फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर डीएम सख्त, कई अधिकारियों का जून माह का वेतन बाधित

आईजीआरएस शिकायतों में लापरवाही पर डीएम सख्त, कई अधिकारियों का जून माह का वेतन बाधित


शिकायत निस्तारण में अनदेखी पड़ी भारी, जिलाधिकारी ने दिखाई सख्ती; तहसील से लेकर नगर निकाय और शिक्षा विभाग तक कार्रवाई की जद में


सिद्धार्थनगर। जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने कड़ा रुख अपनाया है। आईजीआरएस संदर्भों की समीक्षा के दौरान शिकायतों के निस्तारण में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का जून माह का वेतन बाधित करने के निर्देश दिए हैं।

सारांश

जिलाधिकारी ने आईजीआरएस शिकायतों की समीक्षा में पाई गंभीर कमियां।

आवेदकों से संपर्क, स्थलीय जांच और फीडबैक की प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ।

तहसील नौगढ़ और शोहरतगढ़ के राजस्व अधिकारियों सहित कई विभाग कार्रवाई की जद में।

जून माह का वेतन बाधित करने का दिया गया निर्देश।


🔲 जन शिकायतों में लापरवाही पर प्रशासन का  कड़ा संदेश

आईजीआरएस प्रणाली के माध्यम से आने वाली शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। समीक्षा के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन न होने पर जिलाधिकारी की यह कार्रवाई प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


मुख्य खबर

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. ने 11 जून 2026 को आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज कुछ शिकायतों का परीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि कई मामलों में शासन द्वारा निर्धारित शिकायत निस्तारण प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

समीक्षा में यह तथ्य सामने आया कि शिकायतकर्ताओं से संपर्क स्थापित नहीं किया गया, कई मामलों में स्थलीय निरीक्षण नहीं हुआ तथा जांच के निष्कर्षों से आवेदकों को अवगत कराने की प्रक्रिया भी पूरी नहीं की गई। इसे शिकायत निस्तारण प्रणाली में गंभीर लापरवाही माना गया।

जांच के दौरान तहसील नौगढ़ एवं शोहरतगढ़ के तहसीलदार, नायब तहसीलदार, नौ लेखपाल, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर के अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत बढ़नी तथा उसका बाजार के अधिशासी अधिकारियों के स्तर पर कमियां पाई गईं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का जून माह का वेतन बाधित करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को जवाबदेही तय करने और शिकायत निस्तारण व्यवस्था को प्रभावी बनाने की दिशा में कड़ा संदेश माना जा रहा है।


🔲 क्या हैं प्रमुख कमियां?

शिकायतकर्ता से संपर्क नहीं किया गया।

स्थलीय निरीक्षण नहीं कराया गया।

जांच रिपोर्ट की जानकारी आवेदक को नहीं दी गई।

शासन की निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ।


(नोट: यह समाचार जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के आधार पर तैयार किया


गया है।)

FT NEWS DIGITAL

“सच और… कुछ नहीं”

हाईवे बना मंडी? नौगढ़ में सड़क किनारे निर्माण सामग्री के ढेर पर उठे सवाल

नेशनल हाईवे पर अतिक्रमण से बढ़ा खतरा, सड़क किनारे निर्माण सामग्री के कारोबार पर उठे सवालIMG 20260612 WA1393

राहगीरों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने उठाई आवाज


सिद्धार्थनगर। सदर थाना क्षेत्र के नौगढ़ पुलिस चौकी अंतर्गत नगर पालिका क्षेत्र तथा बर्डपुर नंबर-14 के झंडेनगर और गरीबपुर के आसपास नेशनल हाईवे के किनारे एवं बस स्टॉप के समीप निर्माण सामग्री के भंडारण और कारोबार को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर चिंता जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे गिट्टी, मोरंग, बालू, सीमेंट और सरिया रखे जाने से यातायात प्रभावित हो रहा है तथा दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। लोगों ने जनहित में प्रशासन से जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

IMG 20260612 WA1394


ग्रामीणों की प्रमुख शिकायतें

हाईवे किनारे निर्माण सामग्री रखे जाने का आरोप।

बस स्टॉप और सड़क के आसपास आवागमन प्रभावित होने की शिकायत।

धूल और प्रदूषण से स्थानीय लोगों को परेशानी।

दुर्घटनाओं की आशंका को लेकर बढ़ी चिंता।

प्रशासन से अतिक्रमण हटाने और जांच की मांग।


जनहित से जुड़े सवाल

 क्या हाईवे किनारे निर्माण सामग्री का भंडारण नियमों के अनुरूप है?

 क्या सड़क सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है?

 क्या राहगीरों और वाहन चालकों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है?

 स्थानीय लोगों की शिकायतों पर क्या होगी कार्रवाई?


जांच के बाद ही स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति।

विस्तृत खबर

सिद्धार्थनगर जिले के नौगढ़ क्षेत्र में नेशनल हाईवे के किनारे निर्माण सामग्री के कारोबार और भंडारण को लेकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क और बस स्टॉप के आसपास गिट्टी, मोरंग, बालू, सीमेंट तथा सरिया जैसी सामग्री रखे जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क किनारे सामग्री रखे जाने से उड़ने वाली धूल आसपास के घरों तक पहुंच रही है, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। वहीं, यातायात प्रभावित होने और दुर्घटनाओं की आशंका को लेकर भी लोगों ने चिंता व्यक्त की है।

ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करे कि कहीं सड़क सुरक्षा मानकों और सार्वजनिक भूमि से जुड़े नियमों का उल्लंघन तो नहीं हो रहा है। उनका कहना है कि यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

हालांकि, इस संबंध में संबंधित कारोबारियों या प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। इसलिए सभी आरोप और दावे स्वतंत्र जांच तथा प्रशासनिक सत्यापन के अधीन हैं।

सारांश

नौगढ़ क्षेत्र में नेशनल हाईवे किनारे निर्माण सामग्री के कथित भंडारण और कारोबार को लेकर स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और प्रदूषण से जुड़े सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर जनहित में आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

 

बढ़नी ब्लॉक में प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल, सरकारी कार्यों में कथित हस्तक्षेप की जांच की मांग

भुगतान व्यवस्था, कार्यक्षेत्र आवंटन और प्रशासनिक निर्णयों को लेकर चर्चाएं तेज; आधिकारिक जांच का इंतजार


बढ़नी ब्लॉक में VDO के कार्यों में बाहरी हस्तक्षेप के आरोप, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल

सरकारी कार्यों के संचालन और भुगतान प्रणाली को लेकर चर्चा तेज, जांच की मांग


बढ़नी (सिद्धार्थनगर)। विकास खंड बढ़नी में ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) के कार्यों में कथित बाहरी हस्तक्षेप और सरकारी भुगतान प्रणाली के संचालन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों और विभिन्न माध्यमों से सामने आए आरोपों के बाद प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता पर बहस छिड़ गई है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक किसी सक्षम अधिकारी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो रही है।


आरोप क्या हैं?

वीडीओ के सरकारी कार्यों में कथित रूप से परिजन के हस्तक्षेप की चर्चा।

भुगतान प्रक्रिया से जुड़े उपकरण और कार्य संचालन को लेकर सवाल।

कार्यक्षेत्र के पुनर्वितरण को लेकर भी चर्चाएं।

स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच और स्पष्ट जवाबदेही की मांग।


मुख्य बिंदु

सरकारी कार्यों में पारदर्शिता पर उठे सवाल।

 भुगतान प्रणाली के संचालन को लेकर चर्चा।

 प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर सवालिया निशान।

आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति होगी स्पष्ट।

जनहित में निष्पक्ष जांच की मांग।


खबर

विकास खंड बढ़नी में इन दिनों प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। क्षेत्र में यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि एक ग्राम विकास अधिकारी के कार्यों में कथित रूप से बाहरी व्यक्ति का प्रभाव देखा जा रहा है। साथ ही भुगतान प्रक्रिया और कुछ प्रशासनिक निर्णयों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, हाल के दिनों में कार्यक्षेत्र के पुनर्वितरण और कुछ अतिरिक्त ग्राम पंचायतों के आवंटन को लेकर भी लोगों के बीच चर्चा बनी हुई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

मामले को लेकर सबसे अधिक चर्चा सरकारी भुगतान प्रणाली से जुड़े उपकरणों और कार्य संचालन को लेकर हो रही है। जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी कार्यों में किसी भी स्तर पर अनधिकृत हस्तक्षेप हुआ है तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके और जनता का विश्वास बना रहे।

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं में निर्धारित नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है। यदि कहीं कोई अनियमितता सामने आती है तो संबंधित विभाग द्वारा उसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में सभी आरोप जांच और सक्षम अधिकारियों की पुष्टि के अधीन हैं।

सारांश

बढ़नी ब्लॉक में सरकारी कार्यों के संचालन, भुगतान व्यवस्था और कथित बाहरी हस्तक्षेप को लेकर उठे सवालों ने प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन जनहित में निष्पक्ष जांच और तथ्यों को सार्वजनिक किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।

बढ़नी ब्लॉक में प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल, सरकारी कार्यों में कथित हस्तक्षेप की जांच की मांग

भुगतान व्यवस्था, कार्यक्षेत्र आवंटन और प्रशासनिक निर्णयों को लेकर चर्चाएं तेज; आधिकारिक जांच का इंतजार


बढ़नी ब्लॉक में VDO के कार्यों में बाहरी हस्तक्षेप के आरोप, प्रशासनिक व्यवस्था पर उठे सवाल

सरकारी कार्यों के संचालन और भुगतान प्रणाली को लेकर चर्चा तेज, जांच की मांग


बढ़नी (सिद्धार्थनगर)। विकास खंड बढ़नी में ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) के कार्यों में कथित बाहरी हस्तक्षेप और सरकारी भुगतान प्रणाली के संचालन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों और विभिन्न माध्यमों से सामने आए आरोपों के बाद प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता पर बहस छिड़ गई है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक किसी सक्षम अधिकारी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो रही है।


आरोप क्या हैं?

वीडीओ के सरकारी कार्यों में कथित रूप से परिजन के हस्तक्षेप की चर्चा।

भुगतान प्रक्रिया से जुड़े उपकरण और कार्य संचालन को लेकर सवाल।

कार्यक्षेत्र के पुनर्वितरण को लेकर भी चर्चाएं।

स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच और स्पष्ट जवाबदेही की मांग।


मुख्य बिंदु

सरकारी कार्यों में पारदर्शिता पर उठे सवाल।

 भुगतान प्रणाली के संचालन को लेकर चर्चा।

 प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर सवालिया निशान।

आधिकारिक जांच के बाद ही स्थिति होगी स्पष्ट।

जनहित में निष्पक्ष जांच की मांग।


खबर

विकास खंड बढ़नी में इन दिनों प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। क्षेत्र में यह आरोप लगाए जा रहे हैं कि एक ग्राम विकास अधिकारी के कार्यों में कथित रूप से बाहरी व्यक्ति का प्रभाव देखा जा रहा है। साथ ही भुगतान प्रक्रिया और कुछ प्रशासनिक निर्णयों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, हाल के दिनों में कार्यक्षेत्र के पुनर्वितरण और कुछ अतिरिक्त ग्राम पंचायतों के आवंटन को लेकर भी लोगों के बीच चर्चा बनी हुई है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

मामले को लेकर सबसे अधिक चर्चा सरकारी भुगतान प्रणाली से जुड़े उपकरणों और कार्य संचालन को लेकर हो रही है। जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सरकारी कार्यों में किसी भी स्तर पर अनधिकृत हस्तक्षेप हुआ है तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके और जनता का विश्वास बना रहे।

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रक्रियाओं में निर्धारित नियमों का पालन अत्यंत आवश्यक है। यदि कहीं कोई अनियमितता सामने आती है तो संबंधित विभाग द्वारा उसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में सभी आरोप जांच और सक्षम अधिकारियों की पुष्टि के अधीन हैं।

सारांश

बढ़नी ब्लॉक में सरकारी कार्यों के संचालन, भुगतान व्यवस्था और कथित बाहरी हस्तक्षेप को लेकर उठे सवालों ने प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। आरोपों की पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन जनहित में निष्पक्ष जांच और तथ्यों को सार्वजनिक किए जाने की मांग जोर पकड़ रही है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।

वन विभाग पर उठे सवाल: गिरे आम के पेड़ की कथित कटान-बिक्री की शिकायत, जांच की मांग!

सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश। जनपद के नौगढ़ रेंज क्षेत्र में संरक्षित वन भूमि पर स्थित एक आम के पेड़ की कटान एवं उसके निस्तारण को लेकर शिकायत दर्ज कराए जाने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता दुर्गेश मिश्रा, निवासी पलिया निधि, ब्लॉक नौगढ़, तहसील शोहरतगढ़ ने उत्तर प्रदेश के जनसुनवाई (IGRS) पोर्टल के माध्यम से संबंधित प्रकरण की जांच कराए जाने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, नौगढ़ रेंज के धेंसा नानकार क्षेत्र में संरक्षित वन भूमि पर स्थित एक आम का पेड़ लगभग दस दिन पूर्व आए आंधी-तूफान के दौरान गिर गया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि बाद में उक्त पेड़ को काटकर उसका निस्तारण किए जाने की जानकारी उन्हें स्थानीय स्तर पर प्राप्त हुई। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस संबंध में आवश्यक अनुमति और विभागीय प्रक्रिया का पालन किए जाने को लेकर संदेह व्यक्त किया गया है।

दुर्गेश मिश्रा द्वारा दर्ज शिकायत में मांग की गई है कि संबंधित मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि पेड़ के निस्तारण की प्रक्रिया वन विभाग के नियमों एवं निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप की गई थी या नहीं। शिकायतकर्ता ने यह भी अनुरोध किया है कि जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उल्लेखनीय है कि वन भूमि पर स्थित पेड़ों के कटान, निस्तारण अथवा बिक्री से संबंधित मामलों में निर्धारित विभागीय प्रक्रियाओं और अनुमति की आवश्यकता होती है। ऐसे मामलों में अंतिम स्थिति जांच और सक्षम अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट हो सकती है।

जनसुनवाई पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह शिकायत वर्तमान में विचाराधीन (Pending) बताई जा रही है। मामले में अभी तक संबंधित विभाग अथवा अधिकारियों की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हुई है।

महत्वपूर्ण: यह समाचार जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत और शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी पर आधारित है। समाचार में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित विभागीय जांच एवं सक्षम अधिकारियों की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

“गिरे आम के पेड़ की कटान-बिक्री का आरोप, वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
  1. वन विभाग पर उठे सवाल: गिरे आम के पेड़ की कथित कटान-बिक्री की शिकायत, जांच की मांग
    महादेवा नानकार में आंधी से गिरे पेड़ के निस्तारण को लेकर विवाद, जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज
    सिद्धार्थनगर, संवाददाता। नौगढ़ वन रेंज के महादेवा नानकार क्षेत्र में आंधी-तूफान के दौरान गिरे एक आम के पेड़ के निस्तारण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामले में एक स्थानीय निवासी ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि संरक्षित वन भूमि के निकट स्थित उक्त पेड़ को बिना निर्धारित प्रक्रिया और वैध अनुमति के कटवाकर बेच दिया गया। शिकायत फिलहाल संबंधित विभाग के स्तर पर लंबित बताई जा रही है।

 

जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ता ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक विभाग का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका था।

शिकायत में क्या कहा गया है?
शिकायतकर्ता का दावा है कि महादेवा नानकार क्षेत्र में आंधी से गिरा आम का पेड़ कई दिनों तक मौके पर पड़ा रहा। बाद में उसे काटकर हटाया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पेड़ के निस्तारण में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। शिकायत में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग की गई है।
बॉक्स
जांच में सामने आ सकते हैं ये सवाल
क्या पेड़ के निस्तारण की विधिवत अनुमति ली गई थी?
क्या विभागीय अभिलेखों में इसकी प्रविष्टि दर्ज है?
पेड़ कटान और हटाने की प्रक्रिया किसके आदेश पर हुई?
क्या निस्तारण नियमानुसार किया गया?
शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है?

महादेवा नानकार क्षेत्र में स्थित एक आम का पेड़ हाल ही में आए आंधी-तूफान में गिर गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार पेड़ संरक्षित वन क्षेत्र के निकट स्थित था। जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बाद में उक्त पेड़ को काटकर हटाया गया तथा उसकी बिक्री कर दी गई।
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में पूरे प्रकरण की जांच कर संबंधित अभिलेखों और अनुमति संबंधी दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह सरकारी संपत्ति के निस्तारण संबंधी नियमों के उल्लंघन का मामला हो सकता है।
उधर, समाचार लिखे जाने तक वन विभाग अथवा संबंधित अधिकारियों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी थी। ऐसे में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार
मामला अब जांच के दायरे में है। जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत लंबित होने के कारण क्षेत्र के लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई और विभागीय जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
(अस्वीकरण : यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज कराए गए आरोपों एवं उपलब्ध दस्तावेजों पर आधारित है। समाचार पत्र/चैनल इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता। संबंधित विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

महादेवा नानकार का मामला, जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज; जांच रिपोर्ट का इंतजार

डंपर की टक्कर से दो युवकों की मौत, मुंडन संस्कार से लौटते समय उजड़ गए दो परिवार

सिद्धार्थनगर। जनपद के मोहाना थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। लुंबिनी से मुंडन संस्कार कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे बाइक सवार दो युवकों की तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

घटना

जानकारी के अनुसार मोहाना थाना क्षेत्र के पननी गांव के समीप एक तेज रफ्तार डंपर और बाइक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।

मृतकों की पहचान

हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान रामजीवन (30 वर्ष) पुत्र दशरथ निवासी चनरैया, थाना लोटन तथा सोनू (28 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों युवक लुंबिनी से एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होकर वापस अपने घर लौट रहे थे।

मचा कोहराम

जैसे ही हादसे की सूचना गांव पहुंची, दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। ग्रामीणों की भारी भीड़ मृतकों के घर पहुंच गई। गांव में मातम का माहौल व्याप्त है।

पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलने पर मोहाना थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार

स्थानीय लोगों का कहना है कि टक्कर बेहद जोरदार थी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

प्रशासन से उठी मांग

ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता दिए जाने तथा क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


एक पल में उजड़ गई खुशियां

मुंडन संस्कार जैसे खुशी के अवसर से लौट रहे दोनों युवकों को शायद यह अंदाजा भी नहीं था कि घर पहुंचने से पहले ही काल उनका इंतजार कर रहा है। इस हृदयविदारक हादसे ने दो परिवारों के सपनों को एक झटके में बिखेर दिया।


हादसे की मुख्य बातें

■ पननी गांव के पास डंपर और बाइक की आमने-सामने टक्कर

■ दो युवकों की मौके पर मौत

■ लुंबिनी से मुंडन संस्कार कार्यक्रम से लौट रहे थे दोनों

■ पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा

■ दुर्घटना के कारणों की जांच जारी


(नोट : समाचार उपलब्ध स्थानीय जानकारी एवं पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक कार्रवाई के आधार पर तैयार किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों में परिवर्तन संभव है।)

 

“बाढ़ से पहले तैयारी की परीक्षा: सिद्धार्थनगर में NDRF, पुलिस और प्रशासन ने किया संयुक्त रेस्क्यू अभ्यास”

IMG 20260611 WA1080

सिद्धार्थनगर में बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारी का रियलिटी टेस्ट, NDRF ने दिखाया रेस्क्यू का दम

IMG 20260611 WA1078

सिद्धार्थनगर। आगामी मानसून और संभावित बाढ़ आपदा को देखते हुए गुरुवार को तहसील बांसी स्थित रानी मोहभक्त लक्ष्मी घाट पर जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों द्वारा संयुक्त रूप से भव्य बाढ़ राहत एवं बचाव मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी एवं इंसिडेंट कमांडर श्री शिवशरणप्पा जीएन के निर्देशन में आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में विभिन्न विभागों की तत्परता और समन्वय की वास्तविक परख करना था।

IMG 20260611 WA1083

मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ की काल्पनिक सूचना मिलते ही जिला कंट्रोल रूम सक्रिय हुआ और लगभग 50 मिनट के भीतर एनडीआरएफ, पुलिस, पीएसी, स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं। इसके बाद युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाते हुए प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का प्रदर्शन किया गया।

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने मौके पर पहुंचकर पूरे अभ्यास का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थनगर बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील जनपदों में शामिल है, इसलिए सभी विभागों को हर परिस्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डूबते व्यक्ति को बचाने का लाइव प्रदर्शन

मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ की टीम ने नदी में डूबे व्यक्ति को सुरक्षित निकालने, प्राथमिक उपचार देने और जीवन रक्षक तकनीकों का प्रदर्शन किया। टीम ने बताया कि डूबे व्यक्ति को बाहर निकालने के बाद किस प्रकार उसके शरीर से पानी निकाला जाता है, पल्स चेक की जाती है और तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

घरेलू सामानों से बनाई गई इम्प्रोवाइज्ड राफ्ट

एनडीआरएफ विशेषज्ञों ने ग्रामीणों और स्थानीय लोगों को घर में उपलब्ध संसाधनों से अस्थायी नाव (इम्प्रोवाइज्ड राफ्ट) तैयार करने और उसका सुरक्षित उपयोग करने की जानकारी भी दी। इस प्रदर्शन को लोगों ने काफी रुचि के साथ देखा।

राहत शिविर, पेयजल और पशुओं के चारे की भी तैयारी

मॉक ड्रिल के दौरान यह भी प्रदर्शित किया गया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर कैसे संचालित किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सा सहायता, जल निगम एवं स्थानीय निकायों द्वारा स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था तथा पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने की कार्ययोजना प्रस्तुत की गई।

सभी विभागों ने निभाई सक्रिय भूमिका

अभ्यास में राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन, सिंचाई, नगर निकाय, ग्राम्य विकास, विद्युत विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय सहभागिता की। आपदा मित्रों, स्वयंसेवकों और स्थानीय नागरिकों ने भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आपदा नियंत्रण कक्ष के नंबर जारी

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।

📞 आपदा कंट्रोल रूम:

05442-97010

05442-97030

 

कोर्ट से लौट रहे अधेड़ को ट्रक ने कुचला, बेटे की आंखों के सामने दर्दनाक मौत

न्यायालय गेट के सामने मचा कोहराम, घंटों जाम; चालक ट्रक छोड़कर फरार


मुकदमे की पैरवी कर घर लौट रहे थे इनाउल्लाह, सड़क पार करते समय तेज रफ्तार ट्रक ने रौंदा; पुलिस ने ट्रक कब्जे में लेकर शुरू की जांच


▪️ न्यायालय गेट के सामने हुआ दर्दनाक सड़क हादसा

▪️ 55 वर्षीय इनाउल्लाह की मौके पर मौत

▪️ बेटे के सामने पिता ने तोड़ा दम

▪️ ट्रक चालक वाहन छोड़कर फरार

▪️ दोनों ओर लगा लंबा जाम, यातायात प्रभावित

▪️ पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा

▪️ फरार चालक की तलाश में जुटी पुलिस


बेटे की आंखों के सामने उजड़ गया परिवार हादसे के समय मृतक का पुत्र अलाउद्दीन भी साथ मौजूद था। उसने बताया कि मोटरसाइकिल मोड़ते समय इंडिकेटर दिया गया था, लेकिन ट्रक चालक ने न तो गति कम की और न ही सावधानी बरती। देखते ही देखते पिता ट्रक की चपेट में आ गए और उसकी आंखों के सामने उनकी मौत हो गई।


हादसे के बाद कोर्ट गेट पर लगा लंबा जाम

दुर्घटना के बाद न्यायालय गेट के सामने अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जुट गए, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को यातायात सामान्य कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

सिद्धार्थनगर।

जिला मुख्यालय स्थित न्यायालय गेट के सामने गुरुवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में मोहाना थाना क्षेत्र के मधुबनी टोला रेहला गांव निवासी इनाउल्लाह (55) की ट्रक से कुचलकर मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि घटनास्थल पर मौजूद लोगों की रूह कांप उठी। मृतक अपने पुत्र अलाउद्दीन के साथ मोटरसाइकिल से न्यायालय में मुकदमे की पैरवी करने आए थे और कार्य समाप्त होने के बाद घर लौट रहे थे।

जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे दोनों न्यायालय परिसर से निकलकर सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी मोटरसाइकिल को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर लगते ही इनाउल्लाह सड़क पर गिर पड़े और ट्रक उन्हें कुचलता हुआ आगे निकल गया। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक के पुत्र अलाउद्दीन ने बताया कि उन्होंने सड़क पार करने से पहले इंडिकेटर दिया था, लेकिन ट्रक चालक ने वाहन की गति कम नहीं की। उनका आरोप है कि चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। न्यायालय परिसर में मौजूद अधिवक्ता, वादकारी और राहगीर भी मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए, जिससे न्यायालय गेट के सामने दोनों ओर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और लंबा जाम लग गया।

सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद भीड़ को नियंत्रित किया तथा यातायात को सुचारु कराया। वहीं दुर्घटना के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है।

आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया। उधर, हादसे की सूचना गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार इनाउल्लाह परिवार के जिम्मेदार सदस्य थे और मुकदमे की तारीख पर न्यायालय आए थे, लेकिन घर लौटने से पहले ही सड़क हादसे ने उनकी जिंदगी छीन ली।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। फरार ट्रक चालक की तलाश जारी है और जल्द ही उसके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

 

हत्या के आरोपी को पथरा बाजार पुलिस ने किया गिरफ्तार, न्यायालय भेजा गया

सिद्धार्थनगर, 11 जून 2026। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में जनपद सिद्धार्थनगर की थाना पथरा बाजार पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। हत्या के मामले में वांछित चल रहे एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक के आदेश के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज बृजेश कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष ओम प्रकाश मिश्र एवं उनकी टीम द्वारा थाना पथरा बाजार पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 37/2026, धारा 115(2), 351(3), 352, 103(1), 191(2) बीएनएस से संबंधित वांछित अभियुक्त की तलाश की जा रही थी।

पुलिस टीम ने गुरुवार को गांव के बाहर स्थित एक पोखरे के पास से अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई पूर्ण करते हुए उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान नीलेश पांडेय पुत्र सूर्यनाथ पांडेय निवासी ग्राम बनगवा पड़ाइन, थाना पथरा बाजार, जनपद सिद्धार्थनगर के रूप में हुई है।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष ओम प्रकाश मिश्र, कांस्टेबल सुदामा यादव, रिजर्व कांस्टेबल बृजेश चौधरी तथा महिला कांस्टेबल नेहा सिंह शामिल रहीं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा तथा कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। :::

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।