फ्रेंड्स टाइम्स
Breaking News
नवजात मौत मामले के बाद इटवा क्षेत्र के निजी अस्पताल पर उठे गंभीर सवाल, जांच शुरू

सिद्धार्थनगर / इटवा

सिद्धार्थनगर जनपद के इटवा क्षेत्र में संचालित एक निजी अस्पताल नवजात की मौत के मामले को लेकर चर्चा के केंद्र में आ गया है। मामले में पुलिस द्वारा तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी व्यवस्था और निजी अस्पतालों के संचालन पर सवाल उठने लगे हैं। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर जांच की मांग तेज हो गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रसूता महिला का एक निजी अस्पताल में उपचार और ऑपरेशन किया गया था। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इलाज के दौरान आवश्यक चिकित्सकीय सावधानियों में लापरवाही बरती गई, जिसके बाद नवजात की हालत गंभीर हो गई। बाद में नवजात की मृत्यु हो गई, जबकि महिला की हालत भी बिगड़ने की बात सामने आई है। हालांकि लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

घटना के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी स्थानीय लोगों के बीच चर्चाएं तेज हैं। लोगों का कहना है कि यदि निजी अस्पतालों की नियमित जांच, मानकों की समीक्षा और निगरानी प्रभावी ढंग से हो, तो ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है।

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि संबंधित अस्पताल पहले भी विवादों में रहा है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

घटना ने एक बार फिर जनपद में संचालित निजी अस्पतालों की व्यवस्था, मानकों और जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज कर दी है। अब लोगों की निगाहें जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

महत्वपूर्ण सूचना:

यह समाचार प्राप्त जानकारी, स्थानीय चर्चाओं और प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर तैयार किया गया है। मामला जांचाधीन है। किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराना उद्देश्य नहीं है। अंतिम निष्कर्ष जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।

FT NEWS DIGITAL

“सच और… कुछ नहीं”

 

सिद्धार्थनगर में अमन, भाईचारे और प्रशासनिक सतर्कता के बीच सम्पन्न हुई ईद-उल-अजहा की नमाज

शासन की मंशा और मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप पूरे जिले में दिखी सतर्कता और सौहार्द की मिसालIMG 20260528 075150

सिद्धार्थनगर। जनपद सिद्धार्थनगर में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पावन पर्व इस वर्ष पूरे धार्मिक उल्लास, अनुशासन और भाईचारे के वातावरण में सम्पन्न हुआ। जिले की प्रमुख मस्जिदों और ईदगाहों में सुबह से ही नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां लोगों ने पूरी अकीदत के साथ विशेष नमाज अदा कर देश, प्रदेश और जनपद में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और आपसी प्रेम, इंसानियत तथा सौहार्द का संदेश दिया।

IMG 20260526 WA1111

ईद-उल-अजहा इस्लाम धर्म का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है, जो त्याग, समर्पण, कुर्बानी और मानवता का संदेश देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पर्व हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की कुर्बानी और अल्लाह के प्रति अटूट विश्वास की याद में मनाया जाता है। यही कारण है कि यह पर्व समाज में भाईचारा, सहयोग और जरूरतमंदों की मदद का संदेश भी देता है।

इस बार सिद्धार्थनगर में बकरीद का पर्व जिस शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ, उसके पीछे जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की लगातार सतर्कता, जनसंपर्क और रणनीतिक तैयारियों को अहम माना जा रहा है। शासन और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कानून व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द और स्वच्छता को लेकर दिए गए निर्देशों का जिलेभर में गंभीरता से पालन कराया गया।

त्योहार से पूर्व विभिन्न थाना क्षेत्रों, कस्बों और संवेदनशील इलाकों में लगातार शांति समिति की बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में धर्मगुरुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, संभ्रांत नागरिकों और व्यापारियों के साथ संवाद स्थापित कर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने की अपील की गई।

जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी.एन. और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन स्वयं लगातार फील्ड में सक्रिय दिखाई दिए। दोनों अधिकारियों ने संयुक्त रूप से विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर लोगों से मुलाकात की, सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तथा त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की सक्रियता से आमजन में विश्वास और सुरक्षा का माहौल बना रहा।

जनपद के संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख ईदगाहों, बाजारों और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस द्वारा लगातार फ्लैग मार्च, रूट मार्च और पैदल गश्त की गई। अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, महिला सुरक्षा बल, यातायात पुलिस और साइबर सेल की टीमें पूरी तरह सक्रिय रहीं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए कई स्थानों पर विशेष निगरानी भी रखी गई।

प्रशासन द्वारा शासन की मंशा के अनुरूप सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और संवेदनशील इलाकों में कानून व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया गया। वहीं साफ-सफाई और स्वच्छता को लेकर नगर निकायों और ग्राम पंचायतों की टीमें लगातार सक्रिय रहीं। कई क्षेत्रों में चूना और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया गया ताकि स्वच्छ वातावरण बना रहे।

सोशल मीडिया और इंटरनेट गतिविधियों पर भी प्रशासन की विशेष नजर बनी रही। साइबर सेल और मॉनिटरिंग टीम लगातार सक्रिय रही ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक पोस्ट या माहौल खराब करने वाली गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

स्थानीय धर्मगुरुओं, समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों ने भी लोगों से शांति, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। जनता ने भी जिम्मेदारी और समझदारी का परिचय देते हुए प्रशासन का पूरा सहयोग किया, जिसके चलते पूरे जिले में ईद-उल-अजहा का पर्व पूरी शांति और गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ।

सिद्धार्थनगर में बकरीद का यह शांतिपूर्ण आयोजन प्रशासनिक सतर्कता, बेहतर पुलिसिंग, शासन की प्रभावी रणनीति और जनता के सहयोग की एक सकारात्मक और प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आया है।

━━━━━━━━━━━━━━━

सिद्धार्थनगर में खाद को लेकर किसानों को बड़ी राहत

जिले में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है उर्वरक, कालाबाजारी करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

सिद्धार्थनगर। खरीफ सीजन के बीच किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जिला कृषि विभाग ने साफ किया है कि जिले में खाद की कोई कमी नहीं है और किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन ने किसानों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

जिला कृषि विभाग के अनुसार जिले के सरकारी और निजी उर्वरक केंद्रों पर यूरिया, डीएपी समेत अन्य आवश्यक खाद पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं। किसान अपने नजदीकी केंद्रों से निर्धारित प्रक्रिया के तहत आसानी से खाद प्राप्त कर सकते हैं।

विभाग ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार ही खाद उपलब्ध कराई जाए और बिक्री पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की जाए। साथ ही किसानों का पूरा विवरण वितरण रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य रहेगा।

प्रशासन ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेचता पाया गया या किसानों के साथ किसी प्रकार की अनियमितता करता मिला, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिला कृषि अधिकारी की ओर से जारी इस सूचना के बाद किसानों में राहत का माहौल है। विभाग ने किसानों से अपील की है कि किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

सिद्धार्थनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: आर्म्स एक्ट के मामले में 15 साल से फरार वारंटी फजलुरहमान गिरफ्तार, भेजा गया जेल

सिद्धार्थनगर। जनपद में अपराधियों और वांछितों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मोहाना थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आर्म्स एक्ट के मामले में काफी समय से फरार चल रहे एक वारंटी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चला अभियान यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अभिषेक महाजन के आदेश के अनुक्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी सदर (IPS) विश्वजीत सौरयान के कुशल पर्यवेक्षण में सुनिश्चित की गई। थाना प्रभारी मोहाना जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए इस वारंटी को दबोचा।

15 साल पुराने मामले में चल रहा था फरार पकड़ा गया आरोपी फजलुरहमान पुत्र अब्दुल सलाम, मोहाना थाना क्षेत्र के शिवपतिनगर (टोला गौहनिया) का निवासी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ वर्ष 2011 में मोहाना थाने में धारा 4/25 आर्म्स एक्ट (अवैध हथियार रखने) के तहत क्रिमिनल केस संख्या 1000566/2011 दर्ज हुआ था। मामले में न्यायालय द्वारा वारंट जारी होने के बाद से ही आरोपी लगातार पुलिस की पकड़ से दूर चल रहा था।

गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम इस शातिर वारंटी को कानून के शिकंजे में लाने वाली टीम में मुख्य रूप से उप-निरीक्षक (SI) खुशीलाल शर्मा और हेड कांस्टेबल भूपेंद्र कुमार सिंह शामिल रहे। पुलिस प्रशासन ने टीम की इस तत्परता की सराहना की है।

प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के फैसले का प्रधान संगठन ने किया स्वागत

“ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार” — डॉ. पवन मिश्रा व जफर आलम



सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम प्रधानों को पंचायत प्रशासन की जिम्मेदारी सौंपे जाने और पंचायतों के कार्यकाल विस्तार के फैसले को लेकर जिले में प्रधान संगठनों के बीच सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के पदाधिकारियों ने प्रदेश सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे पंचायत व्यवस्था और ग्रामीण विकास को मजबूती देने वाला कदम बताया है।

प्रधान संगठन से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि इस फैसले से गांवों में चल रहे विकास कार्यों को निरंतर गति मिलेगी और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन पहले से अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा। उनका कहना है कि पंचायत स्तर पर कई निर्माण कार्य और विकास परियोजनाएं संचालित हैं, जिनकी निरंतरता बनाए रखने में यह निर्णय सहायक साबित होगा।

संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष जफर आलम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार का यह फैसला ग्राम पंचायतों के अधिकारों और सम्मान को मजबूती प्रदान करने वाला है। उन्होंने कहा कि इससे पंचायत प्रतिनिधियों का मनोबल बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई दिशा मिलेगी।

वहीं संगठन के जिलाध्यक्ष डॉ. पवन मिश्रा ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के हितों और अधिकारों को लेकर संगठन लगातार सक्रिय रहा है। उन्होंने प्रदेश सरकार के निर्णय को ग्रामीण विकास, पंचायत व्यवस्था की मजबूती और गांवों में विकास की गति बढ़ाने वाला ऐतिहासिक कदम बताया।

प्रधान संगठन से जुड़े प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री एवं प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार का यह निर्णय गांव, गरीब, किसान और पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक पहल साबित होगा।

FT NEWS DIGITAL

सच और… कुछ नहीं

पंचायतों के कार्यकाल विस्तार के फैसले का ग्राम प्रधानों ने किया स्वागत

“विकास कार्यों को मिलेगी निरंतर गति” — अनारकली देवी, प्रतिनिधि तीरथ सोनकर

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ाए जाने और वर्तमान ग्राम प्रधानों को पंचायत प्रशासन की जिम्मेदारी सौंपे जाने के फैसले का जिले में ग्राम प्रधानों और पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा स्वागत किया जा रहा है।

विकासखंड नौगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत शिवनगर की ग्राम प्रधान अनारकली देवी एवं प्रतिनिधि तीरथ सोनकर ने प्रदेश सरकार के इस निर्णय को ग्रामीण विकास और पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों को अब निरंतर गति मिलेगी और अधूरे कार्यों को समय से पूरा करने में मदद मिलेगी।

प्रधान प्रतिनिधि तीरथ सोनकर ने कहा कि गांवों में सड़क, नाली, आवास, पेयजल, सामुदायिक विकास और जनकल्याण से जुड़े कई कार्य लगातार संचालित हो रहे हैं। ऐसे में पंचायतों के कार्यकाल विस्तार से योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थिरता बनी रहेगी तथा ग्रामीण जनता को सीधा लाभ प्राप्त होगा।

उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों पर विश्वास जताकर सरकार ने गांव, गरीब, किसान और पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई दिशा देने वाला साबित होगा।

ग्राम प्रधान अनारकली देवी ने भी प्रदेश सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर चल रहे निर्माण कार्यों और जनहित योजनाओं को अब और गति मिलेगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था और विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहेगी।

हालांकि पंचायत व्यवस्था को लेकर विभिन्न स्तरों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, लेकिन क्षेत्र के कई पंचायत प्रतिनिधियों ने इसे जनहित और विकासोन्मुख निर्णय बताया है।

FT NEWS DIGITAL

सच और… कुछ नहीं

भारत-नेपाल सीमा पर देर रात भारी चेकिंग: क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ ने SSB और पुलिस टीम के साथ संभाली कमान, संदिग्धों पर नजर

सिद्धार्थनगर।

भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए सिद्धार्थनगर पुलिस बेहद अलर्ट मोड पर है। इसी क्रम में बीती रात क्षेत्राधिकारी (CO) शोहरतगढ़ के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की संयुक्त टीम ने खुनुवा सीमा पर सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान सीमा पार से होने वाली तस्करी और संदिग्ध आवागमन को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए गए।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चला अभियान

यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. अभिषेक महाजन के आदेश के अनुक्रम में और अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) प्रशांत कुमार प्रसाद के कुशल निर्देशन में सुनिश्चित की गई। दिनांक 26/27 मई 2026 की दरमियानी रात को क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी स्वयं धरातल पर उतरे। उनके साथ शोहरतगढ़ के प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह भी अपनी टीम के साथ मुस्तैद रहे।

अंतर्राष्ट्रीय बॉर्डर पर सुरक्षा सख्त, अधिकारियों को दिए निर्देश

संयुक्त टीम ने खुनुवा बॉर्डर पर आने-जाने वाले वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की बारीकी से तलाशी ली। देर रात चली इस चेकिंग का मुख्य उद्देश्य अवैध तस्करी, राष्ट्रविरोधी तत्वों के संदिग्ध आवागमन और सीमावर्ती अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण लगाना है।

अभियान के दौरान क्षेत्राधिकारी मयंक द्विवेदी ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और एसएसबी के जवानों को ब्रीफ किया। उन्होंने निर्देश दिया कि सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संदिग्ध गतिविधियों पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जाए ताकि कोई भी अवांछनीय तत्व सीमा का लाभ न उठा सके।

सिद्धार्थनगर पुलिस की त्वरित कार्रवाई: मोहाना पुलिस ने 4 साल के मासूम को खोजकर परिजनों को सौंपा, छलके खुशी के आंसू

सिद्धार्थनगर। जनपद के थाना मोहाना पुलिस ने तत्परता और मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए महज कुछ ही घंटों के भीतर एक गुमशुदा मासूम बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्चे को उसके रोते-बिलखते परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मासूम को सही-सलामत वापस पाकर परिजनों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने सिद्धार्थनगर पुलिस की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

ननिहाल आया था मासूम, खेलते समय हुआ लापता प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बिशनपुर (पोस्ट एकडेगवा, थाना लोटन) निवासी दीपक कुमार सिंह का 4 वर्षीय पुत्र आयुष सिंह थाना मोहाना क्षेत्र के अंतर्गत ककरहवा स्थित ‘राम सुभग टेंट हाउस’ में अपनी रिश्तेदारी (ननिहाल) आया हुआ था। मंगलवार (26 मई) की शाम करीब 3:00 बजे मासूम अचानक खेलते-खेलते कहीं लापता हो गया। काफी खोजबीन के बाद भी जब बच्चे का कुछ पता नहीं चला, तो परेशान परिजनों ने इसकी सूचना तत्काल मोहाना थाना पुलिस को दी।

पुलिस और स्थानीय लोगों ने चलाया संयुक्त सर्च अभियान मासूम के लापता होने की सूचना मिलते ही मोहाना पुलिस तत्काल एक्शन में आ गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस बल और स्थानीय नागरिकों की मदद से तत्काल एक संयुक्त सर्च अभियान शुरू किया गया।

पुलिस की त्वरित सक्रियता का परिणाम यह रहा कि कुछ ही समय में बच्चे को सकुशल ढूंढ निकाला गया। पुलिस ने जब 4 साल के आयुष को उसकी माता और परिजनों की गोद में सौंपा, तो पूरा माहौल भावुक हो गया। परिजनों ने पुलिस प्रशासन की इस मुस्तैदी की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस के इस मानवीय चेहरे को वे कभी नहीं भूलेंगे।

जनपदीय पुलिस द्वारा आगामी त्यौहार बकरीद के दृष्टिगत अपने-अपने थानाक्षेत्रों में पोस्टर पार्टी निकालकर मन्दिर-मस्जिद एवं संवेदनशील स्थानों में चलाया गया चेकिंग अभियान ।

प्रेस नोट दिनांक 27.05.2026 जनपद सिद्धार्थनगर

सिद्धार्थनगर, 27 मई 2026। आगामी त्योहार बकरीद को सकुशल एवं शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने के उद्देश्य से जनपदीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देश पर जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू करते हुए विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया।

अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के निर्देशन में दिनांक 26/27 मई 2026 की रात्रि में जनपद के समस्त प्रभारी निरीक्षकों एवं थानाध्यक्षों द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्रों में पोस्टर पार्टी निकालकर मंदिरों, मस्जिदों तथा अन्य संवेदनशील स्थलों का गहन निरीक्षण किया गया। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों एवं गतिविधियों पर विशेष नजर रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने आमजन से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह या असामाजिक गतिविधि पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जनपद में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने हेतु पुलिस लगातार सतर्क एवं सक्रिय है।

प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि “त्योहार बकरीद” के मद्देनजर जनपद में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, ताकि सभी नागरिक आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल में पर्व मना सकें।

ग्राम पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाने के फैसले का स्वागत

“विकास कार्यों को मिलेगी नई रफ्तार” — अमजद अली प्रधान

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों का कार्यकाल एक वर्ष बढ़ाए जाने और वर्तमान ग्राम प्रधानों को पंचायत प्रशासन की जिम्मेदारी सौंपे जाने के निर्णय को लेकर जिले में सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। पंचायत प्रतिनिधियों और प्रधान संगठनों ने इस फैसले को ग्रामीण विकास और पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया है।

राष्ट्रीय पंचायती राज प्रधान संगठन सिद्धार्थनगर के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार के इस निर्णय से गांवों में चल रहे विकास कार्यों को निरंतर गति मिलेगी और पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आएगी।

संगठन से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, नाली, आवास, पेयजल, पंचायत भवन और जनकल्याण से जुड़े कई कार्य वर्तमान समय में प्रगति पर हैं। ऐसे में पंचायतों के कार्यकाल विस्तार से विकास परियोजनाओं की निरंतरता बनी रहेगी तथा जनता को सीधा लाभ मिलेगा।

राष्ट्रीय पंचायती राज प्रधान संगठन सिद्धार्थनगर के महामंत्री अमजद अली प्रधान ने प्रदेश सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों पर विश्वास जताना लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसान और पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह फैसला प्रभावी साबित हो सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत स्तर पर चल रही विकास योजनाओं को अब और गति मिलेगी तथा प्रशासनिक कार्यों में स्थिरता बनी रहेगी। प्रधान प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे ग्रामीण हित में लिया गया सराहनीय निर्णय बताया।

हालांकि पंचायत व्यवस्था को लेकर विभिन्न स्तरों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, लेकिन जिले के कई पंचायत प्रतिनिधियों ने इसे जनहित और विकासोन्मुख निर्णय बताया है।

━━━━━━━━━━━━━━━

“पंचायत स्तर पर चल रहे विकास कार्यों और जनकल्याण योजनाओं को इस फैसले से निरंतर गति मिलेगी।”

— अमजद अली प्रधान

 “गांव, गरीब, किसान और पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार का यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।”

━━━━━━━━━━━━━━━

FT NEWS DIGITAL

सच और… कुछ नहीं

error: कोई भी कंटेंट कॉपी न करें, नहीं तो आप पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।