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डॉक्टर्स डे पर गोरखपुर में चिकित्सा जगत का संगम, उत्कृष्ट सेवाओं के लिए चिकित्सकों का सम्मान

डॉक्टर्स डे पर चिकित्सा जगत का महाकुंभ: आयुर्वेद, एलोपैथी और होम्योपैथी के विशेषज्ञ एक मंच पर, उत्कृष्ट सेवाओं के लिए हुआ सम्मान

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श्री कृष्ण आयुर्वैदिक चिकित्सालय में आयोजित समारोह में चिकित्सा सेवा, पारदर्शिता और समर्पण का दिया गया संदेश


सिदार्थ नगर। राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर शहर के सनी चौराहा स्थित श्री कृष्ण आयुर्वैदिक चिकित्सालय में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आयुर्वेद, एलोपैथी और होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति से जुड़े वरिष्ठ चिकित्सकों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में चिकित्सकों ने मरीजों के प्रति संवेदनशीलता, पारदर्शिता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के संकल्प को दोहराते हुए चिकित्सा क्षेत्र में आपसी समन्वय का संदेश दिया।

सिदार्थ नगर में डॉक्टर्स डे पर चिकित्सा सेवा को मिला सम्मान

कार्यक्रम की अध्यक्षता चिकित्सालय के संचालक एवं वैद्य डॉ. सौरभ गुप्ता ने की। समारोह का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत, माल्यार्पण एवं अभिनंदन के साथ हुआ। इसके उपरांत विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चिकित्सकों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में शहर के वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. चंद्रेश उपाध्याय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा डॉ. आशीष अग्रहरी, डॉ. रमीश खान, डॉ. सौरभ पटेल, डॉ. अविनाश, डॉ. सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. श्वेत चंद्र पांडेय सहित अनेक चिकित्सक एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

‘डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास सबसे बड़ी ताकत’

अपने संबोधन में डॉ. चंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे प्रत्येक चिकित्सक के लिए सम्मान और आत्ममंथन का अवसर है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर और मरीज के बीच पारदर्शिता एवं विश्वास का संबंध बेहतर उपचार की आधारशिला है। उन्होंने आयोजक डॉ. सौरभ गुप्ता द्वारा सभी चिकित्सा पद्धतियों के चिकित्सकों को एक मंच पर लाने की पहल को सराहनीय बताया।

‘हर चिकित्सा पद्धति समाज के लिए महत्वपूर्ण’

कार्यक्रम के आयोजक डॉ. सौरभ गुप्ता ने कहा कि समाज को स्वस्थ रखने में प्रत्येक चिकित्सा पद्धति की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों का सम्मान केवल किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि संपूर्ण चिकित्सा जगत और समाज की सेवा भावना का सम्मान है।

तीनों चिकित्सा पद्धतियों का दिखा समन्वय

समारोह की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि आयुर्वेद, एलोपैथी और होम्योपैथी से जुड़े चिकित्सक एक ही मंच पर उपस्थित हुए। सभी ने मरीजों की बेहतर सेवा, चिकित्सा क्षेत्र में समन्वय और आपसी सम्मान बनाए रखने का संकल्प दोहराया। उपस्थित लोगों ने इस पहल को चिकित्सा जगत में सकारात्मक संदेश देने वाला आयोजन बताया।


मुख्य आकर्षण

राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे पर भव्य सम्मान समारोह।

वरिष्ठ चिकित्सकों को स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

आयुर्वेद, एलोपैथी और होम्योपैथी के विशेषज्ञ एक मंच पर।

मरीजों के प्रति विश्वास, पारदर्शिता और सेवा भाव पर जोर।


चिकित्सा जगत को एकजुट करने की पहल

समारोह ने यह संदेश दिया कि चिकित्सा पद्धति चाहे कोई भी हो, उद्देश्य एक ही है—समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना। आयोजन ने चिकित्सा जगत में समन्वय, सम्मान और सहयोग की भावना को और मजबूत किया।

खबर का सारांश

गोरखपुर में राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने डॉक्टर-मरीज के बीच विश्वास, पारदर्शिता और सेवा भावना को चिकित्सा का मूल आधार बताते हुए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सामूहिक प्रयास पर बल दिया।

 

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