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17 साल से रुकी चकबंदी को मिलेगी रफ्तार? प्रशासन ने गांव पहुंचकर शुरू किया जनजागरूकता अभियान

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एडीएम (न्याय) डॉ. ज्ञान प्रकाश ने ग्रामीणों से किया संवाद, ड्रोन, रोवर और AI तकनीक से पारदर्शी चकबंदी का दिया भरोसा, आम सहमति से आगे बढ़ेगी प्रक्रिया।


स्थान: ग्राम सोनौरा तप्पा नादेपार, तहसील नौगढ़, सिद्धार्थनगर

कार्यक्रम: चकबंदी जागरूकता अभियान

सिद्धार्थनगर।

जनपद के ग्राम सोनौरा तप्पा नादेपार में वर्षों से रुकी चकबंदी प्रक्रिया को फिर से गति देने के उद्देश्य से प्रशासन ने जनजागरूकता अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी (न्याय) एवं उप संचालक चकबंदी डॉ. ज्ञान प्रकाश ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद किया और आधुनिक तकनीक के माध्यम से पारदर्शी एवं विवादमुक्त चकबंदी का भरोसा दिलाया।

गांव के प्राथमिक विद्यालय में आयोजित बैठक में चकबंदी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद यादव, सहायक चकबंदी अधिकारी राजेश मिश्रा, ग्राम प्रधान श्रीमती रीता, चकबंदी समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

बैठक के दौरान ग्रामीणों ने अपनी शंकाएं रखते हुए बताया कि गांव में पहले से चकरोड, सेक्टर मार्ग, प्राथमिक विद्यालय, पंचायत भवन और आंगनबाड़ी जैसी सार्वजनिक सुविधाएं पर्याप्त हैं तथा प्रथम चक्र की चकबंदी से वे संतुष्ट हैं। इसी कारण नई चकबंदी को लेकर उनके मन में कुछ आशंकाएं बनी हुई हैं।

ग्रामीणों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए डॉ. ज्ञान प्रकाश ने कहा कि द्वितीय चक्र की चकबंदी में केवल आवश्यक सार्वजनिक सुविधाओं के लिए ही नाममात्र की कटौती की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार पूरी प्रक्रिया में ड्रोन सर्वे, रोवर तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाएगा, जिससे भूमि अभिलेख और नक्शे अधिक सटीक, पारदर्शी और डिजिटल स्वरूप में तैयार होंगे।

उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक से चकरोड, नालियां और खेतों की वास्तविक सीमाएं स्पष्ट होंगी, जिससे भूमि विवाद और अवैध कब्जों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। साथ ही किसानों को बड़े और व्यवस्थित खेत मिलने से खेती की लागत घटेगी तथा उत्पादन और आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

हालांकि प्रशासन की ओर से दी गई विस्तृत जानकारी के बाद ग्रामीणों में चकबंदी को लेकर उत्सुकता बढ़ी, लेकिन पुरानी व्यवस्था से संतुष्ट होने के कारण उन्होंने अभी अंतिम सहमति नहीं दी। इस पर एडीएम (न्याय) ने किसानों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें विचार के लिए समय दिया।

बैठक के अंत में डॉ. ज्ञान प्रकाश ने चकबंदी अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव में लगातार चौपाल और जनसंवाद आयोजित किए जाएं, ताकि प्रत्येक किसान की शंकाओं का समाधान कर पूर्ण आम सहमति के आधार पर चकबंदी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।


सोनौरा तप्पा नादेपार में वर्षों से रुकी चकबंदी प्रक्रिया को पुनः शुरू कराने के लिए प्रशासन ने जनसंवाद अभियान शुरू किया। एडीएम (न्याय) डॉ. ज्ञान प्रकाश ने ग्रामीणों को ड्रोन, रोवर और AI आधारित आधुनिक चकबंदी के लाभ बताए तथा सहमति बनाकर प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

समाचार टिप्पणी

भूमि विवादों को कम करने, अभिलेखों को आधुनिक बनाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक आधारित चकबंदी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि किसी भी गांव में ऐसी प्रक्रिया तभी सफल हो सकती है जब ग्रामीणों का विश्वास और व्यापक सहमति दोनों साथ हों। प्रशासन का संवाद आधारित प्रयास इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा सकता है।

 

 

तटबंधों पर डीएम का हाई अलर्ट निरीक्षण, बोले—बाढ़ से पहले पूरी तैयारी, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

बूढ़ी राप्ती पर बढ़ा खतरा, एक्शन में प्रशासन!


ककरही-गोनहा तटबंध का स्थलीय निरीक्षण, संवेदनशील स्थानों की निगरानी, स्टोर में राहत सामग्री का लिया जायजा, सभी विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश।

सिद्धार्थनगर।

बूढ़ी राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर और लगातार हो रही बारिश के बीच बाढ़ प्रभावित जनपद सिद्धार्थनगर में जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित बाढ़ की चुनौती को देखते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने सोमवार को ककरही-गोनहा तटबंध का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों की हकीकत परखी और अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि बाढ़ सुरक्षा कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने तटबंध के संवेदनशील हिस्सों का गहन निरीक्षण किया और सिंचाई विभाग के अधिकारियों से सुरक्षा इंतजामों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड सतीश कुमार को निर्देश दिया कि मानसून के पूरे दौर में तटबंधों की चौबीसों घंटे निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा जहां भी कटान या रिसाव की आशंका हो, वहां तत्काल सुरक्षात्मक कार्य कराए जाएं।

जिलाधिकारी ने कहा कि सिद्धार्थनगर हर वर्ष बाढ़ की गंभीर चुनौती का सामना करता है। ऐसे में प्रशासन की प्राथमिकता जनजीवन और किसानों की फसलों की सुरक्षा है। उन्होंने निर्देश दिए कि नदी के जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल जिला प्रशासन तक पहुंचाई जाए, ताकि समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जा सकें।

निरीक्षण के दौरान डीएम ने बाढ़ राहत स्टोर का भी निरीक्षण किया। वहां उपलब्ध बोरियां, तिरपाल, रस्सियां, प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक सामग्री की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपदा से निपटने के लिए सभी संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। किसी भी सामग्री की कमी सामने नहीं आनी चाहिए।

उन्होंने राजस्व, सिंचाई, पुलिस, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि यदि जलस्तर बढ़ता है तो प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत पहुंचाई जा सके।

निरीक्षण के दौरान मौजूद अधिकारियों ने तटबंध की वर्तमान स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जिलाधिकारी को दी। डीएम ने सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी करने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

समाचार टिप्पणी

सिद्धार्थनगर पूर्वांचल के उन जिलों में शामिल है जहां हर वर्ष बूढ़ी राप्ती नदी बाढ़ का खतरा लेकर आती है। ऐसे में मानसून के शुरुआती दौर में जिलाधिकारी का स्वयं तटबंधों पर पहुंचकर निरीक्षण करना प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है। यदि विभागीय सतर्कता और निगरानी इसी तरह बनी रही तो संभावित बाढ़ से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।


SIDDHARTHNAGAR | FT NEWS DIGITAL | BREAKING NEWS

हर बारिश में मौत का खतरा? काशीराम आवासों की जांच के लिए डीएम ने बनाई चार सदस्यीय समिति

दो कमरों की छत गिरने की घटना के बाद प्रशासन हरकत में, एक सप्ताह में मांगी गई रिपोर्ट


स्थान: सिद्धार्थनगर मुख्यालय
मामला: काशीराम शहरी आवास योजना के आवासों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा की जांच
कार्रवाई: जिलाधिकारी ने चार सदस्यीय जांच समिति गठित की
समयसीमा: एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश


सिद्धार्थनगर मुख्यालय स्थित काशीराम शहरी आवास योजना में कुछ सप्ताह पूर्व दो आवासों की छत गिरने की घटना के बाद जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. द्वारा जारी आदेश के अनुसार आवासों की गुणवत्ता, सुरक्षा और रहने योग्य स्थिति की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित कर दी गई है। समिति को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य खबर
मुख्यालय स्थित काशीराम शहरी आवास योजना में दो कमरों की छत गिरने की घटना ने आवासों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने जर्जर भवनों की तकनीकी जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग उठाई थी।
इसी क्रम में जिलाधिकारी ने आदेश जारी कर प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति गठित की है। समिति में डूडा के परियोजना अधिकारी, उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद बस्ती के सहायक अभियंता तथा नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के अधिशासी अधिकारी को सदस्य बनाया गया है।
समिति को निर्देश दिया गया है कि वह काशीराम शहरी आवास योजना के सभी संबंधित आवासों का स्थलीय निरीक्षण कर यह जांच करे कि भवन सुरक्षित एवं रहने योग्य हैं या नहीं। जांच पूरी कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
क्या है मामला?
कुछ सप्ताह पहले काशीराम आवास परिसर में दो कमरों की छत गिर गई थी। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस घटना ने परिसर में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी। इसके बाद प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच कराने का निर्णय लिया।
टिप्पणी
जांच समिति का गठन प्रशासन की महत्वपूर्ण पहल है। अब सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जांच रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं और यदि कहीं निर्माण गुणवत्ता में कमी या भवन असुरक्षित पाए जाते हैं, तो संबंधित स्तर पर क्या कार्रवाई होती है। स्थानीय लोगों की निगाहें अब जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
नोट: यह समाचार जिलाधिकारी द्वारा जारी आधिकारिक आदेश एवं उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। जांच रिपोर्ट आने तक किसी भी निर्माण एजेंसी या व्यक्ति की जिम्मेदारी अथवा लापरवाही के संबंध में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। यह मामला जांचाधीन है।

भारी बारिश का अलर्ट: सिद्धार्थनगर में 21 जुलाई को कक्षा 8 तक के स्कूलों में छुट्टी

सिद्धार्थनगर। जिले में भारी बारिश और अतिवृष्टि (बहुत तेज बारिश) की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। छात्रों की सुरक्षा और सेहत के मद्देनजर जिलाधिकारी (DM) के निर्देश पर कल, यानी 21 जुलाई 2026 को कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 तक के सभी परिषदीय विद्यालय (सरकारी स्कूल) बंद रहेंगे।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शैलेश कुमार ने यह आदेश जारी किया है। उन्होंने सभी स्कूलों को इस आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। यह पत्र सूचना के लिए लखनऊ, प्रयागराज और बस्ती मंडल के उच्च अधिकारियों को भी भेज दिया गया है।

जौहर यूनिवर्सिटी ध्वस्तीकरण के विरोध में सपा का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

Screenshot 20260720 17065838 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश वापस लेने की मांग, छात्रों के भविष्य का हवाला देकर सरकार के फैसले पर उठाए सवाल


स्थान: कलेक्ट्रेट परिसर, सिद्धार्थनगर

कार्यक्रम: समाजवादी पार्टी का विरोध प्रदर्शन एवं ज्ञापन

मुद्दा: मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर के भवनों को ध्वस्त करने के आदेश का विरोध


सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर किया प्रदर्शन।

राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।

40 में से 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश वापस लेने की मांग।

छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था पर असर पड़ने की जताई चिंता।

सरकार के निर्णय पर पुनर्विचार की मांग।


सिद्धार्थनगर। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर के भवनों को ध्वस्त किए जाने के आदेश के विरोध में राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह फैसला हजारों छात्रों के भविष्य को प्रभावित करेगा, इसलिए सरकार को इस आदेश पर पुनर्विचार करना चाहिए।

पूरी खबर

सिद्धार्थनगर। समाजवादी पार्टी के जिला संगठन के नेतृत्व में सोमवार को बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर से जुड़े मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया है कि प्रशासन द्वारा यूनिवर्सिटी के 40 में से 38 भवनों को अवैध निर्माण बताते हुए ध्वस्त करने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे हजारों छात्र-छात्राओं की शिक्षा और भविष्य प्रभावित हो सकता है। उन्होंने मांग की कि सरकार इस निर्णय पर पुनर्विचार करते हुए आदेश वापस ले।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों से जुड़े मामलों में ऐसा समाधान निकाला जाना चाहिए जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो।

ज्ञापन स्वीकार करने के बाद प्रशासनिक अधिकारी ने इसे शासन तक भेजने का आश्वासन दिया।

सारांश

सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट में समाजवादी पार्टी ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर के भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के विरोध में प्रदर्शन किया और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर आदेश वापस लेने तथा छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुनर्विचार की मांग की।

टिप्पणी

यह प्रदर्शन एक राजनीतिक दल द्वारा सरकार के निर्णय के विरोध में आयोजित किया गया। ज्ञापन में व्यक्त मांगें प्रदर्शनकारियों के पक्ष और उनके आरोपों/दावों पर आधारित हैं। प्रशासन या राज्य सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए, ताकि पाठकों के सामने सभी पक्ष निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत हो सकें।

जौहर विश्वविद्यालय के समर्थन में AIMIM का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

सिद्धार्थनगर। जनपद सिद्धार्थनगर में सोमवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष निशार अली के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर से जुड़े मुद्दे को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा।

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मुद्दा: जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर के समर्थन में प्रदर्शन

स्थान: कलेक्ट्रेट परिसर, जिलाधिकारी कार्यालय, सिद्धार्थनगर

संगठन: AIMIM सिद्धार्थनगर

मुख्य मांग: विश्वविद्यालय से संबंधित प्रस्तावित कार्रवाई पर रोक, विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा तथा शिक्षा की निरंतरता सुनिश्चित की जाए।

इनबॉक्स (Inbox)

ज्ञापन की प्रमुख मांगें

जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित प्रस्तावित कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग।

विद्यार्थियों के शैक्षणिक हित एवं भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग।

यदि किसी प्रकार का कानूनी विवाद हो तो उसका समाधान विधिसम्मत प्रक्रिया से किए जाने की अपील।

शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न हो तथा संस्थान के संचालन को बनाए रखने की मांग।

राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर न्यायोचित निर्णय लेने का आग्रह।

पूरी खबर

सिद्धार्थनगर। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर से जुड़े मुद्दे पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के जिला अध्यक्ष निशार अली ने किया। कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर नारेबाजी की तथा शिक्षा के अधिकार और विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।

प्रदर्शन के उपरांत प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि जौहर विश्वविद्यालय एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान है, जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। किसी भी प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई का प्रभाव विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य पर नहीं पड़ना चाहिए।

ज्ञापन में यह भी आग्रह किया गया कि यदि विश्वविद्यालय से संबंधित कोई कानूनी अथवा प्रशासनिक विवाद है तो उसका समाधान कानून एवं प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप किया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था बाधित न हो। साथ ही विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की गई।

AIMIM पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य शिक्षा के अधिकार और विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा सुनिश्चित करना है। प्रदर्शन के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

सारांश

सिद्धार्थनगर में AIMIM कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर के संबंध में राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में विश्वविद्यालय से संबंधित कार्रवाई पर रोक लगाने, विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों की रक्षा करने तथा विधिसम्मत समाधान सुनिश्चित करने की मांग की गई।

टिप्पणी

यह मामला शिक्षा और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़ा विषय है। AIMIM ने ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाई हैं। दूसरी ओर, इस विषय पर शासन एवं संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा। अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी द्वारा नियमानुसार लिया जाएगा। समाचार उपलब्ध ज्ञापन और प्रदर्शन के आधार पर तैयार किया गया है।

जोगिया उदयपुर व बांसी थाना क्षेत्र की चोरी की घटनाओं का खुलासा, पुलिस ने शातिर आरोपी को दबोचा; चोरी की बाइक और नकदी बरामद

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जोगिया उदयपुर व बांसी थाना क्षेत्र की चोरी की घटनाओं का खुलासा, पुलिस ने शातिर आरोपी को दबोचा; चोरी की बाइक और नकदी बरामद


स्थान: जोगिया उदयपुर, सिद्धार्थनगर

कार्रवाई: पुलिस ने चोरी के मामलों में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया

बरामदगी: बिना नंबर प्लेट की हीरो स्प्लेंडर प्लस बाइक व ₹2,310 नकद

आगे की कार्रवाई: आरोपी को न्यायालय भेजा गया

जोगिया उदयपुर व बांसी की चोरी की घटनाओं का खुलासा, शातिर आरोपी गिरफ्तार; चोरी की बाइक और नकदी बरामद

सिद्धार्थनगर। जनपद की जोगिया उदयपुर पुलिस ने चोरी की घटनाओं के खुलासे में बड़ी सफलता हासिल करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार जोगिया उदयपुर और बांसी थाना क्षेत्रों में दर्ज चोरी के मामलों में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से चोरी से संबंधित एक हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (बिना नंबर प्लेट) तथा ₹2,310 नकद बरामद किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद और क्षेत्राधिकारी बांसी शुबेन्दु सिंह के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी अभय सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के दौरान की गई।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरिचरन पुत्र निर्मल, निवासी मुडिला राजा, थाना जोगिया उदयपुर के रूप में हुई है। उसे करौदा मसिना के सामने बांसी–नौगढ़ मुख्य मार्ग से गिरफ्तार किया गया।

प्रेस नोट के अनुसार बरामदगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित मुकदमों में आवश्यक धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए आरोपी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय भेज दिया गया है।

पुलिस अभिलेखों के अनुसार आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी चोरी सहित अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज रहे हैं। पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

बरामदगी

हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (बिना नंबर प्लेट)

₹2,310 नकद

सारांश

जोगिया उदयपुर पुलिस ने जोगिया उदयपुर और बांसी थाना क्षेत्रों में दर्ज चोरी के मामलों के खुलासे का दावा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से चोरी से संबंधित मोटरसाइकिल और नकदी बरामद हुई है तथा उसे न्यायालय भेज दिया गया है।

 

खबर का असर: ककराही की आवाज पहुंची प्रशासन तक, शिकायत के बाद ब्लॉक टीम ने की 110 मीटर खड़ंजा मार्ग की पैमाइश

 

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पूर्व प्रधान भारत प्रसाद लोधी के नेतृत्व में डीएम को सौंपा गया था शिकायत पत्र, FT News Digital ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा, बीडीओ रामानंद वर्मा के निर्देशन में टीम पहुंची, 110 मीटर खड़ंजा मार्ग की पैमाइश पूरी।

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स्थान: ग्राम पंचायत ककरही, विकासखंड जोगिया, सिद्धार्थनगर

मामला: जलभराव एवं जर्जर मार्ग

शिकायतकर्ता: पूर्व प्रधान भारत प्रसाद लोधी के नेतृत्व में ग्रामीण

कार्रवाई: घिसीयावन के घर से कन्हैया के घर तक 110 मीटर लंबे एवं 3 मीटर चौड़े प्रस्तावित खड़ंजा मार्ग की पैमाइश

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सिद्धार्थनगर जनपद के विकासखंड जोगिया की ग्राम पंचायत ककरही में जलभराव और जर्जर मार्ग की समस्या को लेकर पूर्व प्रधान भारत प्रसाद लोधी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपकर स्थायी समाधान की मांग की थी। इसके बाद FT News Digital ने इस जनसमस्या को प्रमुखता से प्रकाशित और प्रसारित किया। अब प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। बीडीओ रामानंद वर्मा के निर्देशन में ब्लॉक टीम गांव पहुंची और प्रस्तावित खड़ंजा मार्ग की पैमाइश कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

मुख्य खबर

सिद्धार्थनगर। ग्राम पंचायत ककरही में लंबे समय से जलभराव और जर्जर मार्ग ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ था। बरसात के दौरान सड़क पर पानी भर जाने से बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और आम ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा था।

इसी समस्या को लेकर पूर्व प्रधान भारत प्रसाद लोधी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को लिखित शिकायत पत्र सौंपा था। शिकायत पत्र में गांव की सड़क और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की गई थी।

इसके बाद FT News Digital ने इस जनसमस्या को प्रमुखता से प्रकाशित और प्रसारित किया। कुछ ही दिनों बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई।

बीडीओ रामानंद वर्मा के निर्देशन में ब्लॉक टीम गांव पहुंची। मौके पर एडीओ (पंचायत) प्रदीप सिंह की मौजूदगी में घिसीयावन के घर से कन्हैया के घर तक लगभग 110 मीटर लंबे एवं 3 मीटर चौड़े प्रस्तावित खड़ंजा मार्ग की पैमाइश कराई गई।

निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रधान कल्लू, सचिव प्रदीप सिंह, जे ई अभिषेक यादव, रोजगार सेवक, तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण करते हुए आवश्यक तकनीकी प्रक्रिया पूरी की।

एडीओ (पंचायत) प्रदीप सिंह ने बताया कि आज सड़क की पैमाइश का कार्य पूरा कराया गया है। आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जल्द से जल्द खड़ंजा मार्ग का निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, जिससे निर्माण पूर्ण होने के बाद ग्रामीणों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

वहीं बीडीओ रामानंद वर्मा ने बताया कि जनहित से जुड़े इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है और नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य कराया जाएगा।

मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने प्रशासन की पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का अब स्थायी समाधान होगा। पूर्व प्रधान भारत प्रसाद लोधी ने कहा कि ग्रामीणों की आवाज सुनकर प्रशासन द्वारा की गई यह कार्रवाई स्वागत योग्य है और उम्मीद है कि जल्द निर्माण कार्य शुरू होकर पूरा भी होगा।

इन बॉक्स

शिकायत से कार्रवाई तक…

पूर्व प्रधान भारत प्रसाद लोधी के नेतृत्व में डीएम को सौंपा गया शिकायत पत्र।

FT News Digital ने प्रमुखता से उठाया जनहित का मुद्दा।

बीडीओ रामानंद वर्मा के निर्देशन में ब्लॉक टीम गांव पहुंची।

एडीओ (पंचायत) प्रदीप सिंह ने कराई पैमाइश।

ग्राम प्रधान कल्लू, सचिव प्रदीप सिंह, केके अभिषेक यादव, रोजगार सेवक एवं ग्रामीण रहे मौजूद।

घिसीयावन के घर से कन्हैया के घर तक 110 मीटर लंबे एवं 3 मीटर चौड़े प्रस्तावित खड़ंजा मार्ग की पैमाइश।

आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुरू होगा निर्माण कार्य।

सारांश

पूर्व प्रधान भारत प्रसाद लोधी के नेतृत्व में ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी को शिकायत दिए जाने और उसके बाद FT News Digital द्वारा जनसमस्या को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन ने प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए प्रस्तावित खड़ंजा मार्ग की पैमाइश कराई है। अधिकारियों के अनुसार नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।

संपादकीय टिप्पणी (कानूनी रूप से सुरक्षित)

यह समाचार शिकायत पत्र, मौके पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई तथा संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयानों पर आधारित है। समाचार में केवल उपलब्ध तथ्यों का उल्लेख किया गया है कि शिकायत और उसके बाद प्रशासनिक कार्रवाई हुई। यह नहीं कहा गया है कि कार्रवाई केवल समाचार के कारण हुई। FT News Digital जनहित के मुद्दों को तथ्यपरक, निष्पक्ष और जिम्मेदारीपूर्ण ढंग से उठाने के अपने दायित्व का निर्वहन करता रहेगा।

“660 लीटर डीजल लूट का निकला फर्जी खेल! चालक ने ही रची साजिश, पुलिस ने खोला पूरा राज”

फर्जी लूट का पर्दाफाश: चालक ने ही रचा था 660 लीटर डीजल चोरी का खेल, पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचाIMG 20260719 WA0599


स्थान : ढेबरुआ थाना क्षेत्र, सिद्धार्थनगर

कार्रवाई : 19 जुलाई 2026

मामला : 660 लीटर डीजल लूट की कथित घटना का खुलासा

गिरफ्तारी : चालक समेत दो आरोपी गिरफ्तार

बरामदगी : 660 लीटर डीजल (3 ड्रम), पिकअप वाहन

सिद्धार्थनगर। ढेबरुआ थाना क्षेत्र में 660 लीटर डीजल लूट की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार जिस चालक ने खुद को लूट और मारपीट का शिकार बताया था, वही पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड निकला। पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में चालक और उसके साथी को गिरफ्तार कर तीन ड्रमों में रखा गया 660 लीटर डीजल तथा घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन बरामद किया गया है। पुलिस का दावा है कि कंपनी का डीजल हड़पने के उद्देश्य से फर्जी लूट की कहानी गढ़ी गई थी।

पूरी खबर

ढेबरुआ थाना क्षेत्र में 17 जुलाई को उस समय हड़कंप मच गया था, जब इंडस टावर आरएसटी कंपनी के प्रतिनिधि आशीष यादव ने थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि कंपनी का डीजल लेकर जा रहे वाहन को अज्ञात लोगों ने रोक लिया और चालक ऐनुल उर्फ मोनू तथा उसके साथी अकबर अली के साथ मारपीट कर 660 लीटर डीजल लूट लिया।

घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक कुमार द्विवेदी के पर्यवेक्षण में ढेबरुआ पुलिस और जनपदीय एसओजी की संयुक्त टीम गठित की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और दोनों कथित पीड़ितों से गहन पूछताछ की। पुलिस के अनुसार जांच में दोनों के बयान बार-बार बदलते मिले और कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए, जिससे पुलिस का संदेह गहरा गया।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि कथित लूट की पूरी कहानी कंपनी का डीजल हड़पने के लिए स्वयं चालक और उसके साथी द्वारा रची गई थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को आरोपी बनाते हुए गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की।

रविवार 19 जुलाई को मुखबिर की सूचना पर राप्ती मुख्य नहर स्थित धनौरा पुल के पास चेकिंग के दौरान पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऐनुल उर्फ मोनू पुत्र अकबर अली तथा अकबर अली उर्फ दानिश अली पुत्र अनवर अली, निवासी थाना रानीपुर, जनपद बहराइच के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन ड्रमों में रखा 660 लीटर डीजल तथा घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन संख्या UP-32-ZN-7588 बरामद करने का दावा किया है।

पुलिस के अनुसार पहले दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 303(2) एवं 115(2) के तहत कार्रवाई की गई थी। बरामदगी और जांच के बाद धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई। आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी कर दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।


बरामदगी

660 लीटर डीजल (03 ड्रम)

घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन

गिरफ्तार आरोपी

ऐनुल उर्फ मोनू (चालक)

अकबर अली उर्फ दानिश अली

कार्रवाई

ढेबरुआ पुलिस व जनपदीय एसओजी की संयुक्त कार्रवाई

दोनों आरोपियों को न्यायालय भेजा गया

पुलिस का पक्ष

सिद्धार्थनगर पुलिस के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों, पूछताछ और बरामदगी के आधार पर फर्जी लूट की कहानी का खुलासा किया गया है। मामले में आगे की विवेचना नियमानुसार जारी है।

सारांश

जिस घटना को पहले डीजल लूट की वारदात माना जा रहा था, पुलिस जांच में वह कथित तौर पर कंपनी का डीजल हड़पने की साजिश निकली। संयुक्त पुलिस कार्रवाई में दो आरोपियों की गिरफ्तारी और 660 लीटर डीजल की बरामदगी को पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता बताया है।


यह कार्रवाई दर्शाती है कि तकनीकी साक्ष्यों और वैज्ञानिक जांच के जरिए पुलिस जटिल मामलों की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। हालांकि, मामले का अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर किया जाएगा। इसलिए गिरफ्तार व्यक्तियों को न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक कानून की दृष्टि में आरोपी माना जाएगा, दोषी नहीं।

 

 

टेट अनिवार्यता पर शिक्षक एकजुट, सांसद जगदंबिका पाल को सौंपा मांग पत्र; संसद में मुद्दा उठाने का मिला भरोसा

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सिद्धार्थनगर। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के प्रतिनिधिमंडल ने डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल से मुलाकात कर टेट (TET) अनिवार्यता से जुड़े मुद्दे पर मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से मुक्त कराने की मांग करते हुए राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के प्रावधानों में आवश्यक संशोधन का आग्रह किया। सांसद ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि इस विषय को संसद सहित हर उचित मंच पर उठाया जाएगा।


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मुख्य बिंदु

टीएफआई प्रतिनिधिमंडल ने सांसद को सौंपा ज्ञापन।

2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टेट अनिवार्यता समाप्त करने की मांग।

सांसद ने संसद में मुद्दा उठाने और सहयोग का दिया आश्वासन।

नीट परीक्षा में सफलता पाने वाले छात्र आनंद कुमार को किया सम्मानित।


क्या है मामला?

टीएफआई ने राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना और उससे जुड़े प्रावधानों का हवाला देते हुए मांग रखी।

संगठन का कहना है कि पूर्व से नियुक्त शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट कानूनी व्यवस्था की आवश्यकता है।

प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में सांसद को विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

विस्तृत खबर

सिद्धार्थनगर। टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल के आवास पर पहुंचकर टेट अनिवार्यता से जुड़े मुद्दे पर मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा 23 अगस्त 2010 को निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता संबंधी प्रावधानों तथा शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के संदर्भ में अपनी मांगों से सांसद को अवगत कराया।

ज्ञापन में संगठन की ओर से द गजट ऑफ इंडिया के सेक्शन-23 तथा 10 अगस्त 2017 के संशोधन का उल्लेख करते हुए पूर्व से नियुक्त शिक्षकों के हितों के संरक्षण की मांग की गई। संगठन ने आग्रह किया कि 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट अनिवार्यता से राहत दिलाने के लिए आवश्यक विधायी और नीतिगत पहल की जाए।

सांसद जगदंबिका पाल ने प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों से जुड़े मुद्दों को वह हमेशा गंभीरता से उठाते रहे हैं और भविष्य में भी उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद उत्पन्न व्यावहारिक कठिनाइयों के समाधान के लिए संसद सहित अन्य उचित मंचों पर प्रयास करेंगे।

टीएफआई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि सांसद ने पूर्व में भी शिक्षक हितों के मुद्दों पर सहयोग दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस विषय पर भी सकारात्मक पहल होगी।

कार्यक्रम के दौरान जिला उपाध्यक्ष अशोक कुमार के पुत्र आनंद कुमार को नीट परीक्षा में सफलता प्राप्त करने पर सांसद द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संगठन की जिला कार्यसमिति, विभिन्न ब्लॉकों के पदाधिकारी तथा संघर्ष समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

सारांश

टीएफआई ने टेट अनिवार्यता से जुड़े मुद्दे पर सांसद जगदंबिका पाल को ज्ञापन सौंपते हुए 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के हितों की रक्षा की मांग की। सांसद ने विषय को संसद और अन्य मंचों पर उठाने का भरोसा दिया।

टिप्पणी (Editorial Note)

शिक्षकों की सेवा शर्तों और पात्रता से जुड़े विषय लंबे समय से चर्चा का केंद्र रहे हैं। ऐसे मामलों का अंतिम समाधान विधायी प्रावधानों, न्यायिक निर्णयों और सरकार की नीतिगत पहल पर निर्भर करता है। विभिन्न संगठनों द्वारा अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखना संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

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