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इन्द्री ग्रांट पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत, जांच के आदेश के बाद भी रिपोर्ट का इंतजार

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14 बिंदुओं पर शिकायत के बाद डीएम ने जांच के दिए निर्देश, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय के अनुस्मारक के बावजूद जांच आख्या लंबित

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सिद्धार्थनगर/इटवा।

विकास खंड इटवा की ग्राम पंचायत इन्द्री ग्रांट में वर्ष 2021 से 2026 के बीच हुए विकास कार्यों और सरकारी धन के खर्च को लेकर गंभीर शिकायत सामने आई है। ग्राम पंचायत निवासी भोला मौर्य पुत्र घनश्याम मौर्य ने करीब करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए 14 बिंदुओं पर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का कहना है कि शिकायत के साथ साक्ष्य और नोटरी शपथ-पत्र भी उपलब्ध कराया गया है।

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मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने आईजीआरएस पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार शिकायत पर प्रशासनिक स्तर से जांच की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन जांच रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

डीएम ने जांच के लिए अधिकारी किया नामित

उपलब्ध सरकारी दस्तावेज के अनुसार जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के कार्यालय से 22 जुलाई 2026 को जारी कार्यालय ज्ञाप संख्या 1272/7-पं0/शिका0/2026-27 के माध्यम से शिकायत में उल्लिखित तथ्यों की जांच के लिए जिला कृषि अधिकारी, सिद्धार्थनगर को जांच अधिकारी नामित किया गया।

पत्र में तकनीकी सहयोग के लिए अवर अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, इटवा को भी नामित करते हुए मामले की जांच कर स्पष्ट जांच आख्या शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

यानी शिकायत पर प्रशासन ने जांच के निर्देश तो जारी कर दिए, लेकिन अब मामला जांच रिपोर्ट के इंतजार में है।

अनुस्मारक के बाद भी नहीं आई जांच आख्या

मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से जारी पत्र भी सामने आया है। 7 अगस्त 2026 के पत्र में पूर्व में जिलाधिकारी कार्यालय से जारी निर्देश का हवाला देते हुए कहा गया है कि ग्राम पंचायत इन्द्री ग्रांट की जांच कर स्पष्ट आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन जांच आख्या अभी तक प्राप्त नहीं हुई है।

पत्र में यह भी उल्लेख है कि इस संबंध में 6 अगस्त 2026 को अनुस्मारक जारी कर जिला कृषि अधिकारी से जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था।

ऐसे में अब सवाल यह है कि जांच के लिए आदेश जारी होने और अनुस्मारक भेजे जाने के बावजूद जांच रिपोर्ट आखिर किस स्तर पर लंबित है?

शिकायतकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप

शिकायतकर्ता भोला मौर्य का आरोप है कि ग्राम पंचायत में वर्ष 2021 से 2026 के बीच सरकारी धन से कराए गए विभिन्न कार्यों में वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने संबंधित ग्राम प्रधान, सचिव और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग की है।

हालांकि, इन आरोपों की सत्यता अभी जांच रिपोर्ट से साबित होना बाकी है। उपलब्ध दस्तावेजों में प्रशासन ने भी फिलहाल किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया है, बल्कि शिकायत में लगाए गए तथ्यों की जांच के निर्देश दिए हैं।

शिकायतकर्ता ने सुरक्षा को लेकर भी जताई चिंता

भोला मौर्य का कहना है कि वह वर्तमान में मुंबई में रहते हैं और उन्हें जांच के लिए गांव आने की बात कही जा रही है। शिकायतकर्ता ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जताते हुए कहा है कि स्थानीय स्तर पर उन्हें खतरा महसूस होता है।

उनका आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति को आधार बनाकर जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ने से रोका जा रहा है। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि FT News Digital द्वारा नहीं की गई है।

शिकायतकर्ता की मांग है कि उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध सरकारी अभिलेखों, भुगतान विवरण और विकास कार्यों की मौके पर जांच कर निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार की जाए।

दोष साबित हुआ तो कार्रवाई की मांग

शिकायतकर्ता ने मांग की है कि यदि जांच में सरकारी धन के दुरुपयोग या वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होती है तो नियमानुसार सरकारी धन की रिकवरी और दोषियों के खिलाफ एफआईआर समेत वैधानिक कार्रवाई की जाए।

फिलहाल पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी जांच रिपोर्ट है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है।

अब प्रशासन से बड़ा सवाल

जब जिलाधिकारी कार्यालय से जांच के निर्देश जारी हो चुके हैं और जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय को जांच आख्या के लिए अनुस्मारक भी जारी करना पड़ा है, तो इन्द्री ग्रांट पंचायत की जांच रिपोर्ट कब तक सामने आएगी?

जनता की निगाह अब जांच की निष्पक्षता और उसके नतीजे पर है। आरोप सही हैं तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और यदि आरोप निराधार हैं तो जांच रिपोर्ट से स्थिति भी साफ होनी चाहिए।


स्थान: ग्राम पंचायत इन्द्री ग्रांट, विकास खंड इटवा, सिद्धार्थनगर

👤 शिकायतकर्ता: भोला मौर्य पुत्र घनश्याम मौर्य

📋 शिकायत: 14 बिंदुओं पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप

📅 शिकायत: 13 जून 2026

🏛️ डीएम आदेश: 22 जुलाई 2026

🔎 जांच अधिकारी: जिला कृषि अधिकारी, सिद्धार्थनगर

🛠️ तकनीकी सहयोग: अवर अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, इटवा

📨 अनुस्मारक: 6 अगस्त 2026

📄 स्थिति: उपलब्ध पत्रों के अनुसार जांच आख्या अभी प्राप्त नहीं

सारांश

इटवा की ग्राम पंचायत इन्द्री ग्रांट में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर 14 बिंदुओं पर शिकायत की गई। शिकायत के बाद जिलाधिकारी कार्यालय ने जिला कृषि अधिकारी को जांच अधिकारी नामित करते हुए तकनीकी सहयोग के लिए अवर अभियंता को निर्देशित किया। बाद में जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय ने जांच आख्या उपलब्ध कराने के लिए अनुस्मारक जारी किया। इसके बावजूद उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार जांच रिपोर्ट अभी लंबित है। अब जांच रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं।

कानूनी रूप से सुरक्षित संपादकीय टिप्पणी

“यह रिपोर्ट उपलब्ध शिकायत एवं सरकारी पत्राचार पर आधारित है। शिकायत में लगाए गए आरोपों को सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है। किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं किया गया है। आरोपों की पुष्टि या खंडन जांच रिपोर्ट के बाद ही संभव होगा। संबंधित पक्ष का जवाब प्राप्त होने पर उसे भी खबर में उचित स्थान दिया जाएगा।”

रिपोर्ट: FT News Digital | सिद्धार्थनगर

तमिलनाडु में सड़क हादसे में महराजगंज के 32 वर्षीय युवक की मौत, गांव में पसरा मातम

परिवार की खुशहाली के लिए घर से दूर कर रहे थे मेहनत-मजदूरी, हादसे की खबर पहुंचते ही परिजनों में मचा कोहराम

महराजगंज।

परिवार की जिम्मेदारियां पूरी करने और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए घर से दूर तमिलनाडु में मेहनत-मजदूरी कर रहे महराजगंज के एक 32 वर्षीय युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई। घटना की सूचना जब उनके पैतृक गांव पहुंची तो परिवार सहित पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मिली जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम सभा बड़हरा, टोला सेमरहना निवासी अभिमन्यु मौर्य (32) तमिलनाडु में रहकर काम करते थे। वह परिवार के भरण-पोषण और बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए घर से दूर रहकर मेहनत कर रहे थे। इसी दौरान सड़क हादसे में उनकी जान चली गई।

हादसे की खबर से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

अभिमन्यु की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी ज्ञांति मौर्या का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं उनके दो छोटे बच्चे अभय मौर्य और रुद्राश मौर्य भी पिता की मौत से गहरे सदमे में हैं।

परिवार के लिए अभिमन्यु की असमय मौत बड़ा झटका बनकर सामने आई है। जिस व्यक्ति के कंधों पर परिवार की जिम्मेदारियां थीं, उसके अचानक चले जाने से परिजनों के सामने भविष्य की चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं।

गांव में भी शोक की लहर

घटना की जानकारी गांव में पहुंचने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। ग्रामीणों ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताते हुए इस कठिन समय में उनके साथ खड़े रहने की बात कही।

अभिमन्यु की असमय मौत से गांव में मातम का माहौल है। परिवार और ग्रामीण अब उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

रिपोर्ट: आशुतोष कुमार मौर्य

FT News | महराजगंज



 

नीचे आपकी FT News Digital / न्यूज़ पोर्टल के अखबारनुमा अंदाज में तैयार कॉपी है:

 

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महरथा गांव में गरिमामय माहौल में आयोजित हुआ कार्यक्रम, वक्ताओं ने संघर्ष और सामाजिक न्याय के लिए उनके योगदान को किया याद

सिद्धार्थनगर/शोहरतगढ़।

शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के निषाद बाहुल्य गांव महरथा स्थित बंधे पर सोमवार को पूर्व सांसद फूलन देवी की जयंती कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान महिलाओं और पुरुषों को फूलन देवी के चित्र भी वितरित किए गए। वक्ताओं ने उनके जीवन से जुड़े संघर्षों और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर चर्चा करते हुए उनके विचारों को याद किया।

संघर्ष और सामाजिक न्याय को लेकर हुई चर्चा

कार्यक्रम के संयोजक एवं समाजवादी शिक्षक सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मणेन्द्र मिश्रा ‘मशाल’ ने कहा कि फूलन देवी का जीवन महिलाओं और वंचित वर्गों के संघर्ष से जुड़ी एक महत्वपूर्ण कहानी के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा कि उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं से समाज को अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा मिलती है।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की ओर से प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर फूलन देवी की जयंती मनाई जा रही है। कार्यक्रम में उनके राजनीतिक जीवन और लोकसभा सांसद के रूप में निभाई गई भूमिका का भी उल्लेख किया गया।

ये लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम के आयोजन में शिव रतन निषाद और संतोष निषाद की भूमिका रही। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव कमरुज्जमा, जोन प्रभारी राकेश दूबे, छात्रसभा के राष्ट्रीय सचिव अजय चौरसिया, प्रदेश सचिव मंजूर खान सहित महिबुल्ला, राजू निषाद, मदन निषाद, राम रतन निषाद, राजेश निषाद, श्यामू निषाद, महेश निषाद, राजेन्द्र निषाद और रामविलास निषाद समेत अन्य कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान फूलन देवी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके जीवन और संघर्ष को याद किया गया। आयोजन शांतिपूर्ण एवं गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ।

नोट: यह समाचार उपलब्ध कार्यक्रम संबंधी जानकारी के आधार पर स्वतंत्र रूप से तैयार किया गया है। इसमें किसी व्यक्ति के संबंध में कोई आपत्तिजनक या अप्रमाणित आरोप नहीं लगाया गया है।

 

सिद्धार्थनगर में ‘युवा संवाद’ से गूंजा राष्ट्र निर्माण का संदेश

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संघ के शताब्दी वर्ष पर जुटे युवा, अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वान्तरंजन ने कहा—युवा शक्ति देश के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी

सिद्धार्थनगर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर सिद्धार्थनगर में ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, स्वयंसेवकों और मातृशक्ति ने सहभागिता की। संवाद के दौरान राष्ट्र निर्माण, सामाजिक जिम्मेदारी, अनुशासन, सेवा और भारतीय संस्कृति जैसे विषयों पर युवाओं से संवाद किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वान्तरंजन उपस्थित रहे। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश की युवा शक्ति भारत के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। युवाओं को राष्ट्र, समाज और संस्कृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता से ही मजबूत और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।


| युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर जोर

युवा संवाद में युवाओं से भारतीय संस्कृति, परंपराओं और देश के इतिहास को समझने का आह्वान किया गया। वक्ता ने युवाओं के जीवन में अनुशासन, सेवा, सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति जैसे मूल्यों को महत्वपूर्ण बताते हुए इन्हें व्यवहार में उतारने की बात कही।

संघ के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद और संपर्क को व्यापक बनाने पर भी जोर दिया गया।


| सवाल-जवाब में सामने आई युवाओं की जिज्ञासा

कार्यक्रम केवल संबोधन तक सीमित नहीं रहा। ‘युवा संवाद’ के दौरान उपस्थित युवाओं ने राष्ट्र और समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे और सवाल किए। मुख्य वक्ता की ओर से युवाओं के प्रश्नों पर संवाद करते हुए उन्हें समाजहित में सक्रिय योगदान के लिए प्रेरित किया गया।

बड़ी संख्या में युवाओं की रही सहभागिता

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता, स्वयंसेवक और गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभागार में युवाओं की मौजूदगी से कार्यक्रम में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. रत्नाकर पाण्डेय ने की। संचालन जिला सह कार्यवाह मनोज ने किया, जबकि मंच पर विभाग संघचालक रामचंद्र चौधरी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के संयोजक जिला विद्यार्थी कार्य प्रमुख सौरभ त्रिपाठी रहे। कार्यक्रम की प्रस्तावना अभय सिंह ने रखी।


| शताब्दी वर्ष में संवाद पर फोकस

कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं के साथ संवाद स्थापित करने और उन्हें सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। आयोजकों के अनुसार, युवा संवाद का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र और समाज के प्रति अपनी भूमिका को समझने तथा सकारात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना रहा।

मंच से दिया सेवा और अनुशासन का संदेश

मुख्य वक्ता ने युवाओं से भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति समझ विकसित करने के साथ सामाजिक जीवन में सेवा और अनुशासन को महत्व देने का आह्वान किया।

उन्होंने युवाओं को देश के गौरवशाली इतिहास से परिचित होने और वर्तमान समय में समाज के लिए सकारात्मक भूमिका निभाने की बात कही।

कार्यक्रम में मौजूद युवाओं और अन्य प्रतिभागियों ने भी संवाद में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

कार्यक्रम में ये प्रमुख लोग रहे मौजूद

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार कार्यक्रम में प्रांत प्रचारक प्रमुख डॉ. अवधेश, विभाग प्रचारक राजीव नयन, सह विभाग प्रचारक अजीत, जिला प्रचारक राघवेंद्र, नगर प्रचारक सौरभ, जिला कार्यवाह शिवेंद्र, सह विभाग कार्यवाह हरिश्चन्द्र, सह जिला कार्यवाह अविनाश, मातृशक्ति प्रमुख सीमा मिश्रा, राष्ट्रीय स्वयंसेविका समिति की विभाग कार्यवाहिका उमा सिंह सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

इसके अलावा विकास पाण्डेय, नगर कार्यवाह अभय त्रिपाठी, धनञ्जय रस्तोगी, अभिषेक त्रिपाठी, डॉ. मयंक कुशवाहा, आनंद शिवा पाण्डेय, पंकज सिंह, विपुल सिंह, मनीष राय, प्रदीप दुबे, वाचस्पति मिश्र, शशिकांत द्विवेदी, प्रवीण मिश्रा, राम प्रकाश त्रिपाठी, विवेक श्रीवास्तव, सुरेश रैना, अभिषेक पाण्डेय, रणजीत चौधरी, अमित श्रीवास्तव, सत्यम द्विवेदी, सुरेश गुप्ता, धीरेन्द्र, सत्यम शुक्ला, विश्वजीत पाण्डेय, महेश्वर पाण्डेय और सूरज जायसवाल समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

सारांश

सिद्धार्थनगर में संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सेवा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। मुख्य वक्ता स्वान्तरंजन ने युवाओं को देश के भविष्य की महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए सकारात्मक एवं रचनात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, स्वयंसेवक और मातृशक्ति शामिल हुए।

छोटी दमदार हेडिंग

युवा संवाद में गूंजा राष्ट्र निर्माण का संदेश

English Heading

#Siddharthnagar #YuvaSamvad #RSS #YouthDialogue #SiddharthnagarNews #UPNews

फोटो कैप्शन

सिद्धार्थनगर में आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद वक्ता एवं सभागार में उपस्थित प्रतिभागी।

 

सिद्धार्थनगर की ‘रामकटोरी’ को मिलेगी नई उड़ान, जिले की मिठास को ब्रांड बनाने में जुटे स्थानीय कारोबारी

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ODOC में चयन के बाद बढ़ा उत्साह, युवा कंटेंट क्रिएटर्स ने संभाली डिजिटल प्रचार की कमान
सिद्धार्थनगर। काला नमक चावल के बाद अब सिद्धार्थनगर की पारंपरिक मिठाई ‘रामकटोरी’ जिले की नई पहचान बनने की राह पर है। एक जिला, एक उत्पाद (ODOC) योजना में रामकटोरी को स्थान मिलने के बाद स्थानीय मिष्ठान कारोबारियों में उत्साह बढ़ा है। इसी कड़ी में स्थानीय व्यवसायी कृष्णा कुमार गुप्ता की ओर से रामकटोरी को जिले की सीमाओं से बाहर प्रदेश और देश तक पहुंचाने की मुहिम शुरू की गई है।
इस पहल को डिजिटल मंच से गति देने के लिए रविवार, 9 अगस्त को सिद्धार्थनगर में क्रिएटर मीटअप आयोजित किया गया, जिसमें जिले के साथ-साथ आसपास के जनपदों से आए युवा कंटेंट क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का फोकस साफ था—स्थानीय मिठाई को स्थानीय बाजार तक सीमित रखने के बजाय उसकी कहानी, स्वाद और पहचान को सोशल मीडिया के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना।
लीड | परंपरा से ब्रांड तक का सफर
सिद्धार्थनगर की पहचान लंबे समय से काला नमक चावल से जुड़ी रही है। अब रामकटोरी को भी जिले की पहचान के रूप में स्थापित करने की कोशिश शुरू हुई है। ODOC में चयन के बाद स्थानीय कारोबारियों ने इसे अवसर के रूप में लिया है।
कृष्णा स्वीट्स से जुड़े कृष्णा कुमार गुप्ता के अनुसार, उनका प्रतिष्ठान लंबे समय से रामकटोरी तैयार कर रहा है और अब इसे बड़े स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
इनसेट | 40 साल पुराना कारोबार, अब नई सोच
आयोजकों के मुताबिक कृष्णा कुमार गुप्ता करीब चार दशक से मिष्ठान कारोबार से जुड़े हैं। उनका कहना है कि रामकटोरी को सिर्फ एक मिठाई के रूप में नहीं, बल्कि सिद्धार्थनगर की स्थानीय पहचान के रूप में लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है।
इसी उद्देश्य से युवा डिजिटल क्रिएटर्स को कार्यक्रम में जोड़ा गया, ताकि स्थानीय उत्पाद की कहानी सोशल मीडिया के माध्यम से दूर-दराज के लोगों तक पहुंच सके।
क्रिएटर मीटअप में जुटे आसपास के जिलों के युवा
कार्यक्रम में सिद्धार्थनगर के अलावा महाराजगंज, बलरामपुर, गोरखपुर और संत कबीर नगर समेत आसपास के जिलों से करीब दो दर्जन कंटेंट क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के शामिल होने की जानकारी दी गई।
क्रिएटर्स को रामकटोरी के इतिहास, इसकी विशेषताओं और तैयार करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद लाइव सेटअप के माध्यम से देशी घी से तैयार रामकटोरी का स्वाद भी चखाया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मिठाई खिलाना नहीं, बल्कि क्रिएटर्स को उत्पाद की पूरी कहानी से जोड़ना था, ताकि वे इसे अपनी डिजिटल सामग्री के माध्यम से लोगों तक पहुंचा सकें।
इनबॉक्स | रामकटोरी के कितने फ्लेवर?
आयोजक कृष्णा कुमार की ओर से दावा किया गया कि उनके प्रतिष्ठान पर देशी घी से तैयार रामकटोरी करीब 10 अलग-अलग फ्लेवर में उपलब्ध है।
उनका कहना है कि अलग-अलग स्वाद और उम्र के लोगों की पसंद को ध्यान में रखते हुए इसके विभिन्न फ्लेवर तैयार किए गए हैं।
महिला क्रिएटर्स की भी रही भागीदारी
कार्यक्रम में महिला कंटेंट क्रिएटर्स की भी अच्छी भागीदारी रही। क्रिएटर्स ने स्थानीय उत्पादों को डिजिटल माध्यम से बढ़ावा देने की पहल को जिले के युवाओं के लिए उपयोगी बताया।
उनका कहना था कि किसी क्षेत्र की पहचान केवल बड़े उद्योगों से नहीं बनती, बल्कि स्थानीय उत्पाद, स्थानीय हुनर और उसकी कहानी भी उस क्षेत्र को अलग पहचान दिला सकती है।
कार्यक्रम में कई प्रमुख लोग हुए शामिल
कार्यक्रम में गोरखपुर से इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर डॉ. सैफ असलम और भोजपुरी गायिका आस्था त्रिपाठी के शामिल होने की जानकारी दी गई।
इसके अलावा समाजसेवी, व्यापारी और अन्य स्थानीय लोग भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। इनमें चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं बुद्ध विद्यापीठ डिग्री कॉलेज के प्रबंधक राजेश चंद्र शर्मा, टीम यशोभूमि के प्रबंधक संतोष श्रीवास्तव, व्यवसायी राजन कसौधन, रवि अग्रहरि, शुभम पैराडाइस के शुभम श्रीवास्तव और उज्जवल श्रीवास्तव, जावेद अख्तर, जेन कंप्यूटर के वामिक सर तथा श्री कृष्णा आयुर्वेदिक चिकित्सालय के वैद्य डॉ. सौरभ गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के समापन पर शामिल कंटेंट क्रिएटर्स को सम्मानित भी किया गया।
स्थानीय मिठाई से जिले की पहचान तक की कोशिश
रामकटोरी को ODOC में स्थान मिलने के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती इसे केवल सरकारी सूची तक सीमित न रहने देने की है। इसके लिए स्थानीय कारोबारियों के साथ-साथ डिजिटल क्रिएटर्स की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
यदि रामकटोरी की पारंपरिक पहचान, स्वाद, निर्माण प्रक्रिया और स्थानीय जुड़ाव को प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाया जाता है तो यह सिद्धार्थनगर के लिए एक नए स्थानीय ब्रांड की संभावनाएं पैदा कर सकती है।
आयोजकों की उम्मीद है कि जिस तरह काला नमक चावल ने सिद्धार्थनगर को अलग पहचान दिलाई, उसी तरह रामकटोरी भी जिले की ‘मिठास’ को प्रदेश और देश तक पहुंचाने में कामयाब होगी।
सारांश | खबर की 5 बड़ी बातें
• सिद्धार्थनगर की पारंपरिक मिठाई रामकटोरी का ODOC में चयन।
• स्थानीय कारोबारियों में बढ़ा उत्साह।
• डिजिटल प्रचार के लिए क्रिएटर मीटअप आयोजित।
• आसपास के जिलों से करीब दो दर्जन कंटेंट क्रिएटर्स की भागीदारी।
• रामकटोरी को सिद्धार्थनगर की नई पहचान और बड़े ब्रांड के रूप में स्थापित करने की कोशिश।
फैक्ट बॉक्स | ODOC क्या है?
एक जिला, एक उत्पाद (One District One Product) पहल का उद्देश्य किसी क्षेत्र के विशिष्ट स्थानीय उत्पादों को पहचान, बाजार और व्यापक पहुंच दिलाने के लिए प्रोत्साहित करना है। सिद्धार्थनगर में काला नमक चावल के बाद रामकटोरी को लेकर भी स्थानीय स्तर पर इसी तरह की पहचान बनाने की कोशिश सामने आई है।
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सिद्धार्थनगर में आयोजित क्रिएटर मीटअप में स्थानीय कंटेंट क्रिएटर्स एवं अतिथियों के साथ आयोजक।
छोटी दमदार हेडिंग
रामकटोरी बनेगी सिद्धार्थनगर की नई पहचान!

खौलती दाल बनी हादसे की वजह, मिड-डे मील के दौरान 6 छात्र झुलसे LEAD सिद्धार्थनगर जनपद के बर्डपुर नंबर-14 क्षेत्र स्थित कंपोजिट विद्यालय लमतिहवा

 

सिद्धार्थनगर जनपद के बर्डपुर नंबर-14 क्षेत्र स्थित कंपोजिट विद्यालय लमतिहवा में गुरुवार को मिड-डे मील वितरण के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। रसोइया के हाथ से खौलती दाल का भगौना फिसलकर गिर गया, जिससे छह छात्र झुलस गए। पांच बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया, जबकि एक बच्चे का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। घटना के बाद शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है।

खौलती दाल का भगौना गिरा, छह मासूम झुलसे

मिड-डे मील वितरण के दौरान हुआ हादसा, एक बच्चे का उपचार जारी

सिद्धार्थनगर। बर्डपुर नंबर-14 क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय लमतिहवा में गुरुवार को मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) वितरण के दौरान एक दर्दनाक दुर्घटना हो गई। विद्यालय में बच्चों को भोजन परोसने के लिए रसोइया खौलती हुई दाल का भगौना लेकर जा रही थी। इसी दौरान उसका हाथ फिसल गया और भगौना नीचे गिर पड़ा। खौलती दाल की चपेट में आने से छह छात्र झुलस गए।

घटना के बाद विद्यालय में अफरा-तफरी मच गई। विद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों ने तत्काल घायल बच्चों को उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया।

चिकित्सकों के अनुसार पांच बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि एक गंभीर रूप से झुलसे बच्चे का उपचार जिला अस्पताल में जारी है।

घटना की सूचना मिलते ही बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेंद्र कुमार जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल बच्चों का हालचाल जाना, चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली तथा आवश्यक विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा दाल का भगौना हाथ से फिसल जाने के कारण हुआ। मामले में संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक जांच एवं औपचारिक कार्रवाई की जा रही है।


घटना: मिड-डे मील वितरण के दौरान हादसा

स्थान: कंपोजिट विद्यालय लमतिहवा, बर्डपुर नं.-14, सिद्धार्थनगर

घायल छात्र: 6

प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजे गए: 5

गंभीर घायल: 1

अस्पताल: जिला अस्पताल, सिद्धार्थनगर

प्रशासनिक कार्रवाई: बीएसए ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा


कंपोजिट विद्यालय लमतिहवा में मिड-डे मील परोसते समय खौलती दाल का भगौना गिरने से छह बच्चे झुलस गए। पांच बच्चों को उपचार के बाद घर भेज दिया गया, जबकि एक बच्चे का इलाज जारी है। शिक्षा विभाग ने घटना का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।

टिप्पणी

विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना बच्चों के पोषण और शिक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है। ऐसे हादसे यह संकेत देते हैं कि भोजन वितरण के दौरान सुरक्षा मानकों और व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा आवश्यक है। घटना के कारणों की निष्पक्ष जांच और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाना आवश्यक होगा।

 

दूधवानिया खुर्द में जाम नालियां, गलियों में गंदगी; ग्रामीणों ने उठाए सफाई व्यवस्था पर सवाल

बारिश ने बढ़ाई परेशानी, नालियों में जमा गंदा पानी और कूड़ा; ग्रामीणों का दावा—कई महीनों से नियमित सफाई नहीं, जिम्मेदारों से कार्रवाई की मांग

बढ़नी/सिद्धार्थनगर। स्वच्छता और गांवों में बेहतर बुनियादी सुविधाओं के सरकारी प्रयासों के बीच विकास खंड बढ़नी की ग्राम पंचायत दूधवानिया खुर्द से सामने आई तस्वीरों ने स्थानीय सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांव के कुछ हिस्सों में नालियों में गंदा पानी ठहरा दिखाई दे रहा है। कहीं प्लास्टिक और कूड़ा जमा है तो कहीं नालियों के किनारे उगी घास जल निकासी की समस्या को और गंभीर बनाती नजर आ रही है।

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण बरसात में परेशानी बढ़ गई है। जल निकासी बाधित होने से कई स्थानों पर गंदा पानी जमा रहता है और दुर्गंध तथा मच्छरों से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


तस्वीरों में दिखी जमीनी स्थिति

स्थानीय स्तर से उपलब्ध कराई गई तस्वीरों में गांव के अलग-अलग स्थानों पर नालियों में गंदा पानी, प्लास्टिक और अन्य कचरा जमा दिखाई दे रहा है। कुछ जगह नालियां घास और झाड़ियों से घिरी हुई हैं।

हालांकि इन तस्वीरों के आधार पर यह निर्धारित नहीं किया जा सकता कि गांव की पूरी सफाई व्यवस्था कितने समय से ऐसी है या इसके लिए किस स्तर पर जिम्मेदारी बनती है। इन पहलुओं की पुष्टि संबंधित विभाग और ग्राम पंचायत के अभिलेखों तथा स्थलीय जांच से होनी चाहिए।


ग्रामीण बोले—कई महीनों से बनी है समस्या

ग्रामीणों का दावा है कि नालियों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। उनका कहना है कि नियमित सफाई और जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश के दिनों में समस्या और बढ़ जाती है।

ग्रामीण बबलू गुप्ता, अनिल सैनी, पूजी यादव, जटा शंकर वर्मा, विनय सैनी, सुकदेव गौतम और लालू साहनी ने प्रशासन से समस्या का संज्ञान लेकर सफाई कराने की मांग की है।


गंदा पानी और मच्छर बने चिंता का कारण

स्थानीय लोगों का कहना है कि नालियों में गंदा पानी जमा रहने से दुर्गंध और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है। ग्रामीणों ने इससे बीमारी फैलने की आशंका भी जताई है।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि डेंगू, मलेरिया या किसी अन्य बीमारी के वास्तविक प्रसार की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों से ही हो सकती है। ग्रामीणों द्वारा फिलहाल बीमारी फैलने की आशंका व्यक्त की गई है।


सवाल सिर्फ गंदगी का नहीं, जवाबदेही का भी

दूधवानिया खुर्द की तस्वीरों से सामने आ रही समस्या केवल गंदगी तक सीमित नहीं है। सवाल यह भी है कि गांव में नालियों की नियमित सफाई का निर्धारित रोस्टर क्या है? सफाई कर्मचारी कितनी नियमितता से गांव पहुंच रहे हैं? अंतिम बार नालियों की व्यापक सफाई कब कराई गई? और जल निकासी की स्थायी समस्या दूर करने के लिए ग्राम पंचायत के स्तर पर क्या कदम उठाए गए?

इन सवालों का जवाब ग्राम पंचायत और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।


सरकारी धन पर आरोप, जांच के बिना निष्कर्ष नहीं

कुछ ग्रामीणों ने गांव के विकास और सफाई के लिए मिलने वाले सरकारी धन के समुचित उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

हालांकि सिर्फ नालियों की मौजूदा स्थिति के आधार पर सरकारी धन के दुरुपयोग या वित्तीय अनियमितता का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इसके लिए स्वीकृत बजट, भुगतान, कार्यों के अभिलेख और स्थलीय सत्यापन की आवश्यकता होगी।

यदि ग्रामीणों की शिकायतों के आधार पर प्रशासन जांच कराता है तो स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।


विशेष सफाई अभियान चलाने की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में विशेष सफाई अभियान चलाने, जाम नालियों की सफाई कराने और जहां आवश्यक हो वहां क्षतिग्रस्त नालियों की मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।

साथ ही ग्रामीणों का कहना है कि यदि सफाई व्यवस्था में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

सारांश

स्थान: ग्राम पंचायत दूधवानिया खुर्द, विकास खंड बढ़नी

समस्या: नालियों में गंदा पानी एवं कूड़ा जमा होने की शिकायत

ग्रामीणों का दावा: लंबे समय से नियमित सफाई नहीं

तस्वीरों में: नालियों में पानी, कचरा और कई स्थानों पर घास-झाड़ियां

ग्रामीणों की चिंता: दुर्गंध, मच्छर और संक्रमण का संभावित खतरा

मांग: विशेष सफाई अभियान एवं जल निकासी की व्यवस्था

अन्य आरोप: विकास/सफाई व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

स्थिति: संबंधित ग्राम पंचायत/अधिकारियों का पक्ष लिया जाना शेष


तस्वीरें सवाल पूछ रही हैं, जवाब जिम्मेदारों को देना होगा

स्वच्छता किसी गांव की केवल सुंदरता का विषय नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और नागरिक सुविधा से जुड़ा बुनियादी मुद्दा है। दूधवानिया खुर्द से सामने आई तस्वीरों में यदि नालियों में जमा पानी और कचरे की स्थिति नियमित रूप से बनी हुई है, तो संबंधित जिम्मेदारों को इसका समाधान प्राथमिकता से करना चाहिए।

साथ ही आरोपों की निष्पक्ष जांच भी जरूरी है। बिना अभिलेखीय जांच किसी पर सरकारी धन के दुरुपयोग या भ्रष्टाचार का आरोप स्थापित नहीं किया जा सकता। प्रशासन को ग्रामीणों की शिकायत का सत्यापन कराकर सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए और यदि कहीं वास्तविक लापरवाही मिले तो नियमानुसार जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

नोट: खबर स्थानीय ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी एवं उपलब्ध तस्वीरों पर आधारित है। संबंधित ग्राम पंचायत/अधिकारी का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।

 

भारत-नेपाल सीमा पर यूरिया की बड़ी खेप पकड़ी, 40 बोरी खाद और ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद

 

अलीगढ़वा बॉर्डर पर SSB-पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; नेपाल की ओर जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका, एक व्यक्ति पकड़ा गया, दूसरा मौके से भागा—SSB

सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर यूरिया खाद की कथित अवैध आवाजाही के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई की है। 43वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) की सीमा चौकी अलीगढ़वा और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त विशेष गश्ती के दौरान 40 बोरी यूरिया खाद और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। एसएसबी के मुताबिक मौके से एक व्यक्ति को पकड़ा गया, जबकि दूसरा व्यक्ति ड्यूटी पार्टी को देखकर भाग गया।

एसएसबी द्वारा जारी सूचना के अनुसार, यह कार्रवाई 2 अगस्त 2026 को प्राप्त आसूचना के आधार पर की गई। एसएसबी और उत्तर प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम सीमा स्तंभ संख्या 549 के समीप बड़ा ठाकुरपुर इलाके में विशेष गश्ती ड्यूटी पर तैनात थी।

इसी दौरान सामान लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली नेपाल की तरफ जाती दिखाई दी। एसएसबी का दावा है कि ट्रैक्टर पर दो व्यक्ति सवार थे। संयुक्त टीम को देखकर उनमें से एक व्यक्ति मौके से भाग गया, जबकि दूसरे को टीम ने पकड़ लिया।


| ट्रैक्टर-ट्रॉली में मिलीं 40 बोरी यूरिया

एसएसबी के मुताबिक ट्रैक्टर-ट्रॉली के पास पहुंचकर जांच की गई तो उसमें 40 बोरी यूरिया खाद लदी मिली। पकड़े गए व्यक्ति से खाद के संबंध में पूछताछ की गई। एसएसबी का कहना है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर यूरिया खाद और ट्रैक्टर-ट्रॉली को बरामद कर लिया गया।


क्या-क्या हुआ बरामद?

कार्रवाई: SSB और यूपी पुलिस की संयुक्त विशेष गश्त

स्थान: सीमा स्तंभ संख्या 549 के समीप बड़ा ठाकुरपुर

बरामदगी: 40 बोरी यूरिया खाद

वाहन: एक ट्रैक्टर-ट्रॉली

पकड़ा गया: एक व्यक्ति

अन्य व्यक्ति: SSB के अनुसार मौके से भागा

अगली कार्रवाई: बरामद सामान, वाहन और पकड़ा गया व्यक्ति कपिलवस्तु पुलिस को सुपुर्द


नेपाल की तरफ जाने की कोशिश का दावा

एसएसबी की ओर से जारी विवरण में दावा किया गया है कि यूरिया खाद से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली नेपाल की तरफ जाने की कोशिश कर रही थी। हालांकि खाद कहां से लाई गई, उसका वास्तविक गंतव्य क्या था और उसके परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मौजूद थे या नहीं—इन तथ्यों की अंतिम स्थिति संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।


पकड़े गए व्यक्ति की पहचान बताई

एसएसबी द्वारा जारी प्रेस सूचना के मुताबिक पकड़े गए व्यक्ति ने पूछताछ में अपना नाम तबारक अली पुत्र स्व. मुमताज अली, उम्र करीब 37 वर्ष, निवासी ग्राम महादेव कुर्मी, बर्डपुर, थाना कपिलवस्तु, जनपद सिद्धार्थनगर बताया।

यह उल्लेख जरूरी है कि पकड़े जाने या किसी वस्तु की बरामदगी मात्र से किसी व्यक्ति का अपराध न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं हो जाता। मामले में उसकी भूमिका और कानूनी जिम्मेदारी का निर्धारण जांच एवं सक्षम न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।


बॉर्डर पर यूरिया की आवाजाही ने खड़े किए सवाल

भारत-नेपाल की खुली सीमा से सटे इलाकों में खाद की आवाजाही पर सुरक्षा एजेंसियों की यह कार्रवाई कई सवाल खड़े करती है। आखिर 40 बोरी यूरिया कहां से लाई गई थी? इसे कहां पहुंचाया जाना था? क्या इसके परिवहन से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध थे? और एसएसबी के मुताबिक मौके से भागने वाला दूसरा व्यक्ति कौन था?

इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।



एसएसबी के अनुसार बरामद 40 बोरी यूरिया खाद, ट्रैक्टर-ट्रॉली और पकड़े गए व्यक्ति को थाना कपिलवस्तु पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। आगे की आवश्यक विधिक कार्रवाई संबंधित पुलिस द्वारा की जानी है।

SSB का दावा | सीमा पर लगातार निगरानी

43वीं वाहिनी एसएसबी का कहना है कि भारत-नेपाल सीमा पर अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। बल के मुताबिक तस्करी के सामान, मानव तस्करी, नशीले पदार्थ/दवाओं की अवैध आवाजाही, अवैध मुद्रा और वन्यजीव से जुड़े मामलों सहित अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।


जांच बताएगी 40 बोरी यूरिया की पूरी कहानी

सीमावर्ती क्षेत्र में किसानों के लिए महत्वपूर्ण यूरिया खाद की इतनी मात्रा नेपाल सीमा की ओर ले जाए जाने संबंधी एसएसबी की सूचना निश्चित रूप से जांच का विषय है। सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ यह पता लगाना भी जरूरी होगा कि खाद का स्रोत क्या था, इसे कहां ले जाया जा रहा था और परिवहन के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था।

मौके से एक व्यक्ति के भागने संबंधी एसएसबी के दावे की भी जांच महत्वपूर्ण होगी। निष्पक्ष जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों से ही इस पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी।

सारांश

घटना: यूरिया खाद के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़े जाने का दावा

दिनांक: 02 अगस्त 2026

स्थान: बड़ा ठाकुरपुर, सीमा स्तंभ संख्या 549 के समीप

एजेंसी: 43वीं वाहिनी SSB एवं उत्तर प्रदेश पुलिस

बरामदगी: 40 बोरी यूरिया खाद और ट्रैक्टर-ट्रॉली

कार्रवाई: एक व्यक्ति पकड़ा गया

SSB का दावा: दूसरा व्यक्ति मौके से भागा

स्थिति: मामला कपिलवस्तु पुलिस को सुपुर्द, आगे की विधिक कार्रवाई अपेक्षित

 

चिल्हिया में रेलवे ट्रैक पर मिला अज्ञात युवक का शव, इलाके में सनसनी; शिनाख्त में जुटी पुलिस

स्टेशन मास्टर के मेमो पर पहुंची चिल्हिया पुलिस, करीब 30 वर्षीय युवक की अभी नहीं हो सकी पहचान; मौत की परिस्थितियां जांच का विषय

सिद्धार्थनगर/चिल्हिया। चिल्हिया थाना क्षेत्र में मंगलवार तड़के रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। ग्राम गौहनिया के पास रेलवे ट्रैक पर मिले शव की उम्र करीब 30 वर्ष बताई जा रही है। सूचना मिलने के बाद चिल्हिया पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त कराने के प्रयास के साथ आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, 04 अगस्त 2026 को रात करीब 2 बजे चिल्हिया रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर ने मेमो के माध्यम से स्थानीय थाना पुलिस को ग्राम गौहनिया के पास रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात युवक का शव मिलने की सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान तत्काल नहीं हो सकी। शव को पुलिस अभिरक्षा में लेकर उसकी शिनाख्त कराने तथा मामले में अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।


शरीर पर अंडरवियर के अलावा नहीं मिले अन्य कपड़े

पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक की उम्र करीब 30 वर्ष आंकी जा रही है। शव मिलने के समय युवक के शरीर पर अंडरवियर के अलावा अन्य कपड़े नहीं पाए गए। यह परिस्थिति जांच का विषय है। इसके आधार पर मौत के कारण या घटनाक्रम को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना फिलहाल उचित नहीं होगा।


रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचा युवक?

इस घटना में सबसे बड़ा सवाल है कि अज्ञात युवक रेलवे ट्रैक तक कब और किन परिस्थितियों में पहुंचा। उसकी मौत किसी रेल दुर्घटना के कारण हुई अथवा इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति रही—इस संबंध में उपलब्ध प्रारंभिक सूचना में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

ऐसे में मौत को दुर्घटना, आत्महत्या, हत्या या किसी अन्य कारण से जोड़ना जांच पूरी होने से पहले महज अटकल होगी। पुलिस की जांच और संबंधित विधिक प्रक्रिया के बाद ही मौत की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।


पहचान बनी पुलिस के सामने पहली चुनौती

मृतक की शिनाख्त इस मामले की अहम कड़ी है। पहचान होने के बाद उसके परिजनों से संपर्क, युवक की पृष्ठभूमि और घटना से पहले उसकी गतिविधियों के संबंध में जानकारी मिलने की संभावना है। पुलिस फिलहाल मृतक की पहचान कराने का प्रयास कर रही है।


| प्रत्यक्षदर्शियों के दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं

घटनास्थल से जुड़े कुछ प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा मृतक के धर्म/समुदाय को लेकर दावा किए जाने की बात सामने आई है, लेकिन उपलब्ध सूचना के आधार पर उसकी पहचान अभी आधिकारिक रूप से स्थापित नहीं हुई है। इसलिए FT News Digital मृतक की धार्मिक अथवा सामुदायिक पहचान को तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं कर रहा है।

अब इन सवालों के जवाब का इंतजार

अज्ञात युवक कौन था और कहां का रहने वाला था?

वह गौहनिया के पास रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंचा?

शरीर पर अन्य कपड़े क्यों नहीं थे?

उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई?

क्या घटना से पहले किसी ने युवक को आसपास देखा था?

शिनाख्त के बाद क्या सामने आएगा पूरा घटनाक्रम?

इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच, मृतक की शिनाख्त और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

सारांश

स्थान: ग्राम गौहनिया के पास रेलवे ट्रैक, थाना चिल्हिया क्षेत्र

तारीख: 04 अगस्त 2026

समय: लगभग 02:00 बजे रात्रि

मृतक: करीब 30 वर्षीय अज्ञात युवक

सूचना: चिल्हिया रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर द्वारा मेमो के माध्यम से पुलिस को

स्थिति: मृतक की शिनाख्त का प्रयास जारी

पुलिस कार्रवाई: शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई

मौत का कारण: अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं

 

थाईलैंड में सिद्धार्थनगर के खिलाड़ियों का परचम, एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीत बढ़ाया भारत का मान

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बुद्ध की धरती के तीन होनहारों ने अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में दिखाया दम; समर वर्मा बने स्वर्ण विजेता, सात वर्षीय देवम पासवान और दिलीप कुमार पासवान ने जीते रजत पदक

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सिद्धार्थनगर। जिस सिद्धार्थनगर की पहचान पूरी दुनिया में भगवान बुद्ध की धरती के रूप में होती है, उसी धरती के खिलाड़ियों ने अब विदेशी खेल मैदान पर अपनी प्रतिभा की चमक बिखेरी है। थाईलैंड के पटाया में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में सिद्धार्थनगर के तीन खिलाड़ियों ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए एक स्वर्ण और दो रजत पदक हासिल कर जिले के साथ उत्तर प्रदेश और देश का मान बढ़ाया है।

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हाथों में तिरंगा, गले में पदक और चेहरे पर जीत की मुस्कान लिए इन खिलाड़ियों की तस्वीरें सिद्धार्थनगर के लिए गौरव का क्षण बन गई हैं। खास बात यह है कि पदक जीतने वालों में महज सात वर्षीय देवम पासवान भी शामिल हैं, जिन्होंने इतनी कम उम्र में विदेशी धरती पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रजत पदक हासिल किया।

एक नजर में उपलब्धि

प्रतियोगिता: 9वीं हीरोज ताइक्वांडो अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026

स्थान: पटाया, थाईलैंड

आयोजन: 31 जुलाई से 2 अगस्त 2026

समर वर्मा: 🥇 स्वर्ण पदक

देवम पासवान (7 वर्ष): 🥈 रजत पदक

दिलीप कुमार पासवान: 🥈 रजत पदक

🥇 समर वर्मा का स्वर्णिम प्रदर्शन, तिरंगे के साथ मनाया जीत का जश्न

प्रतियोगिता में समर वर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली यह कामयाबी न सिर्फ उनके खेल जीवन की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि सिद्धार्थनगर के लिए भी गर्व का विषय है।

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गले में स्वर्ण पदक और पीछे फैला भारतीय तिरंगा—समर की यह तस्वीर उस मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास की कहानी कह रही है, जिसने सिद्धार्थनगर के खिलाड़ी को थाईलैंड में विजेता बनाया।

IMG 20260804 WA0248 सात साल के देवम का बड़ा कमाल

इस सफलता की सबसे प्रेरक कहानियों में सात वर्षीय देवम पासवान का नाम भी शामिल है।

जिस उम्र में अधिकांश बच्चे खेल-कूद की शुरुआती बारीकियां सीखते हैं, उस उम्र में देवम अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने पहुंचे। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार देवम ने मेजबान थाईलैंड के खिलाड़ी को कड़ी चुनौती दी और रजत पदक अपने नाम किया।

छोटी सी उम्र… अंतरराष्ट्रीय मंच… सामने विदेशी प्रतिद्वंद्वी और कंधों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी—इन सबके बीच देवम का पदक तक पहुंचना उनकी प्रतिभा और हौसले को दर्शाता है।

नन्हे चैंपियन की बड़ी उड़ान

सिर्फ सात साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व और रजत पदक—देवम पासवान की उपलब्धि जिले के दूसरे बच्चों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है।

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दिलीप कुमार पासवान ने भी प्रतियोगिता में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिलीप कुमार पासवान ने पाकिस्तान के खिलाड़ी के खिलाफ मुकाबले में नॉकआउट जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई। इसके बाद फाइनल मुकाबले में उनका सामना श्रीलंका के खिलाड़ी से हुआ।

कड़े संघर्ष के बाद दिलीप कुमार पासवान ने रजत पदक हासिल किया। अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनका यह प्रदर्शन सिद्धार्थनगर के खेल इतिहास में यादगार उपलब्धियों में शामिल होने वाला है।

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37 देशों के खिलाड़ियों के बीच दिखाया दम

उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार 31 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक थाईलैंड के पटाया में आयोजित प्रतियोगिता में 37 देशों के खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया।

ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर सिद्धार्थनगर के तीन खिलाड़ियों का पदक जीतना इस उपलब्धि को और खास बना देता है।

तीनों खिलाड़ियों ने मिलकर भारत के खाते में एक स्वर्ण और दो रजत पदक जोड़े और विदेशी धरती पर सिद्धार्थनगर की खेल प्रतिभा की मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।

सिद्धार्थनगर का गौरव

एक स्वर्ण + दो रजत पदक

छोटे जिले के खिलाड़ियों की बड़ी अंतरराष्ट्रीय उड़ान।

थाईलैंड में तिरंगे के साथ चमका सिद्धार्थनगर का नाम।

तस्वीरें खुद बयां कर रहीं सफलता की कहानी

प्रतियोगिता से सामने आई तस्वीरों में भारतीय खिलाड़ी तिरंगे के साथ अपनी जीत का जश्न मनाते दिखाई दे रहे हैं। कहीं खिलाड़ी पदक और प्रमाणपत्र के साथ खड़े हैं तो कहीं पूरी भारतीय टीम तिरंगा लेकर इस उपलब्धि को साझा कर रही है।

इन तस्वीरों में सिर्फ पदक नहीं हैं—इनमें वर्षों की तैयारी, अभ्यास, अनुशासन और देश के लिए खेलने का गर्व भी दिखाई देता है।

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छोटे शहरों की प्रतिभा को मिले मंच तो दुनिया जीतने का है दम

सिद्धार्थनगर के इन खिलाड़ियों की उपलब्धि एक बड़ा संदेश भी देती है। प्रतिभा केवल महानगरों तक सीमित नहीं है। छोटे जिलों और कस्बों में भी ऐसी प्रतिभाएं मौजूद हैं जिन्हें बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर मिलें तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं।

आज समर वर्मा, देवम पासवान और दिलीप कुमार पासवान की सफलता सिद्धार्थनगर के उन तमाम बच्चों के लिए प्रेरणा बन सकती है जो खेल के मैदान से अपने भविष्य की नई कहानी लिखना चाहते हैं।

सारांश

थाईलैंड की धरती पर मिली यह सफलता केवल तीन पदकों की कहानी नहीं, बल्कि सिद्धार्थनगर से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचे सपनों की कहानी है।

समर का स्वर्ण, देवम और दिलीप के रजत पदक तथा खिलाड़ियों के हाथों में लहराता तिरंगा—यह दृश्य सिद्धार्थनगर के लिए लंबे समय तक गर्व का क्षण बना रहेगा।

बुद्ध की धरती के इन होनहारों ने संदेश दे दिया है—हौसला बड़ा हो, मेहनत लगातार हो और लक्ष्य देश का मान बढ़ाना हो, तो सिद्धार्थनगर से निकली प्रतिभा भी दुनिया के मंच पर अपनी चमक बिखेर सकती है।

 

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