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तिरंगे के रंग में रंगा नौगढ़, सफाई कर्मचारियों की बाइक रैली ने जगाया देशभक्ति का जज्बा

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सिद्धार्थनगर। आजादी के अमृत भाव और राष्ट्रभक्ति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से बुधवार को नौगढ़ ब्लॉक परिसर से ग्राम पंचायत सफाई कर्मचारी संघ के नेतृत्व में बाइक तिरंगा यात्रा निकाली गई। हाथों में तिरंगा थामे बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी बाइक पर सवार होकर यात्रा में शामिल हुए और देशभक्ति के नारों से माहौल को राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया।

नौगढ़ ब्लॉक परिसर से शुरू हुई यात्रा ने क्षेत्र में देशभक्ति का संदेश दिया। बाइक पर लहराते तिरंगे और देशभक्ति के नारों ने राहगीरों का ध्यान आकर्षित किया। सफाई कर्मचारियों की इस पहल का उद्देश्य केवल यात्रा निकालना नहीं, बल्कि लोगों में राष्ट्र के प्रति सम्मान, एकता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना रहा।


| हाथों में तिरंगा, दिल में देशभक्ति

बुधवार को नौगढ़ ब्लॉक परिसर का माहौल सामान्य दिनों से अलग नजर आया। सफाई कर्मचारी बाइक लेकर एकत्र हुए और हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर तिरंगा यात्रा के लिए रवाना हुए।

जैसे-जैसे बाइक सवार आगे बढ़े, तिरंगे की शान और देशभक्ति के नारों ने वातावरण में उत्साह भर दिया। यात्रा के माध्यम से कर्मचारियों ने राष्ट्रभक्ति के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और स्वच्छता के संदेश को भी जोड़ने का प्रयास किया।


यात्रा की खास बातें

स्थान: नौगढ़ ब्लॉक परिसर, सिद्धार्थनगर

आयोजक: ग्राम पंचायत सफाई कर्मचारी संघ

आयोजन: बाइक तिरंगा यात्रा

अवसर: आजादी के अमृत भाव एवं राष्ट्रभक्ति का संदेश

भागीदारी: बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत सफाई कर्मचारी

मुख्य आकर्षण: हाथों में तिरंगा और देशभक्ति के नारे

संदेश: राष्ट्रप्रेम, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी


सफाई कर्मचारियों का अलग अंदाज

सफाई कर्मचारी आमतौर पर गांवों में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। इस बार यही कर्मचारी राष्ट्रभक्ति के संदेश के साथ सार्वजनिक रूप से तिरंगा लेकर सड़कों पर दिखाई दिए।

बाइक तिरंगा यात्रा ने एक तरफ देशभक्ति का वातावरण बनाया तो दूसरी तरफ यह संदेश भी दिया कि सरकारी और स्थानीय स्तर पर कार्य करने वाले कर्मचारी सामाजिक सरोकारों से जुड़े आयोजनों में भी अपनी भागीदारी निभा सकते हैं।


तिरंगे के साथ जिम्मेदारी का संदेश

तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, सम्मान और नागरिक कर्तव्य का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों की सार्थकता तभी और बढ़ती है, जब देशभक्ति का उत्साह रोजमर्रा की जिम्मेदारियों में भी दिखाई दे।

गांवों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने वाले सफाई कर्मचारियों की इस यात्रा ने राष्ट्रभक्ति के साथ अपने कार्य के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी सामने रखा।

क्यों खास रही यात्रा?

एक—बाइक पर तिरंगा।

सड़क पर निकलते कर्मचारियों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर देशभक्ति का संदेश दिया।

दो—सामूहिक भागीदारी।

बड़ी संख्या में कर्मचारियों के शामिल होने से यात्रा का प्रभाव व्यापक दिखाई दिया।

तीन—नौगढ़ से संदेश।

ब्लॉक परिसर से निकली यात्रा ने क्षेत्र में राष्ट्रभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को सामने रखा।

सारांश

सिद्धार्थनगर के नौगढ़ ब्लॉक परिसर से ग्राम पंचायत सफाई कर्मचारी संघ की ओर से बाइक तिरंगा यात्रा निकाली गई। बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर यात्रा में शामिल हुए और देशभक्ति के नारों के साथ राष्ट्रप्रेम, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।

टिप्पणी

तिरंगा जब हाथ में होता है तो जिम्मेदारी भी साथ चलती है। नौगढ़ में सफाई कर्मचारियों की यह पहल इसलिए उल्लेखनीय है कि रोजमर्रा की स्वच्छता व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों ने राष्ट्रभक्ति के संदेश को सार्वजनिक भागीदारी से जोड़ा। ऐसे आयोजनों की असली सफलता तभी है, जब तिरंगे के सम्मान के साथ स्वच्छता, अनुशासन और नागरिक जिम्मेदारी भी जमीन पर दिखाई दे।

FT NEWS DIGITAL | डिजिटल निष्कर्ष

नौगढ़ से निकली तिरंगा यात्रा ने एक साफ संदेश दिया—राष्ट्रभक्ति केवल नारों तक सीमित नहीं, बल्कि समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का नाम भी है।

 

खड़े ट्रेलर में घुसी अनियंत्रित बाइक, 28 वर्षीय युवक की मौत

इटवा/सिद्धार्थनगर। इटवा थाना क्षेत्र में बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। ढेबरुआ मार्ग पर रामनगर-विगोवा नाले के समीप एक बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रेलर के पिछले हिस्से में जा घुसी। हादसे में बाइक सवार 28 वर्षीय कन्हैया सोनी गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल युवक को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।


कुछ ही सेकंड में थम गई जिंदगी

सुबह करीब 10 बजे कन्हैया सोनी बाइक से इटवा की ओर जा रहे थे। समाचार में प्रकाशित विवरण के अनुसार रामनगर से आगे नाले के समीप उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से जा टकराई। टक्कर इतनी गंभीर थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और कन्हैया गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला मुख्यालय स्थित माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।


हादसे की बड़ी बातें

• घटना इटवा थाना क्षेत्र के ढेबरुआ मार्ग की

• रामनगर-विगोवा नाले के समीप हुआ हादसा

• बाइक सड़क किनारे खड़े ट्रेलर के पिछले हिस्से से टकराई

• मृतक की उम्र 28 वर्ष बताई गई

• पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया

• मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने मृत घोषित किया

• घटना के बाद परिवार में मचा कोहराम


हादसा छोड़ गया कई सवाल

सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों की मौजूदगी और उनकी दृश्यता सड़क सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण विषय है। हालांकि इस हादसे में दुर्घटना के सटीक कारणों का अंतिम निर्धारण पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जा सकता है।

क्या ट्रेलर उचित स्थान पर खड़ा था?

क्या वहां पर्याप्त संकेतक या रिफ्लेक्टर मौजूद थे?

क्या हादसे का मुख्य कारण बाइक का अनियंत्रित होना था या सड़क की स्थिति भी कोई कारक बनी?

इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।


 एक हादसा, कई सावधानियां

सड़क दुर्घटनाएं केवल एक क्षण की घटना होती हैं, लेकिन उनका असर पूरे परिवार पर लंबे समय तक रहता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए नियंत्रित गति, हेलमेट और सड़क पर खड़े वाहनों के प्रति सतर्कता बेहद जरूरी है।

वहीं, सड़क किनारे भारी वाहन खड़े किए जाने की स्थिति में उनकी दृश्यता और सुरक्षा संकेत भी महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे हादसों की निष्पक्ष जांच से भविष्य में दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जरूरी कदम तय किए जा सकते हैं।

प्रशासन के लिए अहम सवाल

हादसे के बाद अब यह भी देखना महत्वपूर्ण होगा कि दुर्घटना स्थल की स्थिति क्या थी और वहां सड़क किनारे भारी वाहन खड़ा होने के संबंध में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी व्यक्ति को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होगा।

सारांश

इटवा क्षेत्र में ढेबरुआ मार्ग पर सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से बाइक की टक्कर में 28 वर्षीय कन्हैया सोनी की मौत हो गई। पुलिस ने घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा है और पुलिस आवश्यक कार्रवाई में जुटी है।

टिप्पणी

एक पल की चूक और जिंदगी खत्म—यह हादसा सड़क सुरक्षा की गंभीरता को फिर सामने लाता है। दुर्घटना के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा, लेकिन घटना यह जरूर बताती है कि दोपहिया वाहन चालकों की सतर्कता के साथ सड़क पर खड़े भारी वाहनों की सुरक्षित पार्किंग और स्पष्ट दृश्यता भी उतनी ही जरूरी है।

 

अमेठी की जमीन में मिले रहस्यमयी तांबे के गोले, पुरातत्व जांच से खुलेगा राज

उत्तर प्रदेश,अमेठी की जमीन में मिले रहस्यमयी तांबे के गोले, पुरातत्व जांच से खुलेगा राज

अमेठी। जिले के भनौली गांव में भवन निर्माण के लिए की जा रही खुदाई के दौरान मिले तांबे से बने दो बड़े गोलाकार अवशेषों ने इलाके में कौतूहल बढ़ा दिया है। मामला सामने आने के बाद पुलिस और राजस्व टीम मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच की गई। इसके बाद पुरातत्व विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जमीन के भीतर दबे ये भारी गोलाकार अवशेष क्या हैं और इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाता था?

उपलब्ध समाचार-विवरण के अनुसार, सहायक पुरातत्व अधिकारी डॉ. मनोज कुमार यादव ने बताया कि मुसाफिरखाना क्षेत्र के भनौली गांव में खुदाई के दौरान तांबे से निर्मित गोले मिलने की सूचना मिली थी। इनका आकार करीब 60 सेंटीमीटर व्यास और 20 सेंटीमीटर ऊंचाई बताया गया है। प्रारंभिक जानकारी में इनके वजन का अनुमान लगभग 9 से 10 किलोग्राम बताया गया है।

इन वस्तुओं के ऊपर फ्यूज होल जैसी संरचना होने की बात भी सामने आई है। इसी वजह से इनके पुराने उपयोग को लेकर अलग-अलग संभावनाएं जताई जा रही हैं। हालांकि, इनकी वास्तविक उम्र, निर्माण काल और उपयोग क्या था—इसका अंतिम निर्धारण विशेषज्ञ जांच के बाद ही संभव होगा।


मिट्टी के नीचे क्या छिपा था?

भवन निर्माण की खुदाई के दौरान सामने आए इन गोलाकार तांबे के अवशेषों ने सामान्य खुदाई को अचानक पुरातात्विक जांच के विषय में बदल दिया। सूचना पर प्रशासनिक टीम पहुंची, स्थल का निरीक्षण हुआ और अब पुरातत्व विभाग की जांच यह पता लगाने में जुटी है कि इन वस्तुओं का वास्तविक इतिहास क्या है।

यदि वैज्ञानिक परीक्षणों से इनका संबंध किसी पुराने ऐतिहासिक काल, सैन्य सामग्री अथवा किसी प्राचीन स्थल से प्रमाणित होता है, तो यह खोज क्षेत्र के इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण हो सकती है। फिलहाल इसे केवल संभावना के रूप में ही देखा जाना चाहि


 क्या-क्या सामने आया?

भनौली गांव में भवन निर्माण के दौरान खुदाई।

खुदाई से तांबे के दो बड़े गोलाकार अवशेष मिलने की सूचना।

करीब 60 सेंटीमीटर व्यास और 20 सेंटीमीटर ऊंचाई बताए जाने की जानकारी।

वजन लगभग 9 से 10 किलोग्राम होने का प्रारंभिक अनुमान।

पुलिस और राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की।

पुरातत्व विभाग की टीम ने भी स्थल का निरीक्षण शुरू किया।

वस्तुओं के वास्तविक काल और उपयोग की पुष्टि जांच के बाद होगी।

खोजी सवाल | असली राज क्या है?

इन वस्तुओं की बनावट ने कई सवाल खड़े किए हैं। क्या ये किसी पुराने सैन्य उपयोग की वस्तुएं थीं? क्या इनका संबंध किसी ऐतिहासिक निर्माण या स्थल से हो सकता है? या फिर इनका कोई दूसरा तकनीकी उपयोग रहा होगा?

इन सवालों का जवाब केवल अनुमान से नहीं, बल्कि विशेषज्ञ परीक्षण, धातु की संरचना, निर्माण तकनीक, स्थल की पुरातात्विक परत और उपलब्ध ऐतिहासिक साक्ष्यों के अध्ययन से ही मिल सकता है।

यही वजह है कि पुरातत्व विभाग की जांच इस पूरे मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बन गई है।


जांच में क्या तलाशा जाएगा?

धातु की उम्र और संरचना: वस्तु किस काल की है, इसका वैज्ञानिक परीक्षण।

निर्माण तकनीक: गोलाकार संरचना किस तकनीक से तैयार की गई।

स्थल का इतिहास: जिस जमीन से वस्तुएं मिलीं, वहां पुराने निर्माण या गतिविधि के प्रमाण हैं या नहीं।

उपयोग का उद्देश्य: क्या इनका सैन्य, धार्मिक अथवा किसी अन्य प्रयोजन से संबंध था।

अन्य अवशेष: आसपास खुदाई में और कोई ऐतिहासिक सामग्री मिलती है या नहीं।

डिजिटल एक्सक्लूसिव | एक खुदाई, कई सवाल

यह मामला इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि जमीन के भीतर से निकली वस्तुओं की पहचान अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। ऐसे में किसी जल्दबाजी वाले निष्कर्ष से बचना जरूरी है।

अगर जांच में इनका संबंध किसी प्राचीन ऐतिहासिक गतिविधि से सामने आता है, तो अमेठी के इतिहास के लिए यह महत्वपूर्ण खोज हो सकती है। लेकिन अगर जांच किसी अलग उपयोग की ओर संकेत करती है, तब भी यह घटना इसलिए अहम होगी क्योंकि एक सामान्य निर्माण स्थल की खुदाई से अप्रत्याशित पुरावशेष सामने आए हैं।

सारांश

अमेठी के भनौली गांव में भवन निर्माण की खुदाई के दौरान तांबे के दो बड़े गोलाकार अवशेष मिलने की सूचना के बाद प्रशासन और पुरातत्व विभाग सक्रिय हुआ है। प्रारंभिक जानकारी में इनके आकार और वजन को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अब विशेषज्ञ जांच से ही स्पष्ट होगा कि ये वस्तुएं कितनी पुरानी हैं और इनका वास्तविक उपयोग क्या था।

टिप्पणी

इतिहास कई बार किताबों से नहीं, जमीन की परतों से सामने आता है। अमेठी में मिले इन तांबे के गोलाकार अवशेषों को लेकर फिलहाल रहस्य बरकरार है। असली कहानी तब सामने आएगी, जब विशेषज्ञ इनके धातु-विज्ञान, निर्माण तकनीक और पुरातात्विक संदर्भ की जांच पूरी करेंगे। इसलिए सनसनी से ज्यादा जरूरी है—साक्ष्य का इंतजार।

 

अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो में सिद्धार्थनगर का परचम, तीन खिलाड़ियों का सम्मान

सिद्धार्थनगर। अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर सिद्धार्थनगर का नाम रोशन करने वाले तीन खिलाड़ियों को लखनऊ में सम्मानित किया गया। खिलाड़ियों की उपलब्धि से जिले के खेल प्रेमियों और उनके परिवारों में उत्साह का माहौल है।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, थाईलैंड के पटाया में आयोजित हीरोज अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप-2026 में सिद्धार्थनगर के खिलाड़ियों ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में समर वर्मा ने स्वर्ण पदक, जबकि देवम पासवान और दिलीप कुमार पासवान ने रजत पदक हासिल किया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली इस उपलब्धि के बाद खिलाड़ियों को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। इस दौरान सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

शिखर पर सिद्धार्थनगर की खेल प्रतिभा

तीन खिलाड़ियों की यह उपलब्धि जिले के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक हासिल करना खिलाड़ियों की मेहनत, प्रशिक्षण और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। खासकर युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने जिले की नई खेल प्रतिभाओं के लिए उम्मीद और प्रेरणा का संदेश दिया है।

खेल क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और निरंतर प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर मिलें तो सिद्धार्थनगर से भविष्य में और भी खिलाड़ी राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं।


पदकों पर एक नजर

🥇 समर वर्मा — स्वर्ण पदक

🥈 देवम पासवान — रजत पदक

🥈 दिलीप कुमार पासवान — रजत पदक

प्रतियोगिता: हीरोज अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप-2026

स्थान: पटाया, थाईलैंड

सारांश

अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में सिद्धार्थनगर के तीन खिलाड़ियों ने एक स्वर्ण और दो रजत पदक हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया। लखनऊ में सम्मानित किए जाने के बाद इन खिलाड़ियों की उपलब्धि स्थानीय खेल जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है।

टिप्पणी

प्रतिभा जब मेहनत से मिलती है तो मंच छोटा नहीं रहता। सिद्धार्थनगर के इन खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि जिले की युवा खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा है। जरूरत अब इस बात की है कि ऐसी प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और पर्याप्त खेल सुविधाएं लगातार मिलती रहें।

 

अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो में सिद्धार्थनगर का परचम, तीन खिलाड़ियों का सम्मान

सिद्धार्थनगर। अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर सिद्धार्थनगर का नाम रोशन करने वाले तीन खिलाड़ियों को लखनऊ में सम्मानित किया गया। खिलाड़ियों की उपलब्धि से जिले के खेल प्रेमियों और उनके परिवारों में उत्साह का माहौल है।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, थाईलैंड के पटाया में आयोजित हीरोज अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप-2026 में सिद्धार्थनगर के खिलाड़ियों ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में समर वर्मा ने स्वर्ण पदक, जबकि देवम पासवान और दिलीप कुमार पासवान ने रजत पदक हासिल किया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली इस उपलब्धि के बाद खिलाड़ियों को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। इस दौरान सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

शिखर पर सिद्धार्थनगर की खेल प्रतिभा

तीन खिलाड़ियों की यह उपलब्धि जिले के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक हासिल करना खिलाड़ियों की मेहनत, प्रशिक्षण और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। खासकर युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने जिले की नई खेल प्रतिभाओं के लिए उम्मीद और प्रेरणा का संदेश दिया है।

खेल क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि स्थानीय प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और निरंतर प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर मिलें तो सिद्धार्थनगर से भविष्य में और भी खिलाड़ी राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं।


पदकों पर एक नजर

🥇 समर वर्मा — स्वर्ण पदक

🥈 देवम पासवान — रजत पदक

🥈 दिलीप कुमार पासवान — रजत पदक

प्रतियोगिता: हीरोज अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप-2026

स्थान: पटाया, थाईलैंड

सारांश

अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में सिद्धार्थनगर के तीन खिलाड़ियों ने एक स्वर्ण और दो रजत पदक हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया। लखनऊ में सम्मानित किए जाने के बाद इन खिलाड़ियों की उपलब्धि स्थानीय खेल जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है।

टिप्पणी

प्रतिभा जब मेहनत से मिलती है तो मंच छोटा नहीं रहता। सिद्धार्थनगर के इन खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि जिले की युवा खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा है। जरूरत अब इस बात की है कि ऐसी प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और पर्याप्त खेल सुविधाएं लगातार मिलती रहें।

 

दिव्यांगजनों की तिरंगा यात्रा ने दिया एकता और देशभक्ति का संदेश

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सिद्धार्थनगर में दिव्यांगजनों की तिरंगा यात्रा ने देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। पेट्रोल पंप तिराहा से निकली यात्रा को भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए दिव्यांगजनों के उत्साह से यात्रा का माहौल देशभक्तिमय नजर आया।

खबर

सिद्धार्थनगर। दिव्यांग सेवा संस्थान ट्रस्ट, सिद्धार्थनगर के तत्वावधान में पेट्रोल पंप तिराहा पर तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस दौरान दीपक मौर्य ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। उनके अनुसार तिरंगा यात्रा के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, अखंडता, देशभक्ति और सामाजिक समरसता का संदेश लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।

यात्रा में दिव्यांगजनों ने उत्साह के साथ भाग लिया और हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति का संदेश दिया। यात्रा के दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष से वातावरण देशभक्तिमय बना रहा।

कार्यक्रम में जिला मीडिया प्रभारी रमेश मणि त्रिपाठी, जिला कार्यालय मंत्री पंकज जायसवाल, अनुराग श्रीवास्तव सहित दिव्यांग सेवा संस्थान ट्रस्ट के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में दिव्यांगजन मौजूद रहे।


| तिरंगे के साथ दिखा उत्साह

तिरंगा यात्रा में दिव्यांगजनों की सहभागिता कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। आयोजकों के अनुसार यात्रा का उद्देश्य देशभक्ति की भावना के साथ समाज में एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश देना रहा।


कार्यक्रम की खास बातें

पेट्रोल पंप तिराहा से तिरंगा यात्रा रवाना

भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने दिखाई हरी झंडी

दिव्यांगजनों ने उत्साहपूर्वक किया प्रतिभाग

भारत माता की जय और वंदे मातरम् के उद्घोष

राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता का संदेश

सारांश

सिद्धार्थनगर में दिव्यांग सेवा संस्थान ट्रस्ट की ओर से आयोजित तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों ने भाग लेकर देशभक्ति का संदेश दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य ने यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

हमारी बात

तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता और नागरिकों की साझा पहचान का प्रतीक है। दिव्यांगजनों की इस यात्रा में जिस उत्साह के साथ सहभागिता दिखाई दी, वह समाज में समान भागीदारी और सकारात्मक संदेश का उदाहरण है। ऐसे आयोजनों की सार्थकता तभी और बढ़ती है, जब देशभक्ति के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मान और बराबरी का अवसर मिले।

 

ककरहवा सीमा पर 27 बोरी यूरिया बरामद, संयुक्त नाका पार्टी की कार्रवाई

 

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सिद्धार्थनगर में भारत-नेपाल सीमा पर 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त नाका पार्टी ने कार्रवाई करते हुए 27 बोरी यूरिया खाद बरामद की। SSB के अनुसार खाद एक इलेक्ट्रिक ऑटो से अनधिकृत रास्ते के जरिए भारत से नेपाल की ओर ले जाई जा रही थी। वाहन में सवार दो व्यक्तियों को पूछताछ के बाद खाद और वाहन समेत आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंपा गया।


सिद्धार्थनगर, 19 अगस्त 2026। भारत-नेपाल सीमा पर अवैध आवागमन और संदिग्ध तस्करी गतिविधियों पर निगरानी के दौरान 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल की सीमा चौकी ककरहवा तथा उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त नाका पार्टी ने एक इलेक्ट्रिक ऑटो को रोककर जांच की। विभागीय जानकारी के मुताबिक ऑटो से 27 बोरी यूरिया खाद बरामद हुई।

सीमा से करीब 50 मीटर पहले रोका गया ऑटो

SSB की ओर से जारी जानकारी के अनुसार विशेष आसूचना के आधार पर संयुक्त नाका पार्टी सीमा स्तंभ संख्या 544/1 से करीब 400 मीटर तथा अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग 50 मीटर अंदर तैनात थी। इसी दौरान एक इलेक्ट्रिक ऑटो अनधिकृत रास्ते से भारत से नेपाल की ओर जाता दिखाई दिया।

नाका पार्टी ने वाहन को रोककर जांच की। जांच के दौरान वाहन में दो व्यक्ति सवार मिले और उसमें 27 बोरी यूरिया खाद बरामद होने की जानकारी दी गई।

दस्तावेज नहीं मिलने पर पुलिस को सौंपा

SSB के अनुसार खाद के संबंध में पूछताछ किए जाने पर मौके पर कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद 27 बोरी यूरिया खाद और इलेक्ट्रिक ऑटो समेत दोनों व्यक्तियों को अग्रिम कार्रवाई के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस, थाना/पुलिस चौकी मोहाना को सुपुर्द कर दिया गया।

इनसेट | पकड़े गए व्यक्तियों के बारे में

SSB के अनुसार पूछताछ में एक व्यक्ति ने अपना नाम जितेंद्र गुप्ता, उम्र 38 वर्ष, निवासी फरसादीपुर, थाना मोहाना, सिद्धार्थनगर बताया। दूसरे व्यक्ति की उम्र 17 वर्ष बताई गई है और वह भी फरसादीपुर, थाना मोहाना क्षेत्र का निवासी बताया गया।

कानूनी सावधानी: 17 वर्षीय व्यक्ति को लेकर खबर में उसे आरोपी या दोषी के रूप में घोषित नहीं किया गया है। उसके संबंध में आगे की कार्रवाई संबंधित पुलिस एवं सक्षम प्राधिकारी द्वारा लागू कानून और प्रक्रिया के अनुसार की जानी है।


कार्रवाई में क्या मिला?

27 बोरी यूरिया खाद

01 इलेक्ट्रिक ऑटो

02 व्यक्ति

कार्रवाई ककरहवा सीमा चौकी और यूपी पुलिस की संयुक्त नाका पार्टी ने की

बरामद सामग्री एवं वाहन पुलिस को आगे की कार्रवाई के लिए सौंपे गए

सीमा पर निगरानी जारी

43वीं वाहिनी SSB के अनुसार भारत-नेपाल सीमा पर अवैध तस्करी, मानव तस्करी, नशीली दवाओं, अवैध मुद्रा, वन्यजीव तथा अन्य अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है।

सारांश

ककरहवा सीमा क्षेत्र में SSB और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 27 बोरी यूरिया खाद और एक इलेक्ट्रिक ऑटो बरामद किया गया। विभागीय जानकारी के मुताबिक खाद के संबंध में वैध दस्तावेज नहीं मिले, जिसके बाद दो व्यक्तियों समेत बरामद सामग्री को मोहाना पुलिस के सुपुर्द किया गया।

टिप्पणी

भारत-नेपाल सीमा पर अनधिकृत रास्तों से होने वाली आवाजाही पर निगरानी सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस मामले में बरामदगी के बाद आगे की वास्तविक स्थिति पुलिस की जांच और वैधानिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।

कानूनी रूप से सुरक्षित नोट

यह खबर 43वीं वाहिनी SSB द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना के आधार पर तैयार की गई है। बरामदगी और दस्तावेज उपलब्ध न होने संबंधी तथ्य विभागीय दावे पर आधारित हैं। संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आरोप या दोष सिद्धि का अंतिम निर्धारण सक्षम प्राधिकारी/न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

 

भारत-नेपाल सीमा पर SSB की कार्रवाई, 56 बोरी यूरिया के साथ दो व्यक्ति और दो वाहन पकड़े गए

 

 

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सिद्धार्थनगर में भारत-नेपाल सीमा पर 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) की नाका पार्टी ने विशेष आसूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 56 बोरी यूरिया खाद बरामद की है। SSB के अनुसार खाद को बिना वैध दस्तावेज के दो वाहनों के जरिए भारत से नेपाल ले जाया जा रहा था। मौके से दो व्यक्तियों को एक बोलेरो पिकअप और एक टेम्पो समेत पकड़ा गया, जिन्हें अग्रिम कार्रवाई के लिए शोहरतगढ़ पुलिस को सुपुर्द किया गया।

 

इंट्रो

 

सिद्धार्थनगर, 19 अगस्त 2026। भारत-नेपाल सीमा पर अवैध आवागमन और तस्करी के खिलाफ 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में सीमा चौकी बाणगंगा की विशेष नाका ड्यूटी के दौरान SSB टीम ने 56 बोरी यूरिया खाद के साथ दो वाहनों को रोककर जांच की। विभागीय जानकारी के मुताबिक दोनों वाहन अनधिकृत रास्ते से भारत से नेपाल की ओर जाते पाए गए।

सीमा पर नाका, दो वाहनों को रोका

SSB के अनुसार विशेष आसूचना के आधार पर सीमा स्तंभ संख्या 557 से करीब 900 मीटर तथा अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग 900 मीटर अंदर विशेष नाका पार्टी तैनात थी। इसी दौरान एक बोलेरो पिकअप और एक टेम्पो नेपाल की ओर जाते दिखाई दिए।

नाका पार्टी ने दोनों वाहनों को रोककर जांच की। जांच के दौरान वाहनों में एक-एक चालक सवार मिला और कुल 56 बोरी यूरिया खाद बरामद होने की बात सामने आई।

दस्तावेज नहीं मिलने पर पुलिस को सुपुर्द

SSB की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार खाद के संबंध में पूछताछ किए जाने पर संबंधित व्यक्ति मौके पर कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद 56 बोरी यूरिया खाद, बोलेरो पिकअप, टेम्पो और दोनों व्यक्तियों को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए थाना शोहरतगढ़ पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया।


पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान

 

SSB के अनुसार पूछताछ में दोनों व्यक्तियों ने अपने नाम जंग बहादुर (25) और कैलाश (34) बताया। दोनों सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के डोहरिया खुर्द गांव के निवासी बताए गए हैं।

नोट: दोनों व्यक्तियों के संबंध में आगे की वैधानिक कार्रवाई संबंधित पुलिस/प्राधिकरण द्वारा की जानी है। खबर में उन्हें किसी अपराध का दोषी घोषित नहीं किया जा रहा है।


 क्या-क्या बरामद हुआ?

– 56 बोरी यूरिया खाद

– 01 बोलेरो पिकअप

– 01 टेम्पो

– 02 व्यक्ति हिरासत/पुलिस सुपुर्द

– बरामद सामग्री एवं वाहन आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंपे गए

सीमा पर निगरानी बढ़ाने का संकेत

43वीं वाहिनी SSB के अनुसार भारत-नेपाल सीमा पर अवैध तस्करी, मानव तस्करी, नशीली दवाओं, अवैध मुद्रा, वन्यजीव एवं अन्य प्रतिबंधित/अवैध सामग्री के आवागमन को रोकने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है।

सारांश

बाणगंगा सीमा चौकी की नाका पार्टी ने विशेष सूचना के आधार पर दो वाहनों की जांच कर 56 बोरी यूरिया खाद बरामद की। SSB के मुताबिक खाद के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, जिसके बाद दो व्यक्तियों, खाद और दोनों वाहनों को थाना शोहरतगढ़ पुलिस को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सौंप दिया गया।

टिप्पणी

भारत-नेपाल सीमा पर खाद समेत विभिन्न वस्तुओं की अनधिकृत आवाजाही रोकना सुरक्षा और सीमा प्रबंधन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस मामले में बरामदगी और वाहनों को पुलिस को सौंपे जाने के बाद आगे की वास्तविक स्थिति जांच एवं वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने पर ही स्पष्ट होगी।

कानूनी रूप से सुरक्षित डिस्क्लेमर

यह खबर 43वीं वाहिनी SSB द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध आरोपों की अंतिम पुष्टि सक्षम जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी।

 

 

संगठन सृजन अभियान से कांग्रेस को बूथ स्तर तक मजबूत करने की कवायद

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सिद्धार्थनगर में कांग्रेस ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति तेज कर दी है। संगठन सृजन अभियान के तहत जिले के लिए नियुक्त एआईसीसी ऑब्जर्वर अमित विज ने पत्रकार वार्ता में कहा कि अभियान के जरिए कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और संगठनात्मक ढांचे को जमीनी स्तर तक सक्रिय करने पर जोर दिया जाएगा।


सिद्धार्थनगर, 18 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे संगठन सृजन अभियान के तहत सिद्धार्थनगर पहुंचे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के ऑब्जर्वर और पंजाब के पठानकोट से पूर्व विधायक अमित विज ने जिला कांग्रेस कार्यालय पर पत्रकार वार्ता की। उन्होंने अभियान के उद्देश्य, संगठनात्मक गतिविधियों और आगे की कार्ययोजना को लेकर पार्टी की ओर से जानकारी साझा की।

बूथ तक संगठन मजबूत करने पर जोर

अमित विज ने कहा कि संगठन सृजन अभियान के तहत कांग्रेस को ब्लॉक, न्याय पंचायत, ग्राम और बूथ स्तर तक सक्रिय एवं मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार अभियान के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में बैठकें आयोजित कर पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से संवाद किया जाएगा तथा संगठन को मजबूत करने से जुड़े सुझावों पर चर्चा की जाएगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस संगठन में कार्यकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। अभियान के दौरान जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और लोगों से संवाद स्थापित करने तथा उनके सुझाव सुनने पर जोर रहेगा।

नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने की तैयारी

पत्रकार वार्ता में बताया गया कि अभियान के तहत नए और सक्रिय कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ने, पार्टी की विचारधारा एवं नीतियों को जनता तक पहुंचाने और स्थानीय स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

अमित विज के मुताबिक कांग्रेस का प्रयास केवल चुनाव के समय सक्रिय रहने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पूरे वर्ष जनता के बीच रहकर स्थानीय मुद्दों और समस्याओं को समझने तथा उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से उठाने की भूमिका भी कार्यकर्ताओं को निभानी चाहिए।

इनसेट | सिद्धार्थनगर में बनेगी संगठनात्मक कार्ययोजना

अभियान के दौरान जिले के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ विचार-विमर्श कर संगठन को मजबूत करने से जुड़ी कार्ययोजना तैयार किए जाने की बात कही गई। पार्टी की ओर से अभियान को गंभीरता और पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाने का लक्ष्य बताया गया है।

इनबॉक्स | अभियान में किन बिंदुओं पर फोकस?

बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना

ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर संवाद

ग्राम स्तर पर संगठनात्मक पहुंच बढ़ाना

नए एवं सक्रिय कार्यकर्ताओं को जोड़ना

कार्यकर्ताओं से सुझाव और फीडबैक लेना

पार्टी की नीतियों एवं विचारों को जनता तक पहुंचाना

स्थानीय मुद्दों को संगठन के माध्यम से उठाना

पत्रकार वार्ता में मौजूद रहे पदाधिकारी

पत्रकार वार्ता में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से नियुक्त ऑब्जर्वर देवेन्द्र श्रीवास्तव और अनुज कुमार सिंह, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष काजी सुहेल अहमद सहित जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, वरिष्ठ कांग्रेसजन और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सारांश

सिद्धार्थनगर में कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान के जरिए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की कवायद शुरू की है। AICC ऑब्जर्वर अमित विज ने कार्यकर्ताओं से संवाद, नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और ब्लॉक से बूथ स्तर तक संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने पर जोर दिया।

टिप्पणी

संगठन सृजन अभियान के जरिए कांग्रेस का फोकस अब संगठन की जमीनी सक्रियता बढ़ाने पर दिखाई दे रहा है। अभियान कितना प्रभावी साबित होता है, यह आने वाले दिनों में ब्लॉक, ग्राम और बूथ स्तर पर होने वाली बैठकों तथा कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी से स्पष्ट होगा।

कानूनी सावधानी

यह खबर उपलब्ध प्रेस नोट एवं पत्रकार वार्ता में बताए गए पक्ष पर आधारित है। इसमें किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के संबंध में स्वतंत्र रूप से सत्यापित उपलब्धि अथवा आरोप के रूप में कोई अतिरिक्त दावा नहीं जोड़ा गया है। अभियान से जुड़े दावे संबंधित कांग्रेस पक्ष द्वारा बताए गए हैं।

 

दूध-दुग्ध उत्पादों पर प्रशासन का शिकंजा, सिद्धार्थनगर में बड़े पैमाने पर नमूना जांच

दूध-दुग्ध उत्पादों पर प्रशासन का शिकंजा, सिद्धार्थनगर में बड़े पैमाने पर नमूना जांच


सिद्धार्थनगर में दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष अभियान तेज हो गया है। विभागीय सचल दल ने जिले के विभिन्न बाजारों और प्रमुख चौराहों पर कार्रवाई करते हुए दूध, पनीर, खोया, घी, आइसक्रीम समेत कई खाद्य पदार्थों के कुल नमूने संग्रहित किए। सभी नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


सिद्धार्थनगर। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश तथा जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के आदेश के क्रम में दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता की जांच के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई जारी है। सहायक आयुक्त (खाद्य)-II के नेतृत्व में गठित सचल दल ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे।

कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा

विभागीय अभियान के दौरान बांसी बाजार से 07 दूध, 02 खोया, 02 पनीर, 02 घी और 02 आइसक्रीम के नमूने लिए गए। वहीं डुमरियागंज बाजार से 01 दूध, 01 पनीर और 01 खोया का नमूना संग्रहित किया गया।

तुलसियापुर चौराहा, शोहरतगढ़ से 02 काजू, 01 अखरोट और 01 बादाम का नमूना लिया गया। इटवा से 04 दूध, 01 पनीर और 03 आइसकैंडी के नमूने संग्रहित किए गए।

साड़ी चौराहा, नौगढ़ से 01 घी, 01 मिल्क क्रीम, 01 बटर और 01 चॉकलेट सिरप का नमूना लिया गया। तेतरी बाजार से 01 घी और 01 शरबत का नमूना संग्रहित किया गया।

इसके अलावा हैडिल तिराहा से 02 दूध, उसका रोड से 01 दूध व 01 घी, पकड़ी नौगढ़ से 01 दूध व 01 घी तथा भीमापार नौगढ़ से 01 दूध, 01 पनीर, 01 चॉकलेट सिरप और 01 बटर का नमूना लिया गया।

जोगिया उदयपुर से 03 आइसकैंडी तथा लुंबिनी रोड, तेतरी बाजार से 02 दूध, 01 पनीर और 01 आइसक्रीम का नमूना संग्रहित किया गया। विभाग के अनुसार सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।


जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार अभी लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट प्राप्त होना बाकी है। रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसलिए जांच रिपोर्ट आने से पहले किसी कारोबारी या खाद्य पदार्थ को मानकविहीन घोषित नहीं किया गया है।


अभियान का उद्देश्य

दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता की जांच

खाद्य पदार्थों के निर्धारित मानकों की निगरानी

उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई

खाद्य कारोबारकर्ताओं को खाद्य सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करना

प्रयोगशाला जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करना

जागरूक भी किए गए खाद्य कारोबारी

नमूना संग्रह की कार्रवाई के साथ खाद्य कारोबारकर्ताओं को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के संबंध में जागरूक भी किया गया। विभाग का जोर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर है।

सचल दल में ये अधिकारी रहे शामिल

अभियान के दौरान सहायक आयुक्त (खाद्य)-II आर.एल. यादव के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी हीरा लाल, नीरज कुमार चौधरी और रंजन कुमार श्रीवास्तव शामिल रहे।

सारांश

सिद्धार्थनगर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष अभियान के तहत जिले के अलग-अलग बाजारों से दूध, पनीर, खोया, घी, आइसक्रीम, आइसकैंडी सहित कई खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए हैं। नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की दिशा तय होगी।

टिप्पणी

दूध और दुग्ध उत्पाद सीधे लोगों के खान-पान से जुड़े हैं। ऐसे में नियमित नमूना जांच और खाद्य कारोबारियों को नियमों के प्रति जागरूक करना उपभोक्ता हित में महत्वपूर्ण कदम है। अब निगाहें प्रयोगशाला रिपोर्ट पर रहेंगी, जिसके आधार पर विभाग आगे की वैधानिक कार्रवाई करेगा।

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