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सिद्धार्थनगर में जिलाधिकारी और एसपी ने सुनीं जनसमस्याएं, थाना समाधान दिवस पर दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश

सिद्धार्थनगर (13 जून 2026): शासन की मंशानुसार प्रत्येक माह के द्वितीय एवं चतुर्थ शनिवार को आयोजित होने वाले ‘सम्पूर्ण थाना समाधान दिवस’ का आयोजन आज सिद्धार्थनगर थाने में हुआ। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन भी इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मौके पर आए शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

जमीनी विवादों पर जिलाधिकारी का कड़ा रुख

थाना समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन ने सभी राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भूमि विवाद, वरासत, बंटवारा, नाली और चकमार्ग से जुड़े मामलों का मौके पर जाकर निष्पक्ष ढंग से निस्तारण करें। उन्होंने सख्त लहजे में कहा:

मौके पर हो जांच: राजस्व अधिकारी शिकायतकर्ता की उपस्थिति में जमीन बंटवारे और अवैध कब्जे/पट्टे के प्रकरणों की जांच कर निस्तारण सुनिश्चित करें।

पुलिस बल का सहयोग: यदि आवश्यकता हो, तो राजस्व टीम पुलिस बल को साथ लेकर मौके पर जाए ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।

अनावश्यक उत्पीड़न न हो: किसी भी नागरिक को बिना वजह परेशान न किया जाए और मामलों को कतई लंबित न रखा जाए।

जिलाधिकारी की अपील: “सभी नागरिक आपस में मिल-जुलकर रहें और किसी भी प्रकार के लड़ाई-झगड़े से बचें। जो भी शिकायतें मिली हैं, उनका निस्तारण राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर जाकर करेगी।”

ये अधिकारी रहे उपस्थित

इस समाधान दिवस के अवसर पर प्रशासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:

श्री राहुल सिंह (उपजिलाधिकारी, नौगढ़)

श्री विश्वजीत सौरयान (क्षेत्राधिकारी, सदर)

श्री अजय सिंह (अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर)

थानाध्यक्ष सिद्धार्थनगर, समस्त राजस्व निरीक्षक व लेखपाल।

मोदी सरकार के 12 वर्ष: विकास, विश्वास और विरासत का नया अध्याय — जगदंबिका पाल

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सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता में गिनाईं उपलब्धियां, कहा- “नए भारत की नींव को मिली अभूतपूर्व मजबूती”

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सिद्धार्थनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सिद्धार्थनगर के सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगदंबिका पाल ने अपने कैंप कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में सरकार की उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, गरीब कल्याण और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनकी चर्चा आज विश्व स्तर पर हो रही है।

प्रेस वार्ता के दौरान सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने केवल आर्थिक विकास ही नहीं किया, बल्कि करोड़ों गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य भी किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का केंद्र बिंदु अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना रहा है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, रेलवे, हवाई सेवाओं और ग्रामीण सड़कों के क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। आज देश आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रेलवे के आधुनिकीकरण, वंदे भारत ट्रेनों के संचालन और अमृत भारत स्टेशन योजना के माध्यम से परिवहन व्यवस्था को नई पहचान मिली है।

सांसद ने जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों तथा “लखपति दीदी” जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने ग्रामीण और शहरी भारत में सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन की नई तस्वीर प्रस्तुत की है।

उन्होंने कहा कि उड़ान (UDAN) योजना के माध्यम से देश के छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों को हवाई सेवाओं से जोड़ा गया है, जिससे आम नागरिकों के लिए हवाई यात्रा सुलभ हुई है। वहीं जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों परिवारों तक पेयजल पहुंचाने का कार्य सरकार की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।


मोदी सरकार के 12 वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां

✔ जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों घरों तक नल से जल पहुंचाने का अभियान।✔ राष्ट्रीय राजमार्गों एवं एक्सप्रेसवे नेटवर्क का तेज विस्तार।✔ वंदे भारत ट्रेनों एवं रेलवे आधुनिकीकरण को नई गति।✔ मुद्रा योजना के माध्यम से स्वरोजगार और उद्यमिता को प्रोत्साहन।✔ महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु विभिन्न योजनाओं का संचालन।✔ उड़ान योजना के जरिए छोटे शहरों को हवाई संपर्क से जोड़ना।✔ ग्रामीण सड़कों एवं आधारभूत संरचना का व्यापक विकास।

 क्या बोले जगदंबिका पाल

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है। सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनके लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।”

सारांश

मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री जगदंबिका पाल ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों को जनता के सामने रखा। उन्होंने आधारभूत संरचना, जलापूर्ति, रेलवे, महिला सशक्तिकरण, रोजगार और ग्रामीण विकास को सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताते हुए कहा कि भारत आज आत्मविश्वास और विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।

(समाचार में उल्लिखित आंकड़े एवं दावे प्रेस वार्ता में सांसद जगदंबिका पाल द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित हैं।)

RRB भीड़ से राहत, परीक्षा केंद्र तक आसान सफर”

जनसम्पर्क विभाग, पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर
प्रेस विज्ञप्ति

गोरखपुर, 13 जून, 2026: रेल प्रशासन द्वारा आगामी रेलवे भर्ती बोर्ड (आर.आर.बी.) एन.टी.पी.सी. परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु 05005/05006 गोरखपुर-लखनऊ जं.-गोरखपुर तथा 05031/05032 गोरखपुर-लखनऊ जं.-गोरखपुर अनारक्षित परीक्षा विशेष गाड़ियों का संचालन निम्नवत किया जा रहा है।

05005 गोरखपुर-लखनऊ जं. अनारक्षित परीक्षा विशेष गाड़ी 14 जून, 2026 से 22 जून, 2026 तक गोरखपुर से 12.45 बजे प्रस्थान कर खलीलाबाद से 13.17 बजे, बस्ती से 13.48 बजे, बभनान से 14.15 बजे, मनकापुर से 14.45 बजे, गोण्डा से 15.20 बजे, करनैलगंज से 15.55 बजे, बाराबंकी से 16.32 बजे तथा बादशाहनगर से 17.12 बजे छूटकर लखनऊ जं. 17.45 बजे पहुँचेगी।
05006 लखनऊ जं.-गोरखपुर अनारक्षित परीक्षा विशेष गाड़ी 13 जून, 2026 से 21 जून, 2026 तक लखनऊ जं. से 18.15 बजे प्रस्थान कर बादशाहनगर से 18.48 बजे, बाराबंकी से 19.32 बजे, करनैलगंज से 20.30 बजे, गोण्डा से 21.00 बजे, मनकापुर से 21.26 बजे, बभनान से 22.02 बजे, बस्ती से 22.33 बजे तथा खलीलाबाद से 23.00 बजे छूटकर गोरखपुर 23.55 बजे पहुँचेगी।

05031 गोरखपुर-लखनऊ जं. अनारक्षित परीक्षा विशेष गाड़ी 13 जून, 2026 से 21 जून, 2026 तक गोरखपुर से 19.00 बजे प्रस्थान कर खलीलाबाद से 19.42 बजे, बस्ती से 20.10 बजे, बभनान से 20.40 बजे, मनकापुर से 21.10 बजे, गोण्डा से 21.45 बजे, करनैलगंज से 22.16 बजे, बाराबंकी से 23.37 बजे तथा दूसरे दिन बादशाहनगर से 00.20 बजे छूटकर लखनऊ जं. 00.55 बजे पहुँचेगी।
05032 लखनऊ जं.-गोरखपुर अनारक्षित परीक्षा विशेष गाड़ी 14 जून, 2026 से 22 जून, 2026 तक लखनऊ जं. से 12.45 बजे प्रस्थान कर बादशाहनगर से 13.17 बजे, बाराबंकी से 14.02 बजे, करनैलगंज से 14.50 बजे, गोण्डा से 15.27 बजे, मनकापुर से 16.03 बजे, बभनान से 16.42 बजे, बस्ती से 17.22 बजे तथा खलीलाबाद से 17.44 बजे छूटकर गोरखपुर 18.20 बजे पहुँचेगी।

इन गाड़ियों में सामान्य द्वितीय श्रेणी/जी.एस.सी.एन. के 10 तथा एस.एल.आर.डी. के 02 कोचों सहित कुल 12 कोच लगाये जायेंगे। सभी कोच अनारक्षित श्रेणी के होंगे। आवश्यकतानुसार अनारक्षित कोचों की संख्या बढ़ायी जा सकती है तथा गाड़ियों को आवश्यकतानुसार पुनर्निर्धारित (रि-शिड्यूल) किया जा सकता है।

(सुमित कुमार)
मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी
सम्पादक/ब्यूरो प्रमुख, गोरखपुर।

विधि विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों तथा सचिव श्री शैलेंद्र नाथ के तत्वावधान में विधि विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को सिद्धार्थ लॉ कॉलेज के 31 विधि छात्रों ने जिला कारागार सिद्धार्थनगर का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को न्याय व्यवस्था, कारागार प्रशासन, बंदियों के अधिकारों तथा सुधारात्मक गतिविधियों के संबंध में व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम के दौरान जिला कारागार प्रशासन द्वारा उन्हें कारागार की कार्यप्रणाली से विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। भ्रमण के प्रारम्भ में छात्रों को कारागार के इतिहास, उद्देश्य तथा वर्तमान समय में जेलों की बदलती भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। अधीक्षक श्री सचिन वर्मा ने बताया कि आधुनिक कारागार केवल दंड देने का केंद्र नहीं है, बल्कि यह बंदियों के सुधार, पुनर्वास एवं समाज की मुख्यधारा में पुनः स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। छात्रों ने कारागार परिसर के विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण किया, जिसमें प्रवेश व्यवस्था, सुरक्षा प्रणाली, बैरकें, चिकित्सालय, रसोईघर, पुस्तकालय, मुलाकात कक्ष, प्रशिक्षण केंद्र तथा अन्य व्यवस्थाएं शामिल रहीं। इस दौरान उन्हें बताया गया कि कारागार में बंदियों को संविधान एवं कानून द्वारा प्रदत्त अधिकारों के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं तथा उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और मानसिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने बंदियों के लिए संचालित विभिन्न सुधारात्मक एवं पुनर्वास कार्यक्रमों का भी अवलोकन किया गया। साथ में यह भी जानकारी दी गई कि कारागार में बंदियों को शिक्षा, योग, ध्यान, खेलकूद, पुस्तक अध्ययन, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा जाता है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें। छात्रों ने इन गतिविधियों को निकट से देखा और उनकी उपयोगिता को समझा।
चीफ श्री अश्वनी मिश्रा ने विद्यार्थियों को विधिक सहायता प्रणाली के बारे में भी जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नियमित रूप से कार्य किया जाता है। इसके माध्यम से बंदियों को न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है। विद्यार्थियों ने विधिक सहायता की प्रक्रिया तथा उसके व्यावहारिक पक्षों के संबंध में अनेक प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों द्वारा विस्तारपूर्वक उत्तर दिया गया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को न्यायिक प्रक्रिया, विचाराधीन बंदियों और सजायाफ्ता बंदियों के मध्य अंतर, जेल नियमावली, मानवाधिकारों की सुरक्षा तथा सुधारात्मक न्याय व्यवस्था की अवधारणा के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई। अधिकारियों ने कहा कि कानून के विद्यार्थी भविष्य में न्याय व्यवस्था के महत्वपूर्ण अंग बनेंगे, इसलिए उनके लिए ऐसे शैक्षणिक भ्रमण अत्यंत उपयोगी हैं। इससे उन्हें पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ वास्तविक परिस्थितियों को समझने का अवसर प्राप्त होता है।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने कारागार प्रशासन द्वारा संचालित विभिन्न नवाचारों और व्यवस्थाओं के संबंध में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया , जो उनकी विधि शिक्षा को और अधिक समृद्ध बनाएगा। छात्रों ने विशेष रूप से बंदियों के सुधार और पुनर्वास हेतु संचालित कार्यक्रमों में रुचि दिखाई तथा उनके सामाजिक महत्व को समझा।
जिला कारागार प्रशासन ने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि कारागार में अनुशासन, सुरक्षा तथा मानवाधिकारों के मध्य संतुलन बनाए रखते हुए कार्य किया जाता है। बंदियों को सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने तथा उनमें नैतिक एवं सामाजिक मूल्यों के विकास के लिए समय-समय पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाते हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य बंदियों में आत्मविश्वास का विकास करना तथा उन्हें समाजोपयोगी नागरिक के रूप में तैयार करना है।

“हर घर नल” से नहीं होगी पूरी जल सुरक्षा, पारंपरिक जल स्रोत बचाना होगा जरूरी : श्रीधर पाण्डेय

भीषण गर्मी और गिरते भूजल स्तर पर सामाजिक कार्यकर्ता ने जताई चिंता, कुएं-तालाबों के संरक्षण की उठाई मांग

सिद्धार्थनगर। भीषण गर्मी और लगातार गिरते भूजल स्तर के बीच जनपद सिद्धार्थनगर समेत प्रदेश के कई क्षेत्रों में संभावित पेयजल संकट को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं गौतम बुद्ध जागृति सोसाइटी के सचिव श्रीधर पाण्डेय ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि सरकार की “हर घर नल, हर घर जल” योजना सराहनीय है, लेकिन केवल पाइपलाइन आधारित जलापूर्ति व्यवस्था पर निर्भर रहना भविष्य के लिए जोखिमपूर्ण साबित हो सकता है।

श्रीधर पाण्डेय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक जल स्रोत तेजी से समाप्त हो रहे हैं। गांवों के पुराने कुएं पाटे जा चुके हैं, छोटे देसी नल गायब हो गए हैं और बड़ी संख्या में इंडिया मार्क हैंडपंप भी अनुपयोगी पड़े हैं। ऐसे में ग्रामीण आबादी पूरी तरह केंद्रीकृत पेयजल व्यवस्था पर निर्भर होती जा रही है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी कारणवश बिजली आपूर्ति बाधित होती है, तकनीकी खराबी आती है या जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित होती है, तो लोगों के सामने पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।


जल सुरक्षा के लिए क्या जरूरी है?

✔ बंद पड़े कुओं का पुनर्जीवन

✔ इंडिया मार्क हैंडपंपों का संरक्षण

✔ तालाबों का जीर्णोद्धार

✔ वर्षा जल संचयन को बढ़ावा

✔ भूजल पुनर्भरण की प्रभावी व्यवस्था

✔ जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना

जलवायु परिवर्तन बढ़ा रहा खतरा

श्री पाण्डेय ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा और बढ़ती गर्मी के कारण आने वाले वर्षों में जल संकट और गहरा सकता है। ऐसे में आधुनिक जलापूर्ति योजनाओं के साथ-साथ वैकल्पिक एवं पारंपरिक जल स्रोतों को जीवित रखना बेहद आवश्यक है।

उन्होंने जनप्रतिनिधियों, प्रशासन, ग्राम पंचायतों और आम नागरिकों से अपील की कि जल संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम न समझा जाए, बल्कि इसे जनभागीदारी के साथ जनांदोलन का स्वरूप दिया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और टिकाऊ जल प्रबंधन सुनिश्चित हो सके।


गांवों से गायब होते कुएं, सूखते तालाब और बढ़ती गर्मी के बीच सामाजिक कार्यकर्ता श्रीधर पाण्डेय ने चेतावनी दी है कि केवल “हर घर नल” योजना से जल सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी। पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के बिना भविष्य में बड़ा जल संकट खड़ा हो सकता है।

सारांश

सिद्धार्थनगर में सामाजिक कार्यकर्ता श्रीधर पाण्डेय ने कहा कि आधुनिक पेयजल योजनाओं के साथ-साथ कुएं, तालाब, हैंडपंप और वर्षा जल संचयन जैसी पारंपरिक व्यवस्थाओं को भी संरक्षित करना जरूरी है। उन्होंने जल संरक्षण को जनांदोलन बनाने और भूजल पुनर्भरण पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

विशेष कथन

“नल का जल सुविधा है, लेकिन जल सुरक्षा का विकल्प नहीं।” — श्रीधर पाण्डेय, सचिव, गौतम बुद्ध जागृति सोसाइटी

 

मिशन शक्ति अभियान के तहत बड़ी सफलता: 4 दिन से लापता युवती सकुशल बरामद, परिवार ने सिद्धार्थनगर पुलिस का जताया आभार

सिद्धार्थनगर। मिशन शक्ति फेज-5.0 (द्वितीय चरण) अभियान के तहत सिद्धार्थनगर पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। चार दिनों से लापता 20 वर्षीय युवती को पुलिस ने सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया। बेटी के सुरक्षित मिलने पर परिवारजनों ने पुलिस टीम का धन्यवाद करते हुए उनकी सराहना की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर महिलाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण एवं गुमशुदाओं की बरामदगी को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद एवं क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत सौरयान के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक मिथिलेश कुमार राय के नेतृत्व में थाना सिद्धार्थनगर पुलिस ने कार्रवाई की।

जानकारी के अनुसार, कोडरा ग्रांट टोला सिहोरवा निवासी रघुवर पुत्र भीखी ने 8 जून 2026 को अपनी पुत्री संगीता निषाद (20 वर्ष) के घर से बिना बताए चले जाने की सूचना थाना सिद्धार्थनगर में दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हो गई और संभावित स्थानों पर पूछताछ के साथ-साथ विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की गई।

लगातार प्रयासों और मिशन शक्ति टीम की सक्रियता के चलते 12 जून 2026 को युवती को सकुशल बरामद कर लिया गया। आवश्यक कार्रवाई के बाद युवती को उसके परिजनों को थाने बुलाकर सुपुर्द कर दिया गया।

बेटी के सुरक्षित घर लौटने पर परिवारजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने सिद्धार्थनगर पुलिस की तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया।

बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में शामिल रहे— ▪️ उपनिरीक्षक विजय कुमार

▪️ आरक्षी शुभम रावत

▪️ रिक्रूट महिला आरक्षी स्नेहा मिश्रा

रसोई के मसालों पर खाद्य विभाग का शिकंजा, सिद्धार्थनगर में छापेमारी; 4 नमूने जांच को भेजे गए

सिद्धार्थनगर। रसोई में इस्तेमाल होने वाले मसालों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में विशेष अभियान चलाते हुए विभिन्न प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान हल्दी, लाल मिर्च और सब्जी मसाले के कुल चार नमूने संग्रहित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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कहां-कहां से लिए गए नमूने

सुभाषनगर, शोहरतगढ़ – हल्दी पाउडर (गोल्डी ब्रांड)

 तेतरी बाजार, नौगढ़ – सब्जी मसाला (कैच ब्रांड)

 इंदिरा नगर, बांसी – लाल मिर्च पाउडर (आर.एल. ब्रांड)

 इंदिरा नगर, बांसी – हल्दी पाउडर (गर्नी ब्रांड)

सारांश

मसालों की गुणवत्ता जांच के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर चार नमूने एकत्र किए हैं। सभी नमूने प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य खबर

आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश तथा जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर के निर्देश पर जिले में मसालों की गुणवत्ता जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय आर.एल. यादव के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के सचल दल ने विभिन्न प्रतिष्ठानों पर छापामार कार्रवाई की।

अभियान के दौरान शोहरतगढ़ क्षेत्र के सुभाषनगर स्थित प्रतिष्ठान से गोल्डी ब्रांड हल्दी पाउडर, नौगढ़ के तेतरी बाजार से कैच ब्रांड सब्जी मसाला, तथा बांसी के इंदिरा नगर क्षेत्र से आर.एल. ब्रांड लाल मिर्च पाउडर एवं गर्नी ब्रांड हल्दी पाउडर के नमूने लिए गए।

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा कुल चार नमूनों को सील कर जांच हेतु प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि किसी नमूने में गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन या मिलावट पाई जाती है तो संबंधित के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के अंतर्गत नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।


मिलावटखोरों में मचा हड़कंप

खाद्य सुरक्षा विभाग की अचानक हुई कार्रवाई से व्यापारिक प्रतिष्ठानों में हड़कंप की स्थिति रही। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जाएगी।

कार्रवाई में शामिल अधिकारी :

आर.एल. यादव (सहायक आयुक्त खाद्य-।।), खाद्य सुरक्षा अधिकारी हीरा लाल एवं नीरज कुमार चौधरी।

रिपोर्ट : FT News Digital | सिद्धार्थनगर

“सच और… कुछ नहीं”

गांव पहुंचा प्रशासन, चौपाल में खुली विकास की किताब; डीएम बोले—पात्रों का हक मारने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

 

सिद्धार्थनगर। विकास खण्ड भनवापुर की ग्राम पंचायत नावडीह में आयोजित ग्राम चौपाल “गांव की समस्या-गांव में समाधान” कार्यक्रम में जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता का हक छीनने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

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के प्रमुख निर्देश

✔ सभी पात्र लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाएं

✔ पेंशन से वंचित लोगों का सत्यापन कर लाभ दिलाएं

✔ राशन वितरण में अनियमितता बिल्कुल न हो

✔ भूमि विवाद व पैमाइश के मामलों का समयबद्ध निस्तारण

✔ किसान सम्मान निधि व फसल बीमा की समस्याएं दूर करें

✔ जन्म, आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र समय से जारी हों

✔ फार्मर रजिस्ट्री कराकर किसानों को योजनाओं से जोड़ें

सारांश

ग्राम चौपाल में जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकांश योजनाओं का लाभ मिल रहा है। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना से वंचित न रखा जाए तथा सभी शिकायतों का मौके पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य खबर

सिद्धार्थनगर, 12 जून। जिलाधिकारी श्री शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री बलराम सिंह की उपस्थिति में विकास खण्ड भनवापुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत नावडीह में ग्राम चौपाल “गांव की समस्या-गांव में समाधान” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत ग्राम प्रधान द्वारा जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत करने से हुई। इसके बाद जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए विभिन्न सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति की समीक्षा की।

ग्रामीणों ने बताया कि शासन द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उन्हें प्राप्त हो रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि आज गांव में सभी विभागों के अधिकारी मौजूद हैं, इसलिए जो भी समस्या हो, उसका तत्काल समाधान कराया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सभी पात्र लोगों के कार्ड बनाए जाएं ताकि उन्हें पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क उपचार सुविधा मिल सके। साथ ही किसानों की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा किसान सम्मान निधि से जुड़ी समस्याओं का भी प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा है कि गांव के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। इसी उद्देश्य से जनपद में लगातार ग्राम चौपालों का आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन से वंचित लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि पात्र लाभार्थियों का सत्यापन कर शीघ्र पेंशन स्वीकृत कराई जाए। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने की अपील भी की गई।

राशन वितरण व्यवस्था पर विशेष जोर देते हुए डीएम ने कहा कि किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा पात्र परिवारों का नाम राशन कार्ड सूची में जोड़ा जाए। उन्होंने वरासत, भूमि विवाद, पैमाइश तथा अन्य राजस्व मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र निर्धारित समय सीमा में जारी किए जाएं। साथ ही आपदा राहत एवं कृषक दुर्घटना बीमा योजना का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाया जाए।

ग्रामीणों से संवाद के दौरान उन्होंने सभी किसानों से फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील की ताकि वे सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकें। इसके अलावा उन्होंने आगामी जनगणना कार्य में प्रगणकों का सहयोग करने का भी आह्वान किया।

ग्राम चौपाल में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी दी गई तथा अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं के बारे में विस्तार से ग्रामीणों को अवगत कराया।


“जनता का हक नहीं मारा जाएगा”

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने साफ शब्दों में कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा लापरवाही अथवा हीलाहवाली की गई तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट : FT News Digital | सिद्धार्थनगर

“सच और… कुछ नहीं”

365 मंदिरों और कुओं को मिलेगा नया जीवन! बिस्कोहर बनेगा पर्यटन का नया केंद्र

डीएम शिवशरणप्पा ने किया ऐतिहासिक धरोहरों का निरीक्षण, जीर्णोद्धार की तैयारी तेज

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सिद्धार्थनगर के नगर पंचायत बिस्कोहर में स्थित ऐतिहासिक 365 मंदिरों और कुओं के संरक्षण एवं विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने स्वयं मौके पर पहुंचकर इन प्राचीन धरोहरों का निरीक्षण किया और इनके जीर्णोद्धार की प्रगति की जानकारी ली। शासन स्तर पर प्रस्ताव भेजे जाने के बाद अब पर्यटन विभाग इनके पुनरुद्धार का कार्य कराएगा।

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पुरातात्विक महत्व से भरपूर बिस्कोहर के 365 मंदिर और कुएं वर्षों से अपनी पहचान बनाए हुए हैं। अब इनके संरक्षण और सौंदर्यीकरण की योजना पर तेजी से काम शुरू होने जा रहा है, जिससे क्षेत्र को नई पर्यटन पहचान मिलने की उम्मीद है।

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मुख्य बिंदु

✔ डीएम शिवशरणप्पा जी.एन. ने किया निरीक्षण

✔ 365 मंदिरों और कुओं का होगा जीर्णोद्धार

✔ पुरातत्व विभाग ने सर्वे रिपोर्ट शासन को भेजी

✔ पर्यटन विभाग कराएगा विकास कार्य

✔ बिस्कोहर को मिलेगी नई पर्यटन पहचान

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सिद्धार्थनगर। जनपद की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने की दिशा में प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू कर दी है। शुक्रवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने नगर पंचायत बिस्कोहर में स्थित ऐतिहासिक 365 मंदिरों एवं कुओं का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने इन प्राचीन धरोहरों की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों से इनके संरक्षण एवं विकास को लेकर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बताया कि पुरातात्विक महत्व के दृष्टिगत बिस्कोहर के 365 मंदिरों और कुओं का सर्वेक्षण पुरातत्व विभाग द्वारा कराया गया है तथा इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद पर्यटन विभाग द्वारा इन ऐतिहासिक स्थलों का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। इससे न केवल क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत सुरक्षित होगी बल्कि पर्यटन की संभावनाओं को भी नया आयाम मिलेगा।

स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि इन प्राचीन धरोहरों का समुचित विकास होता है तो बिस्कोहर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।

निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी इटवा कुणाल, नगर पंचायत बिस्कोहर के अधिशासी अधिकारी अखिलेश कुमार दीक्षित सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

सारांश :

IMG 20260612 WA1400 की ऐतिहासिक पहचान माने जाने वाले 365 मंदिरों और कुओं के संरक्षण की दिशा में प्रशासन सक्रिय हो गया है। पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है और जल्द ही पर्यटन विभाग इनके जीर्णोद्धार का कार्य शुरू कर सकता है।

 

आईजीआरएस में लापरवाही पड़ी भारी, डीएम ने रोका जून का वेतन

आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर डीएम सख्त, कई अधिकारियों का जून माह का वेतन बाधित

शिकायत निस्तारण में अनदेखी पड़ी भारी, जिलाधिकारी ने दिखाई सख्ती; तहसील से लेकर नगर निकाय और शिक्षा विभाग तक कार्रवाई की जद में


सिद्धार्थनगर। जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने कड़ा रुख अपनाया है। आईजीआरएस संदर्भों की समीक्षा के दौरान शिकायतों के निस्तारण में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का जून माह का वेतन बाधित करने के निर्देश दिए हैं।

सारांश

जिलाधिकारी ने आईजीआरएस शिकायतों की समीक्षा में पाई गंभीर कमियां।

आवेदकों से संपर्क, स्थलीय जांच और फीडबैक की प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ।

तहसील नौगढ़ और शोहरतगढ़ के राजस्व अधिकारियों सहित कई विभाग कार्रवाई की जद में।

जून माह का वेतन बाधित करने का दिया गया निर्देश।

🔲 जन शिकायतों में लापरवाही पर प्रशासन का  कड़ा संदेश

आईजीआरएस प्रणाली के माध्यम से आने वाली शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। समीक्षा के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन न होने पर जिलाधिकारी की यह कार्रवाई प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

मुख्य खबर

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने 11 जून 2026 को आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कुछ शिकायतों का परीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि कई मामलों में शासन द्वारा निर्धारित शिकायत निस्तारण प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि शिकायतकर्ताओं से संपर्क स्थापित नहीं किया गया, कई मामलों में स्थलीय निरीक्षण नहीं हुआ तथा जांच के निष्कर्षों से आवेदकों को अवगत कराने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई। इसे शिकायत निस्तारण प्रणाली में गंभीर लापरवाही माना गया।

जांच के दौरान तहसील नौगढ़ एवं शोहरतगढ़ के तहसीलदार, नायब तहसीलदार, नौ लेखपाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत बढ़नी तथा उसका बाजार के अधिशासी अधिकारियों के स्तर पर कमियां पाई गईं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का जून माह का वेतन बाधित करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को जवाबदेही तय करने और शिकायत निस्तारण व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में कड़ा संदेश माना जा रहा है।


🔲 क्या हैं प्रमुख कमियां?

शिकायतकर्ता से संपर्क नहीं किया गया।

स्थलीय निरीक्षण नहीं कराया गया।

जांच रिपोर्ट की जानकारी आवेदक को नहीं दी गई।

शासन की निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ।


(नोट: यह समाचार जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के आधार पर तैयार किया

गया है।)


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