्णय से अभिभावकों और विद्यार्थियों को राहत मिली है। लगातार बारिश के बीच बच्चों को विद्यालय भेजने को लेकर अभिभावकों की चिंता भी कम हुई है।

भारी बारिश के चलते सिद्धार्थनगर में 7 सितंबर को कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल बंद

सिद्धार्थनगर। जनपद में लगातार हो रही भारी वर्षा को देखते हुए जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार ने जिले के कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालयों में 7 सितंबर 2026 को अवकाश घोषित किया है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, यह अवकाश परिषदीय विद्यालयों के साथ-साथ सीबीएसई, आईसीएसई, मान्यता प्राप्त विद्यालय, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर भी लागू होगा।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि भारी बारिश के दृष्टिगत विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 7 सितंबर को कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालयों का संचालन नहीं किया जाएगा। सभी संबंधित विद्यालयों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

बीएसए ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन होने की स्थिति में संबंधित विद्यालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य अथवा प्रधानाध्यापक स्वयं उत्तरदायी होंगे।

जिला प्रशासन के इस निर्णय से अभिभावकों और विद्यार्थियों को राहत मिली है। लगातार बारिश के बीच बच्चों को विद्यालय भेजने को लेकर अभिभावकों की चिंता भी कम हुई है।

अक्टूबर में रैली की तैयारी, अर्जुन लोधी के नेतृत्व में लोधी महासभा ने बनाई रणनीति

Screenshot 20260906 183746


सिद्धार्थनगर। पकड़ी चौराहे के पास सेंटफोर्ड स्कूल के सामने स्थित अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा के जिला कार्यालय पर रविवार को जिला कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। जिला अध्यक्ष अर्जुन लोधी के नेतृत्व में हुई बैठक में संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने, समाज के लोगों को जोड़ने और अक्टूबर 2026 में जिला मुख्यालय पर प्रस्तावित विशाल रैली एवं जनसभा की तैयारियों को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

Screenshot 20260906 183758

अर्जुन लोधी के नेतृत्व में संगठन विस्तार पर जोर

बैठक में जिला अध्यक्ष अर्जुन लोधी ने संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने और समाज के लोगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया। पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी आगामी कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप देने के लिए अपने सुझाव रखे।

Screenshot 20260906 183846

गांव-गांव पहुंचेगा जनसंपर्क अभियान

जिला युवा अध्यक्ष सोनू सिंह लोधी ने प्रस्तावित कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए गांव-गांव संपर्क अभियान चलाने, लोगों को जागरूक करने और समाज के अधिक से अधिक लोगों को संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का सुझाव रखा।

संगठन मजबूती पर महामंत्रियों ने रखे विचार

बैठक के दौरान जिला महामंत्री श्याम नंदन लोधी और दुर्गेश लोधी ने संगठन को मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने को लेकर अपने विचार रखे। चर्चा में संगठन की गतिविधियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने और आपसी समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

लोधी समाज की ऐतिहासिक विरासत का भी संदर्भ

लोधी समाज का इतिहास भारतीय इतिहास के विभिन्न दौरों में सामाजिक और राजनीतिक योगदान से जुड़ा रहा है। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में रानी अवंतीबाई लोधी का नाम विशेष रूप से उल्लेखित होता है। उनके संघर्ष और साहस की स्मृति आज भी समाज के बीच प्रेरणा का विषय है।

इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के साथ वर्तमान समय में सामाजिक संगठन शिक्षा, जागरूकता, संगठन और सामाजिक सहभागिता जैसे विषयों को लेकर अपने स्तर पर गतिविधियां संचालित करते हैं। सिद्धार्थनगर की बैठक में भी समाज को संगठित करने और संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।

सारांश

अखिल भारतीय लोधी राजपूत कल्याण महासभा की जिला कार्यकारिणी की बैठक में अर्जुन लोधी के नेतृत्व में अक्टूबर में प्रस्तावित रैली एवं जनसभा को लेकर शुरुआती रणनीति पर मंथन हुआ। गांव-गांव जनसंपर्क और जागरूकता अभियान के जरिए समाज के लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने का सुझाव सामने आया।

टिप्पणी

किसी भी सामाजिक संगठन की ताकत केवल पदाधिकारियों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं और समाज की भागीदारी से बनती है। ऐसे में अक्टूबर में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर अब संगठन के सामने सबसे बड़ी चुनौती व्यापक जनसंपर्क और बेहतर समन्वय की होगी। बैठक में सामने आए सुझावों से संकेत मिलता है कि संगठन इस दिशा में चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है।


सिद्धार्थनगर में लोधी समाज की संगठनात्मक गतिविधियों को नई दिशा देने की कवायद शुरू हो गई है। जिला अध्यक्ष अर्जुन लोधी के नेतृत्व में हुई बैठक में अक्टूबर 2026 की प्रस्तावित विशाल रैली एवं जनसभा को लेकर मंथन हुआ। संगठन को गांव-गांव तक पहुंचाने और समाज के लोगों को जोड़ने की रणनीति पर पदाधिकारियों ने चर्चा की।


अक्टूबर 2026 में प्रस्तावित रैली एवं जनसभा को लेकर आने वाले दिनों में संगठन की ओर से जनसंपर्क और जागरूकता गतिविधियां बढ़ाए जाने की बात कही गई है। कार्यक्रम की तैयारियों को किस रूप में आगे बढ़ाया जाता है और इसमें समाज की कितनी भागीदारी होती है, यह आगामी दिनों में सामने आएगा।

उपस्थिति

बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष चंद्रिका लोधी, रामबृच लोधी, संतोष लोधी, सतीश लोधी, रामदीन लोधी, सत्य प्रकाश लोधी सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

 

कन्हैया पासवान के प्रथम आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत

IMG 20260906 WA1074

सीमा से भाजपा कार्यालय तक जगह-जगह हुआ अभिनंदन, पुष्पवर्षा और माल्यार्पण से गूंजा शहर

सिद्धार्थनगर। भारतीय जनता पार्टी के गोरखपुर क्षेत्र के नवनियुक्त क्षेत्रीय मंत्री एवं पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान के गृह जनपद सिद्धार्थनगर में प्रथम आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। जनपद की सीमा से लेकर भाजपा कार्यालय तक कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। स्वागत के दौरान पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और नारों से माहौल उत्साहपूर्ण बना रहा।

नवनियुक्त क्षेत्रीय मंत्री के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता विभिन्न स्थानों पर जुटे। कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया और नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं। कई स्थानों पर उत्साहित कार्यकर्ताओं ने पटाखे जलाकर भी खुशी का इजहार किया।

जगह-जगह हुआ स्वागत

पुलिस बूथ पर मंडल अध्यक्ष राकेश आर्य, चेयरमैन प्रतिनिधि हेमंत जायसवाल और पूर्व मंडल अध्यक्ष दृग नारायण सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इसके बाद पकड़ी चौराहे पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रत्याशी राकेश दत्त त्रिपाठी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अभिनंदन किया।

बेलहिया दुर्गा मंदिर के सामने ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि जोगिया श्रीश चौधरी के नेतृत्व में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इसके अलावा मार्ग में कई स्थानों पर कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा और माल्यार्पण कर कन्हैया पासवान का अभिनंदन किया।

संगठन को मजबूत करने का जताया भरोसा

स्वागत कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि कन्हैया पासवान के संगठनात्मक अनुभव और सक्रियता से गोरखपुर क्षेत्र में पार्टी संगठन को और मजबूती मिलेगी। कार्यकर्ताओं ने उनके नए दायित्व को लेकर शुभकामनाएं देते हुए संगठन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

कार्यकर्ताओं को बताया संगठन की ताकत

कन्हैया पासवान ने नए दायित्व के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार जताया। उन्होंने स्वागत एवं अभिनंदन के लिए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की शक्ति है और सभी के सहयोग एवं परिश्रम से संगठन को और मजबूत करने तथा पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा।

ये रहे मौजूद

स्वागत कार्यक्रम में भाजपा नेता संतोष पासवान, चेयरमैन बिस्कोहर अजय गुप्ता, संतोष शुक्ला, निशांत पांडेय, मयंक श्रीवास्तव, कुलदीप द्विवेदी, अंकित त्रिपाठी, ओंकार पांडेय, मनोज सिंह, सूरज कसौधन, रामेश्वर पाण्डेय, शरदेंदु त्रिपाठी, अनिल पासवान और गौरव कश्यप समेत पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी, जिला एवं मंडल पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।


स्वागत में दिखा कार्यकर्ताओं का उत्साह

सीमा से कार्यालय तक बना रहा माहौल

नवनियुक्त क्षेत्रीय मंत्री के प्रथम आगमन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह नजर आया। स्वागत मार्ग पर कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा और माल्यार्पण किया। वाहनों के काफिले के साथ समर्थकों की मौजूदगी और जगह-जगह हुए स्वागत ने कार्यक्रम को आकर्षण का केंद्र बना दिया।

IMG 20260906 WA1067

सिद्धार्थनगर में नवनियुक्त क्षेत्रीय मंत्री कन्हैया पासवान का स्वागत करते भाजपा कार्यकर्ता।

भूमि विवाद के बीच युवक की गोली लगने से मौत, तीन लोग हिरासत में

सिद्धार्थनगर। जिले में भूमि विवाद से जुड़ा मामला उस समय गंभीर हो गया, जब एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में लिया है। घटना के पीछे की वास्तविक वजह और वारदात में शामिल लोगों की भूमिका पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।

IMG 20260906 WA07921

विवाद के बीच हुई घटना से मचा हड़कंप

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक का किसी भूमि संबंधी विवाद को लेकर दूसरे पक्ष से विवाद चल रहा था। इसी दौरान गोली चलने की घटना सामने आई। गोली लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाने की कार्रवाई शुरू की।

IMG 20260906 WA07941

तीन लोगों से पूछताछ, जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने मामले में तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। जांच टीम घटना से पहले हुए विवाद, मौके पर मौजूद लोगों तथा घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गोली चलने की परिस्थितियां क्या थीं और घटना में किसकी क्या भूमिका रही। फिलहाल हिरासत में लिए गए किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिलेगी अहम जानकारी

मृतक के शव को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ के निष्कर्षों को जांच में शामिल किया जाएगा।

IMG 20260906 WA0793

जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी तस्वीर

भूमि विवाद को घटना से जोड़कर देखा जा रहा है, लेकिन हत्या का वास्तविक कारण और घटना की पूरी परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी। पुलिस की विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।