फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
बाढ़ पर अलर्ट मोड में विधायक श्यामधनी राही, गांव-गांव पहुंचकर परखे हालात; अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

IMG 20260723 WA0775

● जोगिया ब्लॉक के बाढ़ संभावित गांवों का किया स्थलीय निरीक्षण।

● नदियों के बढ़ते जलस्तर और तटबंधों का लिया जायजा।

● ग्रामीणों से संवाद कर अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश।

IMG 20260723 WA0779


सिद्धार्थनगर।

कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्यामधनी राही ने जोगिया विकास खंड के बाढ़ संभावित गांवों का दौरा कर हालात का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव की सभी तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए।

पूरी खबर

कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्यामधनी राही ने गुरुवार को विकास खंड जोगिया के भूतहिया, गंगवल, चिरहवां, अमरिया, धोबहा, रीवानानकार, पेड़ारी, पटखौली तथा तालभिलौना सहित कई गांवों का भ्रमण किया।

दौरे के दौरान विधायक ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता से जुड़े मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए और किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए।

विधायक ने क्षेत्र की नदियों, तटबंधों और बाढ़ संभावित स्थानों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बढ़ते जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव की सभी व्यवस्थाएं पहले से तैयार रहें।

श्यामधनी राही ने कहा कि बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाए।

उन्होंने कहा कि कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र की जनता की सुरक्षा, उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान और क्षेत्र का समग्र विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

 

दौरे के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने विधायक के समक्ष स्थानीय समस्याएं भी रखीं, जिनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

सारांश

विधायक श्यामधनी राही ने जोगिया ब्लॉक के बाढ़ संभावित गांवों का स्थलीय निरीक्षण कर ग्रामीणों से संवाद किया और अधिकारियों को बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए।

IMG 20260723 WA0773

 

अंतिम विदाई के बीच दर्दनाक हादसा! बैदौली घाट की तेज धारा में लापता हुए तीन किशोर, जाल डालकर रात तक चलती रही तलाश

IMG 20260723 WA0806


● अंतिम संस्कार के दौरान नदी में स्नान करने उतरे तीन किशोर तेज बहाव में लापता।

● पुलिस, प्रशासन और गोताखोरों ने संभाला मोर्चा, जाल डालकर शुरू हुआ सघन खोज अभियान।

● परिजनों की चीख-पुकार से गूंजा बैदौली घाट, पूरे गांव में पसरा मातम और बेचैनी।

Screenshot 20260723 164627


शोहरतगढ़ (सिद्धार्थनगर)। अंतिम संस्कार के लिए जुटा गांव अचानक चीख-पुकार में बदल गया। बैदौली घाट पर नदी में स्नान करने उतरे तीन किशोर तेज बहाव में लापता हो गए। घटना के बाद पुलिस, प्रशासन और गोताखोरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर नदी में जाल डालकर व्यापक खोज अभियान शुरू किया। देर शाम तक तीनों की तलाश जारी रही।

Screenshot 20260723 164616

पूरी खबर

सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के बैदौली घाट पर गुरुवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई। ग्राम पंचायत माधवापुर के टोला मिझुनिया निवासी कंचन देवी (85) के अंतिम संस्कार के दौरान कुछ युवक नदी में स्नान करने उतर गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान तीन किशोर अचानक गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गए।

लापता युवकों की पहचान शिवा (17) पुत्र राममूरत, रवि (17) पुत्र रामरूप तथा मोनू (18) पुत्र बबलू के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण बैदौली घाट पहुंच गए।

सूचना पर पुलिस, राजस्व विभाग और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। गोताखोरों और स्थानीय मछुआरों की मदद से नदी में जाल डालकर खोज अभियान शुरू किया गया। तेज बहाव के कारण अभियान चुनौतीपूर्ण बना रहा, फिर भी राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी रहा।

क्षेत्रीय विधायक विनय वर्मा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर भेजा गया और खोज अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ अभियान चला रहा है।

थाना प्रभारी नवीन कुमार सिंह ने बताया कि नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण तलाश में कठिनाई आ रही है, लेकिन गोताखोर और बचाव दल लगातार प्रयास कर रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक तीनों किशोरों का पता नहीं चल सका था और खोज अभियान जारी था।

सारांश

बैदौली घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान नदी में स्नान करने उतरे तीन किशोर तेज बहाव में लापता हो गए। पुलिस, प्रशासन, गोताखोर और स्थानीय लोग संयुक्त रूप से तलाश अभियान चला रहे हैं। समाचार लिखे जाने तक तीनों की खोज जारी थी।


यह खबर उपलब्ध तथ्यों, प्रत्यक्षदर्शियों और प्रशासनिक जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। किसी भी अपुष्ट जानकारी को तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे यह रिपोर्ट कानूनी रूप से संतुलित और सुरक्षित रहे।

छत के पास से गुजर रही 11 हजार वोल्ट लाइन बनी हादसे की वजह, दो मासूम झुलसे; ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था और सड़क की बदहाली पर उठाए सवाल

सिद्धार्थनगर जिले के बढ़नी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तौलिहवा के फुलवरिया टोला में घर की छत पर खेल रहे दो बच्चे कथित रूप से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। परिजनों के अनुसार एक बच्चे की हालत चिंताजनक है। घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली लाइन की सुरक्षा व्यवस्था और गांव तक पहुंचने वाले जर्जर मार्ग को लेकर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

Screenshot 20260723 092348

मुख्य समाचार

सिद्धार्थनगर। जिले के बढ़नी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तौलिहवा के फुलवरिया टोला में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शाम लगभग चार बजे घर की छत पर खेल रहे दो मासूम बच्चे पास से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गए, जिससे दोनों गंभीर रूप से झुलस गए।

घायल बच्चों की पहचान प्रिंस (10 वर्ष) पुत्र राजेंद्र तथा ललित (8 वर्ष) पुत्र राम सकल के रूप में बताई गई है। परिजनों के मुताबिक घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने बिजली आपूर्ति बंद कराने के लिए विद्युत विभाग को सूचना दी, जिसके बाद दोनों बच्चों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें एक बच्चे का इलाज जिला अस्पताल सिद्धार्थनगर तथा दूसरे का उपचार इटवा क्षेत्र के अस्पताल में चल रहा है। परिजनों के अनुसार एक बच्चे की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

एम्बुलेंस पहुंचने में हुई परेशानी का दावा

ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचना दी गई थी, लेकिन गांव तक जाने वाला मार्ग अत्यधिक क्षतिग्रस्त होने के कारण एम्बुलेंस घर तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद ग्रामीणों ने निजी वाहन की व्यवस्था कर घायल बच्चे को अस्पताल पहुंचाया। इस संबंध में एम्बुलेंस सेवा अथवा संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी।

ग्रामीणों ने लगाए उपेक्षा के आरोप

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन को सुरक्षित बनाने तथा जर्जर सड़क की मरम्मत कराने की मांग लंबे समय से संबंधित विभागों के समक्ष उठाई जाती रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए होते तो संभवतः इस तरह की घटना टाली जा सकती थी।

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित विभागों की आधिकारिक टिप्पणी की प्रतीक्षा है।

जांच और कार्रवाई की मांग

घटना के बाद क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, यदि कहीं लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा गांव के ऊपर से गुजर रही विद्युत लाइन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त सड़क की शीघ्र मरम्मत कराई जाए।

FT NEWS DIGITAL | तथ्य

दो बच्चे हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से झुलसे।

परिजनों के अनुसार एक बच्चे की हालत गंभीर।

ग्रामीणों ने सड़क और बिजली सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।

संबंधित विभागों की आधिकारिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा।

प्रशासन से जांच और आवश्यक सुरक्षा उपायों की मांग।

 

खेत की मिट्टी से निकला 2314 प्राचीन सिक्कों का खजाना, इतिहास के नए अध्याय की उम्मीद

नेपाल के कपिलवस्तु क्षेत्र में खेत की जुताई के दौरान मिट्टी के भीतर दबा तांबे का एक पारंपरिक करवा मिला, जिसमें 2314 प्राचीन सिक्के सुरक्षित पाए गए। विशेषज्ञों का मानना है कि वैज्ञानिक परीक्षण के बाद इन सिक्कों की वास्तविक आयु, धातु, कालखंड और ऐतिहासिक महत्व स्पष्ट हो सकेगा।

WhatsApp Image 2026 07 22 at 17.29.23


नेपाल के कपिलवस्तु नगर क्षेत्र में खेत की जुताई के दौरान हुई एक असाधारण खोज ने इतिहासकारों और पुरातत्व विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। मिट्टी में दबे तांबे के पारंपरिक करवे से 2314 प्राचीन सिक्के मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में उत्सुकता का माहौल है। बरामद सामग्री को सुरक्षित संरक्षण और वैज्ञानिक अध्ययन के लिए संग्रहालय के सुपुर्द कर दिया गया है।

सारांश (Summary)

खेत की खुदाई के दौरान मिला तांबे का पारंपरिक करवा।

करवे के भीतर मिले 2314 प्राचीन सिक्के।

सिक्कों को सुरक्षित रखकर वैज्ञानिक परीक्षण के लिए संग्रहालय भेजा गया।

विशेषज्ञ परीक्षण के बाद ही सिक्कों के कालखंड और ऐतिहासिक महत्व की आधिकारिक पुष्टि होगी।

खोज से कपिलवस्तु के समृद्ध ऐतिहासिक अतीत पर नए शोध की संभावना बढ़ी।

पूरी खबर

नेपाल के कपिलवस्तु क्षेत्र से सामने आई एक महत्वपूर्ण पुरातात्विक खोज ने इतिहास प्रेमियों और शोधकर्ताओं के बीच नई उत्सुकता पैदा कर दी है। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, नगरपालिक क्षेत्र के एक खेत में कृषि कार्य के दौरान मिट्टी के भीतर दबा तांबे का पारंपरिक करवा मिला। जब इसे सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया तो उसके भीतर बड़ी संख्या में प्राचीन सिक्के सुरक्षित मिले। बाद में गिनती करने पर इनकी संख्या 2314 पाई गई।

घटना की सूचना संबंधित प्रशासन और संग्रहालय विभाग को दी गई। इसके बाद अधिकारियों और विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची तथा बरामद करवे और सभी सिक्कों को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित संरक्षण के लिए संग्रहालय भेज दिया गया। अब इनका वैज्ञानिक परीक्षण, धातु विश्लेषण, संरक्षण और ऐतिहासिक अध्ययन किया जाएगा।

इतिहासकारों का मानना है कि कपिलवस्तु भारतीय उपमहाद्वीप की प्राचीन सभ्यताओं और भगवान गौतम बुद्ध के जीवन से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक माना जाता है। इसी कारण यहां समय-समय पर पुरातात्विक महत्व की वस्तुएं मिलने की घटनाएं सामने आती रही हैं। हालांकि इस बार मिले सिक्कों का संबंध किस राजवंश, किस कालखंड या किस आर्थिक व्यवस्था से है, इसका अंतिम निष्कर्ष केवल विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्राचीन सिक्के केवल मुद्रा नहीं होते, बल्कि वे अपने समय की अर्थव्यवस्था, व्यापार, शासन व्यवस्था, धार्मिक प्रभाव, कला और सांस्कृतिक विकास के महत्वपूर्ण साक्ष्य भी होते हैं। ऐसे सिक्कों के अध्ययन से इतिहास के उन अध्यायों पर भी प्रकाश पड़ सकता है, जिनके बारे में अभी सीमित जानकारी उपलब्ध है।

फिलहाल संग्रहालय प्रशासन ने सभी सिक्कों को सुरक्षित संरक्षण में रखा है। वैज्ञानिक परीक्षण और पुरातात्विक अध्ययन पूरा होने के बाद ही इनके वास्तविक काल, धातु संरचना, ऐतिहासिक महत्व और प्रामाणिकता पर आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

इतिहास से जुड़ी विशेष जानकारी

प्राचीन कपिलवस्तु को शाक्य गणराज्य की राजधानी माना जाता है और इसका उल्लेख बौद्ध ग्रंथों सहित अनेक ऐतिहासिक स्रोतों में मिलता है। यही कारण है कि यह क्षेत्र दक्षिण एशिया के महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों में गिना जाता है। यहां से समय-समय पर प्राप्त अवशेष इस क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की ओर संकेत करते हैं। वर्तमान में मिले सिक्के भी इस विरासत की एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकते हैं, हालांकि इसका अंतिम निर्णय वैज्ञानिक जांच पूरी होने के बाद ही संभव होगा।


यह समाचार उपलब्ध सार्वजनिक सूचनाओं एवं प्रकाशित समाचारों के आधार पर तैयार किया गया है। सिक्कों की आयु, कालखंड, प्रामाणिकता एवं ऐतिहासिक महत्व संबंधी अंतिम पुष्टि संबंधित पुरातत्व विशेषज्ञों और संग्रहालय की आधिकारिक वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट के बाद ही मानी जाएगी।

जिलाधिकारी ने की दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा

सिद्धार्थनगर। आज दिनांक-22.07.2026 को जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता में दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग द्वारा विभिन्न समितियां-जिला दिव्यांग समिति, जिला प्रबंधन समिति, यूनिक डिसेबिलिटी अनुश्रवण समिति, लोकल लेवल कमेटी की बैठक की गई। बैठक में जिलाधिकारी महोदय द्वारा दिव्यांगों को रोजगार से जोड़ने हेतु पर्पल फेयर (रोजगार मेला) लगाने के निर्देश दिए गए। मुख्य चिकित्साधिकारी को दिव्यांग बोर्ड में उचित पेयजल की व्यवस्था रैंप की व्यवस्था एवं https://swavlambancard.gov.in/ पोर्टल पर लम्बित आवेदनो को शत प्रतिशत निस्तारित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिया गया। साथ ही जिलाधिकारी महोदय द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में दिव्यांग प्रकोष्ठ के गठन किए जाने के निर्देश दिया गया। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पुलिस उप अधीक्षक नौगढ़, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी, जिला सेवायोजन अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, प्रबंधक संचित विकास संस्थान, प्रतिनिधि सिद्धार्थ महाविद्यालय कर्मचारीगण आदि उपस्थित रहे।

कमरे में फंदे से लटका मिला युवती का शव, जांच में जुटी पुलिस; परिजनों ने जताई आशंका

रुक्मणी उर्फ रेनू (19) का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। सूचना पर मिश्रौलिया पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए जांच शुरू कर दी है।


मृतका: रुक्मणी उर्फ रेनू (19 वर्ष)

पिता: कन्हैया निषाद

निवासी: ग्राम चेतीया टोला,मरवटीया थाना मिश्रौलिया, जनपद सिद्धार्थनगर

घटना: कमरे में फंदे से लटका मिला शव

पुलिस कार्रवाई: फोरेंसिक जांच, पंचनामा, पोस्टमार्टम

स्थिति: जांच जारी


सिद्धार्थनगर। जनपद के मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के ग्राम चेतीया टोला,मरवटीया जनपद सिद्धार्थनगरमें मंगलवार सुबह 19 वर्षीय युवती का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा आवश्यक साक्ष्य संकलित करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं से की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई होगी।

सारांश

19 वर्षीय युवती का कमरे में मिला शव।

मिश्रौलिया पुलिस व फोरेंसिक टीम ने किया घटनास्थल का निरीक्षण।

शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

परिजनों ने कुछ आशंकाएं जताई हैं।

पुलिस ने किसी भी व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि नहीं की है।

जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे होगी कार्रवाई।

पूरी खबर

सिद्धार्थनगर जनपद के ग्राम चेतीया टोला,मरवटीया थाना मिश्रौलिया, जनपद सिद्धार्थनगर में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक 19 वर्षीय युवती का शव उसके घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना पर मिश्रौलिया थाना पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।

मृतका की पहचान रुक्मणी उर्फ रेनू (19 वर्ष) पुत्री कन्हैया निषाद निवासी ग्राम मरवटीया के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो आवाज लगाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा खुलवाया गया, जहां युवती का शव फंदे से लटका मिला।

पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए घटनास्थल का निरीक्षण कराया और फोरेंसिक टीम से साक्ष्य संकलित कराए। इसके बाद पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

मृतका के पिता कन्हैया निषाद ने बताया कि लगभग छह माह पूर्व उनकी पुत्री की मंगनी बांसी तहसील क्षेत्र के पूर्व गोनहा गांव निवासी युवक से हुई थी। उनका कहना है कि दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत होती थी, जिसको लेकर परिवार में आपत्ति भी थी। पिता ने घटना को लेकर कुछ आशंकाएं व्यक्त की हैं।

हालांकि, परिजनों द्वारा व्यक्त की गई आशंकाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने फिलहाल किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध आरोप की पुष्टि नहीं की है और न ही किसी को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

मिश्रौलिया पुलिस का कहना है कि परिजनों से प्राप्त तहरीर के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की गई है। फोरेंसिक टीम द्वारा साक्ष्य संकलित किए गए हैं तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

टिप्पणी

यह घटना एक परिवार के लिए अत्यंत दुखद है। ऐसे मामलों में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच एजेंसियों को अपना कार्य पूरा करने देना आवश्यक है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और जांच के निष्कर्ष ही घटना की वास्तविक परिस्थितियों को स्पष्ट करेंगे। पत्रकारिता की जिम्मेदारी भी यही है कि अपुष्ट आरोपों को तथ्य के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय केवल जांच से प्रमाणित तथ्यों को ही प्रमुखता दी जाए।

(यह खबर कानूनी रूप से संतुलित है। इसमें किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया गया है, बल्कि पुलिस और परिजनों के पक्ष को अलग-अलग स्पष्ट करते हुए जांच जारी होने का उल्लेख किया गया है।)

मनरेगा अनियमितता पर डीएम का बड़ा प्रहार, हरैया के प्रशासक हटाए गए

डीएम का बड़ा एक्शन: हरैया ग्राम पंचायत के प्रशासक पद से अब्दुल कयूम हटाए गए, मनरेगा अनियमितता मामले में कार्रवाई

IMG 20260722 WA0504


मनरेगा कार्यों में वित्तीय अनियमितता की जांच के बाद पहले वसूली का आदेश, धनराशि जमा न होने पर जिलाधिकारी ने प्रशासक पद से हटाया। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) जोगिया को नया प्रशासक नामित किया गया।


सिद्धार्थनगर। जनपद के जोगिया विकासखंड अंतर्गत हरैया ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों से जुड़े प्रकरण में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। जारी आदेश के अनुसार निवर्तमान ग्राम प्रधान एवं वर्तमान प्रशासक अब्दुल कयूम को प्रशासक पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। साथ ही ग्राम पंचायत का प्रभार सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), जोगिया को सौंप दिया गया है।


सिद्धार्थनगर जिले की हरैया ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत के बाद प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो गई है। उपलब्ध आधिकारिक आदेश के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद संबंधित प्रकरण की जांच कराई गई, जिसमें कुछ कार्यों में वित्तीय विचलन पाए जाने का उल्लेख किया गया।

जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। अभिलेखों के अनुसार, अब्दुल कयूम ने अपने स्पष्टीकरण में आरोपों से असहमति जताते हुए प्राकृतिक परिस्थितियों और तकनीकी कारणों का हवाला दिया तथा अपने पक्ष में विभिन्न तर्क प्रस्तुत किए।

जिलाधिकारी द्वारा उपलब्ध अभिलेखों एवं स्पष्टीकरण का परीक्षण किए जाने के बाद 18 जून 2026 को ₹28,245.19 की वसूली का आदेश पारित किया गया। आदेश में यह भी उल्लेख है कि निर्धारित धनराशि जमा नहीं किए जाने के कारण आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की गई।

इसके बाद जिलाधिकारी ने हरैया ग्राम पंचायत के प्रशासक पद से अब्दुल कयूम को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश जारी किया। साथ ही शासनादेशों के अनुरूप सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), जोगिया को ग्राम पंचायत का नया प्रशासक नामित कर दिया गया।

जारी आदेश में संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया है कि जांच में जिन बिंदुओं का उल्लेख किया गया है, उनके संबंध में नियमानुसार आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

क्या है मामला?

शिकायत के आधार पर मनरेगा कार्यों की जांच कराई गई।

जांच में वित्तीय विचलन का उल्लेख किया गया।

संबंधित पक्ष से स्पष्टीकरण प्राप्त किया गया।

₹28,245.19 की वसूली का आदेश जारी हुआ।

धनराशि जमा न होने पर प्रशासक पद से हटाने की कार्रवाई की गई।

एडीओ (पंचायत) जोगिया को नया प्रशासक बनाया गया।

टिप्पणी (संपादकीय)

स्थानीय निकायों में विकास कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसी मामले में अनियमितता के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई प्रशासनिक व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने के लिए आवश्यक मानी जाती है। वहीं संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर देना भी प्राकृतिक न्याय का महत्वपूर्ण सिद्धांत है।

कानूनी रूप से सुरक्षित नोट

यह समाचार जिलाधिकारी, सिद्धार्थनगर द्वारा जारी आधिकारिक आदेश तथा उपलब्ध प्रशासनिक अभिलेखों पर आधारित है। समाचार में वर्णित कार्रवाई प्रशासनिक आदेश के अनुसार प्रस्तुत की गई है। किसी भी अंतिम दायित्व या आपराधिक उत्तरदायित्व का निर्धारण सक्षम न्यायालय अथवा विधिक प्रक्रिया के अधीन होगा।

रातभर चली सपा की रणनीति बैठक, आंदोलन की अगली रूपरेखा पर हुआ मंथन

रातभर चली सपा की रणनीति बैठक, आंदोलन की अगली रूपरेखा पर हुआ मंथन

IMG 20260722 WA0094

अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध के बीच संतकबीरनगर में जुटे नेता और कार्यकर्ता, संगठन की एकजुटता पर दिया जोर

IMG 20260722 WA0107

अर्जुन सिंह की एक रिपोर्ट


स्थान: संतकबीरनगर (खलीलाबाद)

मौका: समाजवादी पार्टी की रणनीतिक बैठक

मुख्य मुद्दा: आंदोलन की आगामी रणनीति और संगठनात्मक तैयारी


◆ देर रात तक चली रणनीतिक बैठक

◆ बड़ी संख्या में सपा नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद

◆ आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक मजबूती पर चर्चा

◆ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखने पर जोर


समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच संतकबीरनगर में मंगलवार देर रात समाजवादी पार्टी की एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा आंदोलन की आगामी रूपरेखा और संगठनात्मक मजबूती को लेकर विस्तार से मंथन किया।

मुख्य समाचार

खलीलाबाद में आयोजित बैठक में जिले के वरिष्ठ पदाधिकारी, पूर्व जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक के दौरान हालिया राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा की गई तथा संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सक्रिय बनाने पर बल दिया गया।

बैठक में नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखते हुए लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। साथ ही भविष्य में प्रस्तावित कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने के लिए संगठनात्मक समन्वय बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

सूत्रों के अनुसार बैठक में आंदोलन के अगले चरण, जनसंपर्क अभियान तथा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों पर भी चर्चा की गई। हालांकि पार्टी की ओर से आगामी कार्यक्रमों की औपचारिक घोषणा अभी नहीं की गई है।

गौरतलब है कि इससे पहले जिले में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके दौरान पुलिस और प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कार्रवाई की थी। उसी क्रम में आयोजित यह बैठक राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सारांश

संतकबीरनगर में देर रात आयोजित समाजवादी पार्टी की रणनीतिक बैठक में आंदोलन की आगामी दिशा, संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जारी रखने पर जोर दिया गया। फिलहाल पार्टी के अगले कार्यक्रमों की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

नोट (संपादकीय): यह समाचार उपलब्ध फोटो, वीडियो और संबंधित पक्षों से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी नए आधिकारिक बयान या प्रशासनिक अपडेट के सामने आने पर समाचार को अद्यतन किया जा सकता है।

जिले की अधिकांश नदियों का जलस्तर घटा, बाणगंगा अब भी खतरे के निशान से ऊपर

जिले की अधिकांश नदियों का जलस्तर घटा, बाणगंगा अब भी खतरे के निशान से ऊपर

बारिश थमने से मिली राहत, प्रशासन ने नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने की दी सलाह


स्थान: सिद्धार्थनगर

रिपोर्ट: सिंचाई विभाग, 22 जुलाई 2026 (प्रातः 8 बजे)

इनबॉक्स (Info Box)

मुख्य राहत: अधिकांश नदियों का जलस्तर घटा।

चिंता: बाणगंगा नदी अभी भी खतरे के निशान से लगभग 5 सेंटीमीटर ऊपर।

निगरानी: सिंचाई विभाग और जिला प्रशासन की लगातार नजर।

अपील: नदी किनारे रहने वाले लोग सतर्क रहें, अफवाहों से बचें।


सिद्धार्थनगर जनपद में लगातार हुई बारिश के बाद अब राहत के संकेत मिलने लगे हैं। सिंचाई विभाग द्वारा जारी 22 जुलाई 2026 की प्रातः 8 बजे की गेज रिपोर्ट के अनुसार जिले की अधिकांश नदियों का जलस्तर पिछले 24 घंटे के मुकाबले घटा है। हालांकि बाणगंगा नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसके चलते प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।

मुख्य समाचार

सिंचाई विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, घोघी, जमुआर तथा अन्य प्रमुख नदियों के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि बाणगंगा नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से लगभग 5 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है। ऐसे में नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा सभी गेज स्थलों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। वहीं जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि नदी किनारे अनावश्यक आवाजाही न करें, बच्चों को नदी के पास न जाने दें तथा केवल प्रशासन और सिंचाई विभाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

यदि आगामी दिनों में भारी वर्षा नहीं होती है तो जिले में बाढ़ की स्थिति में और सुधार आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि जलस्तर पर लगातार निगरानी जारी रहेगी।

सारांश

बारिश थमने के बाद सिद्धार्थनगर में राहत के संकेत मिले हैं और अधिकांश नदियों का जलस्तर घटा है। इसके बावजूद बाणगंगा नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। लोगों से सावधानी बरतने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

— संवाददाता, FT News Digital | सिद्धार्थनगर

महिला उत्पीड़न पर जीरो टॉलरेंस का संदेश, 15 दिन में रिपोर्ट तलब

IMG 20260721 WA0970

महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों पर सख्त संदेश: सिद्धार्थनगर पहुंचीं राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष, 13 मामलों की जनसुनवाई, मेडिकल कॉलेज और जिला जेल का किया औचक निरीक्षण

IMG 20260721 WA0969

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने महिला सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं की समीक्षा की। अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई, मेडिकल कॉलेज और जिला जेल में व्यवस्थाएं सुधारने के दिए निर्देश। IMG 20260721 WA0699

स्थान: विकास भवन, सिद्धार्थनगर

अध्यक्षता: डॉ. बबिता सिंह चौहान, अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग

IMG 20260721 WA0694

मुख्य बिंदु: महिला जनसुनवाई, समीक्षा बैठक, मेडिकल कॉलेज व जिला जेल निरीक्षण


सुनवाई।

🔹 15 दिन में निस्तारण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश।

🔹 महिला सुरक्षा, तस्करी रोकने और हेल्पलाइन प्रचार पर विशेष जोर।

🔹 मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं और साफ-सफाई की समीक्षा।

🔹 ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के तहत कन्या जन्मोत्सव आयोजित।

🔹 जिला जेल में महिला बंदियों की सुविधाओं का निरीक्षण।

सिद्धार्थनगर।

महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने सिद्धार्थनगर में सख्त रुख अपनाया। आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने सोमवार को विकास भवन सभागार में आयोजित महिला जनसुनवाई एवं जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और छेड़छाड़ से जुड़े मामलों की सुनवाई करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि हर मामले का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में कुल 13 प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किए गए। आयोग अध्यक्ष ने कहा कि किसी भी पीड़ित महिला के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए तथा पुलिस महिला उत्पीड़न के मामलों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करे। पति-पत्नी के विवादों में दोनों पक्षों को सुनकर कानून के अनुरूप समाधान निकालने पर भी जोर दिया गया।

उन्होंने महिलाओं की गुमशुदगी और मानव तस्करी की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस और संबंधित विभागों को प्रभावी निगरानी और रोकथाम के निर्देश दिए। साथ ही नुक्कड़ नाटक, चौपाल और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने पर बल दिया।

बैठक में समाज कल्याण, महिला कल्याण, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभागों को निर्देश दिया गया कि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ हर हाल में पहुंचे। आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने और पात्र परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा से जोड़ने के भी निर्देश दिए गए।

शिक्षा और बालिका सुरक्षा पर विशेष फोकस

डॉ. बबिता सिंह चौहान ने बेसिक शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। स्कूलों में छात्राओं के लिए स्वच्छ महिला शौचालय, सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और महिला सुरक्षा संबंधी जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं। विद्यालय से बाहर रहने वाली बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया।

मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण

IMG 20260721 WA0691

बैठक के बाद आयोग अध्यक्ष ने माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया। उन्होंने इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली तथा डॉक्टरों को समय पर ड्यूटी करने और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई और बारिश के कारण हुए जलभराव को तत्काल दूर कराने के निर्देश भी दिए।

इसी दौरान ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत कन्या जन्मोत्सव मनाया गया। नवजात बालिकाओं की माताओं को उपहार वितरित किए गए तथा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई और बच्चों का अन्नप्राशन कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। आयोग अध्यक्ष ने कन्या सुमंगला योजना का अधिक से अधिक लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने पर बल दिया।

जिला जेल में महिला बंदियों से संवाद

इसके बाद आयोग अध्यक्ष ने जिला जेल का निरीक्षण किया। महिला बैरक में विचाराधीन महिला बंदियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण का अवलोकन किया। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि महिला बंदियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, स्वच्छता और आवश्यक सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न रहे।


सिद्धार्थनगर दौरे पर पहुंचीं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने महिला जनसुनवाई में 13 मामलों की सुनवाई करते हुए अधिकारियों को 15 दिन के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। साथ ही मेडिकल कॉलेज और जिला जेल का निरीक्षण कर महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

सारांश (Summary)

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने सिद्धार्थनगर में महिला सुरक्षा और कल्याण से जुड़े मुद्दों पर प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की। जनसुनवाई, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था और जेल निरीक्षण के माध्यम से आयोग ने विभिन्न विभागों को समयबद्ध और संवेदनशील कार्रवाई के निर्देश दिए।

✍️ समाचार टिप्पणी (Editorial Comment)

महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित सुनवाई और विभागीय जवाबदेही प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। हालांकि, इन निर्देशों का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देगा जब निर्धारित समयसीमा में मामलों का निष्पक्ष निस्तारण हो और महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। यह दौरा केवल समीक्षा तक सीमित न रहकर परिणामों में भी परिवर्तित हो, यही इसकी वास्तविक सफलता होगी।

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।